चिदंबरम के बयान से संसद में हंगामा, BJP बोली कांग्रेस ने फिर पाकिस्तान का दिया साथ

संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस से ठीक पहले कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सवाल उठाए कि क्या हमले में शामिल आतंकी वाकई पाकिस्तान से आए थे? क्या इसबात के सबूत हैं? उन्होंने यह भी कहा कि हमले में घरेलू आतंकी भी हो सकते हैं. इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला औरआरोप लगाया कि वह हमेशा दुश्मनों की तरफदारी करती है और पाकिस्तान को क्लीन चिट देती है. पी. चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में कहा कि सरकारयह साफ नहीं कर रही कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने हमले के बाद क्या काम किया है. इसी दौरान चिदंबरम ने ये भी कहा कि क्याउन्होंने(सरकार) आतंकियों की पहचान की है? क्या यह पक्का है कि वे पाकिस्तान से ही आए थे? इसके साथ ही चिदंबरम ने ऑपरेशन सिंदूर केदौरान हुए नुकसान छिपाने का भी आरोप लगाया. चिदंबरम ने कहा कि जंग में दोनों पक्षों को नुकसान होता है. ब्रिटेन ने वर्ल्ड वॉर में रोजाना अपनेनुकसान बताए. भारत को भी ऐसा करना चाहिए सरकार सब कुछ छुपा रही है.कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर नहीं बोल रहे हैं. उन्होंने पूछा कि जबपीएम मोदी देश को संबोधित कर सकते हैं. योजना हो गई फेलरैलियों में भाषण दे सकते हैं, तो संसद में क्यों नहीं बोल रहे? चिदंबरम ने यह भी आरोप लगाया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कीघोषणा खुद भारत ने नहीं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी. क्या सरकार इस पर चर्चा से घबरा रही है? भाजपा आईटी सेल प्रमुखअमित मालवीय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चिदंबरम वही नेता हैं जिन्होंने भगवा आतंक का झूठ फैलाया. अब फिरपाकिस्तान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर बार पाकिस्तान समर्थित आतंक पर सवाल उठाने की जगह उसेबचाने में जुट जाती है. मालवीय ने आगे कहा कि जब भी भारत पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करता है, कांग्रेस के नेता इस्लामाबाद के बचाव मेंखड़े नजर आते हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान केसाथ खड़ी दिखती है, चाहे वो मुंबई हमले हों या सर्जिकल स्ट्राइक या अब पहलगाम हमला उन्होंने कहा कि संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठायाजाएगा. पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पी. चिदंबरम द्वारा पाकिस्तान का जिक्र न करने पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तीखा हमला बोला है. दुबे ने कहा कि कांग्रेस अब गद्दार संगठन बन चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से एमओयू साइन करते हैं औरकांग्रेस पर देश को बेचने की मंशा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी जी आ गए, इसलिए इनकी योजना फेल हो गई है. अनुराग ठाकुर पर बोला तीखा हमलाऑपरेशन सिंदूर पर पी. चिदंबरम के बयान को लेकर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जब भी पाकिस्तान औरआतंकवाद की बात होती है, तो राहुल गांधी की कांग्रेस, पाकिस्तान से भी ज़्यादा उसका पक्ष लेती है. ठाकुर ने सवाल उठाया कि कांग्रेस कोपाकिस्तान का साथ देने की क्या मजबूरी है उन्होंने कहा कि एक पूर्व गृहमंत्री का ऐसा बयान कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है. पी. चिदंबरमके इस बयान पर कि पहलगाम हमलावर पाकिस्तानी नहीं थे, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि चिदंबरम को अपनी जानकारी होगी, लेकिन सरकार कह चुकी है कि वे पाकिस्तानी आतंकी थे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का भारत में आतंक फैलाने का इतिहास रहा है और देश में हुएसभी बड़े आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ रहा है.
