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दिल्ली में ऑफिसर्स वॉयस 2025’ का ग्रैंड फिनाले – अधिकारियों ने गीतों से बांधा समा, पंजाबी कलाकारों ने किया मनोरंजन का धमाका

सिरी फोर्ट स्थित NCUI ऑडिटोरियम में हुआ शानदार सांस्कृतिक आयोजनराजधानी दिल्ली के NCUI ऑडिटोरियम, सिरी फोर्ट में शनिवार को ‘ऑफिसर्स वॉयस 2025’ का भव्य ग्रैंड फिनाले शानदार माहौल में आयोजित हुआ। यह प्रतियोगिता केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच आयोजित एक वार्षिक गायन महोत्सव है, जिसमें देशभर के कई अधिकारी अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इस साल का आयोजन संगीत, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से भरपूर रहा जहां एक ओर अधिकारियों ने अपने सुरों से जादू बिखेरा, वहीं दूसरी ओर पंजाबी कलाकारों ने अपनी ऊर्जा भरी प्रस्तुतियों से पूरे सभागार को झूमने पर मजबूर कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ताइस भव्य समारोह में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी अधिकारियों औरकलाकारों की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी केवल अपने कर्तव्यनिष्ठ कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी रचनात्मक प्रतिभा के लिए भी प्रशंसा के पात्र हैं। ऐसे आयोजन तनावमुक्त वातावरण बनाते हैं और टीम भावना को मजबूत करते हैं। गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा कि यह पहल देशभर के अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। कई दिल्ली और केंद्र सरकार के प्रशासनिक अधिकारी बने आकर्षण का केंद्रइस प्रतियोगिता में दिल्ली और केंद्र सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस सेवा की अधिकारियों, सीबीआई, राजस्व सेवा से इनकम टैक्स औरजीएसटी सहित विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया ।सभी प्रतिभागियों ने अपनी आवाज़ से समां बांध दिया। किसी ने पुराने फिल्मी गीतों से यादें ताज़ा कीं, तो किसी ने देशभक्ति गीतों से सबका मन मोहलिया।ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंजता रहा। डॉ. अत्यानंद की प्रस्तुति ने बांधा समावित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के रूप में कार्यरत डॉ. अत्यानंद ने भी इस अवसर पर मंच संभाला और एक बेहद भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। उनकी आवाज़ और अभिव्यक्ति ने उपस्थित सभी अधिकारियों और दर्शकों कोमंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. अत्यानंद ने कहा कि, यह मंच हमें न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है, बल्कि यह बताता है कि संगीत भी सेवाका एक रूप है जो दिलों को जोड़ता है। पंजाबी कलाकारों ने जमाया रंग, दर्शकों ने जमकर किया आनंदकार्यक्रम की खास बात रही पंजाबी कलाकारों की जोशीली प्रस्तुति। प्रसिद्ध पंजाबी गायक और लोक कलाकारों ने मंच पर धमाल मचा दिया।उनकी गायकी, ढोल की थाप और भांगड़ा की ताल ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। दर्शकों ने कुर्सियों पर बैठकर भी तालियां बजाईं और झूमते हुए कलाकारों का हौसला बढ़ाया।इन प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को एक संगीतमय उत्सव का रूप दे दिया। आयोजन का नेतृत्व किया वरिष्ठ पत्रकार राजीव निशाना ने‘ऑफिसर्स वॉयस 2025’ का आयोजन वरिष्ठ पत्रकार राजीव निशाना के निर्देशन और पहल पर किया गया। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य है कि देश की सुरक्षा में जुटे हमारे अधिकारी अपने भीतर छिपी कला को भी मंच पर लाएं। यह कार्यक्रम उनके जीवन में आनंद, आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना को बढ़ाता है।राजीव निशाना ने बताया कि भविष्य में इस प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिकाधिक अधिकारी इसमें भाग लेकर अपने हुनर को पहचान दिला सकें। संगीत, कला और सेवा की एक अद्भुत शामकार्यक्रम के दौरान कई अधिकारी अपने परिवारों के साथ उपस्थित थे। सभी ने उत्साहपूर्वक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।देशभक्ति गीतों से लेकर रोमांटिक धुनों और लोक संगीत तक हर प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर किया। कार्यक्रम का संचालन बेहद आकर्षक अंदाज़ में किया गया और अंत में विजेताओं को ट्रॉफी व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने दिया सकारात्मक संदेश‘ऑफिसर्स वॉयस 2025’ ने यह साबित कर दिया कि भारत के अधिकारी केवल अपनी प्रशासनिक दक्षता में ही नहीं, बल्कि कला, संगीत और संस्कृति में भी किसी से कम नहीं हैं। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि इसने एकता, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति का सुंदर संदेश भी दिया।

