बिहार विधानसभा मानसून सत्र में हंगामा, तेजस्वी यादव ने मतदाता पुनरीक्षण पर चर्चा की उठाई मांग “सरकार को चेताया”

आज बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार पर जमकर हंगामा बोला. सदन के अंदर औरबाहर विपक्ष के नेताओं ने प्रदर्शन किया. भाकपा माले के विधायकों ने कपड़े पहनकर एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध जताया।सदन में विपक्ष के विधायक गुंडाराज के नारे लगा रहे थे. अनुपूरक बजट पेश होने के बाद शोक प्रस्ताव हुआ. इसके बाद विधानसभा की कार्यवाहीस्थगित कर दी गई. इधर, सदन से बाहर निकले प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान नीतीश सरकार को बड़ी नसीहत दे दी. उन्होंनेकहा कि हमलोगों की मांग है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर विधानसभा में एक चर्चा होनी चाहिए. NDA सरकार को घेरालोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर बिहार में विधानसभा है ऐसे में चर्चा तो जरूरी है. लेकिन अगर लोकतंत्र को समाप्त करने का कोई प्रयास करेगा तो हमलोग चुप बैठने वाले नहीं हैं. गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाए. उनका अस्तित्व न मिटाया जाए, इसके लिए हमलोग यह लड़ाईलड़ेंगे। अगर सरकार विधानसभा में चर्चा करने पर राजी नहीं होती है तो हम लोग आने वाले समय में आंदोलन करेंगे. तेजस्वी यादव ने कहा कि सभीनेताओं को हम लोगों ने चिट्ठी लिखी है. सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करनी होगी इंडिया गठबंधन के सभी विधायकों ने मानसून सत्र के पहलेदिन बिहार में बढ़ते अपराध और मतदाता पुनरीक्षण कार्य के मुद्दे पर NDA सरकार को घेरा. वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार से बड़ी मांगकर दी. सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शनबिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने एनडीए सरकार के खिलाफ सदन के अंदर और बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. भाकपा माले केविधायकों ने विशेष वेशभूषा पहनकर एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया. विपक्षी विधायकों ने राज्य में कानून–व्यवस्था की स्थितिको लेकर सरकार पर हमला बोला और “गुंडाराज” के नारे लगाए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि सरकार मतदाता पुनरीक्षण जैसे गंभीरमुद्दे पर चर्चा नहीं करती तो विपक्ष आंदोलन करेगा. तेजस्वी ने कहा कि गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है. जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे. INDIA गठबंधन के सभी विधायकों ने राज्य में बढ़ते अपराध और मतदाता पुनरीक्षण पर एनडीए सरकार को घेरा. तेजस्वीयादव ने बताया कि उन्होंने सभी नेताओं को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर समर्थन मांगा है और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा. अनुपूरक बजट पेश होनेऔर शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
टीएमसी शहीद दिवस रैली में ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला, 27 जुलाई से बंगाली अस्मिता के लिए भाषा आंदोलन का एलान

पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर राज्य की सियासत में गर्माहट तेज है. राजनीतिक पार्टियों की तैयारी और उनकेमुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी अपने चरम पर है. इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को टीएमसी शहीद दिवस रैली में भाजपा केखिलाफ जमकर हमला बोला उन्होंने कहा कि भाजपा बंगालियों पर भाषाई आतंकवाद थोप रही है और अगर यह नहीं रुका तो यह विरोध आंदोलनदिल्ली तक पहुंचेगा. कोलकाता में भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराना जरूरी हैऔर इसके बाद केंद्र से भी भाजपा को हटाना होगा. उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे बंगाली अस्मिता (गौरव) के लिए एकजुट होकर लड़ें. बंगालियों को किया जा रहा है परेशानइसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एलान किया कि 27 जुलाई से राज्य में भाषा आंदोलन की शुरुआत की जाएगी. उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा बंगालीभाषा और पहचान पर हो रहे हमलों के खिलाफ हमें आवाज उठानी होगी. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बंगालियों कोपरेशान किया जा रहा है उन्होंने कहा कि एनआरसी नोटिस भेजे जा रहे हैं. लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और डिटेंशन कैंपों में डाला जारहा है. उन्होंने याद दिलाया कि 2019 में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी थी और अब फिर से बंगालियों को उनकीपहचान से वंचित करने की कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर भी ममता ने तीखा हमला बोला. उन्होंनेकहा कि अपने राज्य को संभाल नहीं पा रहे हैं लेकिन बंगाल के मामलों में दखल दे रहे हैं. चुनाव आयोग पर लगाए गंभीरमैं सुष्मिता देव से आग्रह करती हूं कि वे असम में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करें हम सब उनका साथ देंगे .ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी गंभीरआरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ईसी भाजपा के इशारे पर काम कर रही है, जैसे बिहार में किया गया था.”अगर यही कोशिश बंगाल में की गई तो हमउनका घेराव करेंगे. हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे. सीएम ममता बनर्जी के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा पर निशानासाधा. उन्होंने भाजपा को बांग्ला विरोधी पार्टी करार दिया। साथ ही आरोप लगाया कि भाजपा बंगालियों को डिटेंशन कैंप में भेजना चाहती है. लेकिन2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खुद बीजेपी को बंगाल से बाहर कर दिया जाएगा। कोलकाता में आयोजित टीएमसी के शहीद दिवस की रैलीको संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा चाहती है कि बंगालियों को डिटेंशन कैंप में भेजा जाए. लेकिन मैं साफ कहता हूं – 2026 के चुनाव के बाद बीजेपी को ही डिटेंशन कैंप में भेजेंगे और राज्य से मिटा देंगे.
