दीपावली से पहले योगी सरकार का तोहफा, 14.82 लाख कर्मचारियों को मिलेगा ₹6,908 बोनस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के शुभ अवसर पर राज्य कर्मचारियों को बड़ा उपहार देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बोनस देने कानिर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के परिश्रम और निष्ठा के प्रति राज्य सरकार की सराहना का प्रतीक है। प्रदेश की प्रगतिमें सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार हर स्तर पर उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त विभागद्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के कर्मचारियों को उत्पादकता असम्बद्ध बोनस अनुमन्य किया गया है। यह बोनस मासिक परिलब्धियों कीअधिकतम सीमा ₹7,000 के आधार पर 30 दिनों की परिलब्धियों का आगणन करते हुए दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक पात्र कर्मचारी को ₹6,908 का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले यह आर्थिक लाभ कर्मचारियों के परिवारों के लिए आनंद और उत्साह लेकर आएगा तथाशासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार करेगा। बोनस प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गयाइस निर्णय से राज्य सरकार के लगभग 14 लाख 82 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिस पर कुल व्ययभार लगभग ₹1,022 करोड़ आएगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पात्र कर्मचारियों को बोनस का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए ताकि सभी परिवार इस पर्व कोउल्लासपूर्वक मना सकें। राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य बोनस के दायरे में वे पूर्णकालिक अराजपत्रित कार्मिक शामिल हैं जिनके पद का वेतन मैट्रिक्सलेवल-8 (₹47,600- ₹1,51,100) तक है (सादृश्य ग्रेड वेतन ₹4,800 तक)। इसमें राज्य कर्मचारी, राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण एवंप्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कर्मचारी, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित एवं दैनिक वेतनभोगीकर्मचारी सम्मिलित हैं। बता दें कि भारत सरकार द्वारा भी वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बीते 29 सितम्बर, 2025 द्वारा बोनस प्रदान किये जाने कानिर्णय लिया गया है।
भारत के लिए शांति स्थापना आस्था का है विषय, राजनाथ सिंह ने UN सम्मेलन में रखी मजबूती से बात

नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सैन्य योगदान देने वाले देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों के सम्मेलन को मंगलवार (14 अक्तूबर) को रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह ने संबोधित किया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के लिए, शांति स्थापना कभी भी एक विकल्प नहीं रही, बल्किएक आस्था का विषय रही है। हमारी आजादी के आरंभ से ही, भारत अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के संयुक्त राष्ट्र के मिशन में उसके साथमजबूती से खड़ा रहा है। सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि शांति स्थापना एक सैन्य मिशन से कहीं बढ़कर है; यह एकसाझा जिम्मेदारी है। यह हमें याद दिलाता है कि संघर्षों और हिंसा से ऊपर मानवता है, जिसे बनाए रखने की जरूरत है। और इसीलिए जब युद्ध औरअभाव से त्रस्त लोग ब्लू हेल्मेट्स को देखते हैं, तो उन्हें यह एहसास होता है कि दुनिया ने उन्हें त्यागा नहीं है।” पुलिस और चिकित्सा पेशेवर कमजोर लोगों की रक्षाइस दौरान रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का मुद्दा भी जोरों शोरों से उठाया। उन्होंने कहा, “आजकल, कुछ देश खुलेआम अंतरराष्ट्रीयनियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, कुछ उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ अपने नियम बनाकर अगली सदी पर अपना दबदबा बनानाचाहते हैं। इन सबके बीच भारत पुरानी अंतरराष्ट्रीय संरचनाओं में सुधार की वकालत करते हुए अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूती सेकायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है।” नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सैन्य