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सुप्रीम कोर्ट के ‘ब्लैंकेट रीमूवल’ आदेश पर राहुल गांधी की तीखी प्रतिक्रिया, बोले करुणा खत्म कर रही है ये नीति जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली और असपास के इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नेअपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ‘एक्स’ पर ट्वीट किया, ‘दिल्ली-एनसीआर से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश दशकों से चली आरही मानवीय और विज्ञान-समर्थित नीति से एक कदम पीछने हटने जैसा है. ये बेजुबान जीव कोई समस्या नहीं हैं. जिन्हें मिटाया जा सके. आश्रय, नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल सड़कों को बिना किसी क्रूरता के सुरक्षित रख सकते हैं. ब्लैंकेट रीमूवल (पूरी तरह से हटा देना) क्रूर, अदूरदर्शी है. यह हमारी करुणा को खत्म करता है. हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि जन सुरक्षा और पशु कल्याण साथ-साथ चलें. सख्त करेंगें कार्रवाईराहुल की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से स्थायी रूप सेआश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने का निर्देश देने के एक दिन बाद आई. शीर्ष अदालत ने कहा था कि आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने की वजहसे स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. खासकर छोटे बच्चे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि समय के साथ कुत्तों के आश्रयों की संख्याबढ़ानी होगी. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली के अधिकारियों को छह से आठ हफ्तो में लगभग 5,000 कुत्तों के आश्रय स्थल बनाने का निर्देशदिया.बीते दिन पीठ ने कहा था’अगर कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें इकट्ठा करने वाले ऐसे बल के आड़े आता है और अगर हमेंइसकी सूचना दी जाती है. तो हम ऐसे किसी भी प्रतिरोध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. निगरानी रखने के दिए निर्देशपीठ ने आगे टिप्पणी की कि क्या पशु कार्यकर्ता और तथाकथित प्रेमी रेबीज के शिकार बच्चों को वापस ला पाएंगे? पीठ ने कहा, ‘क्या वे उन बच्चोंको जीवन वापस दे पाएंगे? जब परिस्थिति की मांग हो तो आपको कार्रवाई करनी होगी. शीर्ष अदालत राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने सेरेबीज होने के मामले में 28 जुलाई को स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू किए गए एक मामले की सुनवाई कर रही थी. शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्लीसरकार और गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के नगर निकायों को सभी आवारा कुत्तों को हटाकर आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया. पीठ ने कुत्तोंके आश्रय स्थलों में कुत्तों की देखभाल के अलावा टीकाकरण आदि काम समेत पर्याप्त कर्मचारी रखने का आदेश दिया था. कोर्ट ने इन केंद्रों परसीसीटीवी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे.

ओडिशा में नाबालिग लड़कियों की आत्महत्याओं पर फूटा गुस्सा पूर्व CM नवीन पटनायक बोले, बेटियों को सुरक्षित माहौल देने में फेल रही भाजपा सरकार