बिहार चुनाव 2025 पहले चरण में सियासी घमासान, 121 सीटों पर महागठबंधन और NDA आमने-सामने “जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान छह नवंबर को है। पहले चरण में 18 जिले के 121 सीटों पर चुनाव होना है। अब तक 1698 विभिन्न दलों के साथ ही निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। 20 अक्टूबर तक नाम वापसी की अंतिम तिथि है। खास बात यह है कि पहलेचरण में राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाईटेड की सबसे अधिक सीटें दांव पर लगी है। इस बार महागठबंधन की ओर से राजद ने 71, कांग्रेस ने25, भाकपा माले 13, वीआईपी और सीपीआई छह-छह, सीपीएम और आईआईपी ने दो प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं एनडीए से जदयू ने 57 उतारे हैं।भाजपा के 48, लोजपा (राम) के 14 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो से दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। ज्यादा चर्चा में रहे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टीपहले चरण में 36 सीटों पर राजद और जदयू के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। वहीं राजद और भाजपा के बीच 23 सीटों पर आमने सामने हैं। कांग्रेस औरभाजपा के प्रत्याशियों के बीच 23 सीटों पर मुकाबला है। वहीं कांग्रेस और जदयू 12 सीटों पर आमने-सामने हैं। वहीं चिराग और तेजस्वी के बीच 10 सीटों पर मुकाबला होना है। पहले यह संख्या 11 थी। लेकिन, मढ़ौरा से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सीमा सिंह का नामांकन रद्द होने के कारणयह संख्या अब 10 रह गई। महागठबंधन में पिछले कुछ दिनों से सबसे ज्यादा चर्चा में रहे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी का मुकाबलापहले चरण की छह में से चार सीटों पर भाजपा और दो सीटों पर जदयू से है। हजारी कल्याणपुर से चुनावी मैदानपहले चरण में राजद से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राघोपुर और छपरा से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा से उपमुख्यमंत्रीविजय कुमार सिन्हा लखीसराय, सम्राट चौधरी तारापुर से, मंत्री मंगल पांडेय सीवान से, जिवेश मिश्रा जाले से, संजय सरावगी दरभंगा सदर से, राजूसिंह राजू कुमार सिंह, नितिन नवीन बांकीपुर और लोकगायिका मैथिली ठाकुर अलीनगर सीट, पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा से चुनावी मैदानमें हैं। वहीं जदयू से मंत्री विजय कुमार चौधरी सरायगंज से, महेश्वर हजारी कल्याणपुर से चुनावी मैदान में हैं।

महागठबंधन में टिकटों की तकरार, NDA में बूथ तक मैनेजमेंट किसकी रणनीति होगी भारी?

