बिहार वोटर लिस्ट मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ओम बिरला बोले “सड़क जैसा व्यवहार संसद में नहीं चलेगा”

लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया. बुधवार को जब विपक्षी सांसदोंने हंगामा किया तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए. उन्होंने विपक्षी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप सड़क का व्यवहार संसद मेंकर रहे हैं। ये देश देख रहा है. उन्होंने कहा कि सदन में तख्तियां लेकर आने वालों पर मुझे निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी. बता दें कि लगातार तीनदिन से हो रहे विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा को स्थगित करना पड़ रहा है संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ है.निचले सदन मेंप्रश्नकाल के दौरान ‘बिहार में रेल परियोजनाएं’ विषय पर चर्चा चल रही थी. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हंगामा किया. संसद की कार्रवाई चढ़ी हंगामे की भेंटसांसदों के हंगामे को लेकर लोकसभा स्पीकर बिरला भड़क गए. उन्होंने कहा कि संसद हमारे गौरवशाली लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है. सांसदों से मेरीअपेक्षा रहती है कि संसद के अंदर आपका आचरण, व्यवहार, कार्यपद्धति मर्यादित रहना चाहिए. देश की जनता ने आपको यहां पर उनकी आवाज, उनकी चुनौतियों, उनकी अपेक्षाएं और देश के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भेजा है.लोकसभा स्पीकर ने आगे कहा कि आपका जो व्यवहार है वो सड़कोंका है. यह आचरण और व्यवहार आप संसद में कर रहे हैं ये देश देख रहा है. मैं सभी राजनीतिक दलों से कहता हूं कि देश उनके सदस्यों के आचरण कोदेख रहा है. मैं दोबारा कह रहा हूं कि सदन में तख्तियां लेकर आने वालों पर मुझे निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी. आप जाइए, सदन में बैठिए और मुद्दोंपर चर्चा कीजिए. इसके बाद लोकसभा स्पीकर ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई सेशुरू हुआ है बीते दो दिनों से लगातार संसद की कार्रवाई हंगामे की भेंट चढ़ रही है. आतंकी हमले के मुद्दों को लेकर किया हंगामापहले दिन विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे को लेकर हंगामा किया. इसके बाद दूसरे दिन बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हंगामा हुआ. संसद के अंदर से लेकर बाहर तक सियासी संग्राम देखने को मिला. विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा मेंबिहार एसआईआर का मुद्दा उठाया और जमकर हंगामा किया. नारेबाजी और हंगामे के कारण कार्यवाही नहीं चल सकी. लोकसभा में बुधवार कोप्रश्नकाल के दौरान बिहार में रेल परियोजनाएं विषय पर चर्चा चल रही थी. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण को लेकर हंगामा किया. सांसदों के हंगामे को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भड़क गए. उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र की सबसेपवित्र संस्था है और इसमें मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है. स्पीकर ने यह भी कहा कि यदि सांसद तख्तियां लेकर सदन में आएंगे तो उन्हेंनिर्णायक कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ है, लेकिन पहले दिन पहलगाम आतंकी हमले और दूसरेदिन बिहार वोटर लिस्ट पर विपक्ष के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है. बुधवार को एक बार फिर यही मुद्दा उठा औरविपक्षी दलों ने जमकर नारेबाजी की.
