चुनाव आयोग पर पी. चिदंबरम का हमला SIR प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए खतरा, 65 लाख मतदाता वंचित

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने बिहार में मतदाता सूची की विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चुनावआयोग (ईसीआई) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि आयोग राज्यों की चुनावी संरचना और मतदाता स्वरूप को बदलने की कोशिश कर रहाहै जो अधिकारों का “दुरुपयोग” है और इसका विरोध राजनीतिक व कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए. पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मएक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि बिहार में 65 लाख मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं, जबकि तमिलनाडु में 6.5 लाख नए मतदाताओंको जोड़ने की खबरें चिंताजनक और गैरकानूनी हैं. उन्होंने कहा ‘इन लोगों को स्थायी रूप से पलायन कर चुके बताना प्रवासी मजदूरों का अपमान हैऔर यह तमिलनाडु की जनता के अपने चुने हुए प्रतिनिधि चुनने के अधिकार में सीधी दखलअंदाजी है. कानूनी विरोध है जरुरीउन्होंने सवाल उठाया कि जब छठ पूजा जैसे त्योहारों में प्रवासी मजदूर अपने राज्य लौट सकते हैं तो क्या विधानसभा चुनाव के समय नहीं लौट सकते? चिदंबरम ने यह भी कहा ‘कोई भी व्यक्ति तभी मतदाता सूची में शामिल हो सकता है जब उसका स्थायी और कानूनी निवास हो। प्रवासी मजदूरों काऐसा निवास बिहार या उनके गृह राज्य में होता है. फिर उन्हें तमिलनाडु में मतदाता के रूप में कैसे जोड़ा जा सकता है?’ उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावआयोग जानबूझकर राज्यों की चुनावी पहचान और पैटर्न को बदलने का प्रयास कर रहा है. विपक्ष इस पूरे मुद्दे पर संसद में विरोध कर रहा है और इसपइसके साथ चिदंबरम ने दोहराया, ‘चुनाव आयोग का यह व्यवहार लोकतंत्र के लिए खतरा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इस लड़ाईको राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर लड़ा जाना चाहिए.र चर्चा की मांग कर रहा है. कांग्रेस पार्टी की तरफ से चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए जाने के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की तरफ सेभी निशाना साधा गया है. उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है. इसलिए इसका राजनीतिक और कानूनी विरोध जरूरीहै. संरचना को बदलने की कोशिशवहीं दूसरी ओर चिदंबरम ने दावा किया कि तमिलनाडु में लगभग 6.5 लाख प्रवासी मजदूरों को मतदाता सूची में शामिल किया गया है, जो उन्होंने”चुनावी संरचना को बदलने” की कोशिश बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्य (जैसे बिहार) में दृढ़ निवास रखते हैं फिरउन्हें तमिलनाडु में कैसे वोटर के रूप में जोड़ा जा सकता है? कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को “मताधिकार की डकैती” और“exercise of exclusion” करार दिया है. सियासी स्तर पर विरोध के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी शिकायतें दर्ज की गई हैं. वहीं, ECI ने इनआरोपों को “misleading” बताते हुए कहा कि प्रक्रिया संवैधानिक और वैध है। चिदंबरम का मानना है कि यह SIR प्रक्रिया भारत में चुनावीलोकतंत्र की संरचना को बदलने का गंभीर प्रयास है. जिसका राजनीतिक और संवैधानिक तरीके से विरोध आवश्यक है.
