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कांग्रेस का आरोप: NEET घोटाले पर घिरी NTA, कहा – बन चुकी है ‘नेशनल करप्शन एजेंसी’, कांग्रेस का गंभीर आरोप, NTA की भूमिकापर उठाए सवाल

कांग्रेस ने परीक्षाओं में बढ़ती धांधली को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर सीधे तौर पर हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यहसंस्था अब ‘नेशनल करप्शन एजेंसी’ बन चुकी है और केंद्र सरकार इसे बचाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने NEET और CUET जैसी परीक्षाओंमें सामने आए गड़बड़ी के मामलों पर नाराज़गी जताई है। मोदी सरकार क्यों कर रही है NTA का बचाव?दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई के प्रभारी और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कन्हैया कुमार ने सवालकिया कि जब NTA पर गंभीर आरोप लगे हैं, तो मोदी सरकार निष्पक्ष जांच से क्यों बच रही है? उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सात महीनों सेलगातार परीक्षाओं में गड़बड़ी सामने आ रही है, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। बिना मिलीभगत के गड़बड़ी संभव नहींकन्हैया कुमार ने महाराष्ट्र में दर्ज FIR का हवाला देते हुए कहा कि यदि CBI कहती है कि NTA के किसी अधिकारी की भूमिका नहीं है, तो भ्रष्टाचारनिरोधक अधिनियम के तहत मामला क्यों दर्ज किया गया? उन्होंने पूछा कि जिन अभिभावकों ने आरोप लगाए हैं, उनकी बातों को नज़रअंदाज़ क्योंकिया जा रहा है? क्या किसी ऊपरी अधिकारी की सहमति के बिना इतनी बड़ी गड़बड़ी संभव है? देश की हर परीक्षा पर उठ रहे हैं सवालकन्हैया ने कहा कि पीएम मोदी परीक्षा पर चर्चा करते हैं, लेकिन देश में शायद ही कोई ऐसी परीक्षा बची हो जिस पर संदेह न हो। उन्होंने CUET परीक्षा पर भी सवाल उठाए और कहा कि 300 से अधिक विश्वविद्यालयों में दाखिला इसी के माध्यम से होता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया पारदर्शी नहींरही। उन्होंने आरोप लगाया कि सीयूईटी का डेटा निजी कॉलेजों के पास लीक हो रहा है, जिससे वे छात्रों के अभिभावकों को एडमिशन के लिए कॉलकरते हैं। पब्लिक यूनिवर्सिटी को जानबूझकर रोका जा रहा हैकन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि जानबूझकर सरकारी विश्वविद्यालयों की एडमिशन प्रक्रिया में देरी की जा रही है ताकि निजी कॉलेजों की सीटेंपहले भर जाएं। इससे छात्रों और अभिभावकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण देश मेंहर घंटे दो युवा आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। शिक्षा बजट और शिक्षकों की कमी पर भी सवालकन्हैया ने शिक्षा बजट में लगातार हो रही कटौती, शिक्षकों की भर्ती में देरी और नए चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के बावजूद शिक्षकों की संख्या नबढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिना योग्य शिक्षकों के देश ‘विश्वगुरु’ नहीं बन सकता और बिना कुशल डॉक्टरों के हमारी स्वास्थ्य व्यवस्थामजबूत नहीं हो सकती। NEET से बनते हैं डॉक्टर, इसलिए हो निष्पक्ष जांचएनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने मांग की कि NTA के अधिकारियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि NEET जैसीपरीक्षा कोई सामान्य परीक्षा नहीं, बल्कि यह देश के स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ तैयार करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी NEET परीक्षा मेंओएमआर शीट को पैसे लेकर बदला गया, और सरकार आंखें मूंदे बैठी है।

EC ने ठुकराई राहुल गांधी की मांग, मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट देने से किया इनकार, निर्वाचन आयोग ने दी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की याद

