विजन डॉक्यूमेंट पर 24 घंटे की ऐतिहासिक चर्चा CM योगी ने कहा, ‘विचार अलग हो सकते हैं पर विकास के लिए सभी है साथ

यूपी विधानसभा में बीते 24 घंटे से हो रही विजन डॉक्यूमेंट पर हो रही चर्चा पर सीएम योगी ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि बीते 24 घंटे में 187 वक्ताओं ने इस पर अपने विचार रखे हैं. मैं सभी पक्ष और विपक्ष के नेताओं को धन्यवाद देता हूं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के प्रारंभमें सदन के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया. बीते 24 घंटे में चर्चा में 187 सदस्यों ने भाग लिया. यह जरूरी है कि सदस्य इसमें भाग लें और इसमें रुचिलें. इस चर्चा ने 24 घंटे में साबित किया है कि भले ही हमारी विचारधारा अलग हो पर प्रदेश के विकास के लिए हम सभी साथ हैं। ये इस चर्चा सेसंदेश निकला है.संकल्प पूरा करने का किया संचालनमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में पहली इनवेस्ट समिट का उद्धाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश की सबसे बड़ी आबादी वालाप्रदेश अब पूरे देश की उम्मीदों का केंद्र बन चुका है. कल स्वतंत्रता दिवस के 78 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने संकल्प लिया है कि 2047 तक भारत को एक विकसित राज्य बनना है. हम सभी जानते हैं कि ऐसा तभी हो सकता है जब सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं. बीते 24 घंटे में सदन मेंहुई चर्चा विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में एक योगदान है. इस चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोगों ने रुचि ली और कई सदस्यों ने तोरात भर जग कर सदन का संचालन किया. देश में खुशहाली हो तरक्की हो और इसमें प्रदेश का हर नागरिक इसका हिस्सा हो ये हमारा उद्देश्य है. उन्होंनेकहा कि 1947 से 2047 तक इन 100 वर्षों में देश ने कितनी लंबी यात्रा की इसका मूल्यांकन करने का ये सही समय है. इस मौके पर सीएम योगीने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसते हुए कहा कि वो जब अपनी विवेक से बोलते हैं तो अच्छा बोलते हैं. लोग है कूप मंडूकउन्होंने एक शेर के माध्यम से तंज कसाउन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग कूप मंडूक हैं. अब वो पीडीए की बात करते हैं जिसका मतलबहै कि परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी. पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है और ये लोग परिवार डेवलेपमेंट अथॉरिटी की तरह काम कर रहे हैं. सीएम योगी ने कहाकि बीते आठ वर्षों में पीडीए समाज से आने वाले लोगों को मजबूत करने का काम इस सरकार ने किया है. सपा सिर्फ नारे तक ही सीमित है. पहले केत्योहारों में चीन का सामान दुकानों में भर जाता था अब यूपी के कामगारों द्वारा बनाए गए कारीगरों का सामान बाजार में दिखता है इससे उनके जीवनमें बदलाव आया है. आप जब सैफई महोत्सव करते थे तो विदेशी बग्घी मंगाते थे ये वह लोग हैं तो खुद को समाजवादी कहते थे.