नितेश राणे vs रोहित पवार बयानबाज़ी की जंग में गरमाई महाराष्ट्र की सियासत “पवार का राणे पर पलटवार”

महाराष्ट्र की राजनीति बयानबाजी अपने चरम पर है इसी बीच फडणवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे और इन दिनों लगातार चर्चा में चल रहे शरद गुटके एनसीपी विधायक रोहित पवार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. जहां मंत्री राणे ने एनसीपी विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि विधायकरोहित पवार का झुकाव भाजपा की ओर है और वह भाजपा नेताओं के संपर्क में थे. हालांकि राणे के इस बयान पर एनसीपी (एसपी) नेता ने भीजोरदार पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जो खुद कीचड़ में फंसा हो उसे दूसरो पर बात नहीं करनी चाहिए. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे पहलेरोहित पवार पर तंज कसते हुए कहा कि रोहित पवार 2019 में भाजपा में शामिल होने वाले थे. अगर हमने ये बताना शुरू कर दिया कि वो किन-किनभाजपा नेताओं के संपर्क में थे तो उन्हें चेहरा छिपाने की जगह नहीं मिलेगी. वह भले ही शरीर से शरद पवार के साथ हों, लेकिन उनका दिल भाजपा केसाथ है. एनसीपी का दिया चुनाव चिन्ह्राणे के इस तंज पर विधायक और शरद पवार के ग्रैंड-भतीजे रोहित पवार ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो खुद कीचड़ में फंसा हो, उसे दूसरोंपर बात नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नितेश राणे जब कांग्रेस में थे और उनसे पार्टी बदलने को लेकर सवाल पूछा गया था. तो खुद गुस्से में आगबबूला हो गए थे. वो जैसे कपड़े बदलते हैं, वैसे ही पार्टियां बदलते हैं। रोहित ने आगे कहा कि वो राजनीति में शुरुआत से ही एक ही पार्टी के साथ हैंसाथ ही पवार ने नितेश राणे को आईना देखने की सलाह दी. बता दें कि बीते साल 2023 में शरद पवार की पार्टी एनसीपी का विभाजन हुआ था. अजीत पवार ने कई विधायकों के साथ भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल होकर अलग गुट बना लिया था. चुनाव आयोग ने अजीत पवार गुट कोअसली एनसीपी का नाम और चुनाव चिह्न दिया, जबकि शरद पवार गुट को नया नाम एनसीपी (शरदचंद्र पवार) मिला. नहीं उठानी चाहिए कोई उंगलीमहाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी गरमाई हुई है भाजपा मंत्री नितेश राणे ने तंज कसते हुए कहा कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवारका दिल भाजपा के साथ है और वे 2019 में पार्टी में आने वाले थे. इस पर रोहित पवार ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो खुद बार-बार पार्टीबदलते हैं और कीचड़ में फंसे हैं, उन्हें दूसरों पर उंगली नहीं उठानी चाहिए. महाराष्ट्र की राजनीति वर्तमान में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप कीगहमागहमी से घिर गई है. नितेश राणे ने रोहित पवार पर भाजपा के साथ झुकाव और पार्टी बदलने का आरोप लगाया है, वहीं रोहित पवार ने उन्हेंवरिष्ठों के बोलने वाला बताया और साफ किया कि वे बार-बार पार्टी बदलने वाले परिवार से हैं। रोहित पवार ने राणे द्वारा लगाए आरोपों को वरिष्ठनेताओं का निर्देशन मानते हुए खारिज किया. उन्होंने कहा कि राणे कांग्रेस में अधिक मुखर थे, लेकिन भाजपा में आने के बाद “अपना तेवर बदला”
‘चारों आतंकी अब भी फरार’ प्रियंका चतुर्वेदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर उठाए सवाल”

संसद में सोमवार जम्मू-कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले और भारत के जवाबी सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा होनी है. इस बीचशिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के खिलाफ कीगई तमाम कार्रवाइयों के बावजूद पहलगाम हमले में शामिल चारों आतंकी अब भी फरार हैं. उन्होंने कहा कि हम सभी जानना चाहते हैं कि खुफिया तंत्रमें चूक कहां हुई. पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर का भाषण हमला होने से पहले ही हो चुका था, फिर हम सतर्क क्यों नहीं हुए? उन्होंने कहाकि हमले में लोगों को उनके धर्म पूछकर मारा गया ताकि देश में माहौल बिगाड़ा जा सके, लेकिन भारतीयों ने एकजुटता दिखाकर उस साजिश कोनाकाम कर दिया. बता