शिवसेना का हमला “जिसने खून बहाया, उसी से क्रिकेट! ये देशभक्ति है या शहीदों का अपमान?” देश या दस्तूर? पाकिस्तान से मुकाबले पर उठे गंभीर सवाल

मेरा देश, मेरा सिंदूर! पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना देशद्रोह ही है! 9 सितंबर से शुरू हुए एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान समेत 8 देश खेल रहे हैं. 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला है, जिसको लेकर क्रिकेटप्रेमी दो गुट में बंटे हुए हैं. एक गुट जो खेलभावनाका समर्थन कर रहा है और भारत-पाक मैच से उन्हें बहुत आपत्ति नहीं, लेकिन दूसरा गुट जो शायद संख्याबल में बड़ा है, राष्ट्रप्रेम की भावना से भराहुआ है. ये गुट भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के विरोध में है. ज्यादातर लोगों का मानना है कि भारत को पाकिस्तान के साथ मैच भी नहीं खेलनाचाहिए. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति दे दी‘भारत में मोदी के सत्ता में आने के बाद से सुविधाजनक हिंदुत्व और सुविधाजनक राष्ट्रवाद ने जोर पकड़ा है. देशभक्ति और दूसरी चीजें सिर्फ चुनाव औरवोट का जरिया बन गई हैं. अगर ऐसा न होता तो 14 सितंबर को होनेवाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को हरी झंडी देकर पहलगाम हमले के जख्मों पर नमक छिड़कने की कोशिश नहीं होती. दुबई में कैसा एशिया कप हो रहा है. वहां 14 सितंबर को बेशर्मी से भारत-पाकिस्तान टी-20 क्रिकेट मैच खेला जा रहा है. जनभावना है कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. कश्मीर घाटी के पहलगाम हमले में लोगों काखून बहाया गया था. वह खून अभी तक सूखा नहीं है. 26 मां-बहनों की आंखों से अभी भी आंसू बह रहे हैं. मृतकों के बाल-बच्चे और मित्र परिवार उससदमे से उबर नहीं पाए हैं. पाकिस्तान ने इस आतंकी हमले को अंजाम दिया. जिसके चलते भारतीय जनता में पाकिस्तानियों के प्रति भारी आक्रोश था, बावजूद मोदी सरकार ने ‘वैश्विक’ और ‘अंतरराष्ट्रीय’ नियमों आदि का हवाला देकर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति दे दी.’ उसे अपने नियंत्रण में ले लेंगे‘दरअसल, पहलगाम हमले के तुरंत बाद, इसी मंडली ने एक जोरदार हिंदुत्ववादी मुद्दा उठाया था, जो यह था कि ‘जिन आतंकवादियों ने पहलगाम मेंघुसकर पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी करके 26 लोगों की जान ले ली, उन सभी को उनका धर्म पूछकर मारा गया.’ यह भयानक है, लेकिन फिर हमेंयह भी देखना ही होगा कि क्या दुबई में हो रहे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच में पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने धर्मांतरण कर लिया है या फिर भारत के लिएखेलनेवालों ने अपना वैचारिक सुन्नत करवा लिया है. पहलगाम हमले के बाद मोदी, शाह और अन्य नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए दु:ख के अनुसार, ‘अब हम पाकिस्तान की कमर इस तरह तोड़ देंगे, ताकि पाकिस्तान फिर कभी दुनिया के नक्शे पर न दिखे. अब हम पाकिस्तान से निर्णायक लड़ाईलड़ेंगे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर उसे अपने नियंत्रण में ले लेंगे,’ दर्द सरकार के चेहरे पर दिखाई नहीं देतावे दहाड़े और वे सही भी थे. उस समय हिंदुस्तान ने बिगुल बजाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपतिट्रंप के दबाव में इसे रोक दिया गया. राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार कहते हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया. बिना कोई स्पष्टीकरण दिए, प्रधानमंत्रीमोदी इस बात पर ताल ठोकते हैं कि अमेरिका हमारा मित्र है. प्रधानमंत्री चीन गए, जिसने भारत के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की खुलकर मदद कीऔर वर्णन किया कि कैसे चीन ने हमारे लिए लाल कालीन बिछाया, लेकिन चीन के सहयोग से पाकिस्तान कश्मीर में ‘पहलगाम’ की तरह हिंदुओं काखून बहा रहा है. हमारी माताओं और बहनों के माथे का कुमकुम यानी सिंदूर उजाड़ रहा है. इसका दर्द सरकार के चेहरे पर दिखाई नहीं देता.’ भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच बेशर्मी की पराकाष्ठा है. मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, लेकिन जो लोग कहते हैं कि वे मिटाए गए सिंदूर का बदला लेंगे, वे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलते नजर आते हैं. पाकिस्तान में ‘घुसकर मारेंगे’ ऐसा वचन देनेवाले पाकिस्तान के किस अंग में घुस गए यह उन्हेंही पता होगा. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच भारतीय महिलाओं के सिंदूर का अपमान है. यह उन हिंदुओं के बलिदान का अपमान है, जिनकीपाकिस्तान ने निर्दयतापूर्वक हत्या की.