अमेरिकी टैरिफ का भारत पर नहीं पड़ेगा असर S&P ने कहा विकास दर रहेगी स्थिर, रेटिंग होगा पॉजिटिव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है इसे लेकर बाजार और दुनियाभर में बड़ी हलचल है कई देश और आर्थिकविशेषज्ञ टैरिफ को भारत के लिए खतरा बता रहे हैं. लेकिन इसका भारत के आर्थिक विकास पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. अमेरिकी कंपनी एसएंडपीग्लोबल रेटिंग्स ने यह दावा किया है. कंपनी ने कहा है कि टैरिफ के बाद भी भारत की सॉवरेन रेटिंग का पूर्वानुमान पॉजिटिव रहेगा. कंपनी के दावे सेसाफ है कि ट्रंप की भारत पर दबाव बनाने की रणनीति पर पानी फिरने वाला है.एशिया प्रशांत रेटिंग को लेकर हुए वेबिनार में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग के निदेशक यीफार्न फुआ ने कहा कि भारत व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था नहींहै. साथ ही जीडीपी के मुकाबले निर्यात में अमेरिका के प्रति भारत का जोखिम केवल दो फीसदी है. व्यवसाय भी कर रही है स्थापितउन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स समेत अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले प्रमुख क्षेत्रों को टैरिफ से छूट मिली है. इसलिए हमें नहीं लगता कि टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ेगा. इसलिए भारत के प्रति सकारात्मक नजरिया रखा जानाचाहिए. भारत में निवेश पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर एसएंडपी निदेशक ने कहा कि पिछले कुछ साल से व्यवसायों के लिए चीन प्लस वन रणनीतिकाम कर रही है. कंपनियां घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत में व्यवसाय स्थापित कर रही हैं. कई व्यवसाय वहां इसलिए नहीं जा रहे हैं कि वेसिर्फ अमेरिका को निर्यात करना चाहते हैं. उनमें से कई वहां विशाल घरेलू बाजार के कारण भी जा रहे हैं. भारत में करना चाहते है अधिक निवेशउभरता हुआ मध्यम वर्ग बड़ा हो रहा है इसलिए जो लोग भारत में अधिक निवेश करना चाहते हैं और निर्यात करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह जरूरीनहीं कि अमेरिकी बाजार ही हो. एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने पिछले साल मजबूत आर्थिक विकास का हवाला देते हुए भारत की सॉवरेन रेटिंग बीबीबीनिगेटिव को बढ़ाकर सकारात्मक कर दिया था. एसएंडपी के अनुमानों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत पर स्थिररहेगी, जो पिछले वित्त वर्ष के प्रदर्शन के बराबर है. एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग के निदेशक यीफार्न फुआ ने कहा कि भारत व्यापार आधारित अर्थव्यवस्थानहीं है. साथ ही जीडीपी के मुकाबले निर्यात में अमेरिका के प्रति भारत का जोखिम केवल दो फीसदी है. इससे अमेरिकी टैरिफ भारत को प्रभावित नहींकर पाएगा.
चुनाव आयोग पर तेजस्वी का वार सांसद वीणा देवी के दो वोटर ID, दो क्षेत्र और दो जन्मतिथि का आरोप जानें क्या है पूरा मामला

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद से लगातार चुनाव आयोग और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर हमला बोल रहे हैं. उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और भाजपा नेत्री के दो-दो EPIC नंबर होने के बाद अब उन्होंने चिराग पासवान की पार्टी की सांसद पर बड़ा खुलासा कियाहै. कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी से वैशाली की सांसद वीणा देवी के पास दो अलग अलग EPIC नंबर – 𝐔𝐓𝐎𝟏𝟏𝟑𝟒𝟓𝟒𝟑 और EPIC नंबर- 𝐆𝐒𝐁𝟏𝟎𝟑𝟕𝟖𝟗𝟒 है. इनके दो अलग-अलग जिलों के दो अलग-अलग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में दो अलग-अलग वोट है. अलग-अलग किए होगें साइनतेजस्वी यादव ने बताया कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की तरह ही इनके दो अलग अलग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में दो अलग-अलग वोट है. इतनाही नहीं दो अलग-अलग EPIC नंबर कार्ड में इनकी दो अलग-अलग उम्र है. उन्होंने आरोप लगाया कि वीणा देवी ने भी SIR में दो अलग अलगगणना फॉर्म भरे. मतदाता सूची पुनरीक्षण में इन्होंने दो अलग अलग फॉर्म पर दो अलग अलग साइन किए होंगे. इन दो अलग-अलग फॉर्म पर चुनावआयोग ने साइन किए कि सांसद वीणा देवी ने ख़ुद हस्ताक्षर किया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित नई ड्राफ्ट सूची में दोअलग अलग EPIC नंबर के साथ, दो अलग-अलग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, दो अलग-अलग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र,दो अलग-अलग उम्र के साथइनके दो अलग अलग वोट कैसे बन गए? सांसद को भेजा जाएगा नोटिसक्या यह चुनाव आयोग द्वारा 𝐁𝐉𝐏-𝐍𝐃𝐀 को जिताने के लिए की गई धांधली, फर्जीवाड़ा और मिलीभगत नहीं है? क्या यह भारतीय जनता पार्टी का“𝐓𝐑𝐎𝐋𝐋 आयोग” बन चुका है? क्या चुनाव आयोग इनका फैक्ट चेक कर इन्हें दो जगह से दो अलग-अलग नोटिस देगा? बिहार में SIR परसियासी घमासान जारी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार नए खुलासे कर रहे हैं। अब उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद परदो-दो वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप लगाया है. तेजस्वी ने चुनाव आयोग से सवाल भी पूछा कि सांसद को नोटिस भेजा जाएगा?