निर्वाचन आयोग (EC) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची की मशीन-रीडेबल औरडिजिटल कॉपी की मांग की थी। आयोग के सूत्रों के अनुसार, मौजूदा कानूनी ढांचे में इस प्रकार की मांग स्वीकार्य नहीं है। आयोग ने इस पर सुप्रीमकोर्ट के 2019 के फैसले का हवाला देते हुए कांग्रेस पार्टी को भी उसके पालन का सुझाव दिया है। कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा बतायाEC के अनुसार, राहुल गांधी की यह मांग नई नहीं है। आयोग का कहना है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पिछले आठ वर्षों से इसी प्रकार की मांग करतीरही है, जिसे अब एक बार फिर से नए रूप में सामने लाया जा रहा है। आयोग ने इसे कांग्रेस की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया है, जिसेजानबूझकर दोहराया जा रहा है।सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कर दी थी स्थिति स्पष्टचुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की ओर से पहले भी यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया था। कमलनाथ बनाम भारत निर्वाचन आयोग केस[WP(C) No. 935/2018] में शीर्ष अदालत ने यह तय कर दिया था कि मतदाता सूची को टेक्स्ट मोड में ही देना अनिवार्य है, searchable याmachine-readable फॉर्मेट में देना अनिवार्य नहीं है।

तेलंगाना में युवती ने चलाई कार रेलवे ट्रैक पर, बेंगलुरु-हैदराबाद ट्रेन रोकनी पड़ी, 3 किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पर दौड़ाई कार, ट्रेन सेवाएंबाधित

तेलंगाना के शंकरपल्ली क्षेत्र में एक युवती द्वारा रेलवे ट्रैक पर कार चलाए जाने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया। घटना का वीडियोसोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, युवती ने करीब 3 किलोमीटर तक कार को रेलवे पटरियों पर चलाया, जिससेबेंगलुरु-हैदराबाद एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे नागुलापल्ली और शंकरपल्ली के बीचगेट नंबर 22 के पास हुई। कार फंसी क्रॉसिंग पर, कर्मचारियों ने पकड़ाप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब कार शंकरपल्ली के पास एक रेलवे क्रॉसिंग पर फंस गई, तो रेलवे इंजीनियरिंग स्टाफ ने हस्तक्षेप किया। कार को ट्रैकपर देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रेलवे कर्मचारियों ने युवती को रोका और उसे शंकरपल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। युवती ने कर्मचारियों पर बरसाए पत्थर‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, युवती ने पहले लोहे की रॉड से हमला करने का प्रयास किया और फिर कर्मचारियों पर पत्थर फेंके। पुलिसके अनुसार वह मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी और खुद को नियंत्रित नहीं कर पा रही थी। उसे आखिरकार काबू में कर मेडिकल जांच केलिए भेजा गया।लखनऊ की रहने वाली, नौकरी जाने से थी परेशानप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती उत्तर प्रदेश के लखनऊ की निवासी है और हैदराबाद में एक आईटी कंपनी में कार्यरत थी। हाल ही मेंनौकरी जाने से वह मानसिक तनाव में थी। पुलिस ने उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन बताया गया है कि युवती कुछ शिकायत लेकर सुबह6:30 बजे हैदराबाद के नरसिंगी पुलिस स्टेशन गई थी, जहां से वह जल्दबाजी में निकल गई और अपना बैग भी वहीं छोड़ गई। रेलवे ट्रैक सुरक्षा पर उठे सवालइस घटना के कारण नागुलापल्ली और शंकरपल्ली के बीच करीब आधे घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही रुकी रही। युवती और उसकी कार को ट्रैक सेहटाने के बाद लगभग 8 बजे रेल सेवाएं पुनः बहाल की गईं। युवती द्वारा रेलवे ट्रैक पर वाहन चलाने की घटना ने रेलवे सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़ेकर दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैक की निगरानी और मजबूत की जानी चाहिए।