स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, चुनाव आयोग एक्शन में “अब देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति”

जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकेइस्तीफे को स्वीकार कर लिया था अब चुनाव आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे केबाद चुनाव आयोग एक्शन मोड में आ गया है. आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. आयोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा किभारत निर्वाचन आयोग ने 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं. तैयारी संबंधी गतिविधियां पूरी होने के बाद जल्द हीउपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी. जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पदसे इस्तीफा दे दिया था. मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया था. मौजूदा सदस्यों की करेगा गिनतीचुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने 22 जुलाई 2025 को एक अधिसूचना के जरिये भारत के उपराष्ट्रपतिजगदीप धनखड़ के इस्तीफे की सूचना दी है. इसमें कहा गया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव करानेका अधिकार प्राप्त है. यह चुनाव राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम 1952 और इसके तहत बने नियमों (राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावनियम 1974) द्वारा कराया जाता है. आयोग ने कहा कि हमने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं. तैयारियां पूरी होने के बादउपराष्ट्रपति पद के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी. आयोग ने कहा कि निर्वाचक मंडल की तैयारी, जिसमें राज्यसभा एवं लोकसभा केनिर्वाचित तथा मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं शुरू कर दी गई है. इसके अलावा रिटर्निंग ऑफिसर / सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति को अंतिमरूप दिया जा रहा है. आयोग ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति चुनावों से संबंधित जानकारियों और रिकॉर्ड को देखा जा रहा है. उपराष्ट्रपति चुनाव मेंराज्यसभा के 233 निर्वाचित सांसद, राज्यसभा में मनोनीत 12 सांसद और लोकसभा के 543 सांसद वोट डाल सकते हैं. इस तरह के कुल 788 लोगवोट डाल सकते हैं. हालांकि, चुनाव आयोग जब उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का एलान करेगा, तब वह लोकसभा और राज्यसभा में सभी मौजूदासदस्यों की गिनती करेगा.20 सदस्यों को करना होता है नामितसंविधान के अनुच्छेद 66 में उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया का जिक्र है यह चुनाव अनुपातिक प्रतिनिधि पद्धति से किया जाता है. जो कि लोकसभा याविधानसभा चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया से बिल्कुल अलग है. उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम से होती है. चुनाव में खड़े होनेके लिए किसी भी व्यक्ति को कम से कम 20 संसद सदस्यों को प्रस्तावक और कम से कम 20 संसद सदस्यों को समर्थक के रूप में नामित करानाहोता है. उपराष्ट्रपति का प्रत्याशी बनने के लिए 15 हजार रुपए की जमानत राशि जमा करनी होती है. नामांकन के बाद फिर निर्वाचन अधिकारीनामांकन पत्रों की जांच करता है और योग्य उम्मीदवारों के नाम बैलट में शामिल किए जाते हैं. उपराष्ट्रपति चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्य वोटडालते हैं. इनमें राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं. राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचित सांसद और सभी राज्यों के विधायक मतदान करते हैं. राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सांसद वोट नहीं डाल सकते हैं लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसा नहीं है उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसे सदस्य भी वोट कर सकतेहैं.
बिहार विधानसभा में SIR को लेकर हंगामा, ‘बाप-बाप’ की गूंज से गूंजा सदन अध्यक्ष ने कार्यवाही की स्थगित

बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेताओं ने SIR के मुद्दे पर फिर से हंगामा किया. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नेसदन में अपनी बात रखी और SIR के मुद्दे पर विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग की. इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खड़े हो गए उन्होंनेफिर से लालू और राबड़ी राज की याद दिलाई. तेजस्वी यादव से कहा कि तब तुम बच्चे थे 2005 से पहले क्या होता था यह तुम नहीं जानते हो. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के कामों को गिनाया फिर बैठ गए. इसी बीच भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं हैइतना सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष भड़क गए और माफी मांगने की बात कहने लगे. गलत शब्दों का किया प्रयोगइस पर सत्ता पक्ष के विधायक हंगामा करने लगे. अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि सदन में भाई वीरेंद्र ने जिन शब्दों का प्रयोगकिया वह गलत है. आप उनसे कहिए कि वह माफी मांगे इसी बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे किसी भी विधायक ने अगर कुछ कहा तो उसका बुरामत मनाए. इसी बीच डिप्टी सीएम विजय सिन्हा उठा खड़े हुए और माफी मांगने की बात कहने लगे. यह सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें फटकारलगाई और कहा कि आप बैठ जाइए. सदन आप नहीं मैं चलाता हूं. मुझे तय करने दीजिए क्या करना है क्या नहीं. मैं फैसला करूंगा. इसके बादहंगामा होने लगा यह कहते हुड़न अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी. सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद डिप्टीसीएम विजय सिन्हा बाहर निकले. सदन में करते है गुंडागर्दीउन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं है. यह अत्यंत हीआपत्तिजनक है. लोकतंत्र के मंदिर में ऐसी भाषा शोभा नहीं देती है. राजद के लोग गुंडाराज चलाना चाहते हैं वह सदन में गुंडागर्दी करते हैं. अपशब्दोंका प्रयोग करते हैं और सदन चलने नहीं देते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में भाषा का स्तर कहां जाएगा, अंदाजा बिहार विधानसभा के अंदर लग रहाहै. बुधवार को विधानसभा में ‘बाप-बाप’ की गूंज रही। अध्यक्ष नंद किशोर भड़के भी. फिर यह गूंज बाहर तक आई उनकी इस बात से सदन का माहौलगरमा गया। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने इसे आपत्तिजनक करार दिया और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से माफी मंगवाने को कहा स्थितितनावपूर्ण होती देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी.से ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने SIR कोलेकर विरोध जताना शुरू कर दिया. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.