भारतीय हॉकी के दिग्गज और लिएंडर पेस के पिता वेस पेस का 80 वर्ष की उम्र में निधन, भारतीय खेलों को दी अमूल्य विरासत

1972 में म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य और टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के पिता वेस पेस का 80 वर्षकी आयु में निधन हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेस पेस पार्किंसन रोग से पीड़ित थे, उन्हें मंगलवार सुबह शहर के एक अस्पताल में भर्तीकराया गया था.वेस पेस का भारतीय खेलों के साथ लंबा जुड़ाव रहा है. उनकी देखरेख में कई खिलाड़ियों को अलग-अलग खेलों में डेब्यू का मौका मिला. वेस नेभारतीय खेलों के लिए काफी कुछ किया। वह भारतीय हॉकी टीम में मिडफील्डर की पोजिशन पर खेलते थे. इसके अलावा उन्होंने फुटबॉल, क्रिकेटऔर रग्बी जैसे कई खेलों में भी हाथ आजमाए. वेस पेस 1996 से 2002 तक भारतीय रग्बी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया. बेटे की तारीफखेल चिकित्सा के चिकित्सक के रूप में उन्होंने एशियाई क्रिकेट परिषद, भारतीय क्रिकेट बोर्ड और भारतीय डेविस कप टीम सहित कई खेल निकायों केसाथ चिकित्सा सलाहकार के रूप में काम किया. 1972 में वेस पेस के ओलंपिक पदक जीतने के 24 साल बाद लिएंडर ने अटलांटा ओलंपिक1996 में भारतीय टेनिस को उसका पहला और एकमात्र पदक दिलाया था. लिएंडर ने पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता था. यह 1952 के बाद भारतका ओलंपिक इंडिविजुअल स्पोर्ट्स में पहला पदक था. 1952 में केडी जाधव ने ऐसा किया था। वेस अक्सर अपने बेटे की तारीफ किया करते थे. वेसने लिएंडर की कामयाबी को लेकर कहा था ‘पहली बात तो लिएंडर एक ऐसे माहौल में पले बढ़े हैं, जिसने खेल संस्कृति को प्रोत्साहित किया है. साथही लिएंडर के पास अंतर्निहित प्रतिभा है. खेलों में मिला लंबा जुड़ाववेस ने बताया था’लिएंडर टेनिस कोर्ट पर काफी तेज हैं और मुझे यह भी लगता है कि वह जिद्दी भी हैं. लिएंडर हफ्ते में छह दिन, रोजाना तीन घंटे ट्रेनिंगकरते थे. अगर आप चैंपियन बनना चाहते हैं तो आपको इसे जारी रखना होगा. वहीं, लिएंडर पेस का मानना है कि ‘कभी हार न मानने’ का रवैया उनकेपरिवार में है लिएंडर ने कहा था, ‘यह सब विरासत में मिलता है लिएंडर पेस, जो स्वयं एक पिता हैं, का मानना है कि उनकी बेटी अयाना में भी ये गुणहैं. लिएंडर पेस ने कहा, ‘आपको मेरी बेटी पर गौर करना चाहिए। वह मेरे पिता से बहुत मिलती-जुलती है. वेस पेस का भारतीय खेलों के साथ लंबाजुड़ाव रहा है. उनकी देखरेख में कई खिलाड़ियों को अलग-अलग खेलों में डेब्यू का मौका मिला. वेस ने भारतीय खेलों के लिए काफी कुछ किया.