भारत-पाक मुकाबले से पहले टूटी पाकिस्तान की हिम्मत, अफरीदी बोले- चमत्कार ही बचा सकता है! जानें क्या कुछ बोले अफरीदी

भारत और पाकिस्तान के बीच आज दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मुकाबला खेला जाएगा. एशिया कप के इस मुकाबले को लेकर बॉयकॉट की मांगेंउठ रही हैं यह मुकाबला रात आठ बजे शुरू होगा. इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों के बयान सामने आ रहे हैं. शाहिद अफरीदी नेचौंकाते हुए यह तक कह दिया कि पाकिस्तान की टीम भारत के आगे नहीं टिक सकेगी वहीं, शोएब मलिक और रमीज राजा ने भी अफरीदी के बयानपर सहमति जताई. वो दिन अब बीत चुके हैं जब भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला बराबरी का होता था पिछले कुछ वर्षों में दोनों टीमों के बीच काअंतर तेजी से बढ़ा है जहां भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने की जबरदस्त होड़ है, वहीं पाकिस्तान की हालत ऐसी हैकि उनके चयनकर्ता मुश्किल से एक मजबूत 11 उतार पाते हैं जो उनकी क्रिकेटिंग विरासत का सम्मान कर सके.आत्मविश्वास से भरे रहतेअब एशिया कप मुकाबले को लेकर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने अपनी ही टीम पर सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने भारतीय खिलाड़ियोंके आत्मविश्वास की तुलना पाक खिलाड़ियों से करते हुए कहा, ‘आप भारतीय टीम में आने वाले नए खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज देखिए. वेआत्मविश्वास से भरे रहते हैं. उन्हें कोई डर या दबाव नहीं होता. वे पहले ही भरे स्टेडियम में सौ से ज्यादा मैच खेल चुके होते हैं और इंटरनेशनल स्टार्स केसाथ ड्रेसिंग रूम शेयर कर चुके होते हैं. यहां तक कि उनकी बी टीम भी एशिया कप जीत सकती है. अफरीदी के अलावा पाकिस्तान के अन्य पूर्वदिग्गज जैसे रमीज राजा, शोएब मलिक और शोएब अख्तर ने भी टीम की पोल खोल ‘भारत को हराने के लिए पाकिस्तान को किसी चमत्कार कीजरूरत होगी. निराशा और दूसरी ओर आत्मविश्वास का ढोंगशोएब मलिक ने कहा, ‘भारत के खिलाफ होने वाले मैच पाकिस्तान को दिखाएंगे कि वह विश्व क्रिकेट में कहां खड़ा है’ वहीं, रावलपिंडी एक्सप्रेसशोएब अख्तर का मानना है कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह उजागर हो जाएगी उन्होंने कहा, ‘सही क्रिकेट शॉट्स खेलो. ओमान जैसी टीमों केखिलाफ बच सकते हो, लेकिन भारत के खिलाफ नहीं बल्लेबाजी में बहुत अंतर हैं। जसप्रीत बुमराह को कैसे खेलोगे?’ जहां पाकिस्तान के दिग्गजटीम की खामियां गिना रहे हैं, वहीं टीम के हेड कोच माइक हेसन ने स्पिनर मोहम्मद नवाज को ‘दुनिया का बेस्ट’ स्पिनर करार दिया है इस तरहपाकिस्तान कैंप से दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं एक ओर निराशा और दूसरी ओर आत्मविश्वास का ढोंग. इन बयानों से साफ है किपाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों का अपनी टीम पर भरोसा काफी कम हो गया है. ऐसे में भारतीय टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है मौजूदाभारतीय टीम में सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल, संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह जैसे स्टार खिलाड़ी हैं, जो किसी भी विपक्षी के लिए चुनौती बनसकते हैं.
नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने संभाला कार्यभार, कहा – सत्ता नहीं, सेवा करने आए हैं, 6 महीने से ज़्यादा नहीं रुकेंगे, भ्रष्टाचार पर होगी सीधी कार्रवाई

नेपाल की नवनियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार सुबह 11 बजे सिंह दरबार में आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया. पूर्व मुख्यन्यायाधीश कार्की को शुक्रवार रात को अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था इसके साथ ही प्रधानमंत्री सुशीला कार्कीरविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं वह मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देने में अपने सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श कर रही हैंबताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार छोटा होगा. अंतरिम प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद सुशीला कार्की ने कहा, हिंसा में शामिल लोगोंकी जांच की जाएगी. मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं हम छह महीने से अधिक नहीं रुकेंगे हम नई संसद को जिम्मेदारी सौंपदेंगे। आपके सहयोग के बिना हमें सफलता नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि, नेपाल में 24 घंटे की आवाजाही पहली प्राथमिकता है। वे आर्थिक समानताऔर भ्रष्टाचार उन्मूलन की मांग कर रहे हैं. प्रमुख लोगों के नामों पर विचार चल रहा हैवहीं दूसरी ओर पीएम कार्की गृह, विदेश और रक्षा समेत लगभग दो दर्जन मंत्रालय अपने पास रख सकती हैं मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीचशनिवार को समय निकालकर वह सरकार विरोधी प्रदर्शन में घायलों से मिलने सिविल अस्पताल भी गईं थीं शुक्रवार को शपथ लेने के तुरंत बाद भीवह अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना था. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, कार्की ने अपने मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने की तैयारी के लिए जेन जीआंदोलन के करीबी सलाहकारों और प्रमुख हस्तियों के साथ परामर्श शुरू कर दिया है उनके एक सहयोगी ने दावा किया है कि कार्की रविवार सुबहअपने मंत्रिमंडल के गठन के लिए गहन चर्चा शुरू करेंगी सभी 25 मंत्रालयों पर अधिकार रखने के बावजूद वह कथित तौर पर 15 से अधिक मंत्रियों केसाथ एक सुव्यवस्थित मंत्रिमंडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार मंत्री पदों के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहाहै उनमें कानूनी विशेषज्ञ ओम प्रकाश आर्यल, पूर्व सेना अधिकारी बालानंद शर्मा, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आनंद मोहन भट्टाराई, माधव सुंदर खड़का, अशीम मान सिंह बसन्यात और ऊर्जा विशेषज्ञ कुलमन घीसिंग शामिल हैं. चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. भगवान कोइराला, डॉ. संदुक रुइत, डॉ. जगदीशअग्रवाल और डॉ. पुकार चंद्र श्रेष्ठ जैसे प्रमुख लोगों के नामों पर विचार चल रहा है.युवाओं के आंदोलन के कारण 8 सितंबर से स्कूल बंद थेकाठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, जेनरेशन जेड के सदस्य भी समानांतर परामर्श कर रहे हैं. इसके लिए वह ऑनलाइन वोटिंग का भी सहारा ले रहे हैंअगर इन नामों पर आम सहमति बन जाती है, तो मंत्रिमंडल रविवार शाम तक शपथ ले सकता है, हालांकि चर्चा के नतीजों के आधार पर इसे सोमवारतक के लिए भी टाला जा सकता है नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को नव नियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश परदेश की संसद (प्रतिनिधि सभा) को भंग कर दिया था राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सदन का विघटन 12 सितंबर 2025 कीरात 11 बजे से प्रभावी हुआ. अंतरिम सरकार बनने के साथ ही अधिकारियों ने देश में नए सिरे से संसदीय चुनाव कराने का भी एलान कर दिया. नेपालमें अब 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराए जाएंगे. काठमांडू महानगरपालिका क्षेत्र के स्कूलों में सोमवार से कक्षाएं शुरू होंगी शनिवार को जारीसूचना में महानगर ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी रविवार को ही स्कूल में उपस्थित होंगे, लेकिन पढ़ाई सोमवार से शुरू होगी. रविवार को स्कूलों मेंप्रशासनिक काम, क्षति का मूल्यांकन और विवरण संकलन किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, जो स्कूल संचालन योग्य स्थिति में होंगे वहांकक्षाएं होंगी युवाओं के आंदोलन के कारण 8 सितंबर से स्कूल बंद थे.