बिहार की सियासत में दोस्ती-दुश्मनी की नई इबारत लिखी जा रही है। महागठबंधन की ‘युवा जोड़ी’ राहुल गांधी-तेजस्वी यादव टिकट बंटवारे के पहलेपायदान पर ही भिड़ गई। दोनों कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन दोनों दलों के सूरमा एक- दूसरे को ज़ख़्मी कर गए। यूं कहें कि नेट प्रैक्टिस में हीमहागठबंधन के खिलाड़ी ऐसा भिड़े कि मुकाबले से पहले तमाम खिलाड़ी रिटायर्ड हर्ट होते दिख रहे हैं। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीशकुमार की जोड़ी और टीम काफी हद तक एकजुट दिख रही है। कांग्रेस-राजद के बीच सीट बंटवारे की खींचतान अब खुली जंग में बदल चुकी। करीबदर्जनभर सीटों पर दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए। वैशाली से लालगंज, कहलगांव से राजापाकड़ तक ‘दोस्ती में कुश्ती’ कानजारा साफ। कांग्रेस के दलित नेता राजेश राम के मुकाबले राजद ने सुरेश पासवान को टिकट थमा दिया। पासवान ने साफ कहा, ‘कई सीटों परफ्रेंडली फाइट होगी।’ वहीं राजेश राम ने साफ कहा फाइट में फ्रेंडली कुछ नहीं होता। लड़ाई तो लड़ाई है। जदयू-बीजेपी संगठन और बूथ प्रबंधन की कमान खुद थामीकांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट को ठेंगा दिखाकर टिकट बंटवारे से असंतोष चरम पर है। वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने खुला सवाल उठाया कि“जो कल तक कांग्रेस को कोसते थे, उन्हें टिकट कैसे?” योगेंद्र यादव के करीबी अनुपम को टिकट मिलने से कार्यकर्ताओं में बगावत भड़क उठी है।राजद के भीतर भी कई सीटों पर नाराजगी, और कांग्रेस में नेतृत्व-संवाद की कमी से गठबंधन की ‘एकता’ पर खतरा मंडरा रहा। मौजूदा स्थिति से खिन्नबिहार कांग्रेस के प्रवक्ता और प्रदेश के शोध विभाग के अध्यक्ष आनंद माधव ने कहा कि ‘हम राहुल गांधी को प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं, लेकिनवर्तमान व्यवस्था के खिलाफ आवाज नहीं उठाई तो ये कांग्रेस के लोकतांत्रिक मूल्यों और फासीवाद के खिलाफ हमारे संघर्ष को कमजोर करेगा।उन्होंने करीब 150 कांग्रेस के पूर्व विधायकों, जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ मीडिया से बात की और कहा कि हम आवाज उठा रहे हैं ताकिआलाकमान तक सच्चाई पहुंचे। इधर, शुरुआती रस्साकशी के बाद एनडीए में तालमेल बढ़िया दिख रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने जदयू-बीजेपीसंगठन और बूथ प्रबंधन की कमान खुद थामी। उन्होंने इसे ‘चुनावी अनुशासन’ का नया मॉडल बताया। वहीं राहुल ने चुनाव से पहले वोट चोरी पर तो खूब बवाल काटागृह मंत्री अमित शाह ने पटना के होटल मौर्यालोक पहुंचते ही संगठन के ‘नट-बोल्ट’ कस दिए। पहले अलीनगर से पराजय की कगार पर खड़ी मैथिलीठाकुर के सामने बागी उम्मीदवार पप्पू सिंह को बिठाया और फिर औरंगाबाद सीट पर खड़े 2 निर्दलीय उम्मीदवारो को भी समझा लिया। शाह केमैनेजमेंट ने पार्टी को ‘रेस में वापसी’ का मौका दिया। पीएम मोदी बिहार में 12 मेगा रैलियां करेंगे। 23 अक्तूबर को सासाराम, भागलपुर, गया; 28 को पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा; 1 नवंबर को पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, छपरा; 3 को पश्चिम चंपारण, सहरसा, अररिया। इनसे NDA का प्रचारअभियान निर्णायक मोड़ लेगा। मोदी जब जाते हैं तो चुनावी चक्रवात पैदा करते हैं। वहीं राहुल ने चुनाव से पहले वोट चोरी पर तो खूब बवाल काटा, लेकिन अब बिहार से जैसे वह दूर हुए, कांग्रेस और महागठबंधन पर उसका प्रभाव ख़राब पड़ा है। बिहार का चुनाव विचारों से ज्यादा टीम मैनेजमेंट काहै। महागठबंधन सीटों पर उलझा, टिकटों पर बिखरा और प्रचार पर अटका। एनडीए एकजुट रणनीति से मैदान पर हावी दिख रहा है वहीं.. एक तरफफ्रेंडली फाइट की फिजा, दूसरी ओर नीतीश-मोदी की केमिस्ट्री..! दीवाली के बाद हवाएं कैसी चलेंगी, उससे ही तय होगा कि 14 नवंबर को बिहार मेंसत्ता की दीवाली कौन मनायेगा।

