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जेलेंस्की-ट्रंप मुलाकात से पहले अमेरिका ने दी सुरक्षा गारंटी, रूस ने भी जताई सहमति शांति समझौते के लिए त्रि-स्तरीय ढांचे की वकालत

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सोमवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. इस मुलाकात से पहले जेलेंस्की नेयूरोपीय देशों के नेताओं से बात की. इस बातचीत के बाद जेलेंस्की ने अमेरिका द्वारा सुरक्षा गारंटी दिए जाने के फैसले पर खुशी जाहिर की. साथ हीजेलेंस्की ने शांति समझौते के लिए अमेरिका, रूस और यूक्रेन का एक त्रि-स्तरीय ढांचा बनाने की अपील की, ताकि विभिन्न मुद्दों पर सहमति बन सके. जेलेंस्की ने कहा कि ‘सभी ने इस बात का समर्थन किया है कि अहम मुद्दों को सुलझाने के लिए यूक्रेन को सीधे तौर पर बातचीत में शामिल करनाचाहिए. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि ‘अमेरिका द्वारा यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने का फैसला ऐतिहासिक है. हालांकियह व्यवहारिक होना चाहिए और इससे यूक्रेन को जमीन के साथ ही वायु और समुद्र में भी सुरक्षा मिलनी चाहिए. यूरोप की एकजुट रहना है जरुरीसाथ ही इसमें यूरोप को भी शामिल किया जाना चाहिए. जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से ये भी अपील की कि वे 2022 की तरह ही एकजुट रहें. उन्होंनेकहा कि असल शांति के लिए यूरोप का एकजुट रहना जरूरी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष सलाहकार स्टीव विटकॉफ ने दावा किया है किअलास्का में हुई बैठक में रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अमेरिका द्वारा यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिए जाने की बात पर सहमत दिखे.वहीं रूस ने कहा है कि जिस तरह से यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दी जा रही है, उसी तरह से पश्चिमी देश रूस को भी सुरक्षा गारंटी दें. रूस के यूएन में स्थायीप्रतिनिधि विएना मिखाइल उलेनोव ने कहा कि कई यूरोपीय नेता शांति समझौते के तहत यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिए जाने के पक्ष में हैं. रूस इससेसहमत है, लेकिन रूस का भी ये अधिकार है कि उसे भी सुरक्षा गारंटी मिलनी चाहिए. सुरक्षा की बात पर सहमतिउलेनोव ने चेताया कि पश्चिमी देश सुरक्षा गारंटी को लेकर रूस के साथ बातचीत शुरू न करके गलती कर रहे हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों नेकहा है कि यूक्रेन को अगर रूस के साथ शांति समझौता करना है तो उसे आखिरकार हारे हुए इलाके छोड़ने के लिए राजी होना ही पड़ेगा. सोशलमीडिया पर साझा एक पोस्ट में मैक्रों ने ये बात कही मैक्रों ने ये भी कहा कि उनका देश यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है और उन्होंने यूक्रेन को मिलनेजा रही संभावित सुरक्षा गारंटी का भी समर्थन किया और इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की बात कही. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप केविशेष सलाहकार स्टीव विटकॉफ ने दावा किया है कि अलास्का में हुई बैठक में रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अमेरिका द्वारा यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिएजाने की बात पर सहमत दिखे.

जन विश्वास विधेयक 2025 लोकसभा में पेश, छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रस्ताव

जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025 सोमवार को लोकसभा में पेश किया गया. हालांकि, इसे प्रवर समिति को भेज दिया गया. विधेयक जीवन और व्यापार को सुगम बनाने के लिए कुछ छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का प्रावधान करता है. विधेयक पेश करतेहुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह विधेयक व्यापार को सुगम बनाने के लिए विश्वास-आधारित शासन को बढ़ावा देने काप्रयास करता है. इसके बाद विधेयक को लोकसभा की प्रवर समिति को भेज दिया गया. समिति को संसद के अगले सत्र के पहले दिन तक सदन मेंअपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है. यह विधेयक हंगामे के बीच पेश किया गया, क्योंकि विपक्षी दल बिहार में मतदाता सूची संशोधनऔर अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. विरोध प्रदर्शन जारी रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक केलिए स्थगित कर दी गई. इस विधेयक के माध्यम से 350 से अधिक प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित है. विधेयक देश के कारोबारी माहौल को बेहतरबनाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है. बेहतर सरकार बनाने का है हिस्साइससे पहले 2023 में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम पारित किया गया था, जिसके तहत 19 मंत्रालयों और विभागों की ओर सेप्रशासित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को अपराधमुक्त कर दिया गया था. इस अधिनियम के माध्यम से सरकार ने कुछ प्रावधानों मेंकारावास या जुर्माने को हटा दिया। कुछ नियमों में कारावास को हटा दिया गया और जुर्माने को बरकरार रखा गया, जबकि कुछ मामलों में कारावासऔर जुर्माने को दंड में बदल दिया गया. विधेयक में 350 से अधिक प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. यह देश के कारोबारी माहौल को बेहतरबनाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है. विधेयक का उद्देश्य कुछ छोटे-मोटे अपराधों को अपराध-मुक्त बनाकर भरोसा आधारित शासन को बढ़ानादेना और जीवन व कारोबार सुगमता की स्थिति को बेहतर करना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा था, हमारे देश मेंऐसे कानून हैं, जो सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगें, लेकिन मामूली बातों पर कारावास का प्रावधान करते हैं, और किसी ने कभी उन पर ध्यान नहींदिया. पुरानें कानूनों को किया गया है समाप्तपीएम मोदी ने यह भी कहा था, मैंने यह सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया है कि भारतीय नागरिकों को बेवजह सलाखों के पीछे डालने वाले अनावश्यककानून समाप्त किए जाएं. हमने पहले संसद में एक विधेयक पेश किया था, हम इसे इस बार फिर से लाए हैं. एक अधिकारी के मुताबिक, यह नयाविधेयक देश में अधिक अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मदद करेगा. इससे पहले 2023 में जन विश्वास (प्रावधानों मेंसंशोधन) अधिनियम पारित किया गया था, जिसके तहत 19 मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रशासित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों कोअपराध-मुक्त कर दिया गया था.जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2023 के माध्यम से सरकार ने कुछ प्रावधानों में कारावास और/या जुर्माने को हटा दिया था. कुछनियमों में कारावास को हटा दिया गया और जुर्माने को बरकरार रखा गया, जबकि कुछ मामलों में कारावास और जुर्माने को मात्र जुर्माने में बदल दियागया था. सरकार पूर्व में 40,000 से ज्यादा अनावश्यक प्रावधानों को खत्म कर चुकी है. इसने 1,500 से ज्यादा पुराने पड़ चुके कानूनों को समाप्तकिया है.

इंडिया ब्लॉक का हल्ला बोल, मतदाता सूची विवाद पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन तेज

संसद के मानसून सत्र के बीच सोमवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया. विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक केसांसदों ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए विरोध जताया. इस प्रदर्शन का नेतृत्वराज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने किया। खरगे के साथ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), द्रमुक (डीएमके), वामपंथीदलों, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के सांसद भी मौजूद रहे. इस दौरान प्रदर्शनकारी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के बाहर बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर थाम रखे थे. इन बैनर पर लिखा था- ‘वोट चोरी बंद करो’, वहींहाथों में लगे पोस्टरों पर ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘एसआईआर बंद करो’ जैसे शब्द लिखे थे. लोकतांत्रिक तरीका जाएगा अपनायाबता दें कि विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की यह कवायद दरअसल बिहार में मतदाताओं को सूची से बाहर करने की चाल है, ताकि आने वालेविधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाया जा सके।कांग्रेस नेता नसीर हुसैन ने मीडिया से कहा कि विपक्ष हर लोकतांत्रिक तरीका अपनाएगा, ताकि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) का पद केवलनिष्पक्ष और ईमानदार व्यक्ति के हाथों में रहे. सूत्रों के अनुसार, विपक्ष इस मामले को और आगे बढ़ाने के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफमहाभियोग प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहा है. विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है. उनकाकहना है कि बिहार में यह संशोधन अभ्यास ‘जनता के वोट छीनने’ की साजिश है. ज्यादातर कामकाज रहा ठपइसे लेकर हर दिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के परिणामस्वरूप, 21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक ज्यादातर कामकाज ठप रहा है. मानसून सत्र में सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को छोड़कर, संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है और महत्वपूर्ण विधायी काम आगे नहीं बढ़पा रहा है.विपक्षी सांसदों का कहना है कि वे सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाए रखेंगे. विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक चाहता है कि संसद में इस परखुली बहस हो और बिहार समेत पूरे देश में मतदाता सूची से छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को रोका जाए. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण के खिलाफ विपक्ष की तरफ से संसद भवन परिसर में जोरदार तरीके से प्रदर्शन किया गया. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने पोस्टर और बैनर केसाथ नारेबाजी भी की.