कौन पर्रिकर?’: मनोहर पर्रिकर को न पहचान पाने पर अजित पवार हुए ट्रोल, जनता ने सुनाई खरी-खरी “दिवंगत रक्षामंत्री को न पहचान पाने पर मचा सियासी बवाल”

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उस समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब वे गोवा के पूर्व सीएम और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर कोनहीं पहचान पाए. दरअसल एक महिला डिप्टी सीएम से ट्रैफिक की समस्या को लेकर शिकायत कर रही थी, तो उस दौरान महिला ने मनोहर पर्रिकरका उदाहरण दिया कि वे किस तरह से लोगों की समस्याओं को जानने के लिए अचानक दौरे करते थे इस पर अजित पवार ने कहा ‘कौन पर्रिकर’? अजित पवार शनिवार को पुणे नगर निगम (पीएमसी) प्रमुख नवल किशोर राम और अन्य अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा करलोगों से उनकी परेशानियों के बारे में बातचीत कर रहे थे हडपसर विधानसभा क्षेत्र के केशव नगर में नागरिकों ने यातायात जाम और अन्य समस्याओं केबारे में शिकायतें उठाईं. इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं. लोग कहीं और जाने पर विचार कर रहेइसी दौरान एक महिला ने अजित पवार से गोवा के पूर्व सीएम और रक्षा मंत्री रहे दिवंगत मनोहर पर्रिकर से प्रेरणा लेकर खुद भी लोगों की समस्याओंका जानने के लिए अचानक दौरे करने को कहा इस पर पवार ने महिला को बीच में ही टोकते हुए पूछा, ‘कौन पर्रिकर?’ जिसके बाद महिला को उन्हेंबताना पड़ा कि वह गोवा के दिवंगत भाजपा नेता की बात कर रही थीं नाराज महिला ने कहा कि इलाके के लोग यातायात की समस्याओं से इतनेपरेशान हो चुके हैं कि कई लोग कहीं और जाने पर विचार कर रहे हैं.आईआईटी, बॉम्बे से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त मनोहर पर्रिकर तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे और नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अक्टूबर2014 से मार्च 2017 तक रक्षा मंत्री रहे. अपनी सादगी के लिए जाने जाने वाले पर्रिकर राज्य की समस्याओं को समझने के लिए स्कूटर पर घूमते थे17 मार्च, 2019 को कैंसर से उनकी मृत्यु हो गई गोवा के मोपा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय के रक्षा अध्ययन और विश्लेषणसंस्थान (आईडीएसए) का नाम मनोहर पर्रिकर के नाम पर रखा गया हैआईआईटी, बॉम्बे से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त मनोहर पर्रिकर तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे और नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अक्टूबर2014 से मार्च 2017 तक रक्षा मंत्री रहे.
तेजस्वी को CM चेहरा नहीं मानते राहुल? लालू की नाराज़गी खुलकर आई सामने, लालू ने मांगा हिसाब, सोनिया ने थामा चुप्पी का रास्ता”जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार में बड़ा इंटरेस्टिंग डेवलपमेंट हुआ है बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के बीच मतभेद उभर कर आ गए हैं. नाराज लालू प्रसाद यादव ने सोनियागांधी को फोन किया तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के बीच सहमति नहीं बन पा रही. बिहार की राजनीति में क्या हो रहा है, इस पर मैं आपसे आजचर्चा करने जा रहा हूं. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में वोट अधिकार यात्रा रैली निकाली थी 16 दिन चली इस यात्रा में राहुल गांधी औरतेजस्वी ने 1300 किलोमीटर की दूरी साथ मिलकर नापी थी और 23 जिलों को उन्होंने कवर किया था राहुल गांधी की यात्रा का 1 सितंबर को पटनामें समापन हुआ था इस रैली से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह था कांग्रेस को लग रहा था कि राहुल गांधी के इस रैली ने कांग्रेस के अंदर जानफूंक दी है. 