छत्तीसगढ़-आंध्र सीमा पर बड़ी माओवादी मुठभेड़, तीन वांछित नक्सली ढेर, एके-47 बरामद-तीन शीर्ष माओवादी कमांडर मारे गए

छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलतामिली है। इस मुठभेड़ में सीपीआई (माओवादी) के तीन शीर्ष नक्सली गजरला रवि उर्फ “उदय”, रवि वेंका चैतन्य उर्फ “अरुणा” और एक अन्य कैडरअंजू मारे गए। अरुणा और उदय पर था भारी इनाममारे गए नक्सलियों में अरुणा पर 25 लाख रुपये और उदय पर 40 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अरुणा पूर्व में केंद्रीय समिति के नेता चलपतिकी पत्नी थीं, जिन्हें इसी वर्ष जनवरी में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। उदय एओबी स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) के सचिव और माओवादीकेंद्रीय समिति का सदस्य था। मुठभेड़ स्थल से एके-47 समेत हथियार बरामदपुलिस के मुताबिक, मारेडुमिली और रामपचोदवरम के बीच स्थित किंटुकुरु गांव के पास यह मुठभेड़ हुई, जहां सुरक्षाबलों ने माओवादी गतिविधि कीसूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। 25 मिनट तक चली गोलीबारी के बाद तीन शव मिले। मौके से तीन एके-47 राइफल भी बरामद कीगई हैं। शांति वार्ता में शामिल रह चुके थे उदयउदय 2004-05 के दौरान वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की सरकार में माओवादी संगठन PWG की ओर से शांति वार्ता में भी शामिल हुआ था। चारदशकों तक भूमिगत माओवादी गतिविधियों में सक्रिय रहने के बाद उसका अंत अल्लूरी जिले में हुआ। इलाके में तलाशी अभियान जारीसुरक्षा बलों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान करीब 16 माओवादियों का समूह देखा गया था, जिनमें से अधिकांश मौके से भागने में सफल रहे। फिलहालपूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि फरार नक्सलियों को पकड़ा जा सके।
वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण के लिए चला बुलडोजर, मशहूर दुकानों पर गिरा हथौड़ा

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत लंका इलाके में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविदास गेट रोड के किनारे बने लगभग35 दुकानों को अतिक्रमण मानते हुए जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक टीम के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। ‘चाची की कचौड़ी’ और ‘पहलवान लस्सी’ दुकानें ध्वस्तध्वस्तीकरण की चपेट में शहर की दो ऐतिहासिक और लोकप्रिय दुकानें ‘चाची की कचौड़ी’ और ‘पहलवान लस्सी’ भी आ गईं। ये दुकानें न केवलस्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों में भी खासा प्रसिद्ध थीं। बताया जा रहा है कि ये दुकानें करीब 120 साल पुरानी थीं और हर दिन सैकड़ों ग्राहक यहांआते थे। फोरलेन सड़क के निर्माण की तैयारीलोक निर्माण विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क को फोरलेन बनाना है, जिससे यातायात सुगम हो सके। अधिकारियों के अनुसार, सभीदुकानदारों को पहले ही नोटिस देकर सूचित कर दिया गया था, और अधिकांश ने स्वेच्छा से दुकानें खाली कर दी थीं। हालांकि कुछ व्यापारियों नेप्रशासन पर पर्याप्त समय न देने का आरोप भी लगाया है। देर रात चला प्रशासनिक बुलडोजररात के समय जब प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा, तो दुकान मालिकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग सामान समेटने लगेऔर कई भावुक क्षण भी देखने को मिले, खासकर पहलवान लस्सी वाले दुकानदार के आंसू छलक आए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें शांत करमौके से हटाया। पुनर्वास और मुआवजे पर उठ रहे सवालअब लोगों की निगाहें प्रशासन पर हैं कि प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास और मुआवजे के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। यह मामला शहर केऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से भी जुड़ा है, जिसे लेकर लोगों की भावनाएं भी सामने आ रही हैं।
भोपाल के ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज में 90 डिग्री मोड़ को लेकर मचा बवाल, अब बदलेगा डिज़ाइन

भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम के पास बनाए गए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का उद्घाटन भले ही बाकी हो, लेकिन उसका 90 डिग्री का तीखा मोड़ पहलेही विवादों में आ गया है। स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे दुर्घटना की आशंका वाला डिज़ाइन बताते हुए आलोचना की थी। इसपर सफाई देते हुए निर्माण एजेंसियों ने कहा था कि पास में मेट्रो स्टेशन होने और भूमि की कमी के चलते ऐसा डिज़ाइन बनाना पड़ा। अब रेलवे ने विवादास्पद मोड़ में बदलाव की सहमति दे दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) सूत्रों के अनुसार, रेलवे अब अतिरिक्त ज़मीन उपलब्धकराएगा, जिससे पुल की रेलिंग तोड़कर उस हिस्से को और अधिक घुमावदार बनाया जाएगा। इससे ब्रिज की चौड़ाई तीन फीट तक बढ़ेगी और वाहनचालकों को मोड़ने के लिए अतिरिक्त स्थान मिलेगा। 18 करोड़ की लागत, सोशल मीडिया पर वायरल फोटोकरीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ यह ओवरब्रिज 648 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा है। इसके 90 डिग्री मोड़ की तस्वीरें सोशलमीडिया पर जमकर वायरल हुईं, जहां लोगों ने इसकी तुलना ‘खतरनाक मोड़’ से की और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। हालांकि, पहले PWD नेडिज़ाइन का बचाव करते हुए इसे एकमात्र व्यवहारिक समाधान बताया था। स्थानीय लोगों की लंबे समय से थी मांगऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग के बंद होने के बाद इलाके में ओवरब्रिज की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 21 मार्च 2023 को शुरू हुआ यह निर्माण अबलगभग पूरा हो चुका है। यह ओवरब्रिज स्टेशन क्षेत्र, महामाई बाग और पुष्पा नगर जैसे इलाकों को जोड़ेगा और लोगों की आवाजाही में बड़ी राहतदेगा। सरकार का दावा तीन लाख लोगों को मिलेगा लाभनिर्माण की शुरुआत के समय सरकार की ओर से कहा गया था कि ओवरब्रिज के बनने से फाटक पर इंतजार और लंबा चक्कर लगाने से निजातमिलेगी। दावा किया गया कि इससे प्रतिदिन करीब तीन लाख शहरी निवासियों को फायदा पहुंचेगा। अब, डिज़ाइन में सुधार की घोषणा के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि ओवरब्रिज कितना सुरक्षित और सुविधाजनक बन पाता है।
दिल्ली में कानून की छात्रा ने रची चोरी की साजिश, दोस्त को मेड बनाकर घर से उड़ाए 30 लाख रुपये

दिल्ली के मॉडल टाउन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून की पढ़ाई कर रही एक 27 वर्षीय छात्रा रजनी ने अपनी दोस्तशिल्पी (19) को घरेलू सहायिका बनाकर एक घर में काम पर लगवाया और फिर 30 लाख रुपये की चोरी की योजना को अंजाम दिया। शिल्पी ने दोदिन काम करने के बाद नकदी और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गई। फर्जी पहचान से मेड बनी शिल्पीघटना के बारे में जानकारी देते हुए उत्तर-पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि शिल्पी ने ‘तनवीर कौर’ नाम से फर्जी पहचान पत्रबनवाया और एक मेड एजेंसी की मदद से खुद को लिव-इन मेड के तौर पर एक डॉक्टर के घर में तैनात कराया। 12 जून को हुई चोरी, CCTV से मिली अहम सुरागघटना 12 जून की है जब डॉक्टर अनिल रहेजा के घर से शिल्पी और उसका एक साथी 30 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लेकर फरार होगए। चोरी की सूचना मिलने पर पुलिस ने BNS की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। मेरठ और सहारनपुर से हुई गिरफ्तारीCCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने तीनों आरोपियों – शिल्पी, मास्टरमाइंड रजनी और नेहा सामल्टी (25) को मेरठ औरसहारनपुर से गिरफ्तार किया। 10 लाख से ज्यादा नकदी बरामदपुलिस ने शिल्पी से 10.07 लाख रुपये नकद, मोबाइल एक्सेसरीज और एक खाली फोन बॉक्स जब्त किया। वहीं रजनी के पास से 12.5 लाखरुपये और चोरी किया गया मोबाइल बरामद हुआ। तीसरी आरोपी नेहा के पास से 50,000 रुपये नकद और एक मोबाइल मिला, जिसे चोरी कीघटना में इस्तेमाल किया गया था। तीनों महिलाएं पुलिस की हिरासत मेंफिलहाल तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वे पहले भी इस तरह की घटनाओं मेंशामिल रही हैं।
दिल्ली के बाल सुधार गृह में किशोर की पीट-पीटकर हत्या, झगड़े से मचा हड़कंप