UP विधानसभा में 24 घंटे चली मैराथन बहस सरकार का विजन 2047, विपक्ष की टिप्पणी और मंत्रीगण के तीखे वार

विजन डॉक्यूमेंट में चर्चा के तहत बुधवार 11 बजे शुरू हुई विधानसभा की कार्यवाही पूरी रात चलती रही. यह कार्यवाही आज सुबह 11 बजे तकचलेगी. रात भर बारी-बारी संबंधित विभाग के मंत्री बोलते रहे. विपक्षी नेताओं ने भी अपनी बात रखी. सदन में रात में कई बार सत्ता और विपक्ष केनेताओं के बीच वाद-प्रतिवाद की भी स्थिति बनी. मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद ने सपा, बसपा और कांग्रेस कर निशाना साधा और कहा किहमारे आने से पहले ही कांग्रेस और बसपा साफ हो गए थे. अब बची खुची सपा भी सदन से साफ हो जाएगी. अपने विभाग का विजन 2047 हुए कहाकि मत्स्य पालकों को डिजिटल और एआई से लैस करना, आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना ही लक्ष्य है. बेहद है दुर्भाग्यपूर्णइसके लिए 28 प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिसे अध्यक्ष को सौंप दिया. उन्होंने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों ने 1000 वर्ष लूटा, तब हम उनसे 20 और30 गुना अमीर थे लेकिन 70 साल में कांग्रेस ने इतना लूटा कि आज हमारा पैसा उनसे पीछे हो गया. इसके बावजूद आज भारत की अर्थव्यवस्थाब्रिटेन से आगे है, जो हमारे लिए गर्व का विषय है. मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के 2047 के विजन मेंहिस्सा लेना तो दूर, सुनने के लिए भी विपक्ष नहीं है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. अखिलेश यादव ने की टिप्पणीविजन को लेकर कहा कि होमगार्ड में महिला शक्ति बढ़ाने के साथ पुलिस की साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का लक्ष्य है. उन्हें इंसास राइफल के साथसामाजिक सुरक्षा देने का भी लक्ष्य है आज 49 जिलों में होमगार्ड सुरक्षा सेल के गठन का ऐतिहासिक काम हुआ है। कहा कि अगर 14 और 17 मेंबीजेपी सरकार न आती तो युवा पीढ़ी भगवान राम और कृष्ण की जन्मभूमि भूलती जा रही थी. कहा कि पहले सरकार में केवल पांच वीआईपी जिलोंमें बिजली मिलती थी, आज सभी 75 जिले में बिजली मिल रही है आज मूलभूत सुविधाओं की वजह से लोग शहर से गांव की ओर जा रहे हैं. कहाकि आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से दिल्ली का सफर दस घंटे से घटकर छह घंटे रह गया है. यूपी विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट के तहत पूरी रात सदनकी कार्यवाही चलती रही. इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने टिप्पणी भी की.
हिमाचल में खुल सकते हैं विशेष विज्ञान, कला और खेल कॉलेज CM सुक्खू ने दिए संभावनाएं तलाशने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में विज्ञान, कला और खेल के विशेष कॉलेजखोलने की संभावनाओं की जांच करें. शिक्षा विभाग की बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि गांव के छात्रों सहित सभी को अच्छीऔर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके. यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने विभाग से यह लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया कि प्राथमिकशिक्षा में नामांकित शत-प्रतिशत बच्चे अपनी उच्च शिक्षा पूरी करें. उन्होंने महाविद्यालयों और उनमें पढ़ाए जाने वाले विषयों के युक्तिकरण पर भी जोरदिया और विभाग को इस संबंध में एक अध्ययन करने के निर्देश दिए ताकि अगले सत्र से आवश्यक बदलाव किए जा सकें. जरुरतों को किया जा सके पूराउन्होंने कहा कि विभाग उन नए विषयों की भी पहचान करेगा जिनमें निकट भविष्य में रोजगार की बेहतर संभावनाएं हैं. सुक्खू ने महाविद्यालयों कीग्रेडिंग पूरी करने के भी निर्देश दिए ताकि आवश्यक स्टाफ के पदों को भरा जा सके और अन्य बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा किया जा सके. उन्होंनेकहा कि राज्य सरकार शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को जल्द ही भरेगी ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो. मुख्यमंत्री ने विभाग को स्कूली पाठ्यक्रम में राज्य-विशिष्ट विषय-वस्तु शामिल करने के निर्देश दिए ताकि छात्र अपने परिवेश और राज्य के बारे में अच्छी तरह से जान सकें. अधिकारियों को दिए गए निर्देशउन्होंने शिक्षण संस्थानों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और छात्रों के समग्र विकास कोसुनिश्चित करने के लिए संस्थानों में अनिवार्य मॉक टेस्ट और जीरो पीरियड आयोजित करने को कहा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खूने राज्य में विज्ञान, कला और खेल के विशेष कॉलेज स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं.