तेजस्वी यादव के नाम पर दो वोटर कार्ड? EPIC नंबर विवाद पर चुनाव आयोग ने शुरू की जांच

राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों के बाद अब उनके पास वोटर कार्डहोने का मुद्दा गरमा गया है. तेजस्वी ने शनिवार को दावा किया है कि बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है. जिसका खंडन करते हुएचुनाव आयोग ने उनका लिस्ट में शामिल होने का सबूत दिया था. इस घटना में नया मोड़ तब आया जब तेजस्वी यादव की ओर से बताया गयाईपीआईसी नंबर (RAB2916120) और चुनाव आयोग की ओर से जारी ईपीआईसी नंबर (RAB0456228) दोनों अलग-अलग थे इसके बाद येआशंका जताई गई है, कि तेजस्वी यादव के नाम के दो वोटर कार्ड हो सकते हैं चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. मतदाता सूची का किया था इस्तेमालकेंद्रीय निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के लिए जो हलफनामा भरा था उसमें उन्होंनेईपीआईसी नंबर RAB0456228 का इस्तेमाल किया था. यही ईपीआईसी नंबर 2015 की मतदाता सूची में भी मौजूद था और हाल ही में जारी कीगई मसौदा सूची में भी उनका नाम इसी नंबर के साथ है. सूत्रों ने कहा कि आयोग को आशंका है कि तेजस्वी के पास दो ईपीआईसी नंबर हैं और इसकीजांच कराई जाएगी. सूत्रों ने कहा कि यह पूरी तरह संभव है कि दूसरा ईपीआईसी (चुनाव फोटो पहचान पत्र) कभी भी आधिकारिक माध्यम से नहींबनाया गया हो. आयोग सूत्रों ने तेजस्वी प्रसाद के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनका ईपीआईसी नंबर बदल दिया गया था. उन्होंने कहा किराजद नेता ने 2020 में हलफनामे पर अपना नामांकन पत्र भरने के लिए ईपीआईसी नंबर RAB0456228 के साथ मतदाता सूची का इस्तेमाल कियाथा. जांच कर रहा है चुनाव आयोगउन्होंने कहा कि अन्य ईपीआईसी संख्या RAB2916120 अस्तित्वहीन पाई गई है 10 वर्षों से अधिक के रिकार्ड की जांच की गई है, तथा यहसमझने के लिए आगे जांच की जा रही है कि क्या यह जाली दस्तावेज है. एक अधिकारी ने कहा संभव है कि यह दूसरा कार्ड कभी आधिकारिकप्रक्रिया से बनाया ही नहीं गया हो. इसकी असलियत पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि यह नंबर कहीं फर्जी दस्तावेज तो नहीं है. बिहार केपूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शनिवार को दावा किया था कि चुनावी राज्य बिहार में शुक्रवार को प्रकाशित संशोधित मसौदा मतदाता सूची मेंउनका नाम नहीं है. हालांकि, तत्काल ही चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से तेजस्वी का विवरण साझा करके इस आरोप का तुरंत खंडन कर दिया. अबउनके पास दो वोटर कार्ड होने की बात कही जा रही है. जिसकी जांच चुनाव आयोग कर रहा है.
दुर्गा पूजा अनुदान पर सियासत गर्म भाजपा ने ममता सरकार पर धर्म की राजनीति का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा सामुदायिक दुर्गा पूजासमितियों को 1.1 लाख रुपये का सरकारी अनुदान देने का फैसला किया गया है. जिसकी भाजपा ने आलोचना की है भाजपा की प्रदेश महासचिवअग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार विकास की अनदेखी कर दान बांट रही है. आसनसोल दक्षिण सीट से विधायकअग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि ‘मंदिर बनाने और पूजा के लिए अनुदान देना सरकार का काम नहीं है. उन्होंने कहा कि ‘ये दिखाता है कि इससरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं सड़कें बनाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के बजाय ममता बनर्जी धर्म की राजनीति करने में व्यस्त हैं. भाजपाविधायक ने कहा कि अब दूसरे समुदाय के लोग भी मांग करेंगे कि सरकार उनके भी पूजा स्थल बनाए, जैसे उन्होंने दीघा का जगन्नाथ मंदिर बनवाया. लाख रुपये का देगा अनुमानअग्निमित्रा पॉल ने कहा कि वे चाहती हैं कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र को बेहतर करने, रोजगार पैदा करने और हर नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने कीदिशा में काम करे.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को एलान किया कि उनकी सरकार राज्य भर में लगभग 40 हजार दुर्गा पूजासमितियों में से प्रत्येक को 1.10 लाख रुपये का अनुदान देगी. पिछले वर्ष दुर्गा पूजा समितियों में से प्रत्येक को 85,000 रुपये की अनुदान राशि दीगई थी. मुख्यमंत्री ने इसके अलावा यह घोषणा भी की कि अग्निशमन विभाग, कोलकाता नगर निगम, पंचायतें और नगर पालिकाएं जैसी सरकारीएजेंसियां और नगर निकाय भी पूजा समितियों से कोई कर या सेवा शुल्क नहीं लेंगे. साधने की हो सकती है रणनीतिभाजपा की प्रदेश महासचिव अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि यह अनुदान विकास कार्यों को दरकिनार कर धर्म‑आधारित वोट बैंक राजनीति काहिस्सा है. उन्होंने कहा कि मंदिर बनाने और पूजा समितियों को अनुदान देना सरकार का काम नहीं है जबकि सड़कें, रोजगार, शिक्षा जैसे मुद्दे अनदेखे रहगए हैं ममता बनर्जी और TMC नेताओं ने इसे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और समावेशी विकास रणनीति बताया, न कि वोट बैंक ड्राइव उनकेअनुसार, यह ज़रूरी है क्योंकि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि बंगाल की जीवनशैली और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है यह कदम राजनीतिकविश्लेषकों द्वारा आगामी 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी के नजरिए से भी जोड़ा जा रहा है, विशेषकर इस बात पर कि यह स्थानीय क्लबों औरधार्मिक समुदायों को साधने की रणनीति हो सकती है.