कांवड़ यात्रा में अश्लील डांस पर भड़कीं अनुराधा पौडवाल, बोलीं “ये बकवास बंद करो प्लीज”

सावन का महीना शुरू होते ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाती है इन दिनों कांवड़ यात्रा जोर-शोर से चल रही है और एक-एक दिन में कई लोग कांवड़यात्रा कर रहे हैं. लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसकी काफी आलोचना की जा रही है। इसवीडियो में कांवड़ यात्रा के दौरान एक डांसर महिला डांस कर रही है. इस दौरान उसके स्टेप्स कुछ ऐसे हैं, जिनको लेकर वीडियो की आलोचना हो रहीहै. अब इस वायरल वीडियो पर मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है. कई बॉलीवुड और भजन गीत गाने वाली मशहूर सिंगरअनुराधा पौडवाल ने कांवड़ यात्रा के दौरान महिला डांसर के डांस के वायरल वीडियो पर नाराजगी जताई है. अश्लीलता पर उठाए सवालसाथ ही उन्होंने धार्मिक कार्यों में इस तरह की अश्लीलता पर भी सवाल उठाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुराधा पौडवाल ने इस वायरलवीडियोज में से एक पर कमेंट करते हुए नाराजगी जताई है. उन्होंने लिखा, ‘ये बकवास बंद करो प्लीज. अनुराधा पौडवाल के अलावा भी इस वायरलवीडियो पर बहुत से यूजर्स ने सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का बताया जा रहा है. वीडियो में बहुत सारे कांवड़िया नजर आ रहे हैं और उनके आगे एक ट्रक चल रहा है. इसी ट्रक पर दो लड़कियां अश्लील और भद्दा डांस कर रही हैं यहवीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और इसके सामने आते ही लोग इस पर नाराजगी जता रहे हैं। हालांकि, ये वीडियो कहां का है हम इसकीपुष्टि नहीं करते हैं. वीडियो पर किया कमेंटअनुराधा पौडवाल एक मशहूर सिंगर हैं उन्होंने 1990 के दशक में कई सुपरहिट बॉलीवुड गीत गाए हैं. इनमें ‘आशिकी’ सरीखी सुपरहिट फिल्मों के गानेभी शामिल हैं. इसके अलावा अनुराधा पौडवाल ने कई लोकप्रिय भजन गीतों को भी अपनी आवाज दी है. सिंगर अनुराधा पौडवाल ने कांवड़ यात्रा केदौरान अश्लील डांस के वायरल वीडियो पर अब नाराजगी जताई है. बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का है, जहांकांवड़ यात्रा के दौरान एक ट्रक पर दो महिलाएं अश्लील डांस करती नजर आ रही हैं. ट्रक के पीछे बड़ी संख्या में कांवड़िये मौजूद हैं, जो इस दृश्य कोदेखकर झूमते दिख रहे हैं. वीडियो के डांस स्टेप्स और प्रस्तुति को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है और सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना होरही है. मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल, जिन्होंने अपने करियर में अनगिनत भक्ति गीत और बॉलीवुड हिट्स गाए हैं, ने इस वायरल वीडियो पर तीखीप्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा.
