"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला मदरसा बोर्ड समाप्त, अब सभी अल्पसंख्यकों को मिलेगा शैक्षिक संस्थान का अधिकार

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़े क्रांतिकारी बदलाव करने का फैसला किया है. कैबिनेट की एक विशेष बैठक में धामीसरकार ने कांग्रेस के सरकार के दौरान बनाए गए मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम को समाप्त करने का बड़ा फैसला लिया है. इसके स्थान पर उत्तराखंडअल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक, 2025 को विधानसभा से पास कर कानून बनाया जाएगा. इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि अब तककेवल मुस्लिम समुदाय के मदरसों को मिल रहे अल्पसंख्यक संस्थान होने का लाभ सिख, जैन सहित अन्य धर्मों से जुड़े शिक्षण संस्थानों को मिलेगा. मंगलवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2016 और उत्तराखंड गैर-सरकारी अरबी और फारसी मदरसामान्यता नियम, 2019 को 1 जुलाई, 2026 से निरस्त कर दिया जाएगा. इसके बाद राज्य सरकार से अल्पसंख्यक संस्थान होने का लाभ लेने के लिएसभी संस्थानों को एक बोर्ड से अनुमति लेनी होगी और उन्हें उसके पास रजिस्टर कराना होगा. विधेयक लागू होने पर मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यकशैक्षिक संस्थानों में गुरुमुखी और पाली भाषा का अध्ययन भी संभव होगा. गैरसैंण में होगा आयोजितइससे इन भाषाओं के विकास का रास्ता तैयार होगा. उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र 19 अगस्त से 22 अगस्त तक गैरसैंण में आयोजित कियाजाएगा. राज्य सरकार ने सत्र के लिए पूरी तरह तैयार रहने का दावा किया है लेकिन जिस तरह सरकार ने इस सत्र में मदरसा बोर्ड एक्ट को समाप्त करउसके स्थान पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक, 2025 लाने का प्रस्ताव किया है, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकरावदेखने को मिल सकता है. जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित नए अधिनियम के अनुसार एक प्राधिकरण (उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण) का गठन किया जाएगा जो अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा प्रदान करेगा। मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी समुदाय द्वारा स्थापितकिसी भी शैक्षिक संस्थान को अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा पाने हेतु प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा. अधिनियमअल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की स्थापना एवं संचालन में हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता बनीरहे. गुणवत्ता और उत्कृष्टता करनी है सुनिश्चितमान्यता प्राप्त करने हेतु शैक्षिक संस्थान का सोसाइटी एक्ट, ट्रस्ट एक्ट या कंपनी एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण होना आवश्यक है. भूमि, बैंक खाते एवंअन्य संपत्तियां संस्थान के नाम पर होनी चाहिए. प्राधिकरण यह भी सुनिश्चित करेगा कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों केअनुसार सभी संस्थाओं में शिक्षा दी जाए और विद्यार्थियों का मूल्यांकन निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो. वित्तीय गड़बड़ी, पारदर्शिता की कमी या धार्मिक एवंसामाजिक सद्भावना के विरुद्ध गतिविधियों की स्थिति में मान्यता वापस ली जा सकती है.प्रसिद्ध समाजसेवी मनु गौर ने अमर उजाला से कहा कि इसे पुष्कर सिंह धामी सरकार का ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंडमें अभी तक अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था. लेकिन प्रस्तावित विधेयक के अंतर्गत अब अन्यअल्पसंख्यक समुदायों जैसे– सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी को भी यह सुविधा मिलेगी. यह देश का पहला ऐसा अधिनियम होगा जिसका उद्देश्यराज्य में अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा स्थापित शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करने हेतु पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करना है, साथ ही शिक्षा मेंगुणवत्ता और उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है.