असम में डिजिटल पोर्टल लॉन्च संवेदनशील क्षेत्रों के मूल निवासियों को मिलेगा हथियार लाइसेंस, सरकार नहीं देगी हथियार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया, जिसके जरिए राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले मूलनिवासी हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे. यह कदम सरकार और जिम्मेदार नागरिकों के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उठायागया है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल लाइसेंस देगी. हथियार नहीं. मुख्यमंत्री सरमाने बताया कि इस पोर्टल के जरिए केवल वही लोग आवेदन कर सकेंगे. जो असम के मूल निवासी हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में रहते हैं. उनका उद्देश्य है कि ऐसे जिम्मेदार लोग जो बिना आपराधिक पृष्ठभूमि के हों, राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करें. सरकार ने स्पष्टकिया है कि हथियार लाइसेंस केवल उन्हीं को मिलेगा, जो मानसिक रूप से स्वस्थ हों और जिनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न हो. लाइसेंस देने से पहले एक मल्टी-लेयर जांच और गहन पड़ताल होगी, ताकि कोई भी गलत व्यक्ति हथियार के इस्तेमाल का लाइसेंस न पा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि लाइसेंस चाहने वालों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेनी होगी और यह साबित करना होगा कि वे किस तरह से खतरे में हैं. यहव्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि केवल वास्तविक जरूरतमंद लोगों को ही लाइसेंस मिले. सरकार ने साफ किया है कि वह हथियार उपलब्ध नहीं कराएगी, बल्कि भारतीय शस्त्र अधिनियम के तहत सिर्फ लाइसेंस जारी करेगी. मुख्यमंत्री नेउम्मीद जताई कि यह कदम कानून-व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाएगा और असम के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत होगी. असम केमुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले मूल निवासी हथियार लाइसेंस के लिएआवेदन कर सकेंगे. लाइसेंस उन्हीं को मिलेगा, जो मानसिक रूप से स्वस्थ हों, आपराधिक पृष्ठभूमि न हो, ट्रेनिंग लें और खतरे का प्रमाण दें। सरकारहथियार नहीं देगी, केवल लाइसेंस जारी करेगी.