गेम खेलने वाले वीडियो पर बवाल, लातूर में बवाल के बाद अजित पवार सख्त “एनसीपी युवा अध्यक्ष से मांगा इस्तीफा”

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के विधान भवन में गेम खेलने वाले वायरल वीडियो पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में अबमहाराष्ट्र के लातूर जिले में रविवार को छावा संगठन और एनसीपी (अजित पवार गुट) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट के मामले को लेकर डिप्टीसीएम अजित पवार ने सख्त रुख अपनाया है। पवार ने इस हरकत को पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ बताते गुए एनसीपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष सूरजचव्हाण से तुरंत इस्तीफा देने को कहा है. बता दें कि ये पूरा मामला तब खड़ा हुआ जब रविवार को लातूर में एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे कीप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छावा संगठन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. वे राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे का विरोध कर रहे थे जिनकाएक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. कोकाटे के इस्कीफे की मांगवीडियो में कोकाटे राज्य विधानमंडल के सत्र के दौरान मोबाइल पर रम्मी खेलते हुए दिख रहे थे. विरोध में छावा संगठन के नेता विजय घाटगे ने तटकरेकी टेबल पर ताश की गड्डी फेंकी और कोकाटे के इस्तीफे की मांग की. इसके बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं ने घाटगे और अन्य प्रदर्शनकारियों की पिटाईकर दी मामला बढ़ता देख पुलिस ने बीच-बचाव किया. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा, अभद्र व्यवहार या आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि हमसमाज के हर वर्ग की भावनाओं और मांगों का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की पहचान लोकतंत्र, समानता और भाईचारे पर आधारितहै जैसे सिद्धांत छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने दिए हैं. गुस्से में आकर उठाया कदमइसके साथ ही अजित पवार ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र, शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलें। इस घटना में एनसीपी युवामोर्चा अध्यक्ष सूरज चव्हाण भी शामिल थे. उन्होंने मीडिया से कहा कि छावा संगठन के लोगों ने अपशब्द कहे, जिससे गुस्से में आकर उन्होंने यह कदमउठाया. उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए कि हम सत्ता में हैं. इसका मतलब यह नहीं कि हम कुछ भी गलत कर रहे हैं. वहीं इस मामले में एनसीपी नेताअध्यक्ष सुनील तटकरे ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के वायरल वीडियो को लेकर पार्टी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्रीअजित पवार इस मामले को गंभीरता से लेंगे और मंत्री से बात करेंगे. तटकरे ने कहा कि कृषि मंत्री द्वारा पहले भी दिए गए कुछ बयान सही नहीं थे, उससमय भी अजित पवार ने उनसे बात की थी. इस बार भी पार्टी अध्यक्ष इस वीडियो मामले को गंभीरता से लेंगे और उचित निर्देश देंगे. उन्होंने आगे कहाकि एनसीपी हमेशा शांति के मार्ग पर चली है. लातूर की घटना निंदनीय है. मैंने छावा संगठन के कार्यकर्ताओं की भावनाएं समझी हैं. उन्होंने मुझ परताश फेंके फिर भी मैंने उन्हें धन्यवाद दिया और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
एअर इंडिया विमान हादसा जांच में नहीं हुआ पक्षपात, सरकार ने संसद में दी सफाई ब्लैक बॉक्स से मिले अहम सुराग

अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में पक्षपात किए जाने के आरोपों पर सरकार ने जवाब दिया है. संसद में नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) एक विस्तृत, नियम-आधारित प्रक्रिया का पालनकरता है और पूरी तरह से निष्पक्ष है। नियमों के तहत जांच हो रही है. उन्होंने कहा कि एएआईबी की रिपोर्ट को लेकर विदेशी मीडिया मनगढ़ंत बातें कररहा है. राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने एअर इंडिया दुर्घटना को लेकर सवालों के जवाब दिए. उन्होंनेकहा कि हम सच्चाई के साथ खड़े होना चाहते हैं. किसी और चीज के साथ नहीं.जमकर की नारेबाजीहम यह जानना चाहते हैं कि एअर इंडिया विमान दुर्घटना में वास्तव में क्या हुआ था और यह एएआईबी की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही सामनेआएगा. राज्यसभा में विपक्ष ने एअर इंडिया हादसे को लेकर जमकर नारेबाजी की. इस बीच नायडू ने कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) पारदर्शी तरीके से जांच कर रहा है मैंने कई रिपोर्ट देखी हैं. इसमें विदेशी मीडिया ने अपने दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की कोशिश की है उन्होंने कहा किएएआईबी दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया विमान के ब्लैक बॉक्स से डेटा को डिकोड करने में सफल रहा है. उन्होंने कहा कि विमान दुर्घटना के कारणों परअभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. क्योंकि जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट मूल कारणों के साथ सामने आएगी. साथ ही उन्होंने सभीसे समय से पहले कोई भी अफवाह फैलाने से बचने का आग्रह किया. 