भाजपा बना रही ‘कांग्रेस-युक्त’ पार्टी हर्षवर्धन सपकाल का महायुति पर बड़ा हमला” सपकाल का आरोप

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया है कि भाजपा राज्य में महायुति की अपनी सहयोगी पार्टियों शिवसेना और एनसीपी कोदबाव में लेने के लिए उन क्षेत्रों से पूर्व कांग्रेस नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही है. जहां विधानसभा चुनावों में शिवसेना और एनसीपी के विधायकविजयी हुए थे. सपकाल ने कहा कि हाल के महीनों में पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने डर और लालच के कारण ऐसा किया, लेकिन कांग्रेस स्पष्टता औरआक्रामकता के साथ अपनी विचारधारा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि 2024 विधानसभा चुनाव में सिर्फ 16 सीटें जीतने के बाद सेकांग्रेस लगातार दलबदल का सामना कर रही है. सपकाल ने कहा जो पूर्व कांग्रेसी विधायक पार्टी छोड़ गए हैं. वे कई वर्षों तक विधायक रहे, लेकिनअब वे रुकने को तैयार नहीं हैं. हमारे पास उन क्षेत्रों में संगठन को पुनर्गठित करने के लिए पर्याप्त समय है. बुलढाणा से विधायक सपकाल ने कहा किजो नेता पार्टी छोड़ गए वे सत्ता-लोभी थे और कांग्रेस ने उन पर अपने दरवाजे बंद करने का फैसला कर लिया है. उम्मीदवार से गए थे हारउनका दावा है कि भाजपा जानबूझकर उन विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस नेताओं को शामिल कर रही है जहां पिछले चुनाव में शिवसेना या एनसीपी केउम्मीदवार जीते थे. ताकि अपने सहयोगियों पर दबाव बना सके. उन्होंने बताया कि जिन नेताओं ने हाल ही में कांग्रेस छोड़ी. उनमें से कुणाल पाटिलधुले ग्रामीण में भाजपा उम्मीदवार से हारे थे. जबकि राकांपा उम्मीदवारों ने परभणी जिले के पाथरी निर्वाचन क्षेत्र में सुरेश वारपुडकर और खडकवासलामें संजय जगताप को हराया और जालना में कैलाश गोरंट्याल शिवसेना से हार गए। उन्होंने कहा कि भोर के पूर्व विधायक संग्राम थोपटे, जो भाजपा मेंशामिल हुए थे। वह भी राकांपा उम्मीदवार से हार गए थे. सपकाल ने कहा, ऐसा लग रहा है कि भाजपा महायुति गठबंधन के अंदर ही खेल खेल रहीहै. वे रेडी-मेड नेता ले रहे हैं. आश्वचर्य की नहीं है बातउन्होंने बताया कि कांग्रेस छोड़ने वाले पूर्व विधायकों ने इस फैसले के लिए निजी कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. सपकाल ने कहा यह कोई आश्चर्यकी बात नहीं थी. क्योंकि वे पहले से ही हमारे संभावित दलबदलुओं की सूची में थे. इन नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन को मजबूत बनाने और उसेमहत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए तैयार करने के हमारे उद्देश्य पर कोई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब भाजपा खुदको एक करोड़ कार्यकर्ताओं वाली सबसे बड़ी पार्टी बताती है तो उसे दूसरी पार्टियों के नेताओं को क्यों लेना पड़ रहा है? सपकाल ने तंज कसते हुएकहा, भाजपा अपने नेताओं को सक्षम क्यों नहीं बना पा रही? इसका मतलब है कि वह कमजोर दल है और अन्य पार्टियों को खत्म करके अपनाविस्तार करना चाहती है. ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ बनाने की जगह बीजेपी ने खुद को ‘कांग्रेस-युक्त’ पार्टी बना लिया है.