SCO समिट में भारत-पाक के रक्षा मंत्रियों के बीच सilता, आतंकवाद पर राजनाथ सिंह का कड़ा रुख, SCO बैठक में आमने-सामने हुए भारतऔर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की हालिया बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक ही मंच परदिखाई दिए। यह पहली बार था जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रक्षा मंत्री एक ही मंच पर मौजूद थे।हालांकि, दोनों के बीच किसी भी तरह की बातचीत नहीं हुई और न ही कोई औपचारिक अभिवादन का आदान-प्रदान हुआ।पाकिस्तान के मंत्री दिखे अलग-थलगबैठक के दौरान राजनाथ सिंह और ख्वाजा आसिफ ने अलग-अलग एंट्री की और ग्रुप फोटो सेशन में हिस्सा लिया। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल केप्रमुख ख्वाजा आसिफ पूरे समय अकेले दिखाई दिए, जबकि भारतीय रक्षा मंत्री ने चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन, रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव औरबेलारूस के समकक्ष विक्टर ख्रेनिन से मुलाकात की और द्विपक्षीय चर्चा की। तल्ख रिश्तों की वजह: पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूरभारत और पाकिस्तान के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव की मुख्य वजह अप्रैल में पहलगाम में हुआ आतंकी हमला है, जिसमें पाक समर्थितआतंकियों की भूमिका सामने आई थी। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कड़ी सैन्य कार्रवाई की थी। इसी वजह से भारत नेपाकिस्तान के साथ बातचीत बंद कर दी है और छह दशक पुराने सिंधु जल समझौते को भी स्थगित कर दिया गया है। SCO मंच से पाकिस्तान पर राजनाथ सिंह का सीधा हमलाराजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े टीआरएफ केपाकिस्तानी संपर्कों का जिक्र किया और पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट किया किभारत भविष्य में भी आतंकवाद के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाइयों के लिए तैयार है। संयुक्त बयान से भारत का इनकारSCO बैठक में जब पाकिस्तान और चीन ने मिलकर ऐसा साझा बयान (जॉइंट स्टेटमेंट) लाने की कोशिश की, जिसमें बलूचिस्तान का उल्लेख थालेकिन पहलगाम हमले का कोई जिक्र नहीं था, तब भारत ने उस ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। भारत के सख्त रुख के चलते सम्मेलनके बाद कोई संयुक्त प्रस्ताव जारी नहीं हो सका। भारत ने पाकिस्तान की रणनीति को किया बेनकाबपाकिस्तान ने संयुक्त बयान में बलूचिस्तान का हवाला देकर वहां के आंदोलन को बाहरी ताकतों की साजिश बताने की कोशिश की, लेकिन भारत नेइस प्रयास को विफल कर दिया। पाकिस्तान लंबे समय से भारत पर बलूचिस्तान को अस्थिर करने का आरोप लगाता रहा है, जबकि वहां की जनतापाकिस्तान की दमनकारी नीतियों के विरोध में स्वतंत्रता की मांग कर रही है।

हिंदी विरोध की नहीं, सहयोग की भाषा है- हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की सखी है, दुश्मन नहीं बोले- गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को आधिकारिक भाषा विभाग की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हिंदी किसी भीभारतीय भाषा की विरोधी नहीं, बल्कि सभी भाषाओं की मित्र है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं मिलकर भारत कीसांस्कृतिक पहचान और आत्मसम्मान को मजबूत कर सकती हैं। चिकित्सा और इंजीनियरिंग शिक्षा स्थानीय भाषा में होअपने संबोधन में शाह ने राज्यों से आग्रह किया कि वे चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा दें। उन्होंनेयह आश्वासन भी दिया कि केंद्र सरकार प्रशासनिक कार्यों में भारतीय भाषाओं के उपयोग को लेकर राज्यों को हरसंभव सहयोग देगी अपनी भाषा से जुड़ना आवश्यकगृह मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी विदेशी भाषा का विरोध नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन साथ ही यह आवश्यक है कि हर व्यक्ति को अपनीमातृभाषा पर गर्व हो और वह उसमें सोचने, बोलने और अभिव्यक्त करने की भावना विकसित करे। उन्होंने इसे मानसिक गुलामी से मुक्ति का एकआवश्यक कदम बताया। भाषा राष्ट्र की आत्मा हैशाह ने जोर देते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने सभी भारतीयभाषाओं को जीवंत और समृद्ध बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि राजभाषा समेत सभी भाषाओं के लिए भविष्य में व्यापकप्रयास किए जाने चाहिए।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विश्वकर्मा समाज से की मुलाकात, जाति जनगणना को बताया पहला कदम

हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनमें पारंपरिक रोजगार का खत्म होना, अपमान का अनुभव, प्रतिनिधित्व कीकमी और मुख्यधारा से दूरी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं, सत्ता में भागीदारी भी जरूरीराहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि केवल प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है, बल्कि सत्ता के भीतर प्रभावशाली भागीदारी और सशक्त आवाज़ भी उतनी ही जरूरीहै। उन्होंने कांग्रेस के स्वतंत्रता संग्राम के मूल सिद्धांत ‘पूर्ण स्वराज’ का हवाला देते हुए कहा कि परिवर्तन की नींव मजबूत भागीदारी से ही रखी जासकती है। सामाजिक न्याय की नींवउन्होंने जोर देकर कहा कि जाति आधारित जनगणना इस दिशा में पहला और सबसे आवश्यक कदम है। इससे समाज की वास्तविक स्थिति सामनेआएगी और नीति निर्धारण उसी आधार पर होगा, जिससे प्रतिनिधित्व, भागीदारी और संसाधनों में हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सकेगी। पार्टी के भीतर से शुरू होगा प्रतिनिधित्वराहुल गांधी ने विश्वकर्मा समाज को आश्वस्त किया कि कांग्रेस इस सामाजिक बदलाव की लड़ाई में उनके साथ है। उन्होंने बताया कि पार्टी के भीतरप्रतिनिधित्व की शुरुआत पहले ही गुजरात में जिला स्तर पर की जा चुकी है और यह प्रक्रिया अन्य राज्यों में भी आगे बढ़ाई जाएगी। योग्य नेतृत्व को मिलेगा समर्थनउन्होंने यह भी कहा कि जब विश्वकर्मा समाज के भीतर से ऐसे नेता सामने आएंगे, जिन्हें समुदाय का व्यापक समर्थन प्राप्त होगा, तभी असली बदलावकी शुरुआत होगी। यह बदलाव सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक सम्मान और समानता की दिशा में भी बड़ा कदम होगा। सम्मान और समानता की यात्रा में कांग्रेस साथअंत में राहुल गांधी ने पिछड़े वर्गों और हुनरमंद समाज के साथ खड़े रहने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस समाज के हर वंचित वर्ग कोउसकी वास्तविक पहचान और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी को इस यात्रा में हिम्मत और एकता के साथ आगे बढ़ने का संदेशदिया।

देशभर में मानसून का प्रकोप, गुजरात, हिमाचल, राजस्थान समेत कई राज्यों में बाढ़ और अलर्ट जारी-गुजरात में भारी बारिश से हालात बिगड़े, बाइक सवार की मौत

गुजरात के अहमदाबाद में बीते 12 घंटे से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे मणिनगर, वटवा, सीटीएम, हाटकेश्वर, निकोल, ओधव और विराटनगर जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बारिश के दौरान एक बाइक सवार युवक ड्रेनेज लाइन में गिर गया, जिसकी तलाश में दमकलविभाग को 9 घंटे का समय लगा। अंततः उसका शव 200 फीट दूर बरामद किया गया। इस सीजन में अहमदाबाद में अब तक 6.03 इंच बारिश होचुकी है। वहीं, सूरत में लगातार तीसरे दिन तेज बारिश जारी है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गीतानगर क्षेत्र में पानी का स्तर 3 से 4 फीट तकपहुंच गया है। एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर फायर ब्रिगेड की टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। वड़ोदरा में भी भारी बारिश सेअहमदाबाद-मुंबई नेशनल हाइवे की जाम्बुवा ब्रिज रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे वहां 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं, 2 हजार पर्यटक फंसेहिमाचल प्रदेश के कुल्लू और कांगड़ा जिलों में बीते 24 घंटे में बादल फटने की पांच घटनाएं हुई हैं। गढ़सा घाटी, जीवा नाला, बंजार के होरनगढ़, मनाली के स्त्रो गैलरी और धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन घटनाओं से अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें कई लोग बहगए। दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुल्लू में लगभग दो हजार पर्यटक अभी भी फंसे हुए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर डैम से पानी छोड़नेका अलर्ट भी जारी किया है। राजस्थान में भीषण बारिश, एक दिन में 8 इंच तक रिकॉर्डराजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मानसून की जबरदस्त बारिश हुई है। यहां एक ही दिन में 8 इंच तक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में अब तक कुल 11.3 इंच बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने यहां के 30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान के अनुसार जून में जितनी बारिश होनी थी, वहपहले ही हो चुकी है, लेकिन बारिश का सिलसिला अब भी जारी है। इन राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्टदेश के कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किए हैं। गुजरात, ओडिशा और झारखंड के 9 जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के मुंबई समेत 3 जिलोंमें रेड अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट है। यहांभारी बारिश, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दीगई है। इसके अलावा केरल, कर्नाटक और गोवा में भी अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप मेंयेलो अलर्ट जारी है, जहां कुछ स्थानों पर हल्की तो कुछ जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। कहां कितनी बारिश हुई अब तकइस मानसून सीजन में अब तक सबसे ज्यादा बारिश अरुणाचल प्रदेश में दर्ज की गई है, जहां 27.6 मिमी वर्षा हो चुकी है। इसके अलावा केरल में23.6 मिमी, मणिपुर में 23.0 मिमी, असम में 21.3 मिमी, मिजोरम में 15.4 मिमी और मेघालय में 14.2 मिमी बारिश हो चुकी है। गुजरात में17.0 मिमी, मध्य प्रदेश में 16.1 मिमी और गोवा में 13.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं नागालैंड, त्रिपुरा, झारखंड, उत्तराखंड, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 10 से 13 मिमी तक बारिश हुई है। दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों में अब तक बहुत कम बारिश—केवल 3 मिमी या उससे भी कम—दर्ज की गई है।