योगदान देने वाले देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों के सम्मेलन में बोलते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “पिछले दशकों में, लगभग 2,90,000 भारतीय कर्मियों ने 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सेवा कीहै और अपने पेशेवर कौशल, साहस और करुणा के लिए वैश्विक सम्मान अर्जित किया है। कांगो और कोरिया से लेकर दक्षिण सूडान और लेबनान तकहमारे सैनिक, पुलिस और चिकित्सा पेशेवर कमजोर लोगों की रक्षा और समाज के पुनर्निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ कंधे से कंधामिलाकर खड़े रहे हैं।” 32 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एक साथ मौजूदरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारा योगदान बलिदान के बिना नहीं रहा है। 180 से अधिक भारतीय शांति सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र के झंडे तलेअपने प्राणों की आहुति दी है। उनका साहस और निस्वार्थता मानव जाति की सामूहिक अंतरात्मा में अंकित है।” बता दें कि इससे पहले थल सेनाप्रमुख ने सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत शांति स्थापना में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है। बता दें कि यहसम्मेलन में 14 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक चलेगा, जहां 32 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एक साथ मौजूद रहेंगे।
पाक आर्मी चीफ की ट्रंप ने की तारीफ, कांग्रेस बोली, ‘मोदी की दोस्ती का ये कैसा इम्तिहान?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की खुलकर तारीफ करने पर भारत में सियासी घमासान तेज होगया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा- ‘मोदी और ट्रंप के बीच आखिर ये कैसी दोस्ती है?’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश नेकहा कि मोदी लगातार ट्रंप को अपना अच्छा दोस्त बताते रहे हैं और ट्रंप भी यही कहते रहे हैं। उन्होंने पूछा, ‘लेकिन जब वही ट्रंप पाकिस्तान के सेनाप्रमुख को अपना पसंदीदा फील्ड मार्शल कहें और उन्हें व्हाइट हाउस में विशेष सम्मान दें, तो ये कौन-सा संदेश भारत को जा रहा है?’ इसके साथ हीजयराम रमेश एक्स पर एक पोस्ट में ट्रंप का वो वीडियो भी साझा किया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने मुनीर की तारीफ की है। इसी पोस्ट में जयरामरमेश ने ये भी गिनवाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक कितनी बार आसिम मुनीर की तारीफ की है। रमेश ने बताया कि ट्रंप ने 18 जून2025 को मुनीर को व्हाइट हाउस में भोज पर बुलाया था। बेताब कोशिशों के बावजूजयराम रमेश ने आगे लिखा- यही वो फील्ड मार्शल था, जिसके भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से जहरीले बयानों ने 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानद्वारा किए गए पहलगाम आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी। इसके बाद 1 अक्तूबर 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में फील्ड मार्शल सेदूसरी बार मुलाकात की, जब फील्ड मार्शल ने राष्ट्रपति ट्रंप को रेअर अर्थ का एक डिब्बा भेंट किया। और अब मिस्र में कल उन्होंने सार्वजनिक रूप सेउसे ‘माय फेवरेट फील्ड मार्शल’ कहा और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को विशेष स्थान दिया। प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति के साथअपनी नजदीकी बढ़ाने और उनकी कृपा पाने की बेताब कोशिशों के बावजूद, राष्ट्रपति ट्रंप भारत को कैसा संकेत दे रहे हैं? यह कैसी और कहां किदोस्ती है? कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधाबता दें कि, ट्रंप ने इस सम्मेलन में पाकिस्तान की तारीफ के साथ भारत की भी अप्रत्यक्ष प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘भारत एक महान देश है और वहां मेरेएक बहुत अच्छे दोस्त हैं जिन्होंने शानदार काम किया है। मुझे लगता है भारत और पाकिस्तान बहुत अच्छे से साथ रहेंगे।’ इस दौरान पाकिस्तानीप्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दोबारा नामित करने की बात कही। इस मौके पर ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंनेभारत-पाकिस्तान समेत आठ युद्धों को खत्म कराया है, हालांकि उन्हें नोबेल नहीं मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को’अपना पसंदीदा फील्ड मार्शल’ कहा है। वहीं कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है और पूछा- ‘ये कैसी दोस्ती है?’ हालांकि ट्रंप ने इस दौरानभारत की तारीफ करते हुए भारत-पाकिस्तान शांति की बात दोहराई।