बिहार से वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस की सीधी लड़ाई, 17 अगस्त से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत जानें क्या है पूरा मामला

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में कांग्रेस ने बड़ा एलान किया है. कांग्रेस ने 17 अगस्त बिहार से वोटर अधिकार यात्रानिकालने का फैसला लिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम यात्रा के जरिये वोट चोरी के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ेंगे. कांग्रेस पूरी देश मेंसटीक मतदाता सूची के लिए काम करेगी. एक्स पर पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी केवल चुनाव का मुद्दा नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र, संविधान और एक व्यक्ति, एक वोट के सिद्धांत की रक्षा से जुड़ी निर्णायक लड़ाई है. 17 अगस्त से वोटर अधिकार यात्रा के साथ हम बिहार की धरतीसे वोट चोरी के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ रहे हैं,उन्होंने कहा कि हम पूरे देश में सटीक मतदाता सूची बनाने का मुद्दा उठाएंगे. रोडमैप की घोषणा थी कीयुवा, श्रमिक, किसान, प्रत्येक नागरिक उठे और इस जन आंदोलन में शामिल हो. इस बार वोट चोरों की हार, जनता की जीत, संविधान की जीत. राहुल गांधी ने भारत जोड़ों न्याय यात्रा का एक वीडियो भी साझा किया. कांग्रेस ने बुधवार को कहा था कि राहुल गांधी बिहार में विपक्षी गठबंधनइंडिया के नेताओं के साथ वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने के लिए वोटर अधिकार यात्रा निकालेंगे. यात्रा 17 अगस्त से शुरूहोगी और एक सितंबर को पटना के गांधी मैदान में समाप्त होगी. कांग्रेस ने कहा था कि वोट चोरी उसके लिए ‘करो या मरो’ का मुद्दा है. वहीं कांग्रेस ने14 अगस्त की शाम को ‘लोकतंत्र बचाओ मशाल मार्च’ सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने आरोपों को लोगों तक ले जाने के लिए एकरोडमैप की घोषणा की थी. लोगों तक जाएंगे लेकरकांग्रेस नेता और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के एआईसीसी प्रभारी कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के साथइसे लोगों तक ले जाएगी. कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर ‘लोकतंत्र बचाओ मशालमार्च’ निकाला जाएगा. उन्होंने कहा कि 22 अगस्त से सात सितंबर के बीच कांग्रेस सभी राज्य मुख्यालयों पर वोट चोर, गद्दी छोड़ो रैलियां आयोजितकरेगी. 15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच वोट के अधिकार को बचाने और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलायाजाएगा. कांग्रेस ने 17 अगस्त बिहार से वोटर अधिकार यात्रा निकालने का फैसला लिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम यात्रा के जरियेवोट चोरी के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ेंगे. कांग्रेस पूरी देश में सटीक मतदाता सूची के लिए काम करेगी.
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित कोर्ट ने कहा नियमों की अनदेखी से बिगड़ी है स्थिति

सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़ने के 11 अगस्त के आदेश पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखलिया. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि हस्तक्षेप याचिका दायर करने वाले हर व्यक्ति को जिम्मेदारी लेनी होगी. शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि पूरीसमस्या स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण है. नियमों का पालन न करने की वजह से समस्या इतनी बढ़ गई है. सुनवाई केदौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय अधिकारियों से पशु जन्म नियंत्रण नियमों के कार्यान्वयन पर उनका रुख पूछा. कोर्ट ने कहा कि पूरी समस्या नियमों केकार्यान्वयन में अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण है। नियम और कानून संसद की ओर से बनाए जाते हैं. लेकिन उनका पालन नहीं किया जाता।स्थानीय अधिकारी वह नहीं कर रहे हैं जो उन्हें करना चाहिए. बहुसंख्यक चुपचाप है पीड़ितएक ओर इंसान पीड़ित हैं, तो दूसरी ओर जानवर भी पीड़ित हैं और पशु प्रेमी यहां मौजूद हैं. दिल्ली सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया किरेबीज फैलाने वाले कुत्तों के काटने से बच्चों की मौत हो रही है आवारा कुत्तों के मुद्दे का समाधान किया जाना चाहिए. न कि इस पर विवाद किया जानाचाहिए. दिल्ली सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ को बतायाकि नसबंदी से रेबीज नहीं रुकता, भले ही आप उन्हें टीका लगा दें. इससे बच्चों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं नहीं रुकतीं. सॉलिसिटर जनरल नेसुप्रीम कोर्ट के सामने एक आंकड़ा पेश किया, जिसमें कहा गया है कि 2024 में देश में कुत्तों के काटने के 37 लाख मामले सामने आएं. इस दौरानरेबीज से 305 मौतें हुईं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मॉडल के अनुसार यह संख्या कहीं अधिक है. उन्होंने कहा कि बच्चे खुले में खेलने नहीं जा पा रहे हैं. कोर्ट को इसका समाधान ढूंढ़ना होगा. यह अल्पसंख्यकों का मुखर दृष्टिकोण है जबकि बहुसंख्यक चुपचाप पीड़ित हैं. बहस करने की है जरुरतकुत्तों की देखभाल करने वाले एक गैर-सरकारी संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है. इस मामले परगहराई से बहस करने की जरूरत है. सिब्बल ने 11 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पारित कुछ निर्देशों पर रोक लगाने की मांग की. जिनमेंदिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को जल्द से जल्द उठाना शुरू करने और उन्हें आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने केनिर्देश शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि क्या नगर निगम ने कुत्तों के लिए आश्रय गृह बनाए हैं? क्या कुत्तों की नसबंदी की गई है? अबकुत्तों को उठाया जा रहा है. हालांकि, आदेश में कहा गया है कि एक बार नसबंदी हो जाने के बाद आवारा कुत्तों को समुदाय में नहीं छोड़ा जानाचाहिए.वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने 11 अगस्त के उस आदेश का भी विरोध किया, जिसमें अधिकारियों को आवारा कुत्तों को आश्रय गृहों में रखनेका निर्देश दिया गया था. उन्होंने कहा कि कुत्तों के काटने की घटनाएं तो होती हैं लेकिन इस साल दिल्ली में रेबीज से एक भी मौत नहीं हुई है. बेशक, कुत्तों के काटने की घटनाएं बुरी हैं लेकिन आप इस तरह की भयावह स्थिति पैदा नहीं कर सकते.