ओडिशा में लगातार सामने आ रहे नाबालिग लड़कियों के आत्मदाह के मामलों को लेकर विपक्ष ने हमला बोला है. ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीनपटनायक ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि भाजपा बेटियों में सुरक्षा का विश्वास पैदा नहीं कर सकी. सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने मेंफेल रही जहां बेटियां सुरक्षित, सम्मानित महसूस करें. एक महीने के अंदर इसी तरह की घटनाओं में चार लड़कियों की मौत हो चुकी है. पूर्व मुख्यमंत्रीने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि यह जानकर बहुत दुःख, सदमा और पीड़ा हुई कि बरगढ़ के गैसिलाट की एक और लड़की ने खुद को आग लगाकर जानदे दी. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उस बच्ची के साथ हैं और परिवार के साथ प्रार्थनाएं हैं. ईश्वर परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति कोसहन करने की शक्ति प्रदान करें. बेहद है दुखदउन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह बेहद दुखद है कि हमारी लड़कियां अपनी जान लेने के लिए खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क रही हैं और यहहृदयविदारक है. एक महीने के भीतर ऐसी ही परिस्थितियों में चार बच्चियों की जान जा चुकी है. हर मासूम की मौत में ओडिशा की एक बेटी का दर्दछिपा है जो इतना असहनीय हो गया कि उसे अपनी जान लेने के अलावा कोई और रास्ता नहीं सूझा. ये चार मौतें कोई छिटपुट मामले नहीं हैं. ऐसीकई लड़कियां हैं जो हर दिन अपराध का शिकार होकर सबसे दुखद तरीके से मर रही हैं. पूर्व सीएम ने कहा कि एनकी हताशा सिर्फ व्यक्तिगत त्रासदीनहीं है. हर त्रासदी उनकी चीखें न सुन पाने की नाकामी को दर्शाती है. भाजपा प्रशासन व्यवस्था में विश्वास पैदा करने में नाकाम रहा है जहां हमारीबेटियां सुरक्षित, मूल्यवान और सुनी हुई महसूस करें. भाजपा सरकार इन मामलों को रोकने के लिए कब तक इंतज़ार करेगी? भाजपा सरकार कीदर्दनाक चुप्पी और निष्क्रियता ओडिशा की बेटियों को और भी असुरक्षित बना रही है. अस्पताल में तोड़ दिया दमओडिशा के बरगढ़ जिले के एक गांव में कथित तौर पर खुद को आग लगाने वाली 13 वर्षीय स्कूली छात्रा ने सोमवार को बुर्ला के एक अस्पताल मेंदम तोड़ दिया. बरगढ़ जिले के प्रभारी बोलांगीर के एसपी अभिलाष जी ने बताया कि बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साईं आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान(VIMSAR) में लड़की की मौत हो गई. आठवीं कक्षा की छात्रा ने खुद को आग लगाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया. यह घटना 12 जुलाई सेअब तक तीन अन्य महिलाओं की जलकर मौत के बाद हुई है. उसी दिन बालासोर में एक 20 वर्षीय छात्रा ने अपने कॉलेज परिसर में खुद को आगलगा ली और 14 जुलाई को एम्स भुवनेश्वर में उसकी मौत हो गई. 19 जुलाई को बालांगा में एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर तीन बदमाशोंने आग लगा दी और 2 अगस्त को एम्स दिल्ली में उसकी मौत हो गई. तीसरी ऐसी घटना 6 अगस्त को केंद्रपाड़ा जिले में हुई. जब पट्टामुंडई (ग्रामीण) थाना क्षेत्र में एक तृतीय वर्ष की स्नातक छात्रा का जला हुआ शव उसके घर से मिला.

गाज़ा में पत्रकारों की मौत पर प्रियंका गांधी-इस्राइल आमने-सामने राजदूत ने कहा ‘ढकोसलेबाज़ी शर्मनाक’, प्रियंका ने लगाया नरसंहार काआरोप