12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान हादसे की जांच कर रहीएएआईबी ने अपने प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि हादसे वाले बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद बंद हो गएक्योंकि ईंधन की आपूर्ति रुक गई थी. एएआईबी के तहत कर रही है जांचएअर इंडिया विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच में पता चला कि उड़ान के अंतिम क्षणों में, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पता चला कि एक पायलट कोदूसरे से यह पूछा कि उसने ईंधन स्विच को बंद क्यों किया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया. जांच में पता चला किउड़ान भरने के तुरंत बाद ईंधन स्विच कटऑफ में बदल गए थे. जिससे विमान के इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुक गई जो हादसे के मुख्य वजहों में एकमाना जा रहा है. 12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान हादसे की जांच कर रही एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर उठे सवालों परसरकार ने राज्यसभा में जवाब दिया. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि एएआईबी नियमों के तहत जांच कर रही है.
संसद का मानसून सत्र हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू, ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर विपक्ष ने सरकार को घेरा

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही और पहले ही दिन जमकर हंगामा देखने को मिला. विपक्ष ऑपरशन सिंदूर पर चर्चा की मांग कर रहाहै. राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे परसरकार को घेरने की कोशिश की. जिस पर भाजपा अध्यक्ष और सदन के नेता जेपी नड्डा ने भी जोरदार जवाब दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगेने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर राज्यसभा में सवाल उठाते हुए कहा कि ‘पहलगाम आतंकी हमले के आरोपी अभी तक न पकड़े गए हैं और न हीमारे गए हैं। सभी पार्टियों ने एकजुट होकर सरकार को इस मुद्दे पर समर्थन दिया. ऐसे सरकार की तरफ से हमें पहलगाम हमले पर और उसके बाद केघटनाक्रम पर हमें जानकारी दी जानी चाहिए. भारत- पाकिस्तान का थमा संघर्षखरगे ने कहा कि ‘पहलगाम हमले में सरकार से सुरक्षा लापरवाही हुई और ये खुद एलजी ने स्वीकार किया है. साथ ही कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों नेभी कई खुलासे किए ऐसे में सरकार को हमें जानकारी दी जानी चाहिए. अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप 24 बार कहा कि मेरी मध्यस्थता से समझौता हुआ, तब भारत-पाकिस्तान का संघर्ष थमा. ये देश के लिए अपमानजनक है कि एक बाहर का आदमी ऐसा दावा कर रहा है. ‘इस पर सदन के नेता औरभाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि ‘इस सदन के माध्यम से देश में ये संदेश नहीं जाना चाहिए कि हम ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं चाहते. हम चर्चाकरेंगे और इस मुद्दे पर हर बात को सदन के पटल पर रखा जाएगा. मैं ये भी कहना चाहूंगा कि देश की आजादी के बाद देश में आज तक ऐसाऑपरेशन नहीं हुआ. जैसा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर में हुआ. सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए नोटिस दिया गया है और जो भीसमय तय किया जाएगा. सरकार इस पर चर्चा करेगी और हर सवाल का जवाब दिया जाएगा. सदन के पटल जाएगा रखासदन के नेता और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि ‘इस सदन के माध्यम से देश में ये संदेश नहीं जाना चाहिए कि हम ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चानहीं चाहते, हम चर्चा करेंगे और इस मुद्दे पर हर बात को सदन के पटल पर रखा जाएगा. ‘सदन के नेता और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा किसरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर जैसा अभूतपूर्व सैन्य अभियान देश के इतिहास में पहली बार हुआ है. नड्डा ने कहा किऑपरेशन सिंदूर पर सदन में नोटिस दिया गया है और तय समय पर इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. विपक्ष ने जहां सरकार को सुरक्षा नीतियों कोलेकर कठघरे में खड़ा किया वहीं सरकार ने जवाब दिया कि वह पूरी पारदर्शिता से चर्चा के लिए तैयार है.