राजधानी दिल्ली के मजनू का टीला स्थित एक बाल सुधार गृह में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 17 वर्षीय किशोर करणकी साथी किशोरों द्वारा कथित रूप से पिटाई के चलते मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब कुछ किशोर नहाने के दौरान आपस में उलझगए। झगड़ा कैसे बढ़ा हत्या तकप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाथरूम में नहाने की बारी को लेकर दो किशोरों के बीच बहस हो रही थी। इसी दौरान करण ने बीच-बचाव करनेकी कोशिश की, लेकिन हालात और बिगड़ गए। चश्मदीदों के अनुसार, उसी समय एक अन्य किशोर ने करण पर हमला कर दिया और उसे लात-घूंसोंसे बेरहमी से पीट डाला। मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपी हिरासत मेंगंभीर रूप से घायल करण को तुरंत पास के हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलतेही सिविल लाइंस थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करलिया है और आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज से मिलेगा सुरागमौत के असल कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। साथ ही, पुलिस बाल सुधार गृह में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहीहै ताकि झगड़े की सटीक वजह और पूरे घटनाक्रम का पता लगाया जा सके। परिवार और प्रशासन में हलचलइस घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। किशोर की मौत ने वहां रहने वाले अन्य बच्चों की सुरक्षा कोलेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने मामले की गहन जांच का भरोसा दिलाया है।
आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती, देश में बना INS अर्णाला भारतीय नौसेना में शामिल

भारतीय नौसेना ने अपनी तटीय और उथले समुद्री इलाकों में सुरक्षा क्षमताओं को और सशक्त बनाते हुए INS अर्णाला को सेवा में शामिल कर लियाहै। यह भारत का पहला Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW-SWC) है, जिसे 18 जून 2025 को विशाखापट्टनमस्थित नेवल डॉकयार्ड में आयोजित समारोह में कमीशन किया गया। इस कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान भीउपस्थित थे। INS अर्णाला की तैनाती से भारत अब उथले समुद्री क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों की पहचान, निगरानी और उन्हें निष्क्रिय करने कीदिशा में और अधिक सक्षम हो गया है। इस पोत का नाम महाराष्ट्र के वसई में स्थित ऐतिहासिक अर्णाला किले से प्रेरित है, जो मराठा नौसैनिक परंपरा और वीरता का प्रतीक रहा है। यह नामभारतीय नौसेना की पारंपरिक बहादुरी और आधुनिक युद्ध तकनीक के समन्वय को दर्शाता है। INS अर्णाला का निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीचशिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा एलएंडटी शिपबिल्डर्स के सहयोग से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत किया गयाहै। यह परियोजना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह जहाज 16 ASW-SWC श्रेणी के जहाजों की श्रृंखलाका पहला पोत है, जिसमें अन्य पोत अभी निर्माणाधीन हैं। INS अर्णाला को विशेष रूप से तटीय और उथले समुद्री इलाकों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और निष्क्रिय करने के उद्देश्यसे डिजाइन किया गया है। इसमें उन्नत सोनार सिस्टम, तेज गति, उच्च गतिशीलता, सटीक नेविगेशन प्रणाली और स्वचालित हथियार प्रणाली जैसीविशेषताएं शामिल हैं। यह पोत भारत की तटीय सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करेगा और एक अहम कड़ी के रूप में कार्य करेगा। भारतीय नौसेना वर्तमान में 135 से अधिक सक्रिय युद्धपोतों के साथ एशिया की प्रमुख समुद्री शक्तियों में शामिल है। इसमें 20 पनडुब्बियां, जिनमेंदो परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन, एक परमाणु-संचालित अटैक सबमरीन, और 17 डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन शामिल हैं।इसके अतिरिक्त नौसेना के पास 13 डिस्ट्रॉयर, 15 फ्रिगेट्स, 18 कॉर्वेट्स, 30 गश्ती पोत और दो विमानवाहक पोत – INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत हैं। भारत का लक्ष्य है कि 2035 तक उसके पास 175 युद्धपोत हों, जिनमें से 50 से अधिक निर्माणाधीन हैं। भारतीय नौसेना आज सात प्रमुख प्रकार के युद्धपोतों का संचालन कर रही है। इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर्स शामिल हैं जो समुद्र में चलती हवाई छावनी केसमान कार्य करते हैं। क्रूज़र पोत मल्टी-रोल क्षमता के साथ विमानवाहक समूहों की सुरक्षा करते हैं। डिस्ट्रॉयर्स तेज और हथियारों से लैस जहाज होते हैंजो अन्य पोतों की सुरक्षा में काम आते हैं। फ्रिगेट्स मध्यम आकार के बहुउद्देशीय पोत होते हैं, जबकि कॉर्वेट्स छोटे लेकिन तेज और प्रभावशालीयुद्धपोत होते हैं जो तटीय सुरक्षा के लिए उपयोगी हैं। सबमरीन समुद्र के नीचे से दुश्मन पर घातक हमला करने में सक्षम होती हैं और भारत कीसामरिक ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वहीं एम्फीबियस असॉल्ट शिप्स ऐसे पोत होते हैं जो थल सेना को समुद्र से दुश्मन के इलाके में उतरने मेंमदद करते हैं। INS अर्णाला की तैनाती से भारतीय नौसेना की तटीय और सामरिक क्षमताओं में नया आयाम जुड़ा है।
देश के आधे हिस्से में पहुंचा मानसून, उत्तर भारत में गर्मी से राहत

देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की प्रगति तेज हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 17 जून 2025 तक मानसून गुजरात, दक्षिणीमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी बिहार तक पहुंच चुका है। जल्द ही यह उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी प्रवेशकर सकता है।दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से राहतउत्तर भारत में मानसून की नजदीकी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बीते दिन दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में जल्द पहुंचेगा मानसूनIMD के अनुसार, मानसूनी हवाएं बिहार को पार कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। अनुमान है कि अगले कुछ घंटों में पूर्वी यूपी में मानसून कीआधिकारिक दस्तक हो जाएगी। मानसूनी हवाओं की वर्तमान स्थितिफिलहाल मानसूनी हवाएं दीसा, पंचमढ़ी, इंदौर, अंबिकापुर, हजारीबाग, मंडला और सुपौल होते हुए आगे बढ़ रही हैं। इन क्षेत्रों में बारिश कीगतिविधियां जारी हैं। रेड अलर्ट: भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनीओडिशा, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और झारखंड में IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में तेज आंधी, गरज के साथ बारिश औरवज्रपात की संभावना जताई गई है। ऑरेंज अलर्ट वाले राज्यकर्नाटक के तटीय क्षेत्र, महाराष्ट्र का कोंकण तट, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेजहवाओं की आशंका है।
ज्वालामुखी विस्फोट से बाली जाने वाली एयर इंडिया फ्लाइट लौटी वापस, कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द

इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर स्थित माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी ने मंगलवार को जबरदस्त विस्फोट किया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र मेंचिंता बढ़ा दी है। विस्फोट के बाद ज्वालामुखीय राख का घना बादल 10,000 मीटर (10 किलोमीटर) की ऊंचाई तक पहुंच गया, जिससे हवाईयातायात पर गंभीर असर पड़ा। AI2145 फ्लाइट को सुरक्षा के लिहाज से लौटाया गयाएयर इंडिया की फ्लाइट AI2145, जो बुधवार सुबह दिल्ली से बाली के लिए रवाना हुई थी, ज्वालामुखी विस्फोट के चलते वापस दिल्ली बुला लीगई। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया और फ्लाइट ने सुरक्षित रूप से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडकिया। यात्रियों के लिए एयर इंडिया की सुविधाएंएयर इंडिया ने पुष्टि की कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। एयरलाइन ने यात्रियों को दो विकल्प दिए हैं—पूरीटिकट राशि की वापसी या बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा पुनर्निर्धारण। इसके अलावा यात्रियों के ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था भी की गई है। ज्वालामुखी का प्रभाव और चेतावनी स्तरमाउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी एक सक्रिय ज्वालामुखी है जिसकी ऊंचाई 1,584 मीटर है। मंगलवार शाम को इसमें हुए विस्फोट के बाद, इंडोनेशियाई भूविज्ञान एजेंसी ने चेतावनी दी कि लावा नदियों में बह सकता है और भारी बारिश के चलते स्थिति और बिगड़ सकती है। नवंबर 2024 में भी इसी ज्वालामुखी के विस्फोट में नौ लोगों की जान गई थी। बुधवार सुबह एक और विस्फोट हुआ जिसमें 1 किलोमीटर ऊंचाई तक राख का बादल उठा। इसके बाद इंडोनेशिया की ज्वालामुखी आपदा एजेंसी(PVMBG) ने रेड अलर्ट जारी किया और 6,000 मीटर से नीचे उड़ानों पर रोक लगा दी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द, हवाई अड्डे बंदबाली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बुधवार को दो दर्जन से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें एयर इंडिया, सिंगापुर एयरलाइंस, टाइगरएयर, जेटस्टार, वर्जिन ऑस्ट्रेलिया और जुनयाओ एयरलाइंस की उड़ानें शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, भारत और सिंगापुर से बाली आने-जाने वाली उड़ानेंप्रभावित हुई हैं। साथ ही, पूर्वी नुसा तेंगारा के मौमेरे में स्थित फ्रांसिस्कस ज़ेवियस सेडा हवाई अड्डा भी बुधवार से गुरुवार तक के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दियागया है। एयरपोर्ट संचालक ‘एयरनाव’ ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी और कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुएयह कदम उठाया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 35 मिनट की बातचीत, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर और इंडो-पैसिफिक पर चर्चा

