नमो युवा रन – युवाओं का जोश और नशा मुक्त जीवन

दिल्ली विश्वविद्यालय में हुआ आयोजनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर सेवा पखवाड़े के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रविवार सुबह नमो युवा रनमैराथन का आयोजन किया गया। यह दौड़ दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें लगभग पाँच हजार युवाओं ने भाग लिया।सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त जीवन जीने और स्वस्थ रहने का संकल्प लिया। नेताओं ने दिखाई हरी झंडीमैराथन की शुरुआत सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर ने हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर भाजपा केप्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी, पद्मश्री एथलीट सुधा सिंह, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल और युवा मोर्चाअध्यक्ष सागर त्यागी सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया और मैराथन में भाग लेने के लिए उत्साहितकिया। नशा मुक्त जीवन का संदेशइस दौड़ का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्त रहने और स्वस्थ जीवन जीने का संदेश देना था। आज के समय में नशा समाज के लिए बड़ी समस्याबन चुका है और इसे रोकने के लिए युवा वर्ग को जागरूक करना बहुत जरूरी है। केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी ने कहा कि देश का स्वस्थ भविष्यतभी संभव है जब युवा नशे की बुरी आदतों से दूर रहेंगे। मनोज तिवारी का संबोधनसांसद मनोज तिवारी ने कहा कि यह मैराथन प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को सेवा पर्व के रूप में मनाने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मोदी जी चाहतेहैं कि उनका जन्मदिन केवल उत्सव नहीं बल्कि सेवा और नई पहलों के माध्यम से मनाया जाए। उन्होंने युवाओं को शपथ दिलाई कि वे नशे से दूररहेंगे, अपने तन और मन को सुरक्षित रखेंगे और परिवार तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। सुधा सिंह का योगदानपद्मश्री एथलीट सुधा सिंह ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और कहा कि वे दिल्ली के युवाओं के बीच खेल-कूद को बढ़ावा देंगी और नशा विरोधीअभियान में सक्रिय रहेंगी। उनकी उपस्थिति से युवा और अधिक प्रेरित हुए। डॉ. अलका गुर्जर का संदेशडॉ. अलका गुर्जर ने कहा कि यह दौड़ केवल प्रधानमंत्री के जन्मदिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह युवाओं में स्वस्थ और नशा मुक्त जीवन जीने कीप्रेरणा भी देती है। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश के विकास में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करते हैं। सागर त्यागी का वक्तव्ययुवा मोर्चा अध्यक्ष सागर त्यागी ने कहा कि सेवा पखवाड़े के तहत कई तरह के कार्यक्रम चल रहे हैं। नमो युवा रन उनमें से एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा नशा मुक्त जीवन के संदेश को लेकर घर-घर जाएगा और युवाओं को इस मुहिम से जोड़ेगा। युवाओं का उत्साहकार्यक्रम में शामिल हुए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। सुबह-सुबह हजारों युवा दौड़ने के लिए मैदान में पहुंचे। उनके चेहरे पर ऊर्जा औरजोश था। सभी ने मिलकर नारे लगाए और नशा छोड़ने का संकल्प लिया। युवाओं की यह भागीदारी दिखाती है कि भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों मेंहै और युवा वर्ग देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। नमो युवा रन केवल एक दौड़ नहीं थी। यह युवाओं की ऊर्जा, संकल्प और देशभक्ति का प्रतीक था। इस मैराथन ने स्पष्ट कर दिया कि नशा मुक्तसमाज बनाना और स्वस्थ जीवन जीना संभव है। पाँच हजार युवाओं की भागीदारी ने यह दिखाया कि भारत का युवा वर्ग इस दिशा में पूरी तरह तैयारहै। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़े का एक सुंदर उदाहरण बन गया और देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरा।
नांगलोई रेलवे फाटक हादसा और भाजपा सरकार की लापरवाही – अनिल झा

दुखद हादसे का मामलादिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में स्थित नांगलोई रेलवे फाटक पर दो दिन पहले दो बच्चों की दुखद मौत हो गई। आम आदमी पार्टी ने इस हादसेको भाजपा सरकार की लापरवाही बताया। विधायक अनिल झा ने कहा कि कई सालों से लोग इस फाटक पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने कीमांग कर रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित होकर रेलवे ट्रैक पार कर सकें। लेकिन भाजपा सरकार ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।अनिल झा ने बताया कि पिछले चार सालों में इस फाटक पर कुल 38 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। दो दिन पहले हुए हादसे में दो बच्चों की मौतहो गई। यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि लगातार बढ़ती सुरक्षा की कमी का नतीजा है। पत्र और अनुरोधअनिल झा ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और केंद्र-दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को 33 पत्र लिखे, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। कोईठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रोड ओवर ब्रिज बनाने में केवल 10-12 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जो सरकार के लिए मामूली राशि है।इसके बावजूद लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा सरकार की लापरवाहीप्रियंका कक्कड़ ने कहा कि यह हादसा भाजपा सरकार की लगातार असफलताओं और लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस साल दिल्लीमें अब तक 350 और पिछले तीन साल में पूरे देश में करीब 30 हजार लोगों की रेलवे ट्रैक पार करते समय मौत हो चुकी है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स नेइस इलाके को हाई रिस्क जोन घोषित किया है, लेकिन सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम अभी तक नहीं उठाए गए। आरओबी और फुट ओवर ब्रिज(एफओबी) बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई निर्माण नहीं हुआ। पिछले प्रयास और निराशाअनिल झा ने कहा कि पिछले 15 सालों से लोग आरओबी और एफओबी बनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को कई पत्रलिखे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा फालतू के मुद्दों पर ध्यान देती है और जनता की सुरक्षा की समस्याओं कोनजरअंदाज कर रही है। हादसे के बाद की स्थितिप्रियंका कक्कड़ ने कहा कि हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रेल मंत्री और एलजी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जबकि हादसे के बाद700 से अधिक लोग रोड ओवर ब्रिज बनाने की मांग के लिए वहां गए थे। उन्होंने कहा कि यह इलाका ज्यादा आबादी वाला है और रेलवे ने अब तकतार फेंसिंग भी नहीं करवाई। जनता की सुरक्षा जरूरीप्रियंका कक्कड़ ने सवाल उठाया कि रेल मंत्री ने संसद में कहा था कि रेलवे हर साल सुरक्षा पर 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के लिएप्रतिबद्ध है, लेकिन जनता को सुरक्षा नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि यह पैसा कहां खर्च हो रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जारही है। उन्होंने भाजपा सरकार से कहा कि पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेहीतय की जाए। लोगों की मांगअनिल झा ने कहा कि किराड़ी और आसपास के इलाकों की आबादी लगभग 25 लाख है। लाखों लोग रेलवे विभाग से आरओबी और एफओबीबनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से महज 22-23 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग अब भी सुरक्षित होकर रेलवे ट्रैक पारनहीं कर सकते। इस फाटक पर हादसे लगातार हो रहे हैं।