गोविंदा उत्सव में फडणवीस ने फोड़ी ‘परिवर्तन की दही हांडी’, शिवसेना (UBT) पर कसा जमकर तंज “जानें क्या कुछ कहा”

महाराष्ट्र में शनिवार को गोविंदा की धूम रही. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दक्षिण मुंबई के वरली स्थित जांबोरी मैदान में आयोजित गोविंदा उत्सवमें परिवर्तन की दही हांडी फोड़ी. इस दौरान उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) पर परोक्ष रूप से निशाना भी साधा. फडणवीस ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में इस बार बदलाव तय है, क्योंकि भाजपा नीत महायुति ने नगर निकाय को लूटने वालों के पाप का घड़ा फोड़ दिया है औरविकास की हांडी शुरू की है. बता दें कि अविभाजित शिवसेना 1997 से 2022 तक लगातार 25 वर्षों तक बीएमसी में सत्तारूढ़ रही. मुख्यमंत्री नेकहा कि कृष्ण जन्माष्टमी पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जा रही है. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के उपलक्ष्य में पूरे महाराष्ट्र में दहीहांडी उत्सव मनाया जाता है. गोविंदाओं का बढाया हौसलादही हांडी फोड़ने वालों को गोविंदा कहा जाता है. वहीं जलगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर खास अंदाज में दही-हांडी उत्सव काआयोजन किया गया. सागर पार्क मैदान में आयोजित इस दही-हांडी कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिएआयोजित किया गया था. जिले भर से कुल 11 महिला गोविंदा पथकों ने इसमें हिस्सा लिया और पारंपरिक उल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव काजश्न मनाया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और महिला गोविंदाओं का हौसला बढ़ाया. भारत में उत्साह का माहौलबता दें कि जहां एक तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे भारत में उत्साह का माहौल है. दूसरी ओर मुंबई के मानखुर्द में दही हांडी बांधते समयगिरने से दो गोविंदा की मौत हो गई. वहीं, 30 गोविंदाओं के घायल हो गए। इनमें से 15 को अस्पताल से प्राथमिकी उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई. मृतक की पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई। हादसे के बाद चौधरी को तुरंत शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहांचिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के जांबोरी मैदान में आयोजित गोविंदा उत्सव में परिवर्तन कीदही हांडी फोड़ी. इस दौरान उन्होंने शिवसेना यूबीटी की ओर इशारा करते हुए जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव में में इस बारबदलाव तय है, क्योंकि भाजपा नीत महायुति ने नगर निकाय को लूटने वालों के पाप का घड़ा फोड़ दिया है.

बिहार में वोटर लिस्ट से जिंदा लोगों को मृत बताकर जा रहा है हटाया, कांग्रेस का चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने रविवार को सासाराम में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण के दौरान आयोग ने बड़ी संख्या में जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर सूची से बाहर कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग नेनाम हटाने का जो तरीका अपनाया है, उसमें यह साफ हो गया है कि कई जिंदा लोगों को भी मृत मानकर सूची से बाहर कर दिया गया है. ‘मतदाताअधिकार यात्रा’ में शामिल हुए राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि यह आवाज बिहार के मतदाताओं की है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोगअब ‘अंपायर’ कम और ‘खिलाड़ी’ ज्यादा नजर आ रहा है. झा ने कहा कि जो शुरुआत बिहार से हुई है, वही आगे अन्य राज्यों में भी होगी. वहीं, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि को ‘दावा और आपत्ति’ की अवधि के दौरानही उठाना चाहिए था. आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के साथ साझा की जाती है. ताकि समय रहते किसीभी गड़बड़ी को ठीक किया जा सके. लोकसभा के चुनाव जा रहे चुराएराहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव जीतने के चार महीने बाद बीजेपी महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव जीत जाती है. जबकि ओपिनियनपोल हमारे पक्ष में था हालांकि जब हमने इसकी गहराई से पड़ताल की तो पता चला कि विधानसभा चुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में लाखोंवोटर जोड़े गए, जिसकी बदौलत भाजपा चुनाव जीत गई. अब यही कारनामा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एसआइआर के जरिए बिहार में कियाजा रहा है. उन्होंने पूछा कि आखिर भाजपा हर चुनाव कैसे जीत जाती है?