टू-व्हीलर पर टोल टैक्स को लेकर वायरल खबर का सच, क्या सच में देना होगा टोल? जानें सरकार का जवाब

गुरुवार को एक खबर ने देशभर के दो-पहिया वाहन चालकों को हैरान कर दिया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने 15 जुलाई 2025 से टू-व्हीलर वाहनों पर भी टोल टैक्स लागू करने का फैसला किया है। खबर के मुताबिक, अब दो-पहिया वाहन चालकों को भी फास्टैग के माध्यम सेटोल चुकाना होगा और इसका उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। पहले से टोल शामिल होता था पंजीकरण मेंअब तक दो-पहिया वाहनों पर अलग से टोल नहीं वसूला जाता था क्योंकि नए वाहन की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के समय ही टोल शुल्क एकमुश्त वसूललिया जाता था। लेकिन वायरल खबरों में दावा किया गया कि अब यह प्रक्रिया बदल दी गई है। NHAI ने खबरों को बताया बेबुनियादहालांकि, इन दावों पर कोई आधिकारिक सरकारी अधिसूचना नहीं जारी की गई है। वहीं, मीडिया में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार NHAI के सूत्रों नेइन खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि टू-व्हीलर वाहनों से टोल वसूली को लेकर कोई नया आदेश नहीं जारी किया गया है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने दी सफाईकेंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक करार दिया। उन्होंनेस्पष्ट कहा कि दो-पहिया वाहनों पर टोल लगाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है और इस वर्ग को पहले की तरह छूट मिलती रहेगी। गडकरी नेभ्रामक खबरें फैलाने वाली मीडिया रिपोर्टिंग की भी आलोचना की। कार-जीप वालों के लिए नया फास्टैग आधारित वार्षिक पासहाल ही में, 18 जून को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने एक नया ऐलान किया था जिसमें निजी उपयोग के लिए कार, जीप और वैन जैसे वाहनों के लिए₹3,000 का वार्षिक फास्टैग पास लाने की घोषणा की गई। यह पास 15 अगस्त 2025 से लागू होगा और एक्टिवेशन की तारीख से एक साल या200 यात्राओं (जो पहले हो) तक मान्य रहेगा।

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस पर गंभीर आरोप, उपभोक्ता को नहीं मिला क्लेम, अफसरों ने कस्टमरों से की बदतमीजी