G7 शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर 35 मिनट तक बातचीत हुई। यह कॉलअमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर की गई थी। इस चर्चा में दोनों नेताओं ने हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विस्तार सेविचार-विमर्श किया। व्यापार या मध्यस्थता का कोई जिक्र नहींविदेश सचिव विक्रम मिस्री ने स्पष्ट किया कि इस बातचीत के दौरान न तो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कोई बात हुई और न ही भारत औरपाकिस्तान के बीच किसी प्रकार की मध्यस्थता का मुद्दा उठा। यह बातचीत पूरी तरह से सुरक्षा, आतंकवाद और कूटनीतिक रणनीति पर केंद्रित रही। G7 समिट में मुलाकात की योजना, लेकिन नहीं हो पाईG7 सम्मेलन में दोनों नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित थी, लेकिन ट्रंप को अमेरिका जल्दी लौटना पड़ा, जिससे यह मुलाकात संभव नहीं हो सकी।इसके बाद यह टेलीफोनिक बातचीत हुई, जो करीब 35 मिनट तक चली। इससे पहले 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ट्रंप ने मोदी सेबात कर संवेदना व्यक्त की थी। ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चाप्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को बताया कि 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ठोस कदम उठाते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तानअधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। मोदी ने इसे ‘संतुलित, सटीक और तनाव को न बढ़ाने वाली कार्रवाई’ बताया। उन्होंने ट्रंप कोआश्वस्त किया कि यह सैन्य ऑपरेशन पूरी तरह आतंकवाद के खिलाफ था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस की कॉल और भारत की प्रतिक्रियाविदेश सचिव ने बताया कि 9 मई की रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी से संपर्क किया और आशंका जताई कि पाकिस्तान भारतपर बड़ा हमला कर सकता है। इस पर मोदी ने दो टूक कहा कि भारत जवाब में कहीं अधिक कठोर कार्रवाई करेगा। उसी रात भारत ने पाकिस्तान केहमले का प्रभावी जवाब देते हुए उसकी सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया। सीजफायर के पीछे कोई बाहरी दबाव नहींप्रधानमंत्री ने ट्रंप को बताया कि पाकिस्तान द्वारा भारत से सैन्य कार्रवाई रोकने का आग्रह किया गया था, लेकिन इस प्रक्रिया में न तो अमेरिका कीभूमिका रही और न ही किसी प्रकार की मध्यस्थता की आवश्यकता पड़ी। दोनों देशों की सेनाओं के बीच मौजूदा सैन्य चैनलों के माध्यम से ही संपर्कहुआ था।भारत आतंकवाद को अब युद्ध मानता हैमोदी ने ट्रंप से कहा कि भारत अब आतंकवाद को सीमित संघर्ष या ‘प्रॉक्सी वॉर’ नहीं बल्कि पूर्ण युद्ध के रूप में देखता है और इसी दृष्टिकोण से’ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है। ट्रंप ने भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई को समझते हुए समर्थन व्यक्त किया। भविष्य की योजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चाबातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने मोदी से अनुरोध किया कि क्या वह कनाडा से लौटते समय अमेरिका आ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने निर्धारितकार्यक्रमों के चलते असमर्थता जताई, लेकिन दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में मिलने पर सहमति जताई। उन्होंने इज़राइल-ईरान संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने इन संघर्षों का समाधान सीधी बातचीत से खोजने की आवश्यकतापर बल दिया। QUAD और इंडो-पैसिफिक पर सहमतिइंडो-पैसिफिक क्षेत्र और क्वाड (QUAD) की भूमिका को लेकर दोनों नेताओं ने साझा दृष्टिकोण व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को अगलीक्वाड बैठक के लिए भारत आमंत्रित किया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार किया और कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।