तेलंगाना की मंत्री कोंडा सुरेखा के खिलाफ कोर्ट ने आदेश दिया, के टी आर की मानहानि के आरोप में दर्ज होगा आपराधिक मामला

हैदराबाद की एक अदालत ने तेलंगाना सरकार की मंत्री कोंडा सुरेखा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है. यह मुकदमा भारतराष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मंत्री केटी रामाराव की मानहानि की शिकायत पर दर्ज किया गया है. नामपल्ली कोर्ट ने केटीआरकी शिकायत के बाद इस मामले में पर्याप्त प्रारंभिक सबूतों की समीक्षा के बाद, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 के तहत मामला दर्जकरने का आदेश दिया. अदालत ने निर्देश दिया है कि आपराधिक मामला दर्ज किया जाए और 21 अगस्त तक मंत्री सुरेखा को नोटिस दिया जाए.मानहानि का यह मामला पिछले साल अक्तूबर का है जब मंत्री कोंडा सुरेखा द्वारा केटीआर को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की गई थी. कोंडासुरेखा ने कथित तौर पर फिल्म अभिनेत्री समांथा और अभिनेता नागा चैतन्या के तलाक के लिए पूर्व मंत्री केटीआर को जिम्मेदार ठहराया था. केटीआर को ठहराया जिम्मेदारइसके अलावा भी कई अन्य निराधार आरोप लगाए थे। केटीआर के वकील ने तर्क दिया कि ये बयान निराधार थे और दुर्भावना से दिए गए थे. इनबयानों से केटीआर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा.कोंडा सुरेखा की कानूनी टीम ने शिकायत के न्यायाधिकार और स्वीकार्यता को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन अदालत ने उनकी आपत्ति को खारिज करदिया. अदालत ने उच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्देश का हवाला दिया जिसमें मामले पर सुनवाई करने के न्यायालय के अधिकार की पुष्टि की गई थी. अदालत ने सबूत के तौर पर मंत्री के विवादित बयान का वीडियो भी स्वीकार कर लिया. जो एक पेन ड्राइव में है। इससे पहले केटीआर ने कोंडा सुरेखाको नोटिस भेजकर उनके बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की थी. कोंडा सुरेखा ने कथित तौर पर फिल्म अभिनेत्री समांथा औरअभिनेता नागा चैतन्या के तलाक के लिए पूर्व मंत्री केटीआर को जिम्मेदार ठहराया था. KTR पर कई आरोप गए थे लगाएइसके अलावा भी कई अन्य निराधार आरोप लगाए थे केटीआर के वकील ने तर्क दिया कि ये बयान निराधार थे और दुर्भावना से दिए गए थे. सुरेखा केवकीलों द्वारा की गई न्यायाधिकार और स्वीकार्यता से जुड़ी आपत्तियों को अदालत ने खारिज कर दिया और उसने पेन ड्राइव में मौजूद उस वीडियो कोसबूत के रूप में स्वीकार किया जिसमें मंत्री के बयान दर्ज थे घटना लगभग अक्टूबर 2024 की है, जब सुरेखा ने KTR पर कई आरोप लगाए थे. जिनकी आलोचना हुई और KTR ने पहले एक 100 करोड़ रूपये का मानहानि दावा भी दायर किया था. अदालत ने पाया कि सुरेखा के कथितविवादास्पद बयान जिन्में उन्होंने टीओलिवुड अभिनेता नागा चैतन्या और समांथा के तलाक के लिए KTR को जिम्मेदार ठहराया था—के खिलाफप्राथमिक स्तर पर पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं.