दें कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने ओवरसीज पाकिस्तानिज सम्मेलन में कहा था कि पाकिस्तान और भारत हरमामले में अलग हैं। धर्म, परंपरा, सोच और महत्वाकांक्षाएं। उन्होंने 1947 की टू-नेशन थ्योरी का जिक्र करते हुए पाकिस्तानी नागरिकों से कहा था किवे अपने बच्चों को हिंदू-मुस्लिम के बीच अंतर सिखाएं. कई उठाए कदमप्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत सरकार ने हमले के बाद कई कड़े कदम उठाए. इसके तहत सिंधु जल संधि को निलंबित किया गया, पाकिस्तानीमीडिया चैनलों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और क्रिकेटरों पर प्रतिबंध लगाया गया. व्यापार और द्विपक्षीय वार्ताएं रोकी गईं और विभिन्न देशों मेंराजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल भेजे गए. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इतने कदमों के बावजूद चारों आतंकी अभी तक नहीं पकड़े गए हैं औरइससे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सवाल उठते हैं. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंनेकहा कि चिदंबरम जी कई मंत्रालयों में काम कर चुके हैं. गृहमंत्री भी रह चुके हैं भारत-पाकिस्तान के पिछले 70 वर्षों के इतिहास को देखें, तो हमें नयुद्ध का सबूत चाहिए, न आतंकवाद का सब पाकिस्तान के ही कारण हुआ है. पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा था कि कोई सबूत नहीं है कि हमलावर पाकिस्तान से आए थे। इस पर शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखीप्रतिक्रिया दी है. जोरदार बहस की है उम्मीदउन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच आगामी एशिया कप क्रिकेट मैच पर भी आपत्ति जताई और कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान दुनिया में कहींभी क्रिकेट मैच खेलते हैं, तो यह देश के हित में नहीं होगा. प्रियंका चतुर्वेदी ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार का सामान्य रिश्तादेश की सुरक्षा नीति के खिलाफ हो सकता है. गौरतलब है कि बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोषनागरिक मारे गए थे. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसे’ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया. अब संसद में इस पूरे मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जोरदार बहस की उम्मीद है.
भारत–ब्रिटेन व्यापार समझौते पर सरकार की बड़ी पहल 20 दिन में 1,000 से अधिक कार्यक्रम, उद्योगों और राज्यों को किया जाएगा जागरूक

सरकार भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते पर उद्योग और राज्यों को संवेदनशील बनाने की तैयारी कर रही है। अगले 20 दिनों में देशभर में हितधारकबैठकों, कार्यशालाओं और जागरूकता अभियान सहित 1,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित होगा. इसका उद्देश्य 24 जुलाई को हस्ताक्षरित व्यापकआर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना तथा इससे अधिकतम लाभ प्राप्त करना है. सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्रवारकार्यक्रम आयोजित होंगे। टीमें विभिन्न राज्यों का दौरा करके उन्हें इस व्यापार समझौते के लाभों से अवगत कराएंगी. वस्त्र क्षेत्र के साथ करेंगें बैठकवाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को चमड़ा और वस्त्र क्षेत्र के साथ बैठक करेंगे. इस समझौते के लागू होने पर 99 प्रतिशत भारतीयनिर्यात ब्रिटेन में शुल्क मुक्त हो जाएगा. इससे कार, सौंदर्य प्रसाधन और व्हिस्की जैसे ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क भी कम हो जाएगा. इस समझौते कालक्ष्य 2030 तक विश्व की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच 56 अरब डॉलर के व्यापार को दोगुना करना है. भारत ने चॉकलेट, बिस्कुट और सौंदर्य प्रसाधनों सहित विभिन्न उपभोक्ता वस्तुओं के लिए अपना बाजार खोल दिया है. यूके में होगा 99% शुल्क मुक्त99% भारतीय निर्यात अब यूके में शुल्क मुक्त होगा, जिससे वस्त्र, चमड़ा, कृषि, आईटी सेवा, ऑटो कंपोनेंट और समुद्री उत्पादों को बड़ी बाजार पहुँचमिलेगी ब्रिटिश उत्पादों जैसे कार, व्हिस्की, सौंदर्य