दुर्गापुर दुष्कर्म केस के बाद भाजपा का ‘ऑपरेशन लाल मिर्च’, महिलाओं को बांटा आत्मरक्षा पाउडर

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिशा की रहने वाली मेडिकल छात्रा के साथ हैवानियत की गई। इस घटना के बाद विपक्षी दल भाजपा लगातार ममतासरकार को घेरने का काम कर रहा है। इस बीच अब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार (14 अक्तूबर) को राज्य में “बिगड़ती कानून-व्यवस्था” के बीच”आत्मरक्षा” के लिए महिलाओं के बीच लाल मिर्च पाउडर बांटा। भाजपा का अभियान, जिसे उन्होंने ‘ऑपरेशन लाल मिर्च’ नाम दिया, उसे कोलकाताके साल्ट लेक के एक मेट्रो स्टेशन के पास शुरू हुआ, जहां पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने महिला यात्रियों को लाल मिर्च पाउडर के पैकेट बांटे औरउनको बताया कि ये आत्मरक्षा के लिए हैं। हेली के साथ रात के खाने के लिए बाहर गईएक महिला भाजपा कार्यकर्ता ने कहा, “हम ये पैकेट माताओं और बहनों को बांट रहे हैं, ताकि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें, संदेश सरल है – हमेंअपनी सुरक्षा करनी है, और जरूरत पड़ने पर लाल मिर्च पाउडर और काली मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल करना चाहिए।” भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा किमहिलाओं से देर रात बाहर ना निकलने की अपील करने वाली मुख्यमंत्री की कथित टिप्पणी राज्य सरकार की उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफलताकी स्वीकारती है। हालांकि सीएम बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि उनकी टिप्पणियों को “जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया”। आपको बता दें किपश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज की 23 वर्षीय ओडिशा निवासी छात्रा के साथ उस शुक्रवार रात (10 अक्तूबर) सामूहिक दुष्कर्म किया, जब वह अपनी सहेली के साथ रात के खाने के लिए बाहर गई थी। पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने आत्मरक्षा के लिए बतायावहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “2025 में हम इस विचार को स्वीकार नहीं कर पाएंगे कि महिलाओं को देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए।” इधर, एक आईटी कर्मचारी ने कहा, “स्थिति वाकई चिंताजनक है। अगर एक महिला मुख्यमंत्री यह सुझाव दे रही हैं कि महिलाओं को देर रात बाहरनहीं निकलना चाहिए, तो हम कैसे काम करेंगे? मेरे दफ्तर का समय रात 10:30 बजे तक बढ़ जाता है, मुझे क्या करना चाहिए? ऐसे में मुख्यमंत्री कोघर से काम करने की व्यवस्था करनी चाहिए।” पश्चिम बंगाल भाजपा ने दुर्गापुर सामूहिक बलात्कार के विरोध में कोलकाता में महिलाओं के बीच लालमिर्च पाउडर बांटा, जिसको पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने आत्मरक्षा के लिए बताया।
सिद्धारमैया और शिवकुमार के घरों को धमकी देने वाला झूठा ईमेल तमिलनाडु से आया, पुलिस जांच हुई तेज “जानें क्या है पूरा मामला”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के घरों पर बम की धमकी देने वाला एक झूठा ईमेल मिला था। इसे भेजने वालेतमिलनाडु के व्यक्ति की पहचान के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 11 अक्तूबर को तमिलनाडु के डीजीपी को बम कीधमकी भरा एक ईमेल भेजा गया था। इस ईमेल में दावा किया गया था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के घरों में चार आरडीएक्स बमऔर कई आईडी उपकरण रखे गए हैं और इन्हें दूर से उड़ा दिया जाएगा। इस सूचना के बाद कर्नाटक पुलिस तुरंत सतर्क हो गई और सुरक्षा उपायअपनाए गए। बंगलूरू पुलिस ने दोनों घरों में बम निरोधक दल के साथ तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, पूरी जांच के बाद पाया गया कि यहधमकी ईमेल झूठा था। 