यमुना की सफाई पर बड़ा सवाल – संजीव झा ने बीजेपी को घेरा

दिल्ली की यमुना नदी को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिससे बड़ा खुलासा हुआ है। यह रिपोर्ट DPCC यानी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रणसमिति की है, जिसमें साफ कहा गया है कि यमुना की हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है। इस रिपोर्ट के आने के बाद आम आदमी पार्टी केविधायक संजीव झा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने यमुना को साफ करने काजो वादा किया था, वह सिर्फ एक झूठा वादा निकला। चुनाव से पहले बहुत बड़े-बड़े दावे किए गए थे। प्रधानमंत्री और बीजेपी के नेता यमुना किनारेगए थे, फोटो खिंचवाए गए थे, वीडियो बनाए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि अब यमुना की सफाई सही तरीके से होगी। लेकिन अब जो सच्चाईसामने आई है, वह बहुत चौंकाने वाली और दुखद है। रिपोर्ट में क्या कहा गया?1 जुलाई को आई DPCC की रिपोर्ट में बताया गया है कि वजीराबाद से लेकर ओखला तक 22 किलोमीटर तक यमुना नदी का जो हिस्सा है, वहांप्रदूषण तीन गुना ज्यादा हो गया है। यह वही इलाका है, जहां बीजेपी ने कहा था कि हम जल्द ही सफाई करके यमुना को स्वच्छ बनाएंगे।संजीव झा ने सवाल किया कि जब सफाई हो रही थी, तो यमुना और गंदी कैसे हो गई? अगर आप सफाई का दावा कर रहे हो, तो पानी में सुधारदिखना चाहिए। लेकिन अब तो स्थिति और खराब हो गई है। यह कैसे हुआ? 90 दिन में यमुना साफ करने का वादाबीजेपी ने दावा किया था कि वो यमुना को 90 दिनों में पूरी तरह साफ कर देंगे। लेकिन अब तो 6 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है और यमुनाकी हालत और बिगड़ गई है। जो इलाके पहले थोड़ा साफ थे, अब वहां भी गंदगी फैल गई है।इससे यह साफ हो जाता है कि सिर्फ दिखावे के लिए सफाई का काम किया गया, असल में कोई सुधार नहीं हुआ। आम आदमी पार्टी का कहना हैकि अगर सच में काम हुआ होता, तो रिपोर्ट में यह नहीं आता कि यमुना और गंदी हो गई है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश का गंदा पानीसंजीव झा ने यह भी कहा कि हम पहले से ही यह बात कह रहे थे कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बिना साफ किया हुआ इंडस्ट्रियल वेस्ट (औद्योगिकगंदा पानी) यमुना में डाला जा रहा है। लेकिन बीजेपी इसे झूठ बता रही थी। अब DPCC की रिपोर्ट ने यह बात साबित कर दी है कि वाकई मेंहरियाणा और उत्तर प्रदेश से गंदा पानी यमुना में आता है। इन राज्यों की फैक्ट्रियों का कचरा बिना ट्रीटमेंट के यमुना में मिल रहा है, जिससे प्रदूषणबहुत बढ़ गया है। पर्यावरण मंत्री की रीलों पर तंजसंजीव झा ने दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, जब यमुना की हालत दिखाने का समय था, तब मंत्री जी रीलें बना रहेथे। अब जाकर देखें कि यमुना की सच्चाई क्या है। उन्होंने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर दिखाने से यमुना साफ नहीं हो जाएगी।असली काम जमीन पर होना चाहिए। आम आदमी पार्टी की मांगसंजीव झा ने साफ कहा कि सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि पिछले 6 महीनों में यमुना सफाई का कितना काम हुआ है। उन्होंने मांग कीकि सरकार को इसकी रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा, अगर आप सही में सफाई कर रहे थे, तो गंगा और यमुना और गंदी क्यों होगईं? यमुना नदी केवल एक नदी नहीं है। यह दिल्ली के लोगों के जीवन, आस्था और पर्यावरण से जुड़ी हुई है। बीजेपी ने वादा किया था कि यमुना कोसाफ करेंगे, लेकिन सच इसके उल्टा है। रिपोर्ट बता रही है कि यमुना की हालत और खराब हो गई है। अब जनता को सिर्फ वादे नहीं चाहिए। अबलोग चाहते हैं कि सरकार सही काम करे, और हर 3 महीने में रिपोर्ट दे, कि कितना काम हुआ, कितना बजट खर्च हुआ, और उसका असर क्या है।