पहलगाम हमले पर पाकिस्तान को अकेले दोष दे रहा भारत, दुनिया ने नहीं माना कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश गए प्रतिनिधिमंडल को लेकर सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा किकिसी भी देश यहां तक कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने भी नहीं कहा कि पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है। बस हम ही कह रहे हैं.कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि थरूर और उनकी टीम ने जिन 33 देशों का दौरा किया, उनमें से किसी ने भी पहलगाम आतंकी हमले के लिएपाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया. न तो संयुक्त राष्ट्र और न ही अमेरिका ने पाकिस्तान को जिम्मेदार माना है. हम ही कह रहे हैं कि इसके पीछेपाकिस्तान का हाथ है लेकिन कोई भी हमारी बात पर यकीन करने को तैयार नहीं है. हम ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर पाए हैं जिससे लोगों को यकीनहो कि किस पाकिस्तानी एजेंसी ने यह हरकत की है. पाकिस्तान की निंदा नहीं कीइससे पहले राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा था कि दुनिया ने आतंकवाद की निंदा की, लेकिन किसीने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद पूरी दुनिया ने आतंकवाद की निंदा की और भारत के पीड़ितों के प्रतिसहानुभूति जताई, लेकिन किसी भी देश ने पाकिस्तान का नाम लेकर उसकी आलोचना नहीं की. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय सेआतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है. लेकिन भारत में हुए कई हमलों में घरेलू आतंकी भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि कई बार पाकिस्तान से भेजे गएआतंकवादी और देश के अंदर पनपे आतंकी एक साथ काम करते हैं. वहीं लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कहा था कि सरकार ने यह नहींबताया कि पहलगाम के बाद एक भी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की है. पाकिस्तान के है समकक्षसभी ने आतंकवाद की निंदा की है इससे साफ है कि सभी देश हमें पाकिस्तान के समकक्ष रखा है. विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री कहते हैं कि हमनेपाकिस्तान को रोका है. लेकिन पाकिस्तान का जनरल मुनीर अमेरिका में लंच कर रहा है. इस पर प्रधानमंत्री ने कुछ भी नहीं कहा। कांग्रेस नेतामणिशंकर अय्यर ने कहा कि थरूर और उनकी टीम ने जिन 33 देशों का दौरा किया, उनमें से किसी ने भी पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तानको जिम्मेदार नहीं ठहराया. हम ही कह रहे हैं कि इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है, लेकिन कोई भी हमारी बात पर यकीन करने को तैयार नहीं है. पी. चिदंबरम ने राज्यसभा में कहा कि कहीं भी दुनिया ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया और यह दर्शाता है कि सरकार की रणनीतिक संवाद क्षमता कमजोरहै राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि वैश्विक प्रतिक्रिया केवल आतंकवाद की निंदा तक सीमित रही, पाकिस्तान का नाम न उठने से भारत को वैश्विकसमर्थन प्राप्त करने में समस्या हुई है.
भारत ने 2024 में 18,900 से अधिक अंग प्रत्यारोपण कर बनाया रिकॉर्ड, विश्व में तीसरे स्थान पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत ने 2024 में 18,900 से अधिक अंग प्रत्यारोपण करने की शानदार उपलब्धि हासिल की है. एक वर्षमें अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है. उन्होंने अंगदानकर्ताओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि उनके निस्वार्थ कार्य ने समाज में कई लोगों के लिएदुख को आशा और क्षति को जीवन में बदल दिया है. नड्डा ने कहा कि यह 2013 में 5,000 से भी कम प्रत्यारोपण की तुलना में एक महत्वपूर्णछलांग है. उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है. तथा केवल अमेरिका और चीन से पीछे हैस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत हाथ के प्रत्यारोपण में विश्व में अग्रणी है जो हमारी अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा क्षमताओं और हमारे चिकित्सा पेशेवरोंके अटूट समर्पण को दर्शाता है. जागरुकता की है बड़ी मिसाल2023 में आधार-आधारित एनओटीटीओ ऑनलाइन प्रतिज्ञा पोर्टल की शुरुआत के बाद से अब तक 3.30 लाख लोगों ने अंगदान की शपथ ली है, जो देश में जागरूकता की बड़ी मिसाल है.नड्डा ने कहा कि यह 2013 में 5,000 से भी कम प्रत्यारोपण की तुलना में एक महत्वपूर्ण छलांग है. उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्याके मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है तथा केवल अमेरिका और चीन से पीछे है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत हाथ के प्रत्यारोपण में विश्व मेंअग्रणी है. जो हमारी अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा क्षमताओं और हमारे चिकित्सा पेशेवरों के अटूट समर्पण को दर्शाता है। 