गाजा में पत्रकारों की मौत को लेकर आरोप लगाने पर प्रियंका गांधी को इस्राइल ने जवाब दिया है. भारत में इस्राइल के राजदूत ने कहा कि आपकीढकोसलेबाजी शर्मनाक है. हमास के आंकड़ों पर विश्वास न करें. इस्राइल ने हमास को खत्म कर दिया है. इससे पहले प्रियंका गांधी ने कहा था किअल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया जघन्य अपराध है. जो लोग सच के लिए खड़े होने का साहस करते हैं उनकाहौसला इस्राइली हिंसा से कभी नहीं टूटेगा. प्रियंका गांधी के पोस्ट पर जवाब देते हुए भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने लिखा कि आपकीढकोसलेबाजी शर्मनाक है. इस्राइल ने 25,000 हमास आतंकियों को मार गिराया. लोगों को मानव जीवन की भयानक क्षति हमास की नागरिकों केपीछे छिपने की घिनौनी रणनीति का परिणाम है. यह है शर्मनाकयह निकासी या सहायता प्राप्त करने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोलीबारी और रॉकेट हमलों के कारण हुआ है. इस्राइल ने गाजा में 20 लाख टनभोजन पहुंचाया, जबकि हमास उसे जब्त करने की कोशिश कर रहा है, जिससे भुखमरी पैदा हो रही है। पिछले 50 वर्षों में गाजा की आबादी 450% बढ़ी है. वहां कोई नरसंहार नहीं हुआ. हमास के आंकड़ों पर विश्वास न करें. इससे पहले प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था कि इस्राइलनरसंहार कर रहा है. उसने 60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है जिनमें 18,430 बच्चे थे. उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है जिनमें कईबच्चे भी शामिल हैं. लाखों लोगों को भूख से मरने का खतरा है. इन अपराधों को चुपचाप और निष्क्रियता से बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराधहै. यह शर्मनाक है कि भारत सरकार इस्राइल द्वारा फलस्तीन के लोगों पर इस तबाही को ढाए जाने के दौरान चुप बैठी है. सत्ता है व्यापार की गुलामप्रियंका ने यह भी कहा था कि अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की निर्मम हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है. ऐसी दुनियामें जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है. इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है? ईश्वर उनकीआत्मा को शांति प्रदान करे. प्रियंका गांधी गाजा में इस्राइल की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और फलस्तीनियों के साथ एकजुटताव्यक्त करती रही हैं. गाजा पर इस्राइल के हमलों में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत हो गई थी. इस्राइली सेना ने एक पत्रकार अनस अल शरीफको हमास का आतंकी करार दिया था. वहीं इस्राइल के इस कदम की पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय नेहमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया. प्रियंका गांधी ने कहा था कि इस्राइल नरसंहार कर रहा है. उसने60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे. उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है इस पर भारत में इस्राइल के राजदूतने करारा जवाब दिया है.

त्रिशूर लोकसभा सीट पर वोटर लिस्ट में हेराफेरी का आरोप केरल मंत्री ने दोबारा चुनाव की उठाई मांग, भाजपा पर बड़ा हमला

केरल के त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगा है. इसे लेकर केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने चुनाव आयोगसे फिर से चुनाव कराने की मांग की है. त्रिशूर लोकसभा सीट से 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी जीत मिली थी. इस सीट पर भाजपानेता सुरेश गोपी ने 74,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी. उन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में सीपीआई के वीएस सुनील कुमार और कांग्रेसउम्मीदवार के मुरलीधरन को हराया था. इस मुद्दे पर वरिष्ठ माकपा नेता शिवनकुट्टी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले और बाद में निर्वाचन क्षेत्र मेंमतदाता सूचियों में व्यापक हेरफेर के आरोप लगे हैं. भाजपा के भीतर गोपी का विरोध करने वाले भी कह रहे हैं कि मतदाता सूची में 30,000 से60,000 वोट जोड़े जाने की संभावना है. नया चुनाव चाहिए लड़नाउन्होंने कहा कि अब यह बात सामने आई है कि जिले के कई अपार्टमेंटों में आठ से 15 वोट शामिल थे. शिवनकुट्टी ने कहा कि चुनाव आयोग कोत्रिशूर लोकसभा क्षेत्र में दोबारा चुनाव कराना चाहिए. इसके लिए एक वास्तविक और सही मतदाता सूची तैयार की जानी चाहिए. मामले में सुरेशगोपी की लगातार चुप्पी पर शिवनकुट्टी ने कहा कि वह चुप हैं, क्योंकि वह इस मामले पर सच्चा जवाब नहीं दे सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि गोपीमीडिया और लोगों का सामना करने से डर रहे हैं. इसका मतलब है कि उन्होंने मतदाता सूची में हेराफेरी करके और लाखों रुपये खर्च करके चुनाव जीताहै उन्होंने सुरेश गोपी से त्रिशूर के सांसद पद से इस्तीफा देने की मांग की. शिवनकुट्टी ने कहा कि यदि उनकी रुचि हो तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिएऔर नया चुनाव लड़ना चाहिए. भाजपा को मिली थी भारी जीतवरिष्ठ भाकपा नेता वीएस सुनील कुमार ने भाजपा पर मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि वह त्रिशूर से गोपी की जीतसुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची में भगवा पार्टी द्वारा की गई कथित हेराफेरी को साबित करने के लिए सबूतों के साथ अदालत का दरवाजाखटखटाएंगे. वरिष्ठ भाकपा नेता वीएस सुनील कुमार ने भाजपा पर मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया था. इसे लेकर केरल के सामान्य शिक्षामंत्री वी शिवनकुट्टी ने चुनाव आयोग से फिर से चुनाव कराने की मांग की है. त्रिशूर लोकसभा सीट से 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारीजीत मिली थी.

हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी से खतरा, संसदीय समिति ने उठाई सुरक्षा और रणनीतिक हितों की चिंता

विदेश मामलों की संसदीय समिति ने हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में चीन की बढ़ती उपस्थिति और उसके बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहाकि इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापक रणनीतिक हितों के लिए जोखिम पैदा होता है. समिति ने सरकार से इस मामले में सक्रिय रहने के लिएकहा है. समिति ने कहा, चीन की बढ़ी हुई नौसैनिक क्षमताएं, जिसका उदाहरण उसके बेड़े का बढ़ता आकार है, जिसमें सालाना 15 से ज्यादाइकाइयां शामिल हैं. यह अब संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना से आगे निकल गया है जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक शक्ति बन गया है. समिति ने सोमवार को संसद में पेश भारत की हिंद महासागर रणनीति के मूल्यांकन पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि चीन-पाकिस्तान नौसैनिक गठजोड़ कामजबूत होना भी समान रूप से चिंता का विषय है. यह न केवल उन दोनों के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को सुगम बनाता है बल्कि पाकिस्तान के नौसैनिकआधुनिकीकरण को भी आगे बढ़ाता है. सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं है शामिलसमिति ने कहा कि उसका मानना है कि इन घटनाक्रमों पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए. क्योंकि इनमें क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदलने, भारत कीरणनीतिक स्वायत्तता को चुनौती देने और प्रमुख समुद्री अवरोध बिंदुओं पर उसके प्रभाव को कम करने की क्षमता है. कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीयमंत्री शशि थरूर की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट 130 से ज्यादा पृष्ठों की है. विदेश मंत्रालय ने हिंद महासागर क्षेत्र में मोटे तौर पर तीन चुनौतियोंकी पहचान की है. भू-राजनीतिक चुनौती, समुद्री सुरक्षा के खतरे और बुनियादी ढांचे व संपर्क में कमी. समिति ने मंत्रालय से हिंद महासागर क्षेत्र मेंभारत के सामने आने वाली रणनीतिक चुनौतियों के बारे में जानकारी मांगी थी. रिपोर्ट में कहा गया है विदेश मंत्रालय ने बताया है कि हिंद महासागरक्षेत्र में भारत के लिए रणनीतिक चुनौतियों में समुद्री यातायात, समुद्री डकैती, आतंकवाद, नौवहन और हवाई उड़ानों की स्वतंत्रता से जुड़ी चिंताएं औरसंप्रभुता व स्वतंत्रता की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं. 1300 से ज्यादा है द्धीपएक और चुनौती इस क्षेत्र में बाहरी देशों की बढ़ती उपस्थिति है, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में चीन का पैर जमाना. समिति ने रिपोर्ट में कहा, चीनदोहरे उपयोग के उद्देश्य से बंदरगाहों, हवाई अड्डों और रसद क्षेत्र पर केंद्रित कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चला रहा है इसके अलावा वह समुद्री क्षेत्रके बारे में जागरूकता बढ़ाने और क्षेत्र के संवेदनशील समुद्र विज्ञान और समुद्री डेटा एकत्र करने के लिए इस क्षेत्र में अनुसंधान और सर्वेक्षण जहाजों कोभी तैनात कर रहा है. हिंद महासागर में दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी रहती है, जो लगभग 35 तटीय देशों में फैली हुई है. भारत की 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा है और पश्चिम में लक्षद्वीप और पूर्व में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बीच 1,300 से ज्यादा द्वीप हैं.