स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस एक उपभोक्ता की नाराज़गी का कारण बन गई है। सोशल मीडिया पर अनिल सक्सेना नामक एक व्यक्ति ने आरोपलगाया है कि उन्होंने और उनके रिश्तेदारों ने इस कंपनी से स्वास्थ्य बीमा करवाया था और लगातार पाँच वर्षों तक प्रीमियम भरते रहे। इसके बावजूदजब उनके भांजे सिद्धार्थ सक्सेना को उदयपुर के GBH अमेरिकन हॉस्पिटल में हार्ट संबंधी समस्या के कारण भर्ती कराया गया, तो कंपनी ने बिनाकिसी स्पष्ट वजह के उनका क्लेम अस्वीकार कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यह उनका पहला क्लेम था। पहले भी क्लेम हो चुका है रिजेक्टअनिल सक्सेना ने यह भी लिखा कि इससे पहले उनकी पत्नी शांति सक्सेना के इलाज से जुड़ा बीमा दावा भी खारिज कर दिया गया था। दोनों मामलोंमें अस्पताल द्वारा उचित इलाज की पुष्टि के बावजूद कंपनी ने क्लेम स्वीकृत नहीं किया। उपभोक्ता का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया उन्हें मानसिकरूप से परेशान कर रही है। सोशल मीडिया पर विवादित प्रतिक्रियावहीं कस्टमर की शिकायत करने पर कंपनी के सीनियर मैनेजर जिग्नेश गोर ने टिप्पणी की, ट्विटर पर पोस्ट का रिप्लाई करते हुए लिखा कि “सब जगह ललकारने से क्लेम मिल जाएगा तुझे,” जिसे अनिल सक्सेना ने धमकी की तरह लिया और जवाब देते हुए लिखा, “आपके कहने से मैं डर गया हूँ, मानसिक प्रताड़ना पहले से थी। कृपया आप मुझे नहीं धमकायें। कंपनी की चुप्पी, उपभोक्ताओं में नाराज़गीइस पूरे मामले पर अब तक स्टार हेल्थ की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन यह घटना न केवल बीमा क्षेत्र की पारदर्शितापर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्राहकों के साथ व्यवहार और सेवा की गुणवत्ता पर भी चिंता बढ़ाती है।

ASAP Sets Up Help Desk for DU Admissions, Slams ABVP-NSUI for ‘Reel Politics’, Demands Infrastructure Reforms

The Aam Aadmi Party’s student wing, Association of Students for Alternative Politics (ASAP), has launched a major initiative to assist students during Delhi University’s admission season. To support students particularly those coming from outside Delhi or facing financial difficulties ASAP has set up a dedicated Admission Help Desk outside the Arts Faculty. Alongside this, they have released zone-wise helpline numbers to address admission-related queries, ensuring that students don’t have to struggle due to lack of guidance. Addressing a press conference on Thursday, ASAP leaders Eeshna Gupta and Deepak Bansal highlighted the steps being taken to offer round-the-clock support to students. Eeshna Gupta stated that under the guidance of AAP National Convenor Arvind Kejriwal, ASAP has been actively involved in student welfare through cultural, social, and issue-based campaigns. She mentioned a recent instance at Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University, where ASAP provided water, food, and even financial aid to protesting students. Carrying forward this spirit of service, the newly launched help desk and helpline aim to assist students in real time with undergraduate and postgraduate admission concerns. Gupta emphasized that students from economically weaker backgrounds often lose out on opportunities due to lack of awareness, and ASAP is committed to bridging that gap. Deepak Bansal further reinforced ASAP’s mission to raise real issues affecting students, contrasting it with what he called the “reel politics” of traditional student organisations. He criticized both ABVP and NSUI, comparing them to BJP and Congress, and accused them of reducing student politics to performative social media stunts. Referring to a recent DUSU office incident, Bansal claimed it was a scripted act by ABVP and NSUI leaders and symbolic of their failure to deliver on core student issues. He expressed disappointment over the lack of action following the fire at Zakir Hussain College, which lacked basic safety infrastructure. He also highlighted the poor condition of colleges like Aditi Mahavidyalaya and Bhagini Nivedita College, citing broken fans, unhygienic hostel food, and rising hostel fees despite deteriorating infrastructure. ASAP has presented a list of demands to the DU administration, including installation of cold drinking water coolers, improvement in infrastructure and fire safety, and rollback of unjustified hostel fee hikes. The organisation has warned that if these demands are not met promptly, they will submit a memorandum to the Vice Chancellor and initiate a protest. Bansal concluded by reiterating that ASAP is focused on solving real problems and promoting accessible, quality education, as demonstrated by the Delhi model under Arvind Kejriwal’s leadership. #DUAdmissions2025 #ASAPStudentSupport #AdmissionHelpDesk #StudentWelfare #StopReelPolitics #CampusReality #DUInfrastructureCrisis #AffordableEducation #HostelFeeHike #YouthForChange