प्रसाधन पर शुल्क में कमी आएगी; कारों पर शुल्क धीरे-धीरे घटाकर 2031 तक 10% तक सीमितकिया जाएगा सेवाएँ और पेशेवर गतिशीलता: योगा प्रशिक्षक, कलाकार, डिज़ाइनर, इंजीनियर जैसे पेशेवरों के लिए यूके में अवसर बढ़ेंगे; सामाजिकसुरक्षा समझौते के तहत नेशनल इंश्योरेंस छूटें भी मिलेगी ब्रिटिश ऑटोमोटिव निर्माता कुछ क्षेत्रों में असंतुष्ट: पेट्रोल-डीज़ल वाहनों पर शुल्क अभी बनीरहेगी; क्वोटा सिस्टम (20,000 वाहन first year) लागू रहेगा 20 दिनों में 1,000 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम: हितधारक बैठकों, फीडबैकसेशंस और सेक्टर-वाइज कार्यशालाएँ जारी रहेंगी. पीयूष गोयल सोमवार को चमड़ा एवं वस्त्र क्षेत्र के साथ विशेष बैठक करेंगेटीमें राज्यों का दौराकरेंगी और उद्योगों को समझौते से मिलने वाले लाभों से अवगत कराएंगी ब्रिटिश ऑटो निर्माता कुछ मामलों में असंतुष्ट: पेट्रोल-डिज़ल वाहनों परशुल्क अभी भी लागू रहेगा; पहले वर्ष में क्वोटा प्रणाली (20,000 वाहन) लागू होगी.
त्रिपुरा में ‘मन की बात’ के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला, CM माणिक साहा ने सहयोगी टिपरा मोथा को ठहराया जिम्मेदार पार्टी ने किया इनकार

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने खोवाई जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के लिए सहयोगी तिपुरा मोथा को जिम्मेदार ठहराया है. सीएमने रविवार को कहा कि उन्होंने पुलिस को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. यह हमला रविवार सुबह चंपाहोवर थाना क्षेत्र केएक दूर-दराज के आदिवासी गांव आश्रमबाड़ी में हुआ. मुख्यमंत्री साहा हमले में घायल भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए रात को अगरतला केजीबी पंत अस्पताल पहुंचे. सीएम साहा ने फेसबुक पर पोस्ट में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान आश्रमबाड़ी में टिपरामोथा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हिंसक और अलोकतांत्रिक हमला किया, जिसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं. उन्होंने आगे कहा कि कई भाजपा कार्यकर्ताघायल हुए हैं जिनमें से तीन का जीबी अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि मैंने अस्पताल का दौरा किया है. डॉक्टरों को सर्वोत्तम देखभालप्रदान करने के निर्देश दिए और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह के घृणित कृत्यबर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. संलिप्तता से किया इन्कारहालांकि टिपरा मोथा पार्टी ने इस हमले में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है. यह पार्टी त्रिपुरा में भाजपा सरकार की सहयोगी हैऔर प्रद्योत देबबर्मा इसके नेता हैं. वन मंत्री और टिपरा मोथा के नेता अनिमेष देबबर्मा ने घटना में पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया. उन्होंने दावाकिया, ‘मुझे नहीं पता कि भाजपा ने क्या कहा है. हम अपने सहयोगियों के नेताओं, कार्यकर्ताओं या समर्थकों पर हमला नहीं करते ऐसी स्थिति पैदाकरने की कोई साजिश हो सकती है. पार्टी किसी भी तरह से इस हमले में शामिल नहीं है. खोवाई कुडियारासु के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी(एसडीपीओ) के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनने के लिए एक घर में इकट्ठा हुए थे, तभी कुछ उपद्रवियों ने उन पर हमला करदिया, जिसमें तीन लोग घायल हुए. उन्हें इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह बातसामने आई है कि हमला किसी आपसी रंजिश की वजह से हुआ था, न कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम की वजह से एक प्राथमिकी दर्ज की गई है औरजांच जारी है. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.भाजपा जनजातीय मोर्चा के महासचिव बिपिन देबबर्मा ने दावा किया कि इस हमले में उनके सातकार्यकर्ता घायल हुए हैं. 10 मोटरसाइकिलों का गया है जलायापुलिस ने यह भी बताया कि हमलावरों ने भाजपा कार्यकर्ताओं की तीन गाड़ियां और 10 मोटरसाइकिलों को जला दिया. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिकसाहा ने खोवाई जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के लिए सहयोगी तिपुरा मोथा को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने भरोसा दिया कि मामले मेंकड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, त्रिपुरा मोथा ने हमले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. यह हमला उस समय हुआ जबभाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के लिए एक घर में इकट्ठा थे इस घटना में 7–9 भाजपा कार्यकर्ता घायल हुएऔर उनकी कई गाड़ियाँ—लगभग 8 मोटरसाइकिल और 2 कारें—को भी आगिल वा भग करा दिया गया. विपक्षी भाजपा जनजातीय मोर्चा केमहासचिव बिपिन देबबर्मा ने कहा कि Tipra Motha कार्यकर्ता तेज-तर्रार हथियारों से लैस थे जैसे लाठी तेज़ हथियार आदि, और उन्होंने जानबूझकर हमला किया. घटना की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हिंसा राजनैतिक वजह से नहीं, बल्कि स्थानीय आपसी रंजिश की वजह से होसकती है. पुलिस ने इस बाबत एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन अब तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है.
कांग्रेस ने संसद में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर 3 दिन की बहस के लिए सांसदों को व्हिप जारी, हंगामे के भी आसार

कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को सोमवार से अगले तीन दिनों तक संसद में मौजूद रहने का निर्देश दिया है. इस संबंध में पार्टी ने व्हिप जारी कियाहै इन तीन दोनों में संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस होनी है ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान सदन मेंहंगामे के आसार हैं. सूत्रों के अनुसार, बहस के पहले दिन सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई विपक्षी दल का नेतृत्व करेंगे. भाजपा के नेतृत्व वालेसत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े इन दो मुद्दों पर आमने-सामने होंगे. एनडीए औरविपक्षी दलों द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा के दौरान अपने शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने की उम्मीद है.कांग्रेस ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर यह निर्देश इसलिए दिया है. ताकि कोई भी अहम मुद्दा बिना उनकी भागीदारी के न छूटे. सूत्रों के मुताबिक, सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर संसद में इन मुद्दों पर बोलेंगे। ऐसे संकेत हैं किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद के खिलाफ अपनी सरकार के मजबूत रुख से अवगत कराने के लिए हस्तक्षेप कर सकते हैं. हंगामे के आसारगौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य मुद्दों पर विपक्ष केविरोध के कारण लगभग बेकार चला गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 25 जुलाई को कहा कि विपक्ष सोमवार को लोकसभा में और मंगलवारको राज्यसभा में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू करने पर सहमत हो गया है. दोनों पक्षों ने प्रत्येक सदन में 16 घंटे की मैराथन बहसके लिए सहमति व्यक्त की है. जो व्यवहार में हमेशा लंबी खिंचती है। कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है. पार्टी ने सोमवारसे तीन दिनों तक उन्हें लोकसभा में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इस दौरान संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस होनीहै इस दौरान हंगामे के आसार हैं. रणनीति कहा है हिस्साकांग्रेस ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सुनिश्चित किया है कि सभी प्रमुख सांसद मौजूद रहें और पूरी ताकत से बहस में हिस्सा लें. यह विपक्ष कीमजबूती और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है कांग्रेस उपनेता गौरव गोगोई बहस के पहले दिन विपक्ष का नेतृत्व करेंगे और यह मानाजा रहा है कि वे सरकार की खुफिया विफलताओं और जवाबी कार्रवाई की सीमाओं पर सवाल उठाएंगे. ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद जैसेसंवेदनशील मुद्दों पर बहस के दौरान सदन में भावुकता और तनाव बढ़ने की संभावना है. विपक्ष सरकार की सुरक्षा नीति को चुनौती दे सकता है, वहींसरकार अपनी कार्रवाई का बचाव करेगी.