9 सितंबर को बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ राहुल गांधी ने दिल्ली में बैठक की इस बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी, बिहार कांग्रेस केअध्यक्ष राजेश राम, बिहार कांग्रेस के विधायक दल के नेता शकील अहमद, बिहार में विधान परिषद में पार्टी के नेता मदन मोहन झा और पूर्णिया सेनिर्दलीय सांसद पप्पू यादव उपस्थित थे. इस बैठक में सभी नेताओं ने राहुल गांधी से उनकी यात्रा को पर बधाई दी और कहा कि उनकी यात्रा बहुतसफल रही है और इस बैठक में मोटा मोटी बात तय हुआ कि 70 से कम सीटों पर कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ेगी. अगर 2020 विधानसभा चुनाव की बातकरें तो कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था उस विधानसभा चुनाव में 19 सीटों पर उसकी जीत हुई थी चार सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त होगई थी इस बार यह तय किया गया है कि कम से कम 70 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा क्योंकि इस बार कांग्रेस अपने आप को बिहार में बेहतर देखरही है. राहुल गांधी ने सीधा कोई जवाब नहीं दियाउधर तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव का कहना है कि कांग्रेस की हैसियत 70 सीटों की फिलहाल नहीं है और गठबंधन में नए दल भी जुड़ गएहैं मुकेश साहनी भी जुड़ गए हैं, पशुपति नाथ पारस भी जुड़ गए लेफ्ट पार्टियां भी ज्यादा सीट मांग रही हैं तो कांग्रेस को कुछ सीटों पर कॉम्प्रोमाइजकरना होगा लालू प्रसाद यादव इस बात से नाराज हैं कि जब बिहार के अंदर राहुल गांधी से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूछा गया तोराहुल गांधी ने सीधा कोई जवाब नहीं दिया और तेजस्वी को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने से वह बच कर निकल गए. लालू प्रसाद यादव ने अपनेबेटे तेजस्वी से भी इस बात की नाराजगी जाहिर की है कि भाई तुम कांग्रेस को व्यवस्थित हैंडल नहीं कर पाते हो लालू प्रसाद यादव ने इस बात की भीनाराजगी जाहिर की तेजस्वी यादव पर कि 2020 में तुमने कांग्रेस के दबाव में आकर 70 सीटें दे दी थी और कांग्रेस सिर्फ 19 सीट जीती थी, जिसकेकारण तुम मुख्यमंत्री नहीं बन पाए. दरअसल लालू प्रसाद यादव को लगता है कि 2020 में जो 15 सीटों का अंतर था। महागठबंधन और एनडीए केबीच में, महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं और 125 सीटें एनडीए को मिली थीं लालू प्रसाद यादव को लगता है कि जो कांग्रेस को ज्यादा सीटें देदी गई थीं, तेजस्वी के द्वारा उसके कारण तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नहीं बन पाए थे अन्यथा 2020 में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन जाते. लालू ने यह नाराजगी राहुल गांधी पर भी जाहिर कीअब लालू यादव ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस से आप बात करो, कांग्रेस से कहो कि सीटों के साथ कौन सा उम्मीदवार है, उसकी सूची भी साथ मेंदे. अगर उम्मीदवार अच्छा होगा तो हम कांग्रेस को देंगे अगर उम्मीदवार अच्छा नहीं होगा तो हम कांग्रेस को सीट नहीं देंगे. लालू ने यह नाराजगी राहुलगांधी पर भी जाहिर की है कि राहुल बिहार यात्रा के दौरान जिस तरीके से राहुल बचे, तेजस्वी को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार बनाने की घोषणा करने सेउसके बाद लालू ने सोनिया गांधी को फोन किया था खबर यह है कि सोनिया गांधी ने लालू से फोन पर बात नहीं की और लालू को संदेश भिजवादिया कि बिहार को लेकर उन्हें जो भी बात करनी है, वह राहुल गांधी से करनी पड़ेगी. राहुल गांधी इस मामले में फैसला लेंगे तो अब क्या राहुल गांधीतेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करेंगे? क्या राहुल गांधी 70 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे? यह तय है क्योंकि वह मान कर चल रहेकि 70 से कम सीटों पर चुनाव लड़ना उनके हित में नहीं रहेगा तो सोनिया गांधी ने लालू प्रसाद यादव से बात न करके लालू प्रसाद यादव को संकेत देदिया है कि भाई अब मैं राजनीति नहीं देखती हूं. राहुल गांधी राजनीति देखते हैं और आपको राहुल गांधी से बात करना पड़ेगी.