उन्होंने कहा कि एसआइआर के माध्यम से जो वोट चोरी की जा रही है, उसे हम पूरे बिहार की जनता को दिखाएंगे.राहुल गांधी ने कहा कि यहसंविधान और मताधिकार को बचाने की लड़ाई है. हम गरीबों के वोट की चोरी नहीं होने देंगे. मतदाता अधिकार यात्रा’ कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद राहुलगांधी ने कहा कि मैं इस मंच से आपको बता रहा हूं कि पूरे देश में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव चुराए जा रहे हैं. बिहार के चुनाव भी है चुरानेबीजेपी की ताजा साजिश बिहार में SIR कराने और बिहार के चुनाव भी चुराने की है. हम सब इस मंच पर आपको यह बताने आए हैं कि हम उन्हें यहचुनाव नहीं चुराने देंगे. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पूरा देश जानता है कि चुनाव आयोग क्या कर रहा है। पहले देश को पता नहीं था कि वोटकैसे चुराए जा रहे हैं लेकिन हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि वोट कैसे चोरी किए जा रहे हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसदराहुल गांधी ने कार्यक्रम में कहा कि मुझे पता है कि पीएम मोदी सही मायने में जातिगत जनगणना नहीं करवाने जा रहे हैं, लेकिन इंडिया ब्लॉक देश मेंसही मायने में जातिगत जनगणना सुनिश्चित करेगा. हम वोट चोरी को खत्म करेंगे और SIR की सच्चाई को उजागर करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा किलालू जी, डॉक्टर की सलाह के बावजूद यहां आने के लिए आपका तहे दिल से शुक्रिया.

लोकदल ने ‘वोट अधिकार यात्रा’ को दिया समर्थन, कहा वोटर लिस्ट की गड़बड़ी लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा

लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन के अंतर्गत लोकदल ने अपना प्रभाव पूरे दमख़म से दिखाया है. उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब बिहार कीज़मीन पर वोट अधिकार की लड़ाई में भी लोकदल मज़बूती से खड़ा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा को लोकदल ने अपना पूरासमर्थन दिया है. बिहार की धरती पर लोकदल के अनेक वरिष्ठ नेता इस लड़ाई में शामिल होंगे और जनता की आवाज़ को बुलंद करेंगे.लोकदल का मानना है कि वोट का अधिकार ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त है और इसी ताक़त को बचाने व मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी अब हरराजनीतिक दल की है. इस ऐतिहासिक संघर्ष में लोकदल राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा. लोकतंत्र की असलीताक़त जनता के वोट में छिपी होती है। जब तक मतदाता का अधिकार सुरक्षित और सम्मानित नहीं होगा. तब तक देश का लोकतंत्र मज़बूत नहीं होसकता. मतदान के अधिकार से न हो वंचितइसी सोच के साथ इंडिया गठबंधन की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी, लोकदल, ने वोटर अधिकार आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देने का निर्णय लिया है. लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, फर्जी नाम और असली मतदाताओं को वंचित करने कीसाजिश है।चुनाव आयोग का दायित्व है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे, लेकिन उसकी कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. लोकदल का संकल्प है कि हर नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो और कोई भी भारतीय नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित नहो. मताधिकार के लिए रहे सजगलोकदल जनता से अपील करता है कि वे अपने मताधिकार के लिए सजग रहें, क्योंकि यही लोकतंत्र की असली ताक़त है. लोकदल का मानना है किवोट का अधिकार ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बचाना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है. पार्टी के अध्यक्ष सुनील सिंह ने चुनावआयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी, फर्जी नाम जोड़ने और असली मतदाताओं को वंचित करने की साजिशचल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे. लेकिन उसकी कार्यशैली परलगातार सवाल उठ रहे हैं.