11 अक्तूबर को तमिलनाडु के डीजीपी को यह ईमेलहालासुरु गेट पुलिस स्टेशन में इस झूठे ईमेल के भेजने वाले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) (आपराधिक धमकी) और 353(1)(b) (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार केघरों को धमकी देने वाला एक झूठा ईमेल भेजा गया। यह ईमेल तमिलनाडु के एक व्यक्ति ने भेजा था। पुलिस अब उस व्यक्ति को पकड़ने कीकोशिश कर रही है। जानकारी के मुताबिक, 11 अक्तूबर को तमिलनाडु के डीजीपी को यह ईमेल मिला। आरोपी को पकड़ने की कोशिश जारीपुलिस ने बताया कि यह ईमेल आईडी तमिलनाडु के एक व्यक्ति से जुड़ी हुई है और आरोपी को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहाकि पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई झूठे ईमेल मिल चुके हैं, जिनमें धमकी दी गई होती है, लेकिन बाद में वे झूठे साबित होते हैं। एक विशेष जांच दल(एसआईटी) भी इस तरह के झूठे ईमेल भेजने वालों का पता लगाने के लिए बनाया गया है। एसआईटी झूठे ईमेल भेजने वालों की पहचान कर रही हैऔर आरोपी को पकड़ने की कोशिश जारी है।
भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 71 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, भ्रष्टाचार और जिताऊ चेहरे पर जोर

भाजपा ने आज बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 71 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट को देखते ही भाजपा का बिहारप्लान समझ में आ जाता है। पार्टी ने सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखते हुए हर जाति, हर वर्ग के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। किसी भी दूसरेसमीकरण की बजाय उम्मीदवारों के केवल जिताऊ होने पर ध्यान दिया है। पार्टी ने केवल साफ-स्वच्छ छवि के नेताओं को अवसर देकर साफ करदिया है कि उसका बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई ही रहेगा। भाजपा ने पहली सूची में सभी स्थानीय बड़े नेताओं को अवसर दिया है। सम्राटचौधरी, तारकिशोर और मंगल पांडेय सहित सभी बड़े नेताओं पर दांव लगाया है। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव का टिकट काटकर पार्टी नेस्पष्ट संकेत दे दिया है कि उम्र को लेकर उसकी नीति आगे चलती रहेगी। पहली सूची में भाजपा ने नौ विधायकों का टिकट काट दिया है। लेकिन नौमहिलाओं को टिकट दिया गया है। श्रेयसी सिंह को जमुई से मैदान में उतारा गयापूर्व केंद्रीय मंत्री दानापुर से मैदान में उतारा गया है। नीरज कुमार बबलू को छातापुर से चुनाव मैदान में उतारा गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी कोबेतिया और पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को कटिहार से चुनाव मैदान में उतारा गया है। पहली सूची में यदि नंद किशोर यादव को छोड़ दें तोपार्टी ने अपने सभी दिग्गजों को चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतार दिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तारापुर विधानसभा सीट से और भाजपाके ब्राह्मण चेहरे और नीतीश कुमार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय को सिवान से मैदान में उतारा गया है। भाजपा के पिछड़े नेता संजीव चौरसिया कोदीघापुर से और चर्चा में रहने वाली श्रेयसी सिंह को जमुई से मैदान में उतारा गया है। टिकट काटकर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दे दियाभाजपा ने केवल जिताऊ समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ऐसे चेहरों को भी टिकट दे दिया है जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए थे। केवल तीन दिनपहले पार्टी में शामिल होने वाली रमा देवी को टिकट दे दिया गया है। वे पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। इसी तरह 2019 में जनता दलयूनाइटेड के टिकट पर सांसद बने सुनील कुमार पिंटू को सीतामढ़ी से चुनाव में उतारा गया है। वे सीतामढ़ी से ही सांसद हुआ करते थे। भाजपा नेपहली सूची में सभी स्थानीय बड़े नेताओं को अवसर दिया है। सम्राट चौधरी, तारकिशोर और मंगल पांडेय सहित सभी बड़े नेताओं पर दांव लगाया है।विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव का टिकट काटकर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि उम्र को लेकर उसकी नीति आगे चलती रहेगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रस्तावित की व्यापक शहरी पुनर्विकास नीति, पारदर्शिता और PPP मॉडल को दिया प्राथमिकता

