प्रधानमंत्री मोदी ने किया नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, मुंबई में मेट्रो-3 का भी लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इसके अलावा वे महानगर वासियों को भूमिगतमेट्रो-3 एक्वा लाइन की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री 8 व 9 अक्तूबर को महाराष्ट्र में रहेंगे और इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन औरलोकार्पण करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुंबई में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।पीएम मोदी मुंबई मुंबई में ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर से भी मिलेंगे। इस दौरान दोनों देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के लिएबैठक करेंगे। इसके मद्देनजर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पीएम मोदी का दो दिवसीय दौरा काफी अहम माना जा रहा है। हवाई अड्डा भी होगा जो वाटर टैक्सी से जुड़ापीएमओ ने कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार है। 19,650 करोड़ रुपयेकी लागत से तैयार नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (एनएमआईए) भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है। सार्वजनिक-निजीभागीदारी (पीपीपी) के तहत विकसित यह हवाईअड्डा मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में एनएमआईए छत्रपति शिवाजीमहाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) के साथ मिलकर काम करेगा। इससे भीड़भाड़ को कम किया जा सकेगा और मुंबई को वैश्विक बहु-हवाई अड्डा प्रणालियों की श्रेणी में शामिल किया जा सके। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 1160 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ, दुनिया के सबसेकुशल हवाई अड्डों में से एक के रूप में डिजाइन किया गया है। यह हवाई अड्डा अंततः वार्षिक 90 मिलियन यात्रियों (एमपीपीए) और 3.25 मिलियनमीट्रिक टन कार्गो को संभाल सकेगा। इसकी अनूठी सुविधाओं में एक स्वचालित पीपल मूवर (एपीएम) शामिल है, जो एक परिवहन प्रणाली है जोसभी चार यात्री टर्मिनलों को सुचारू अंतर-टर्मिनल स्थानांतरण के लिए जोड़ेगी। साथ ही एक लैंडसाइड एपीएम भी है जो शहर के बुनियादी ढांचे कोजोड़ेगा। स्थायी प्रथाओं के अनुरूप, इस हवाई अड्डे में स्थायी विमानन ईंधन (एसएएफ) के लिए समर्पित भंडारण, लगभग 47 मेगावाट सौर ऊर्जाउत्पादन और पूरे शहर में सार्वजनिक संपर्क के लिए ईवी बस सेवाएं उपलब्ध होंगी। एनएमआईए देश का पहला हवाई अड्डा भी होगा जो वाटर टैक्सीसे जुड़ा होगा। अधिक कुशल और आधुनिक परिवहन समाधान प्रदान करेगीपीएम मोदी आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैली मुंबई मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन करेंगे, जिसका निर्माण लगभग 12,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है। इसके साथ ही, वह 37,220 करोड़ से अधिक की लागत से बनी संपूर्ण मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) का लोकार्पण करेंगे, जो शहरी परिवहन में मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना मुंबई की पहली और एकमात्र पूर्ण भूमिगतमेट्रो लाइन के रूप में मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आवागमन को नए सिरे से परिभाषित करेगी और यहां के लाखों निवासियों के लिए तेज, अधिक कुशल और आधुनिक परिवहन समाधान प्रदान करेगी।
रामपुर में ऐतिहासिक बैठक, अखिलेश यादव और आजम खां एक साथ क्या हो रहा है सपा में नए सिरे से गठबंधन?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार को आजम खां से मिलने रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में उतरा। दोनों के बीचलगभग तीन साल बाद दोनों की मुलाकात हो रही है। हेलीपैड पर आजम खान ने अखिलेश यादव को रिसीव किया। इसके बाद दोनों एक कार मेंबैठकर घर पहुंचे। सिर्फ आजम खान और अखिलेश ही घर के अंदर गए।आजम के जेल से छूटने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री के रामपुर पहुंचते ही यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षाव्यवस्था और सख्त कर दी गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को आजम के घर के बाहर ही रोक दिया। अखिलेश यादव का काफिला जौहर यूनिवर्सिटीपहुंचा तो सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की भीड़ नारे लगाती रही। अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जानाजिले के सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता पहले से ही यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मंगलवारसे ही सतर्क था। जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के आसपास कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातारमौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खुफिया विभाग ने भी इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खां के बीचयह मुलाकात करीब एक घंटे तक चलेगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे गिले-शिकवे दूर करने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने कीसंभावना है। साथ ही अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जाना. एक-दूसरे का हाथ थामे साथ चलते नजर आ रहेप्रशासन ने अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दियागया है। आजम खां के मोहल्ले की ओर जाने वाले कई रास्तों और दुकानों को बंद करा दिया गया है। सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव के दौरे कोलेकर जबरदस्त उत्साह है। लगभग तीन साल बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रामपुर के कद्दावर नेता आजम खां आमने-सामने आए। दोनोंनेताओं की दिल से हुई मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इसमें वह एक-दूसरे का हाथ थामे साथ चलते नजर आ रहे हैं।
आप नेता संजय सिंह का मोदी सरकार पर बड़ा आरोप, ‘भारत को छुआछूत युग में वापस ले जाना चाहते “जानें क्या कुछ कहा”

आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हुए हमले के पीछेभाजपा की नफ़रती फौज का हाथ बताया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को बचाना है तो भाजपा रूपी नफरती सांप को कुचलना होगा। सीजेआई परहुए हमले के विरोध में आम आदमी पार्टी 10 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर जूता फेंकने वाले पर कार्रवाई की मांग करेगी। यहहमला मोदी सरकार, भाजपा और आरएसएस की गहरी साज़िश का हिस्सा है। मुख्य न्यायाधीश की मां ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने से इन्कारकिया तो भाजपा और आरएसएस की गहरी साजिश से उन पर हमला हुआ। संजय सिंह ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश को गाली व मारने की धमकी देनेवाले और गले में हांडी बांधकर अपमान जनक वीडियो बनाने वाले, सब भाजपा की नफरती फ़ौज है। इसलिए इन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।सीजेआई पर हमला संविधान की आत्मा पर हमला है। मोदी जी, भारत को “छूआछूत युग” में दोबारा वापस ले जाना चाहते हैं, जहां दलितों के गले मेंहांडी बांधी जाएगी। दलितों को अपमानित किया जाता थासंजय सिंह ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश हुई और पूरी भाजपा सरकार खामोश है। कई घंटों बाद प्रधानमंत्री कोट्वीट करने की याद आई, फोन पर औपचारिकता हुई, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह कृत्य करने वाला वकील राकेश किशोरखुलेआम मीडिया में कह रहा है कि उसे कोई अफसोस नहीं है। वह खुश है कि उसने मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की। यह सिर्फमुख्य न्यायाधीश पर हमला नहीं, बल्कि बाबा साहब के संविधान और भारत की आत्मा का अपमान है। संजय सिंह ने भाजपा-आरएसएस कीमानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह खामोश है, क्योंकि उनकी सोच है कि दलितों को सम्मान नहीं मिलना चाहिए। उसकीमातृ संस्था आरएसएस ने 100 साल में एक भी दलित, पिछड़े या आदिवासी को सरसंघचालक नहीं बनाया। सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश केगले में हांडी और पीछे झाड़ू बांधने के वीडियो वायरल हैं। यह वही युग याद दिलाने की कोशिश है, जब दलितों को अपमानित किया जाता था। दलितों को फिर से हांडी-झाड़ू बांधने वाले युग में धकेलनासंजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया ट्रोल्स मुख्य न्यायाधीश को गालियां दे रहे हैं। कोई कह रहा है, ‘सिर्फ जूता क्यों, गोली मारनी चाहिए।’ कोईकह रहा है, ‘मुख्य न्यायाधीश पर थूक देना चाहिए।’ अजीत भारती जैसे लोग, जिन्हें नोएडा पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, बाहर निकलकर ट्वीटकरते हैं, ‘सरकार भी हमारी, सिस्टम भी हमारा।’ यह भाजपा की नफरत की राजनीति का नतीजा है। केंद्र सरकार इन जहरीले ट्रोल्स को संरक्षण दे रहीहै।संजय सिंह ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से सवाल किया कि मुख्य न्यायाधीश के ऊपर अपनमजनक पोस्ट करने वाले कितने एक्स हैंडल्स अभीतक बैन हुए? कितनी गिरफ्तारियां हुईं? कोई कार्रवाई क्यों नहीं? यह साफ है कि भाजपा इनका साथ दे रही है। यह अपमान सिर्फ मुख्य न्यायाधीशका नहीं है, बल्कि बाबा साहब के संविधान का भी है, जिसने एक दलित बेटे को मुख्य न्यायाधीश की कुर्सी तक पहुंचाया। भाजपा इसे बर्दाश्त नहींकर सकती। वे दलितों को फिर से हांडी-झाड़ू बांधने वाले युग में धकेलना चाहते हैं। भाजपा के इस सपने को पूरा नहीं होने देना है। यह लोग किसी केसगे नहीं