शशि थरूर ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की है सराहना , लोकसभा चर्चा से विपक्ष रहा अलग जानें क्या कुछ कहा

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवाक को पुष्टि की कि विपक्ष ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सम्मान में लोकसभा में चर्चा में शामिल नहीं होगा. हालांकिथरूर ने ग्रुप कैप्टन शुक्ला की जमकर सराहना की. थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, चूंकि विपक्ष इस विशेष चर्चा में हिस्सा नहीं लेरहा है. मैं कहना चाहता हूं कि कमांडर शुभांशु शुक्ला के आईएसएस के हालिया मिशन पर सभी भारतीयों को गर्व है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत कीमानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वकांक्षाओं के लिए शुक्ला का यह मिशन महत्वपूर्ण है और गगनयान मिशन के लिए एक सही कदम है. थरूर ने कहा, शुक्ला के इस मिशन से इसरो को ऐसी जानकारी और अनुभव मिले हैं, जो प्रयोगशालाओं में नहीं मिलते. जांच करने का मिला अवसरलॉन्चिंग से पहले की प्रक्रियाओं, अंतरिक्षयान प्रणाली और शून्य गुरुत्वाकर्षण (माइक्रोग्रैविटी) में होने वाले मानसिक और शारीरिक प्रभावों पर उनकेप्रत्यक्ष अनुभव गगनयान मिशन की तैयारियों को सुरक्षित सटीक बनाने में बेहद अहम हैं. उन्होंने आगे कहा कि आईएसएस पर शुक्ला के रहने सेभारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को पहली बार अंतरिक्ष से असली माहौल में स्वदेशी प्रणाली और प्रक्रियाओं की जांच करने का अवसर मिला. थरूर ने कहा, अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य और पौधों की वृद्धि से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोग किए गए, जिनसे तकनीकी और वैज्ञानिक प्रमाण हासिल हुएहैं. इन निष्कर्षों का सीधा उपयोग उन्नत जीवन-रक्षा और चिकित्सा प्रणाली के विकास में होगा, जो गगनयान मिशन के लिए आवश्यक हैं. साझेदारी में हासिल हुईकांग्रेस सांसद ने मिशन के कूटनीतिक महत्व की भी सराहना की और कहा कि यह सफलता अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ साझेदारी में हासिल हुई है. उन्होंने कहा, शुक्ला की यह ऐतिहासिक यात्रा अंतरिक्ष कूटनीति में भारत की भूमिका को और मजबूत करता है और यह दिखाता है कि भारत बहुपक्षीयअंतरिक्ष प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने में सक्षम है. इससे भविष्य में साधा अनुसंधान और निवेश के रास्ते खुलते हैं.थरूर ने कहा, शुक्ला की उड़ान भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वाकांक्षाओं का एक शक्तिशाली प्रतीक है। इस मिशन ने देश कीकल्पनाशक्ति को छू लिया है और एक नई पीढ़ी को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित और अंतरिक्ष के क्षेत्र में करियर चुनने के लिए प्रेरित कियाहै। यही प्रेरणा भारत की दीर्घकालिक अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को बनाए रखने के लिए जरूरी है. बहुत शानदार काम किया गया है.