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, प्रदेश के नगरों के तीव्र गति से बदलते विकास स्वरूप को देखते हुए अब एक व्यापक ‘शहरी पुनर्विकास नीति’ कीआवश्यकता है। यह नीति केवल भवनों के पुनर्निर्माण तक सीमित न रहकर शहरों के समग्र पुनर्जागरण का मार्ग प्रशस्त करेगी। हमारे नगर केवलइमारतों का समूह नहीं, बल्कि जीवंत सामाजिक संरचनाएं हैं। इनके पुनर्जीवन के लिए ऐसी नीति आवश्यक है, जो आधुनिकता, परंपरा और मानवतातीनों का संतुलित समन्वय करे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आवास विभाग की बैठक में कहा, नई नीति का उद्देश्य पुराने, जर्जर और अनुपयोगी क्षेत्रों कोआधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे, पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकसित करना है। नीति में ऐसे प्रावधान किए जाएं, जिनसे निवास योग्य, सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित नगरों का निर्माण सुनिश्चित हो।पीपीपी मॉडल को प्राथमिकता दी जाएउन्होंने निर्देश दिए कि नीति में भूमि पुनर्गठन, निजी निवेश को प्रोत्साहन, पारदर्शी पुनर्वास व्यवस्था और प्रभावित परिवारों की आजीविका की सुरक्षाको प्राथमिकता दी जाए। हर परियोजना में ‘जनहित सर्वोपरि’ की भावना हो तथा किसी की संपत्ति या जीविका पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके लिएन्यायसंगत और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। सीएम योगी ने कहा, नई नीति में राज्य स्तरीय पुनर्विकास प्राधिकरण, परियोजनाओं की सिंगलविंडो अप्रूवल प्रणाली व पीपीपी मॉडल को प्राथमिकता दी जाए। निवेशकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश, प्रोत्साहन और सुरक्षा दी जाए, ताकि निजी क्षेत्रपुनर्विकास में सक्रिय भागीदारी कर सके। साथ ही हर परियोजना में हरित भवन मानक, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के प्रावधान अनिवार्य किएजाएं। ऑनलाइन और न्यूनतम मानव हस्तक्षेप वाला होनानगरों की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुराने बाजारों, सरकारी आवास परिसरों, औद्योगिकक्षेत्रों और अनधिकृत बस्तियों के लिए क्षेत्रवार अलग रणनीति तैयार की जाए। नीति में सेवानिवृत्त सरकारी आवासों, पुरानी हाउसिंग सोसाइटियों वअतिक्रमण प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा, नई नीति का मसौदा जनप्रतिनिधियों, नगरनिकायों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम रूप से तैयार किया जाए और शीघ्र मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए।वर्तमान में सभी प्रकार के भूमि उपयोग आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि पर समान शुल्क दरें लागू हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। मुख्यमंत्रीने निर्देश दिए कि नई व्यवस्था में स्थान और भूमि उपयोग के आधार पर शुल्क दरों में अंतर रखा जाए। मुख्यमंत्री ने बाह्य विकास शुल्क की गणनाप्रणाली में पारदर्शिता और सरलता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें सामान्य व्यक्ति भी बिना किसी परेशानी केस्वयं अपने शुल्क की गणना कर सके। इसके लिए शुल्क निर्धारण का फॉर्मूला स्पष्ट, ऑनलाइन और न्यूनतम मानव हस्तक्षेप वाला होना चाहिए।
बरेली बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश

बवाल के मामले में आरोपी मौलाना तौकीर रजा की मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीजेएम अलका पांडेय की कोर्ट में पेशी हुई। तौकीररजा फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ जेल में बंद है। वहीं से वह वर्चुअल माध्यम से जुड़ा। बरेली पुलिस ने उसे बवाल का मुख्य आरोपी बताया है। कोर्ट ने मौलाना तौकीर की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। अब 28 अक्तूबर को अगली सुनवाई पर कोर्ट ने पेशी के आदेश दिए हैं। कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि बवाल से संबंधित सभी मुकदमों में रिमांड मंजूर कर ली गई है। कोतवाली में दर्ज मुकदमे में मौलाना तौकीरको बवाल का मुख्य आरोपी बताया गया है। अन्य 10 मुकदमों में साजिश रचने का आरोपी है। उधर, सीजेएम कोर्ट में तौकीर के करीबी नदीम, डॉनफीस, नफीस का बेटा और अनीस सकलैनी को पेश किया गया। मौलाना के कई करीबी भी शामिलबरेली में 26 सितंबर (शुक्रवार) को आई लव मोहम्मद के समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां केबुलावे पर भीड़ जुटी थी। मौलाना के नदारद रहने से भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस का दावा है कि भीड़ ने दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। बेकाबूभीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। आंसू गैस के गोले दागे गए थे। पुलिस के मुताबिक बवाल में 22 पुलिसकर्मीघायल हुए थे। बवाल के दिन ही शहर के अलग-अलग थानों में पुलिस ने 10 मुकदमे दर्ज किए थे। बाद में एक और मुकदमा लिखा गया। कोतवालीमें दर्ज मुकदमे में मौलाना तौकीर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। अन्य मुकदमों में साजिशकर्ता के तौर पर नाम है। बवाल के अगले दिन 27 सितंबरको पुलिस ने तौकीर रजा को गिरफ्तार किया था। सुरक्षा की दृष्टि से मौलाना तौकीर रजा को फतेहगढ़ जेल में रखा गया है। अब तक सौ से अधिकआरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें मौलाना के कई करीबी भी शामिल हैं। 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दीमौलाना तौकीर की गिरफ्तारी के बाद बीडीए और नगर निगम ने आरोपियों और उनके मददगारों पर कार्रवाई की। बीडीए ने आरोपी नफीस के बरातघरको अवैध बताकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। मौलाना के करीबी सपा पार्षद के अवैध चार्जिंग स्टेशन पर नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाईकी थी। विद्युत निगम ने बिजली चोरी के आरोप में आठ मुकदमे दर्ज किए थे। इसके अलावा तौकीर रजा के करीबी के दो बरातघर, एक होटल औरशरण देने वाले फरहत का मकान सील किया गया है। बीडीए ने कई अन्य अवैध संपत्तियों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की है। फतेहगढ़ जेल में बंदमौलाना तौकीर रजा की वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिग के जरिए मंगलवार को बरेली कोर्ट में पेशी हुई। पुलिस ने तौकीर रजा को बरेली बवाल का मुख्य आरोपीबताया है। कोर्ट ने उसकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, सेवा में निष्ठा और पारदर्शिता पर दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून मेडिकल कॉलेज में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इसमें लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित109 समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी व उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1347 सहायक अध्यापक(एल.टी.) शामिल हैं। सीएम ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर नियुक्ति अभ्यर्थियों के जीवनका एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, साथ ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव निर्धारण के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से अपने कर्तव्योंका निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण की भावना के साथ करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानकस्थापित करेंगे। उनकी सभी न्यायोचित मांगों को मानने का आश्वासन दियामुख्यमंत्री ने कहा, पिछले चार वर्षों में राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी में सेवायोजित किया जा चुका है। यह संख्या राज्य केगठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में मिली कुल नौकरियों से दो गुना से भी अधिक हैं। आज हमारे युवा पारदर्शी व्यवस्था और मेरिट केआधार पर सरकारी नौकरियों में अवसर पा रहे हैं। हाल ही में हरिद्वार के एक परीक्षा सेंटर पर एक व्यक्ति द्वारा नकल का एक प्रकरण सामने आया था।सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच के एसआईटी का गठन किया। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए औरयुवाओं की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान कर पेपर को निरस्त करने का भी निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं युवाओं केपास धरनास्थल पर जाकर उनकी सभी न्यायोचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया। अनिवार्य रूप से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनीशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिकअध्यापकों और चतुर्थ श्रेणी में नियुक्तियां प्रदान की जाएंगी। उन्होंने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी अध्यापकों से कहा कि सबको दुर्गम क्षेत्रों मेंनियुक्ति प्रदान की जा रही है। कुछ साल सभी को अनिवार्य रूप से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनी है। सीएम ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभीअभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर नियुक्ति अभ्यर्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, साथ ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींवनिर्धारण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
मिस्र में गाजा शांति सम्मेलन में ट्रंप ने जताई इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की तारीफ, तुर्किये के एर्दोगन ने की मजाकिया अपील

मिस्र के शर्म अल शेख में बीते दिन गाजा युद्ध को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन में कई देशों के नेता जमा हुए। इस सम्मेलन कीअध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने की। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की जमकर तारीफ की। वहीं तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने भी इस दौरान मजाकिया अंदाज मेंदिखे और जॉर्जिया मेलोनी से एक खास अपील करते नजर आए। ट्रंप ने मंच से जॉर्जिया मेलोनी की प्रशंसा की और कहा, ‘हमारे पास एक महिला है, एक युवा महिला जो… मुझे यह कहने की अनुमति नहीं है क्योंकि आमतौर पर अगर आप ऐसा कहते हैं तो यह आपके राजनीतिक करियर का अंतहोता है। फिर भी मैं कहूंगा कि वह एक खूबसूरत युवा महिला हैं!’ ट्रंप ने फिर मेलोनी के लिए कहा कि, ‘वह यहां आना चाहती थीं और वह अद्भुत हैंऔर इटली में लोग उनका बहुत सम्मान करते हैं। वह एक बहुत ही सफल, बहुत ही सफल राजनीतिज्ञ हैं।’ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलइस सम्मेलन में तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मजाक में कहा कि अब आपको स्मोकिंग छोड़ देनीचाहिए। बता दें कि, इस दौरान, एक हल्के फुल्के पल में राष्ट्रपति एर्दोगन ने मेलोनी से कहा, ‘आप बहुत अच्छी लग रही हैं, लेकिन मुझे आपकीस्मोकिंग छुड़वानी होगी।’ इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी पास मौजूदथे और एर्दोगन की यह बात सुनकर जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘यह असंभव है।’ तुर्किये के राष्ट्रपति ने भी मेलोनी से कुछ खास अपीलमिस्र में गाजा शांति समझौते के दौरान मंच पर कई देशों के प्रमुख नेता एक साथ दिखें। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ट्रंप जब सभी नेताओं कामंच पर स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक बार फिर नमस्ते करके सभी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। बतादें कि, मेलोनी जब मंच पर पहुंचती हैं तो राष्ट्रपति ट्रंप उनका हाथ मिलाकर स्वागत करते हैं, इसके बाद दोनों नेता हाथ मिलाते हुए तस्वीर भीखिंचवाते हैं। लेकिन इसके बाद जाते वक्त इतालवी पीएम ट्रंप को नमस्ते करके मंच से जाती है। इस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भीहो रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मिस्र में इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी की जमकर तारीफ की है तो वहीं एक बार फिर मेलोनी ने अपने ‘नमस्ते’ कहने केअंदाज से सुर्खियां बटोरी है। मिस्र में तुर्किये के राष्ट्रपति ने भी मेलोनी से कुछ खास अपील की। इन सभी का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया परवायरल हो रहा है।