तेजस्वी यादव का तीखा हमला “बिहार सरकार रिमोट कंट्रोल से रही है चल, वोटिंग अधिकार छीनने की है पूरी साजिश”

बिहार विधानसभा सत्र के दौरान बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री और सरकार पर जमकर निशाना साधा. सदन से बाहर आते हीतेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चर्चा का विषय तक नहीं पता था और वे बीच बहस में ही हस्तक्षेपकरने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है और शासन का कोई स्पष्ट दिशा नहीं है. तेजस्वी यादव ने कहा किविपक्ष के नेता को बोलने का संवैधानिक हक है, लेकिन सरकार उसे दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने राज्य की चुनावी तैयारियों को लेकर भीगंभीर सवाल उठाए. तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग 11 अलग-अलग दस्तावेजों की मांग कर रहा है, लेकिन आधार कार्ड को मान्यता नहीं दीजा रही. उन्होंने सवाल उठाया कि जब आधार कार्ड राष्ट्रीय पहचान पत्र के रूप में सरकार खुद मानती है. बिहार बना पिछड़ा राज्यतो चुनाव आयोग इसे क्यों नहीं स्वीकार रहा?तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार दस्तावेजीकरण के मामले में सबसे पिछड़ा राज्य बन गया है. उन्होंनेकहा कि सरकार को निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में काम करना चाहिए, लेकिन यह उलझाव और भटकाव की स्थिति पैदा की जा रही है. तेजस्वीयादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन बार-बार फर्जी वोटर की बात कर रही है लेकिन यह पूरी तरह गलत है उन्होंने कहा कि इस बहाने आम जनताको मतदाता सूची से हटाने या नामांकन प्रक्रिया को जटिल बनाने की कोशिश की जा रही है. तेजस्वी यादव ने कहा कि हम लोगों का किसी भी हालमें मत का अधिकार छिनने नहीं देंगे. इस साजिश को हम लोग हर हाल में विफल करके रहेंगे. विपक्ष संविधान की हत्या होने नहीं देगा किसी का वोटकटने नहीं देंगे। किसी भी हाल में हम लोग चुनाव आयोग की मनमानी चलने नहीं देंगे. भाजपा सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचीपुनरीक्षण की आड़ में मतदान के अधिकार एवं लोकतंत्र पर किए जा रहे हमले के खिलाफ बिहार में हम लोगों का प्रदर्शन जारी रहेगा. लोकतंत्र के काले अध्याय की चर्चावहीं वाम दल के विधायक महबूब आलम ने कहा कि सीमांचल के इलाकों में लाखों ऐसे लोग हैं जिनके कागजात बाढ़ में बह गए. उनके पास कोई भीकागजात नहीं है. ऐसे में वह कहां से अपने कागजात लाएं. यह दूसरे तरह की NRC है. इसके कारण आने वाले दिनों में हमें सिर्फ वोट देने केअधिकार से ही नहीं बल्कि नागरिकता से भी वंचित कर दिया जाएगा. यह लोकतंत्र का काला अध्याय है. इसीलिए हम लोग चाहते हैं कि मतदातापुनरीक्षण कार्य पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए. अगर चर्चा नहीं होगी तो हम लोगों का आंदोलन जारी रहेगा. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नेआरोप लगाया कि बिहार दस्तावेजीकरण के मामले में सबसे पिछड़ा राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि सरकार को निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा मेंकाम करना चाहिए लेकिन यह उलझाव और भटकाव की स्थिति पैदा की जा रही है.