पाक सेना प्रमुख की परमाणु धमकी पर ओवैसी बरसे, बोले अमेरिका की धरती से भारत को धमकाना निंदनीय मोदी सरकार दे राजनीतिक जवाब

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की अमेरिका की धरती से भारत के खिलाफ ताजापरमाणु धमकी की निंदा की. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देनी चाहिए. औवेसी ने संसद के बाहर पत्रकारों से बातकरते हुए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मामले को लेकर तल्ख प्रतिक्रिया दी. पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की परमाणु धमकीपर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘पाकिस्तान के सेना प्रमुख के शब्द और उनकी धमकियां निंदनीय हैं. दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि यहअमेरिका की ओर से हो रहा है. जो भारत का रणनीतिक साझेदार है वह एक ‘सड़कछाप आदमी’ की तरह बोल रहे हैं. हमें यह भी समझने की जरूरत हैकि पाकिस्तानी सेना और उनके डीप स्टेट से लगातार खतरे को देखते हुए हमें अपना रक्षा बजट बढ़ाना होगा ताकि हम तैयार रह सकें. भारत ने जताई कड़ी नाराजगीइससे पहले ओवैसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पाकिस्तानी सेना प्रमुख की भारत के खिलाफ धमकियां और भाषा निंदनीय हैं. उन्होंने अमेरिकीधरती से ऐसा किया. जिससे यह और भी बदतर हो जाता है. इस पर मोदी सरकार की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है न कि केवलविदेश मंत्रालय के बयान की. इससे पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भारत को गीदड़भभकी दी थी. मुनीर ने कहा था कि अगर भारत नेसिंधु नदी का पानी रोकने के लिए बांध बनाया तो हमारे पास मिसाइलों की कमी नहीं है. हम 10 मिसाइल मारकर बांध को उड़ा देंगे अमेरिका के दौरेपर गए मुनीर ने यह धमकी फ्लोरिडा के टैम्पा में पाकिस्तानी मूल के कारोबारी अदनान असद की तरफ से रखे गए डिनर कार्यक्रम में दी थी.पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की टिप्पणियों को लेकर भारत कड़ी नाराजगी जताई थी. आवश्यक उठाते रहेगें कदमआसिम मुनीर को कड़ी फटकार लगाते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हमारा ध्यान पाकिस्तानी सेना प्रमुख की ओर से अमेरिका की यात्रा के दौरानकथित तौर पर की गई टिप्पणियों की ओर गया है. परमाणु हथियार की धमकियां पाकिस्तान की आदत है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी टिप्पणियों मेंनिहित गैर-जिम्मेदारी पर अपने निष्कर्ष निकाल सकता है. मुनीर का बयान ऐसे देश में परमाणु कमान और नियंत्रण की अखंडता पर गहरी शंकाओं कीइशारा करते हैं. जहां सेना आतंकवादी समूहों के साथ मिली हुई है. यह भी खेदजनक है कि ये टिप्पणियां किसी मित्र देश की धरती से की गई हैं।भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा. हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदमउठाते रहेंगे.

फोन टैपिंग आरोप पर केटी रामा राव ने केंद्रीय मंत्री संजय कुमार को भेजा कानूनी नोटिस, बिना शर्त माफी की मांग

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार को कानूनी नोटिस भेजा है. संजय कुमार ने पिछली बीआरएस सरकारके दौरान फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे. केटी रामा राव ने संजय कुमार के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी नोटिस भेजकर माफी की मांगकी है.11 अगस्त को जारी नोटिस में, रामा राव के वकील ने आरोप लगाया कि ‘केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार ने झूठे, मानहानिकारक और अपमानजनकबयान दिए. जिनमें दावा किया गया कि उनके मुवक्किल (रामा राव) ने फोन टैपिंग कराई. सबसे पहले, हमारे मुवक्किल का कहना है कि संजय कुमारद्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद और सरासर गलत हैं और इन आरोपों से हमारे मुवक्किल की प्रतिष्ठा, छवि और साख को धूमिल करने की कोशिशकी गई. सीबीआई को सौंपने की थी मांगनोटिस में कहा गया है कि ‘संजय कुमार ने केटी रामा राव के खिलाफ मानहानिकारक बयान सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए दिए. नोटिस में संजयकुमार से बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है नोटिस में कहा गया है कि ‘अगर संजय कुमार ने नोटिस मिलनेके सात दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी तो रामा राव उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे. जिसमें दीवानी और फौजदारीदोनों शामिल हैं. तेलंगाना में अवैध फोन टैपिंग मामले में एसआईटी के समक्ष गवाह के तौर पर पेश हुए संजय कुमार ने 8 अगस्त को इस मामले कीजांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी. फौजदारी दोनों है शामिलकेंद्रीय मंत्री ने फोन टैपिंग के आरोप लगाते हुए दावा किया कि माओवादी गतिविधियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया सेउनका फोन टैप किया गया था. नोटिस में कहा गया है कि ‘अगर संजय कुमार ने नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी तोरामा राव उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे, जिसमें दीवानी और फौजदारी दोनों शामिल हैं.