2023 में आधार-आधारितएनओटीटीओ ऑनलाइन प्रतिज्ञा पोर्टल की शुरुआत के बाद से अब तक 3.30 लाख लोगों ने अंगदान की शपथ ली है जो देश में जागरूकता की बड़ीमिसाल है.नड्डा ने आगे कहा कि प्रत्येक अंगदाता एक मूक नायक होता है. जिसका निस्वार्थ कार्य दुख को आशा और क्षति को जीवन में बदल देता है. उन्होंनेकहा कि एक व्यक्ति हृदय, फेफड़े, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय और आंत दान करके 8 लोगों की जान बचा सकता है. लोगों की जान जा सकती है बदलीइसके अलावा, ऊतक दान के माध्यम से अनगिनत लोगों की जान बदली जा सकती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत ने 2024 में18,900 से अधिक अंग प्रत्यारोपण करने की शानदार उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने कहा कि यह 2013 में 5,000 से भी कम प्रत्यारोपण कीतुलना में एक महत्वपूर्ण छलांग है. उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है, तथा केवल अमेरिकाऔर चीन से पीछे है. देश ने इस उपलब्धि के साथ वैश्विक स्तर पर कुल प्रत्यारोपण संख्या में तीसरा स्थान हासिल किया है केवल अमेरिका और चीनसे पीछे। सन् 2023 में शुरू किए गए Aadhaar‑आधारित NOTTO ऑनलाइन प्रतिज्ञा पोर्टल पर अब तक 3.30 लाख से अधिक लोगों नेअंगदान की शपथ ली है. NOTTO की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 18,911 प्रत्यारोपण हुए, जिनमें से केवल 1,128 (मृत दाता) से प्राप्तहुए; बाकी अधिकांश living donors से हुए हैं. देह दान दर देश में प्रति मिलियन आबादी में अभी भी 1 से कम है.
सीएम योगी ने पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 1494 कर्मियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले यूपी पुलिस बनी देश की मिसाल

राजधानी लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 1494 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा. कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सभागार में हो रहा है. कार्यक्रम में सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना समेत अन्य लोग मौजूद रहे. इससे पहलेडीजीपी राजीव कृष्णा ने सीएम को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया. बताते चलें कि 60244 सिपाहियों की भर्ती के बाद उप्र पुलिस भर्ती एवंप्रोन्नति बोर्ड द्वारा पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रक्रिया के तहत दूरसंचार विंग में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कराया था. इसके आधार पर हीसहायक परिचालकों और कर्मशाला कर्मचारियों का चयन किया गया है. जिन लोगों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, उनमें 1314 सहायक परिचालकऔर 120 कर्मशाला कर्मचारी शामिल हैं. होना पड़ेगा संवेदनशीलकार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अभी और 30 हजार भर्ती के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. बिना रुके, बिना डिगे, बिना थकेकाम चल रहा है. हमने प्रदेश में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता बढ़ाई है. पहले मिलिट्री और अर्ध सैनिक बलों के ट्रेनिंग सेंटर लेने पड़ते थे. आज 60244 पुलिस के सिपाही अपने ही सेंटर पर ट्रेनिंग कर रहे हैं. किसी के ट्रेनिंग सेंटर को हायर नहीं किया गया. पुलिस को बेहतर आवासीय सुविधा दी जा रहीहै. कई जिलो में पुलिस लाइन नहीं थी. हम लोगों ने पुलिस लाइन बनाई। 1970-71 से यूपी में पुलिस कमिश्नरी बनाने की मांग की जा रही थी. इसपर भी हमने निर्णय लिया. आज सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था चल रही है. सीएम ने आगे कहा आज यूपी पुलिस देशभर में उदाहरण बनीहुई है. हर भारतवासी आज स्वीकार करता है कि यूपी में कानून व्यवस्था सही हुई है. महाकुंभ जैसे आयोजन में यूपी पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलताऔर उसके व्यवहार से इतना भव्य आयोजन सफल हुआ. आज हम उस दौर में आ चुके हैं, जब देश स्वतंत्र है। पुलिस को आम नागरिक के प्रतिसंवेदनशील होना पड़ेगा. सहभागिका बढ़ाने का देखा था सपनाप्रदेश की आधी आबादी को किनारे करके हम विकास नहीं कर सकते, इसीलिए यूपी पुलिस में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने का सपना देखा थाआज वह भी सफल हुआ है. सीएम ने आगे कहा कि यूपी पुलिस में 20 फीसदी अग्निवीरों को भर्ती करेंगे. हमें ट्रेंड नौजवान मिलेंगे जिस ट्रेड में वहजाना चाहेंगे, उसी ट्रेड में उन्हें भर्ती किया जाएगा. जिन लोगों को आज नियुक्ति पत्र मिला है उनको नसीहत देते हुए सीएम ने कहा कि आपका फार्मलेने से लेकर आज नियुक्ति पत्र मिलने तक सरकार ने आपको पारदर्शी तरीके से भर्ती किया गया है. आपको एक पैसा भी नहीं देना पड़ा है सरकार कोभी आपसे यही उम्मीद है कि आप अपने काम में पूरी ईमानदारी बरतें. यूपी पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित सहायक परिचालकों और कर्मशालाकर्मचारियों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र सौंपा. कार्यक्रम में सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना मौजूद रहे.
पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल क्रांति भगवंत मान ने आम आदमी क्लीनिक के लिए WhatsApp चैटबॉट, की सुविधाओं का किया शुभारंभ

पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी क्लीनिक केलिए व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा का उद्घाटन किया. इस पहल से पंजाब के लोग अब घर बैठे अपने मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के जरिए इलाज सेजुड़ी जरूरी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे. इस डिजिटल हेल्थ सुविधा के तहत मरीजों को दवाइयों की पर्ची, मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट, और अन्य स्वास्थ्य सेवाओंसे संबंधित जानकारी सीधे उनके फोन पर उपलब्ध होगी. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और पारदर्शी, सुगम, औरत्वरित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा. मेडिकल टेस्ट किए प्रदानउन्होंने बताया कि इस चैटबॉट के जरिए मरीज न केवल अपने टेस्ट और दवाइयों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि अपॉइंटमेंट बुक करने औरडॉक्टरों से परामर्श लेने की सुविधा भी हासिल कर सकेंगे.पंजाब में पहले से ही 881 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं जो मुफ्त परामर्श, दवाइयां, और 41 प्रकार के मेडिकल टेस्ट प्रदान कर रहे हैं. इनक्लीनिकों ने अब तक 2.07 करोड़ मरीजों को सेवाएं दी हैं और 72 लाख से अधिक मुफ्त टेस्ट किए हैं जिससे लोगों के स्वास्थ्य खर्च में लगभग1200 करोड़ रुपये की बचत हुई है। पंजाब में पहले से ही 881 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं. जो मुफ्त परामर्श, दवाइयां, और 41 प्रकार केमेडिकल टेस्ट प्रदान कर रहे हैं. सुविधा का किया उद्घाटनइन क्लीनिकों ने अब तक 2.07 करोड़ मरीजों को सेवाएं दी हैं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में 881 से अधिक आम आदमी क्लीनिकों पर शुरू कीगई WhatsApp चैटबॉट सुविधा का उद्घाटन किया, जिससे मरीज घर बैठे इलाज संबंधी जानकारी जैसे दवाई पर्ची, मेडिकल रिपोर्ट, अपॉइंटमेंट औरडॉक्टर से परामर्श मोबाइल पर प्राप्त कर सकते हैं. इन क्लीनिकों ने अब तक लगभग 2.07 करोड़ मरीजों को सेवाएं प्रदान की हैं और 72 लाख सेअधिक मुफ्त टेस्ट कराए जिनसे राज्य स्तर पर स्वास्थ्य खर्च में लगभग ₹1,050‑1,200 करोड़ की बचत हुई है पंजाब सरकार की यह पहल डिजिटलहेल्थ इनोवेशन का बेहतरीन उदाहरण है जिसका लाभ करोड़ों नागरिक उठा रहे हैं. व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा से मरीजों को इलाज और रिपोर्ट जैसीजानकारियाँ सीधे फोन पर उपलब्ध होती हैं जिससे स्वास्थ्य सेवा पारदर्शी, तीव्र और सुलभ बनी है.