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने की तारीफ, भाजपा ने जताई खुशी

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की एनसीपी नेता शरद पवार और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने तारीफ की. इसे लेकर भाजपा नेताओं खुशी जाहिर कीहै भाजपा नेताओं ने कहा कि यह महाराष्ट्र की संस्कृति का हिस्सा है. पवार और ठाकरे ने सीएम फडणवीस के जन्मदिन पर जारी की गई काफी टेबलबुक में उनकी तारीफ की थी. महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि किसी व्यक्ति के जन्मदिन पर उसके अच्छे काम और उपलब्धियों कीसराहना करना महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. मेरा मानना है कि उद्धव ने देवेंद्र फडणवीस के काम, उनके विजन और खासकर 2029 तकविकसित महाराष्ट्र के लिए उनके द्वारा रखे गए लक्ष्य की सराहना की है. इस विजन को वाकई महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। उद्धव ठाकरे द्वारा की गईप्रशंसा न केवल इस राज्य की राजनीति के लिए, बल्कि सभी राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. जन्मदिन की बधाई या प्रशंसा कोईराजनीतिक घटना नहीं है यह प्रोत्साहन का एक रूप है. टेबल बुक का किया विमोचनवहीं भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने सीएम के बारे में जो भी कहा है वो बिल्कुल सही है. सीएम एक मेहनतीकार्यकर्ता की तरह रात के तीन बजे तक हर व्यक्ति से मिलते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करते हैं. हमें ये समझने कीजरूरत है कि हमारी राजनीतिक पार्टियां अलग हैं. हमारी लड़ाई विचारों की है, व्यक्तिगत दुश्मनी की नहीं इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नेअपने जन्मदिन पर जारी कॉफी टेबल बुक में उनकी प्रशंसा करने के लिए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को धन्यवाददिया था. उन्होंने कहा कि वे उनके वैचारिक विरोधी हैं दुश्मन नहीं राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राजभवन में फडणवीस पर महाराष्ट्र नायक नामककॉफी टेबल बुक का विमोचन किया था. भविष्य के लिए दी शुभकामनाएंपुस्तक में शरद पवार ने लिखा है कि जब वह फडणवीस को देखते हैं तो उन्हें वह समय याद आता है जब वह स्वयं 1978 में पहली बार महाराष्ट्र केमुख्यमंत्री बने थे. फडणवीस जानकार हैं और राज्य प्रशासन पर उनकी मजबूत पकड़ है. वहीं उद्धव ठाकरे ने पुस्तक में अपने लेख में फडणवीस को एकअध्ययनशील और वफादार राजनेता बताया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि फडणवीस के पास राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका पाने का मौका है औरउन्होंने भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राजभवन में सीएम देवेंद्र फडणवीस पर महाराष्ट्र नायक नामक कॉफी टेबलबुक का विमोचन किया था. इस पुस्तक में उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने सीएम फडणवीस की तारीफ की है.”किसी व्यक्ति के जन्मदिन पर उसकीउपलब्धियों की सराहना करना महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. उद्धव ठाकरे ने फडणवीस के काम, विजन और 2029 तक महाराष्ट्र कोविकसित करने के उनके लक्ष्य की सराहना की है. यह न केवल राज्य की राजनीति के लिए बल्कि सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहनहै.
मस्जिद बैठक विवाद अखिलेश यादव बोले ‘आस्था जोड़ती है’, भाजपा बोली ‘नमाजवादी’ “संविधान का उल्लंघन”

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के दिल्ली में संसद भवन के पास स्थित मस्जिद में कथित तौर पर बैठक करने पर भाजपा नेसवाल उठाए हैं. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही कहा कि अखिलेश ने मस्जिद को सपा का दफ्तर बना दिया, जिसपरअब समाजवादी पार्टी के मुखिया ने जवाब दिया है. अखिलेश यादव के जवाब पर यूपी की डिप्टी सीएम ने पलटवार किया है. दिल्ली में संसद मार्गस्थित एक मस्जिद के अंदर कथित तौर पर हुई बैठक पर अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि आस्था जोड़ती है और जो आस्था जोड़ने का कामकरती है हम उसके साथ हैं भाजपा को यही तकलीफ है कि कोई जुड़े नहीं भाजपा लोगों में दूरियां देखना चाहती है. भाजपा का हथियार है धर्मभाजपा चाहती है कि लोग एकजुट न होकर बंटे रहें हमारी सभी धर्मों में आस्था है भाजपा को तकलीफ है तो हम क्या करें भाजपा को आप सब जानतेहैं, भाजपा का हथियार ही धर्म है वहीं, अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर मस्जिद के अंदर बैठक करने पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय नेकहा कि “क्या अब हमें मंदिर और मस्जिद जाने के लिए भाजपा से लाइसेंस लेना होगा? आपको बता दें कि बीते दिन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्षअखिलेश यादव संसद भवन के पास वाली मस्जिद में सपा सांसदों के साथ बैठे थे. जैसे ही उनकी फोटो सामने आई, इस पर भाजपा ने मुद्दा बनानाशुरू कर दिया. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश ने इस मस्जिद को समाजवादी पार्टी कार्यालय बनादिया है भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने कड़ी आपत्ति जाहिर की. संविधान का करते है उल्लंघनसपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर एक बैठक के लिए मस्जिद का इस्तेमाल करने पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा केराष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख और समाजवादी पार्टी हमेशा संविधान का उल्लंघनकरते हैं. भारतीय संविधान कहता है कि हम राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धार्मिक स्थलों का उपयोग नहीं कर सकते. उन्हें संविधान में विश्वास नहीं है।पाठक ने अखिलेश यादव को ‘समाजवादी’ न कहकर ‘नमाजवादी’ कहा पाठक ने कहा कि वो हमेशा नमाजवादी बने रहते हैं. उत्तर प्रदेश केउपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव की सत्ता में वापसी की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सपा सत्ता में आतीहै, तो राज्य में दंगे और हत्याएं बढ़ जाएंगी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर एक बैठक के लिए मस्जिद का इस्तेमाल करने पर यूपीके डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया है. पाठक ने अखिलेश यादव को ‘समाजवादी’ न कहकर ‘नमाजवादी’ कहा पाठक ने कहा कि वोहमेशा नमाजवादी बने रहते हैं.
राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला “ट्रंप 25 बार बोले संघर्ष विराम कराया, मोदी अब तक मौन – दाल में कुछ है काला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम कराने के दावे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमलाबोला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने 25वीं बार यह बयान दिया। पीएम मोदी इस पर मौन हैं. इससे लगता है दाल में कुछ काला हैलोकसभा में विपक्ष के नेता ने सवाल किया कि ट्रंप युद्ध विराम कराने वाले कौन होते हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर एक बार भी जवाब नहीं दिया है. प्रधानमंत्री कैसे बयान दे सकते हैं? वह क्या कहेंगे, ट्रंप ने संघर्ष विराम करवाया, वह ऐसा नहीं कह सकते. लेकिन यह सच्चाई है ट्रंप ने संघर्ष विरामकरवाया, पूरी दुनिया जानती है। यह वास्तविकता है. संसद भवन परिसर में राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ संघर्ष विराम का मामला नहीं है कई बड़ीसमस्याएं हैं जिन पर हम चर्चा करना चाहते हैं. रक्षा, रक्षा उद्योग, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी समस्याएं हैं. स्थिति अच्छी नहीं है और पूरी दुनिया जानती है।जो लोग खुद को देशभक्त कहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी नहीं दे रहे एक भी बयानवे भाग गए हैं प्रधानमंत्री एक बयान भी नहीं दे पा रहे हैं.उन्होंने कहा कि ट्रंप 25 बार कह चुके हैं कि मैंने संघर्ष विराम करवाया. संघर्ष विराम करवानेवाले ट्रंप कौन होते हैं? यह उनका काम नहीं है. लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार भी जवाब नहीं दिया यह सच्चाई है, वह इसे छिपा नहीं सकते सरकार नेप्रधानमंत्री मोदी के विदेश से लौटने पर ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने की बात स्वीकार कर ली है. राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ सरकार कहती हैकि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और दूसरी तरफ कहा जाता है कि जीत हासिल हो गई है। या तो जीत हासिल हो गई है या ऑपरेशन सिंदूर जारी है. ट्रंपकह रहे हैं कि मैंने ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया, वह यह 25 बार कह चुके हैं. इसलिए कुछ न कुछ तो दाल में काला है भारत की विदेश नीति को लेकरकांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने हमारी विदेश नीति को नष्ट कर दिया है। किसी ने हमारा समर्थन नहीं किया. मोदी सरकार पर साधा निशानाइससे पहले ट्रंप के दावे के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि एक ओर मोदीसरकार संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर बहस की निश्चित तारीखें देने से इनकार कर रही है और प्रधानमंत्री के जवाबदेने को लेकर भी कोई आश्वासन नहीं दे रही है. वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर अपने दावों के साथ सिल्वर जुबली तक पहुंच चुके हैं. पिछले73 दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप इस विषय पर 25 बार ढिंढोरा पीट चुके हैं लेकिन भारत के प्रधानमंत्री अब तक पूरी तरह मौन हैं। उन्हें केवल विदेश यात्राओंऔर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने के लिए ही समय मिल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर कहा किउन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराया। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. राहुल ने यह भी कहा किऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी सरकार भ्रम फैला रही है एक ओर ऑपरेशन जारी बताती है, दूसरी ओर जीत का दावा करती है.कांग्रेस नेता जयराम रमेशने भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “ट्रंप संघर्षविराम का ढोल पीट चुके हैं 25 बार, पर पीएम मोदी पूरी तरह चुप हैं.
महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर राज्यपाल की चेतावनी “नफरत से निवेश भागेगा, आदित्य ठाकरे बोले “राज्य में कोई भाषाई द्वेष नहीं”

महाराष्ट्र में छिड़े भाषा विवाद पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि भाषाई नफरत से राज्य को नुकसान होगा साथ हीउद्योग और निवेश पर भी असर पड़ेगा. इससे दूर रहने की जरूरत है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर एक कॉफी टेबल बुक के विमोचन के अवसर परराधाकृष्णन ने पूछा कि यदि आप आएं और मुझे पीटें, तो क्या मैं तुरंत मराठी में बात कर सकता हूं? अगर इस तरह की नफरत फैलाई गई तो राज्य मेंकोई उद्योग और निवेश नहीं आएगा. लंबे समय में हम राज्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं. राज्यपाल ने कहा कि जब वह तमिलनाडु में सांसद थे तो उन्होंनेएक समूह को दूसरे समूह की पिटाई करते देखा क्योंकि वे तमिल में बात नहीं कर रहे थे. मैं हिंदी नहीं समझ पाता और यह मेरे लिए एक बाधा है. हमेंअधिक से अधिक भाषाएं सीखनी चाहिए और हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व भी होना चाहिए. राज ठाकरे की आलोचना कीराज्यपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में कोई भाषाई द्वेष नहीं है और राजनीतिकटिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है. अप्रैल में महाराष्ट्र सरकार ने आदेश दिया था कि पहली से पांचवीं कक्षा तक हिंदी पढ़ाना अनिवार्य होगा. राज्यसरकार के इस फैसले के बाद प्र-मराठी संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. साथ ही सरकार पर इस नीति के तहत जबरदस्ती हिंदी थोपनेका आरोप लगाया. हालांकि बाद में सरकार ने आदेश में बदलाव करते हुए कहा कि हिंदी तीसरी भाषा होगी, लेकिन छात्र तभी दूसरी भाषा चुन सकतेहैं जब 20 से ज्यादा बच्चे एक साथ आवेदन दें, जो शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, असंभव है. इसके बाद मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) केकार्यकर्ताओं ने गैर-मराठी लोगों पर हमले किए. मुंबई में एक दुकानदार को मारा, क्योंकि उसने मराठी नहीं बोली और राज ठाकरे की आलोचना की. तमिल ने बोलने पर पिटाईइसी तरह का एक मामला पुणे में भी हुआ, जहां एक व्यक्ति को पीटा गया. राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तमिलनाडु में सांसदरहते हुए उन्होंने देखा कि एक समूह ने दूसरे की तमिल न बोलने पर पिटाई की थी. उन्होंने कहा, “मैं हिंदी नहीं समझ पाता, यह मेरी कमी है। हमेंअधिक भाषाएं सीखनी चाहिए और अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए. बाद में सरकार ने कहा कि हिंदी तीसरी भाषा होगी. पर दूसरी भाषा चुननेके लिए 20 छात्रों का समूह जरूरी बताया गया, जिसे विशेषज्ञों ने व्यावहारिक रूप से असंभव बताया। राज्यपाल की टिप्पणी इस ओर इशारा करतीहै कि भाषा विवाद केवल सांस्कृतिक या पहचान का मुद्दा नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक सौहार्द से भी जुड़ा है. वहीं विपक्ष का मानना हैकि इस पूरे विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.
बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर टी20 सीरीज पर कब्जा किया, मेहमान टीम का शर्मनाक रिकॉर्ड-15 रन पर गंवाए 5 विकेट

मेजबान बांग्लादेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को पाकिस्तान को ढाका के शेरे बांग्ला स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 में आठ रन से हरादिया. इस जीत के साथ बांग्लादेश की टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. पहला टी20 मेजबानों ने सात विकेट सेअपने नाम किया था। अब तीसरा टी20 24 जुलाई को ढाका में ही खेला जाएगा. दूसरे टी20 में पाकिस्तान की टीम 134 रन के लक्ष्य का पीछाकरते हुए 19.2 ओवर में 125 रन पर सिमट गई। इसी के साथ पाकिस्तान ने एक शर्मनाक रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। टीम ने 15 रन पर पांचविकेट गंवा दिए थे जो कि पांच विकेट गंवाने के बाद टी20 में उनका सबसे न्यूनतम स्कोर है. पाकिस्तान की टीम पहुंची 125 तक के स्कोर पहुंचीपावरप्ले यानी शुरुआती छह ओवर खत्म होने के बाद पाकिस्तान ने पांच विकेट गंवाकर 16 रन बनाए थे. टीम ने पांचवें ओवर तक ही 15 रन परफखर जमां (8 रन), सैम अयूब (1 रन), मोहम्मद हारिस (0), हसन नवाज (0) और मोहम्मद नवाज (0) के विकेट गंवा दिए थे. पांच विकेट गंवाने केबाद पाकिस्तान का इससे पहले न्यूनतम स्कोर 16 रन का था, जो उन्होंने 2024 में ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए थे। अब पाकिस्तान कीटीम एक स्तर और नीचे गिर गई. कप्तान सलमान अली आगा ने 23 गेंद में नौ रन, खुशदिल शाह ने 13 रन की पारी खेली। हालांकि, पुछल्लेबल्लेबाजों के रन की वजह से पाकिस्तान की टीम 125 के स्कोर तक पहुंच पाई. मोहम्मद को मिला एक विकेटफहीम ने 32 गेंद में चार चौके और चार छक्के की मदद से 51 रन की पारी खेली .वहीं, अब्बास अफरीदी ने 19 रन और अहमद दानियाल ने 17 रनकी पारी खेली. सलमान मिर्जा नाबाद रहे. बांग्लादेश की ओर से शोरिफुल इस्लाम ने तीन विकेट लिए, जबकि मेहदी हसन और तंजीम हसन साकिबको दो-दो विकेट मिले. मुस्तफिजुर रहमान और रिशाद हुसैन को एक-एक विकेट मिला. इससे पहले पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने टॉसजीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. बांग्लादेश ने 20 ओवर में 133 रन पर सारे विकेट गंवा दिए. बांग्लादेश के लिए मोहम्मद नईम ने तीनरन, परवेज हुसैन इमोन ने 13 रन और कप्तान लिटन दास ने आठ रन की पारी खेली. तौहिद हृदोय खाता नहीं खोल सके. इसके बाद जाकिर अली नेमेहदी हसन के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी निभाई. मेहदी 25 गेंद में दो चौके और दो छक्के की मदद से 33 रन बनाकरआउट हुए। वहीं, जाकिर अली ने 48 गेंद में एक चौका और पांच छक्कों की मदद से 55 रन बनाए. शमीम हुसैन एक रन, तंजीम हसन साकिब सातरन, शोरिफुल इस्लाम एक रन और रिशाद हुसैन आठ रन बनाकर आउट हुए. पाकिस्तान की ओर से सलमान मिर्जा, अहमद दानियाल और अब्बासअफरीदी को दो-दो विकेट मिले फहीम अशरफ और मोहम्मद नवाज को एक-एक विकेट मिला.