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की कोई योजना नहीं, ‘एक देश एक चुनाव’ समिति को मिला विस्तार

संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई। इस बीचसरकार ने कई सवालों के जवाब दिए. सरकार ने एक सांसद के सवाल के जवाब में कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की योजना नहीं है. वहींएक देश, एक चुनाव वाली संसदीय समिति के कार्यकाल में विस्तार किया गया है. केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री एसपी सिंहबघेल ने संसद को बताया कि केंद्र सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने वाला कोई कानून बनाने की योजना नहीं बना रही है. अंतिम सप्ताह तक नया विस्तारलोकसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बघेल ने कहा कि संविधान केअनुच्छेद 246(3) के अनुसार संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण के तहत पशुओं का संरक्षण एक ऐसा मामला है जिस पर राज्यविधानमंडल को कानून बनाने की विशेष शक्तियां प्राप्त हैं. मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गायों के संवर्धन, संरक्षण और पालन के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा की गई पहलों को समर्थन और मजबूती देने के लिए दिसंबर 2014 से राष्ट्रीय गोकुल मिशन को क्रियान्वित कर रही है. 2024 मेंदेश के कुल दूध उत्पादन 239.30 मिलियन टन में गाय के दूध का योगदान 53.12 प्रतिशत था. जबकि भैंस के दूध का योगदान 43.62 प्रतिशतथा.लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की प्रणाली को लागू करने के लिए दो विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति को मंगलवार कोशीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह तक का नया विस्तार दिया गया. आम चुनावों को है साथ करानासंसद की संयुक्त समिति (जेसीपी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. पैनल को अपनी रिपोर्टप्रस्तुत करने के लिए शीतकालीन सत्र, 2025 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक का समय दिया गया है। विधेयक का उद्देश्य संघ शासित प्रदेशों कीविधानसभाओं के आम चुनावों को लोक सभा के आम चुनावों के साथ कराना है, जो पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की सरकार की नीति का एकअभिन्न अंग है. मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई. इस बीच सरकार ने कई सवालों के जवाब दिए. सरकारने एक सांसद के सवाल के जवाब में कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की योजना नहीं है.

AI फ्लाइट में सुरक्षा चूक का आरोप, कांग्रेस सांसद ने की जांच की मांग लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा विशेषाधिकार हनन नोटिस