AAP का आरोप PM मोदी की रैली में भीड़ जुटाने को सरकारी कर्मचारियों पर हो रहा ज़बरदस्ती का इस्तेमाल, दिल्ली में लोकतंत्र नहीं तानाशाही बोले सौरभ भारद्वाज

रैली में भीड़ बढ़ाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को डंडे के ज़ोर पर रैली में ले जाया जा रहा सौरभपार्टी मुख्यालय में हुई एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि आज दिल्ली मेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की एक रैली है और चूंकि 27 साल बाद दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तो भाजपा ने एक भव्य रैली काआयोजन करने का प्लान तैयार किया. लगभग 1 लाख लोग रैली में जुटाने का लक्ष्य रखा गया. उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने में भारतीय जनतापार्टी ने दिल्ली की जनता के साथ जो व्यवहार किया, दिल्ली की जनता की जो हालत बना दी है उससे दिल्ली की जनता इतनी नाराज है. कि लोगप्रधानमंत्री की रैली में नहीं जाना चाहते। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यही कारण है, कि भारतीय जनता पार्टी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भीड़जुटाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को डंडे के जोर पर रैली में ले जाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि यह बड़े ही शर्म की बात है कि भारतीय जनता पार्टीप्रधानमंत्री की रैली में भीड़ जुटाने के लिए नगर निगम के कर्मचारी, मलेरिया विभाग के कर्मचारी, लाइसेंस विभाग के कर्मचारी और नगर निगम स्कूल केअध्यापकों को जबरदस्ती डंडे के जोर पर रैली में ले जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा की इस प्रकार की हरकतों को देखते हुए किसी भी सामान्यव्यक्ति के मन में यह प्रश्न उठाना लाजमी है, कि आखिर 6 महीने में दिल्ली में ऐसा क्या हुआ कि लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की रैली में जाने कोतैयार नहीं है. राज में एक तानाशाहीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि कल जन्माष्टमी थी. हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के दिन लोग व्रत रखते हैं और रात को 12:00 बजे के बाद मंदिर जाकर दर्शनकरते हैं प्रसाद लेते हैं, घर आते हैं. इन सब क्रियाओं में लोगों को सोने में लगभग 2:00 बज जाते हैं. जन्माष्टमी के अगले रोज बहुत बड़ी संख्या मेंलोग नवमी की पूजा करते हैं। यह बड़े ही शर्म की बात है. कि जिन कर्मचारियों ने कल दिन में अपना काम किया, रात में वह सभी लोग पूजा पाठ औरमंदिरों के लिए देर रात तक व्यस्त रहे, आज छुट्टी वाले दिन जब कुछ लोगों को नवमी की पूजा करनी थी, अपने घरों में आराम करना था, उन्हें भाजपाकी नगर निगम की ओर से आदेश जारी किया जाता है, कि कल सुबह 7:00 बजे निम्न स्थान पर पहुंचे आप सब की हाजिरी ली जाएगी. सौरभभारद्वाज ने कहा कि कल छुट्टी के दिन सभी जोन में डिप्टी कमिश्नर अपने अपने जोन के कार्यालय में बैठे हुए थे और अलग-अलग विभाग के कर्मचारीके लिए आदेश जारी किए जा रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी जी की रैली में भीड़ जुटाना के लिए काम चल रहा था. इस संबंध में सौरभ भारद्वाज ने नगरनिगम के शिक्षा विभाग के सेंट्रल जोन के लिए डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी किया गया एक आदेश पत्रकारों के समक्ष रखते हुए बताया कि इस आदेशमें साफ तौर पर लिखा है, कि नगर निगम के अध्यापकों को सुबह 7:00 बजे बताए गए स्थान पर पहुंचना है और 7:30 बजे वहां से बस प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की रैली के लिए रवाना होगी. साथ ही धमकी दी गई है कि इस रैली में डिप्टी कमिश्नर के आदेश अनुसार चुने गए सभी अध्यापकों कोआना अनिवार्य है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा के राज में एक तानाशाही चल रही है. रैली में जाने को तैयार नहींसौरभ भारद्वाज ने कहा कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि दिल्ली के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की रैली में नहीं जाना चाहते? उन्होंने कहा ऐसाइसलिए है क्योंकि दिल्ली की जनता भाजपा के साथ नहीं है. भाजपा ने दिल्ली में जो चुनाव जीता वह छल से जीता. लोगों के वोट काटे गए, फर्जीवोट बनवाए गए, पैसा बांटा गया, सत्ता का दुरुपयोग किया गया और इस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली की सत्ता हथियाई। उन्होंने कहा किधोखे से सत्ता हथियाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली की जनता के साथ जो किया, सत्ता में आते ही प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ा दी गईजिससे मध्यम वर्ग आज भाजपा से नाराज है. झुग्गी बस्तियों पर, लोगों के रोजगारों पर बुलडोजर चलाकर लाखों लोगों को बेघर कर दिया गया उनकीरोजी रोटी छीन ली गई, जिससे गरीब वर्ग आज भाजपा से नाराज है. पिछले कुछ दिनों में हुई बरसात के कारण अलग-अलग जगह पर भाजपा कीलापरवाही से 30 लोगों की मृत्यु हो गई. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज स्थिति यह है के लोग आवारा कुत्तों की सुरक्षा के लिए तो इकट्ठा होने कोतैयार हैं, परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में जाने को तैयार नहीं है.