Playing match with Pakistan is treason against nation; Every Indian is seething with anger said Arvind Kejriwal and all Aap leaders

The Aam Aadmi Party (AAP) tore into the Modi government against Sunday’s India-Pakistan cricket match, urging citizens to boycott the game. National Convenor Arvind Kejriwal, senior leaders Manish Sisodia and Sanjay Singh, and Delhi Assembly LoP Atishi declared that playing cricket with Pakistan—a country that shelters terrorists—is an insult to India’s martyrs. Delhi State President Saurabh Bharadwaj further administered an oath to all Lok Sabha office bearers in the capital to boycott the match in solidarity.AAP National Convenor Arvind Kejriwal took to X and wrote: “Playing a match with Pakistan is treason against the country and that every Indian is deeply angry about it.” AAP slams Modi government for India-Pakistan cricket matchSenior AAP leader and Punjab Prabhari Manish Sisodia wrote on X that after the Pahalgam attack, PM Modi had proudly declared that “talks and terrorism cannot go together.” He added, “It seems that patriotism is limited only to the Prime Minister’s speeches. Now the whole country is asking: have the flames of Operation Sindoor cooled so quickly that cricket matches are being played with the same terrorists? Prime Minister, answer the people.” During a media interaction, senior AAP leader and MP Sanjay Singhsaid, “In Pahalgam, our sisters’ sindoor was snatched away. The Government of India itself said that this was carried out by terrorists from Pakistan. After that, Operation Sindoor was launched, in which our soldiers were martyred, civilians were killed, and even an ADC was martyred. How can we play cricket with the same Pakistan we are fighting against?”Calls it a betrayal of martyrs and urges boycott citing national security concernsThe AAP MP pointed out, stating: “The Government has itself said Operation Sindoor is not yet over. Prime Minister Modi himself declared that blood and water cannot flow together, that terror and trade cannot go together. Then how can blood and sport go together? The truth is, since cricket is linked to their sons’ business, with thousands of crores of rupees at stake, the country’s honour can take a back seat, but their profits must not stop.”He further said, “People must understand that these are fake nationalists. They talk about patriotism again and again, but for them business comes first, and the nation is far behind. Their real interest is in cricket’s massive business and betting. For them, the country does not matter in this trade. The youth who chant ‘Modi-Modi’ blindly must realise this double character. When their business is running, they have no problem with Pakistan. Whether in Dubai, Qatar or anywhere else, as long as their money keeps flowing, they don’t care.”
Ace Shuttler Padma Bhushan Saina Nehwal and former Union Minister Vijay Goel flagged off the race, Five thousand youth participated in Gandhi Darshan

Ace Shuttler and Padma Bhushan awardee Saina Nehwal, along with former Union Minister and Vice Chairman Gandhi Smriti today flagged off the Yuva Daud (Youth Marathon) from National Stadium to Gandhi Smriti as part of the celebrations to mark the birthday of Prime Minister Narendra Modi. 5000 children took part in the event which was aptly called “Gandhi ki Soch, Modi ka Josh”. The race that started from National Stadium, India Gate passed through Akbar Road before culminating at Gandhi Smriti, Tees January Marg, the site of Gandhi’s assassination. Speaking on the occasion, Vijay Goel said that every participant in this race was given a T-shirt on the back of which was written messages of those Gandhi’s ideas that have been implemented by Prime Minister Narendra Modi in his schemes.Over 5000 children from across Delhi participate in “Yuva Daud”Goel said that Prime Minister Narendra Modi has implemented welfare projects with full vigour and enthusiasm as per the vision of Mahatma Gandhi Goel said that the children also carried the schemes of Prime Minister Narendra Modi which have been implemented taking inspiration from Mahatma Gandhi, such as ‘Swachch Bharat Abhiyaan’ ‘Atmanirbhar Bharat’, ‘Swadeshi’, ‘women empowerment’, upliftment of the poor, construction of toilets, etc.Vijay Goel said that Prime Minister Narendra Modi is also the Chairman of our Gandhi Smriti and Darshan Samiti. Celebrating PM Modi’s birthdayThe way Prime Minister Narendra Modi has adopted Gandhi’s ideals as the Prime Minister of the country and has imbibed them in his schemes for people’s welfare, is highly praiseworthy. Goel said that most of the children participating in the race come from slum areas. He also said that every participating child were given a medal and a certificate, so that they remain enthusiastic in life and try to move towards a goal with determination.