शिंदे का ऐलान किसानों की दिवाली नहीं होगी अंधेरे में, जिन्होंने शिवसेना बेची उन्हें मिलेगी सिर्फ टिकली

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद ने कहा कि सरकार राज्य के बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी दीपावलीअंधेरे में नहीं रहेगी। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन कीअटकलों पर शिंदे ने कहा कि जो अपने सिद्धांतों के साथ खड़े नहीं होंगे, उन्हें लोग नकार देंगे। उन्होंने कहा, कुछ नेता कह रहे थे कि अगर दो ठाकरे(उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) एक साथ आ गए तो धमाका होगा। पर ठाणे के लोग उन्हें दिखा देंगे कि बॉस कौन है। जो अपने सिद्धांतों के साथ नहींहैं, उन्हें लोग नकार देंगे। शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, जिन्होंने शिवसेना को बेच दिया, उन्हें लोगों से’टिकली’ (छोटे पटाखे) मिलेगी, पर हम अपनी एकता और ताकत से विरोधियों को खत्म कर देंगे।कार्यकर्ता मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़े रहेशनिवार देर रात ठाणे में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, दिवाली शुरू हो गई है और हम खुशी के साथ मना रहे हैं।पर जश्न के बीच मराठवाड़ा में बाढ़ की वजह से दुख है और किसानों की आंखें नम हैं। उन्होंने मराठवाड़ा में बाढ़ पर अपनी पार्टी की तत्काल प्रतिक्रियाका जिक्र किया और बताया कि शिवसेना कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से राहत कार्य को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया था। उन्होंने कहा, हमारेकार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में गए और हमने उनसे कहा कि वे दशहरा रैली (मुंबई) में न आएं, बल्कि वहीं रुककर किसानों की मदद करें। हमनेप्रभावितों को मदद के किट भेजे और सहायता की। मुझे गर्व है कि हमारे कार्यकर्ता मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़े रहे। हम दशहरा मना रहेशिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने प्रभावितों के लिए वित्तीय मदद को तेज किया है ताकि उनकी दिवालीसामान्य तरीके से गुजर सके। उन्होंने कहा, हम दशहरा मना रहे हैं और मैंने एलान किया है कि हम किसानों की दिवाली में अंधकार नहीं होने देंगे। हमनेनिर्णय लिया है और मुआवजा राशि वितरित की जा रही है। मुझे इसमें खुशी है।

ड्रग्स से भरी पनडुब्बी पर अमेरिकी हमला, ट्रंप बोले अगर ये पहुंच जाती, 25 हज़ार मौतें तय थीं

अमेरिकी ने कैरेबियाई जल क्षेत्र में एक संदिग्ध पनडुब्बी को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बताया कि इस पनडुब्बी सेफेंटानिल ड्रग की अमेरिका में तस्करी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमले में ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका दोसंदिग्ध ड्रग तस्करों को उनके मूल देश इक्वाडोर और कोलंबिया वापस भेज रहा है। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘एक बड़े पैमाने पर ड्रग ले जाने वाली पनडुब्बी को नष्ट करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। यह पनडुब्बी एक जाने-माने मादक पदार्थों कीतस्करी के रास्ते से अमेरिका की ओर आ रही थी।’ उन्होंने आगे कहा कि यह पनडुब्बी फेंटेनाइल और अन्य ड्रग्स से भरी हुई थी। ट्रंप ने लिखा किपनडुब्बी पर चार तस्कर सवार थे, जिनमें से दो अमेरिकी हमले में मारे गए और बाकी दो को हिरासत में लेकर उनके मूल देश कोलंबिया और इक्वाडोरभेजा जा रहा है। अगर यह पनडुब्बी अमेरिका पहुंच जाती तो इसमें मौजूद ड्रग्स से कम से कम 25 हजार अमेरिकी लोगों की मौत होती। हालांकि ताजा हमले में भी अमेरिका ने ऐसा कोई सबूत नहीं दियाकोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने भी एक कोलंबियाई संदिग्ध को अमेरिका से वापस भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखाकि ‘हमें खुशी है कि वह जिंदा है और उस पर कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाएगा।’ पनडुब्बी पर अमेरिकी हमला ऐसे समय हुआ है, जबअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। इसके चलते ट्रंप ने वेनेजुएला से अमेरिकी की तरफ कथित तौर परड्रग तस्करी करने वाली नौकाओं को निशाना बनाया है। हालांकि ताजा हमले में भी अमेरिका ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया, जिससे पता चले कि जिसपनडुब्बी पर हमला हुआ, उस पर ड्रग तस्कर ही सवार थे। न ही अमेरिका ने ये बताया कि ये पनडुब्बी कहां से आ रही थी। ट्रंप ने लिखा कि पनडुब्बीपर चार तस्कर सवार थे, जिनमें से दो अमेरिकी हमले में मारे गए और बाकी दो को हिरासत में लेकर उनके मूल देश कोलंबिया और इक्वाडोर भेजा जारहा है।