बीते 10 अगस्त को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जा रही एअर इंडिया के विमान की मौसम खराब होने के चलते आपात लैंडिंग का मामला तूल पकड़ताजा रहा है. जहां अब इस मामले में मंगलवार को कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को एक चिट्ठीलिखकर एअर इंडिया की उड़ान में हुई कथित सुरक्षा चूक की जांच कराने की मांग की है. इस फ्लाइट में वे खुद और कुछ अन्य सांसद भी सवार थे. इतना ही नहीं मामले में केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक विशेषाधिकार हनन नोटिस भी सौंपा है. सांसदों का कहना है किइस घटना ने उनकी सुरक्षा और गरिमा को ठेस पहुंचाई है इसलिए इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए. विमान में सवार सभी सांसदों ने मामले कीजांच की मांग उठाते हुए पत्र में लिखा कि उड़ान लगातार खराब मौसम और झटकों के बीच हुई और यात्रियों को सीट बेल्ट बांधकर बैठने को कहागया. इस दौरान न तो खाने की सुविधा दी गई और न ही कोई स्पष्ट जानकारी. पत्र में आगे बताया गया कि मिड-फ्लाइट पायलट ने बताया कि मौसमरडार फेल हो गया है और फ्लाइट को चेन्नई डायवर्ट किया जा रहा है. जबकि उस समय बंगलूरू या कोयंबटूर जैसे नजदीकी एयरपोर्ट भी मौजूद थे।सांसदों ने पत्र में बताया कि चेन्नई पहुंचने के बाद विमान एक घंटे सेज्यादा आसमान में चक्कर काटता रहा. पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान जब विमान केवल 30-40 फीट ऊपर था, तो पायलट ने अचानकलैंडिंग रोक दी और तेजी से ऊपर उड़ान भर ली. बाद में बताया गया कि रनवे पर पहले से एक और विमान मौजूद था. आगे सांसदों ने पायलट कीसूझबूझ और साहस की तारीफ भी की, लेकिन साथ ही एअर इंडिया की घटना के बाद की गई कार्रवाई और जानकारी देने के तरीके पर सवाल उठाए. सांसदों ने कहा कि एयरलाइन ने सच्चाई छिपाने और यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने की कोशिश की है. सांसदों ने इस पूरे मामले कीतकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी हर पहलू की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है और कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होनाचाहिए. अब बात अगर मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र की करे तो संसदों ने मामले में लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन नोटिससौंपा है। सांसदों ने कहा कि वे उस फ्लाइट में सवार थे. जो निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई और पूरी यात्रा के दौरान तेज झटकों का सामना करनापड़ा. न तो यात्रियों को खाना दिया गया, न ही किसी तरह की स्पष्ट जानकारी. पत्र में आगे लिखा कि उड़ान के बीच में पायलट ने मौसम रडार खराबहोने की सूचना दी और विमान को चेन्नई डायवर्ट कर दिया, जबकि बेंगलुरु और कोयंबटूर जैसे एयरपोर्ट उस समय ज़्यादा पास थे. चेन्नई पहुंचने केबाद विमान एक घंटे से ज़्यादा हवा में चक्कर काटता रहा. पहली लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान को अचानक 30-40 फीट की ऊंचाई से ऊपरउठाना पड़ा, क्योंकि रनवे पर कथित रूप से कोई दूसरा विमान मौजूद था.

भाजपा विधायक अशोक डिंडा को कोलकाता पुलिस का समन, विरोध प्रदर्शन में पुलिस को धमकाने का आरोप

कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को भाजपा विधायक और पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को समन किया. डिंडा पर आरजी कर अस्पताल कांड केएक साल पूरे होने पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर धमकाने के आरोप है. डिंडा को 17 अगस्त को न्यू मार्केटपुलिस स्टेशन के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. एक अधिकारी ने बताया, ‘शनिवार की रैली के दौरान अशोक डिंडा ने हमारेअधिकारियों को धमकाया. उन्होंने दूसरों को हमारे ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला करने के लिए उकसाया भी. वीडियो फोटोज किया गया सीजउन्होंने एक आईएएस अधिकारी के गार्ड पर भी हमला किया. उन्हें 17 अगस्त को न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए तलब किया गया है. उन्होंने बताया कि डिंडा की ओर से पुलिस अधिकारियों को धमकाने और गाली-गलौज करने का वीडियो फुटेज सीज कर लिया गया है. 9 अगस्त कोपश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च के दौरान सुरक्षाकर्मियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने, उन पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्तिको नुकसान पहुंचाने के आरोप में सात मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से पांच कोलकाता पुलिस और दो हावड़ा पुलिस की ओर से दर्ज किए गए हैं. सात मामले किए गए थे दर्जइससे पहले शनिवार को कोलकाता और उससे सटे हावड़ा की सड़कों पर भीषण विरोध प्रदर्शन देखा गया. इस दौरान हालात बेकाबू भी हुए. प्रदर्शनसरकारी आरजी कर अस्पताल में एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के एक साल बाद किया गया था. इस दौरानपीड़िता की मां को सिर में चोट लगी थी. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 9 अगस्त को पश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च के दौरानसुरक्षाकर्मियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने, उन पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सात मामलेदर्ज किए गए हैं. इनमें से पांच कोलकाता पुलिस और दो हावड़ा पुलिस की ओर से दर्ज किए गए हैं.