PM मोदी की रैली में जबरन भीड़ AAP ने लगाए MCD कर्मचारियों को मजबूर करने के आरोप, भाजपा ने कर्मचारियों पर दिखाई सख्ती

आम आदमी पार्टी ने रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में एमसीडी कर्मचारियों को जबरदस्ती भेजने पर भाजपा पर तीखा हमला बोला‘‘आप’’ केवरिष्ठ नेता व विधायक संजीव झा ने कहा कि मोदी जी की रैली में दिल्ली के लोग नहीं गए तो भाजपा ने एमसीडी के कर्मचारियों को जबरदस्ती भेजा. एमसीडी कर्मचारियों को पीएम की रैली में जाने का लिखित और मौखित आदेश जारी करना बताता है कि दिल्लीवाले भाजपा से खुश नहीं है. अरविंदकेजरीवाल ने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए शिक्षकों को विदेश भेजकर ट्रेनिंग दिलवाई और भाजपा रैलियों में भेजकर उनसे ताली बजवा रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार जनता के वोट से नहीं बनी है, बल्कि वोट चोरी से बनी है. इसलिए दिल्लीवाले बहुत नाराज व गुस्से में हैं। भाजपा महिलाओं को 2500 रुपए व बस मार्शलों को नौकरी दे देती और झुग्गियां नहीं तोड़ती, तो खुशी से लोग रैली में जाते. रविवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर विधायक संजीव झा ने कहा कि शनिवार को जन्माष्टमी के दिन दिल्ली सरकार और एमसीडी के सभीकर्मचारियों को आदेश आया कि प्रधानमंत्री की रैली में सबको शामिल होना है. कुछ विभागों को लिखित, तो कुछ को मौखिक आदेश दिया गया।यह आदेश दर्शाता है कि दिल्ली की जनता भाजपा से बहुत नाराज है. लोग भाजपा की सरकार से इतने नाराज हैं कि प्रधानमंत्री की रैली में जाना नहींचाहते. रैली में बुलाने का आदेश जारीइसलिए सरकारी कर्मचारियों व सफाई कर्मचारियों को इस रैली में बुलाने का आदेश जारी हुआ. यह आदेश नहीं, बल्कि धमकी दी गई है कि अगररैली में नहीं आए, तो सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. संजीव झा ने बताया कि मेरे पास एक शिक्षक का फोन आया. टीचर ने मुझसे कहा कि यह आदेशप्रधानमंत्री की रैली में जाने का है. एक तरफ प्रधानमंत्री ने न्यू पेंशन स्कीम लाकर मेरी पूरी जिंदगी की सुरक्षा छीन ली। दूसरी तरफ ये कह रहे हैं कि मेरी रैली में आओ. हम एक तरफ ओल्ड पेंशन स्कीम की लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे नरेंद्र मोदी जी मानने को तैयार नहीं हैं और हमें कहा जा रहा है कि रैली में आकर रोड शो के दौरान सड़क किनारे खड़े होकर ताली बजाओ. उन्होंने कहा कि छह महीने की भाजपा सरकार में दिल्ली के लोगत्राहि-त्राहि कर रहे हैं. लोग आपस में बात कर रहे हैं। सबको लगता है कि मैंने तो वोट नहीं किया. लोग एक-दूसरे को कोस रहे हैं कि तुमने वोट किया, तभी ये जीत गए। यह बिल्कुल साफ है कि दिल्ली में सरकार लोगों के वोट से नहीं, वोटों की चोरी से बनी है। इसलिए अब लोग नाराज और गुस्से मेंहैं. 