नकली खाद-बीज और कीटनाशकों के खिलाफ शिवराज सिंह चौहान का कड़ा रुख, व्यापक जांच और कार्रवाई के निर्देश

नकली खाद-बीज और कीटनाशकों की बिक्री के मामले में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा रुखअपनाया है। सोमवार को कृषि मंत्री ने इसी संदर्भ में मंत्रालय में बैठक ली. इसमें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. मंत्री चौहान ने नकली खाद-बीज व कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देशदिए. केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा, ‘किसानों की फसलें खराब होने को सभी अधिकारी अत्यंत गंभीरता से अधिकारी लें. ताकि किसानों को नुकसानसे बचाया जा सकें. उन्होंने अफसरों से व्यापक पैमाने पर छापेमारी और खेतों में जाकर जांच करने के निर्देश भी दिए हैं. नकली खाद-बीज औरकीटनाशकों के कारण कोई एक नहीं, बल्कि विभिन्न जिलों में सैकड़ों किसान परेशान हो रहे हैं. कई जगह से ऐसी शिकायतें आती है. किसान बोलतेहैं कि खेत में दवाई डाल रहे हैं पर इसका असर नहीं हो रहा है. फसल हो गई है नष्टमैं तो बहुत चिंतित हूं इन किसानों की पीड़ा को गंभीरता से समझा जाना चाहिए. उन्होंने बैठक में बताया कि मैंने रविवार को खुद किसान के खेत मेंजाकर देखा है. एक दवाई किसान ने डाली, जिसके कारण सोयाबीन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई. कल जब मैंने खेत में देखा तो सैकड़ों किसानवहां मौजूद थे। इन सबने मुझे शिकायतें की परेशानी बताईं. बाजार में ऐसी घटिया या नकली दवाई, खाद-बीज बेचने वालों को बिल्कुल बख्शा नहींजाना चाहिए, इनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं। इस संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए मंत्री ने कहा किनकली खाद, बीज और कीटनाशक किसानों के लिए अभिशाप है. शिवराज सिंह ने कहा कि हम हमारे किसानों को लूटते हुए नहीं देख सकते.मंत्री शिवराज सिंह ने निर्देश दिए कि कृषि विभाग का अमला राज्य सरकारों के साथ किसानों के खेतों में जाकर जांच करें और अभियान चलाकरव्यापक पैमाने पर आकस्मिक छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई करें. निर्माता कर रहे है गड़बड़यांसैंपल लिए जाएं व फेल होने पर कार्रवाई करें। जो कंपनी या निर्माता गड़बड़ियां कर रहे हैं. उनके खिलाफ हम सख्त कार्रवाई करेंगे तो गड़बड़ करनेवाले लोगों में भय पैदा होगा और किसानों को राहत मिलेगी. गड़बड़ी मिलने पर फैक्ट्रियां व दुकानें सील की जाएं. अगर कहीं कुछ गलत हो रहा हो तोकिसानों के हित में कड़ी कार्रवाई करना हमारा धर्म है. अगर कहीं गलत हो रहा है तो नहीं होने दें, यह हमारी ड्यूटी है, जिसका पालन हमें करना है. मंत्रीशिवराज सिंह ने इस संबंध में किसानों की शिकायतों को भी सुनने के साथ उनका पूरा समाधान जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा किप्राप्त शिकायतों की वे स्वयं नियमित समीक्षा करेंगे। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकारों के साथ बात करके किसानों के मामले में पूरी संवेदना के साथप्रभावी कार्रवाई करने को कहा वहीं इस संबंध में किसानों के बीच जागरूकता का प्रसार भी व्यापक रूप से करने के दिशा-निर्देश दिए, ताकि किसानपरेशान होने से बच सकें. विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान भी किसानों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाएं, ताकि किसान नुकसान और परेशानीसे बच सकें.