दार्जिलिंग में भाजपा सांसद राजू बिष्टा के काफिले पर हमला, शुभेंदु अधिकारी बोले TMC की हताशा का नतीजा

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा सांसद राजू बिष्टा के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदाकी है और हमले का आरोप टीएमसी पर लगाया है। भाजपा सांसद राजू बिष्टा पर के काफिले पर शनिवार को दार्जिलिंग में हमला किया गया। इससेपहले भी भाजपा सांसद और विधायक पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। भाजपा सांसद राजू बिष्टा के काफिलेपर हमले की घटना दार्जिलिंग के मसधुरा इलाके में हुई, जो सुखिया पोखरी के नजदीक है। कुछ अज्ञात लोगों ने राजू बिष्टा के काफिले की गाड़ी परपत्थर फेंके। इस हमले में कार क्षतिग्रस्त हुई, गनीमत रही कि जिस गाड़ी पर हमला हुआ, उसमें भाजपा सांसद नहीं थे। भाजपा सांसद राजू बिष्टा नेहमले के कायराना करार दिया और इस हमले को पूर्व में अन्य भाजपा सांसदों पर हुए हमलों की कड़ी बताया। पश्चिम बंगाल के लोग उनके साथ खड़ेराजू बिष्टा पर हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा ‘मैं सुखिया पोखरी केपास मसधुरा में अपने सहयोगी और दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्टा जी पर हुए कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यह हमला भाजपा सांसदखगेन मुर्मू और विधायक डॉ. शंकर घोष पर हुए जानलेवा हमले के बाद हुआ है। टीएमसी के गुंडों द्वारा उनके काफिले को निशाना बनाकर, उन्हें गंभीररूप से घायल करने के इरादे से किया गया यह जघन्य हमला उनकी हताशा और डर को दिखाता है। विनाशकारी बाढ़ के बाद राजू बिष्टा के राहतकार्यों और लोगों के प्रति उनके समर्पण ने टीएमसी को झकझोर दिया है, जिसने उन्हें चुप कराने के लिए ऐसे घिनौने हथकंडे अपनाए हैं। लेकिन मैं यहसाफ कर दूं कि ये कायराना हमले हमारे संकल्प को और मजबूत करेंगे। न केवल दार्जिलिंग के लोग, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के लोग उनके साथ खड़ेहैं और वह इस नेक काम को दोगुने जोश के साथ जारी रखेंगे।’ मसधुरा में मेरे काफिले पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कियादार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिष्टा ने उनके काफिले को निशाना बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘आज सुखिया पोखरी के पास मसधुरा में मेरे काफिले पर अज्ञात बदमाशों ने हमला किया। हालांकि, उन कायरों ने मुझे निशाना बनाया था, लेकिनहमले का असर मेरे ठीक पीछे वाले वाहन पर पड़ा। हमारे क्षेत्र के लिए एक वार्ताकार की घोषणा के बाद हुए इस हमले का समय बेहद संदिग्ध है।यह हमारे क्षेत्र में शांति भंग करने की साजिश की ओर इशारा करता है।’ भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी के गुंडों द्वारा उनके काफिले को निशानाबनाकर, उन्हें गंभीर रूप से घायल करने के इरादे से किया गया यह जघन्य हमला उनकी हताशा और डर को दिखाता है।