8 मार्च को आएंगे पैसेसंजीव झा ने कहा कि प्रधानमंत्री दिल्ली आए और बड़े-बड़े वादे किए। प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर भाजपा की सरकार बनी, तो हर महिला को2500 रुपये मिलेंगे. कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में यह तय हो जाएगा और 8 मार्च को पैसे आ जाएंगे. अगर प्रधानमंत्री ने 2500 रुपये का वादापूरा किया होता. तो महिलाएं खुद बसें भरकर जातीं और कहतीं कि धन्यवाद मोदी जी, आपने वादा पूरा किया। फिर प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक भीझुग्गी नहीं टूटेगी जहां झुग्गी, वहीं, मकान देंगे। अगर झुग्गियां नहीं टूटी होतीं, सबको मकान मिल गया होता. तो झुग्गीवाले बसें भरकर जाते औरतालियां भी बजाते संजीव झा ने कहा कि दिल्ली के सिविल डिफेंस को आम आदमी पार्टी की सरकार ने नौकरी दी थी और भाजपा के एलजी नेउनकी नौकरी छीन ली। भाजपा ने कहा कि सरकार बनने के 60 दिन में नौकरी मिल जाएगी. करीब 20 से 25 हजार सिविल डिफेंस स्वयंसेवक हैं।अगर उन्हें नौकरी दे दी होती, तो वे बसें भरकर जाते. मोहल्ला क्लीनिक में भी भाजपा सरकार ने डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, ब्लड टेक्नीशियन कीनौकरियां छीन लीं. अगर उनकी नौकरियां बहाल की होतीं, नौकरी से न निकाला होता, तो वे कहते कि धन्यवाद मोदी जी, मेरी नौकरी बहाल हो गई. प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि हर होली में मुफ्त और आम दिनों में 500 रुपये का सिलेंडर मिलेगा. अगर दिल्ली सरकार ने यह दे दिया होता, तो लोगखुद बसें भरकर जाते. लोगों ने कियासंजीव झा ने कहा कि आज दिल्ली के लोग नाराज हैं और भाजपा से नफरत कर रहे हैं। यही कारण है कि प्रधानमंत्री की रैली में लोगों ने जाने से साफइंकार कर दिया है. जब लोगों ने इंकार कर दिया, तो छुट्टी के दिन (रविवार) को इन कर्मचारियों को बसों में भरकर जबरदस्ती रैली में ले जाया जा रहाहै. जन्माष्टमी के दिन महिलाएं व्रत में थीं। आज कई महिला सफाई कर्मचारी कह रही थी कि हमने सुबह 3-4 बजे व्रत खोला और सुबह 7 बजेआदेश है कि सबको अपने ठिकाने पर जाना है. फिर वहां तय होगा कि किसे कहां खड़ा होना है. संजीव झा ने सवाल किया कि ये कैसा आदेश है? यह किस तरह का अहंकार है? एक तरफ अरविंद केजरीवाल की सरकार ने शिक्षकों को विदेश भेजकर ट्रेनिंग दी थी, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले. दूसरी तरफ भाजपा की सरकार कह रही है कि रैली में जाओ और ताली बजाओ. जो शिक्षक बच्चों को भविष्य देनेका काम कर रहे हैं उनको ये लोग लाइन में खड़ा करके ताली बजवा रहे हैं?