विजन 2047 नहीं, इंसाफ 2025 चाहिए, लोकदल ने यूपी सरकार के दस्तावेज़ को बताया जनता से सबसे बड़ा राजनीतिक धोखा

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का “विजन डॉक्यूमेंट 2047” असल में जनता के साथ एक सुनियोजित धोखाहै. यह दस्तावेज़ सिर्फ़ कागज़ी जुमलों और झूठे वादों का पुलिंदा है जिसका उद्देश्य जनता का ध्यान आज की असल समस्याओं से भटकाना है. यहसरकार जनता को 2047 का सपना दिखा रही है. जबकि हालात में लोग महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की आत्महत्याओं और कानून-व्यवस्था कीबदहाली से जूझ रहे हैं. यह वैसा ही है जैसे किसी डूबते आदमी से कहा जाए इंतज़ार करो, 22 साल बाद तुम्हें किनारे लगा देंगे यह सरकार न आज कीसमस्याएँ सुलझा रही है. न कल की, बल्कि केवल चुनावी नौटंकी और प्रचार तंत्र से जनता को बेवक़ूफ़ बना रही है. राजनीतिक धोखा दिया करारलोकदल अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि जनता अब इन खोखले नारों और कागज़ी सपनों के जाल में फँसने वाली नहीं है. हम 2047 नहीं, 2025 में हक़और न्याय चाहते हैं जनता अब हिसाब लेगी और इस सत्ता से धोखे का बदला ज़रूर लेगी. विधान परिषद में लाल बिहारी यादव ने इस विजन डॉक्यूमेंटको “चुनावी घोषणापत्र” जैसा बताते हुए कहा कि जिन वादों को सरकार ने दशकों में पूरा नहीं किया. उनपर भरोसा कैसे किया जाए? उन्होंने काले धनवापसी, ₹15‑लाख, 2 करोड़ नौकरियाँ, किसानों की आमदनी दोगुनी करने जैसे वादों का हवाला दिया, जो पूरी नहीं हुईं. लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्षसुनील सिंह ने “विजन डॉक्यूमेंट 2047” को जनता के साथ “सबसे बड़ा राजनीतिक धोखा” करार दिया. झूठे वादों का है पुलिंदाउन्होंने कहा कि यह दस्तावेज़ केवल कागज़ी जुमलों और झूठे वादों का पुलिंदा है. जिसका उद्देश्य जनता को असल समस्याओं जैसे महंगाई, बेरोज़गारीऔर किसानों की समस्याओं से भटकाना है. उन्होंने इसे उस स्थिति से जोड़ा जैसे “डूबते आदमी से कहा जाए. इंतज़ार करो, 22 साल बाद किनारेलगाएंगे और निष्कर्ष में कहा कि जनता अब 2047 नहीं, 2025 में हक और न्याय चाहती है और धोखे का हिसाब लेगी. यह प्रेस नोट उनके जुड़ेबयान की रूपरेखा है जिसे आपने साझा किया. जिसमें यह अति‑प्रसंग और तीखी आलोचना शामिल है.