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दिल्ली में 19 जून को होगा अब तक का सबसे बड़ा रोजगार मेला, यूथ कांग्रेस का ऐलान

दिल्ली युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने आज राजधानी में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने बताया किआगामी 19 जून को तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा जॉब फेयर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रमका आयोजन यूथ कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है। महत्वपूर्ण उपस्थितियाँ और आयोजन का उद्देश्यइस अवसर पर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब, दिल्ली युवा कांग्रेस की प्रभारी श्रीमती खुशबू शर्मा और राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्यश्री याज्ञवल्क्य जिचकार भी मौजूद थे।अक्षय लाकड़ा ने कहा कि यह जॉब फेयर रोजगार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने यह भी बताया कि यह युवा कांग्रेस की दूसरी ऐसीकोशिश है पहली बार इसे राजस्थान में आयोजित किया गया था। बीजेपी सरकार पर बेरोजगारी को लेकर हमलाराष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब खुद सरकारी आंकड़े यह स्वीकार कर चुके हैं कि भारत में बेरोजगारी बीते 40-50 वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लगातार संसद और सड़कों पर बेरोजगारी के मुद्दे को उठाया है। युवा कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि 19 जूनराहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर देश के युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 100+ कंपनियां करेंगी हिस्सा, हज़ारों युवाओं को मिलेगा मौकाउदय भानु चिब ने बताया कि इस मेले में 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी और वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करेंगी। अब तक 10,000 सेअधिक युवाओं ने ऑनलाइन और 8,000 से अधिक ने ऑफलाइन पंजीकरण कराया है। कार्यक्रम में हजारों बेरोजगार युवाओं के शामिल होने कीउम्मीद है। देशभर में अन्य गतिविधियां भी होंगी आयोजितदिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी जॉब फेयर, ब्लड डोनेशन कैंप और जातीय जनगणना (कास्ट सेंसस) पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।उदय भानु चिब ने कहा कि जातीय जनगणना का मुद्दा भी राहुल गांधी के प्रयासों का परिणाम है, और कांग्रेस की सरकार बनने पर एक सटीक औरनिष्पक्ष जातीय जनगणना अवश्य कराई जाएगी। दिल्ली कांग्रेस और स्थानीय संगठनों का सहयोगअक्षय लाकड़ा ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव का विशेष आभार प्रकट किया और कहा कि डीपीसीसी और युवा कांग्रेसमिलकर दिल्ली के हर कोने तक युवाओं को इस रोजगार मेले की जानकारी दे रही हैं।उन्होंने अपील की कि चाहे युवा 12वीं पास हो या पीएचडी होल्डर, हर किसी के लिए उपयुक्त नौकरियां उपलब्ध होंगी। युवाओं के लिए सुनहरा अवसरलाकड़ा ने कहा कि यह रोजगार मेला सिर्फ नौकरी का अवसर नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को एक नई दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने मीडिया सेभी अपील की कि इस पहल की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाई जाए।

BJP Launches 33 Ayushman Arogya Mandirs in Delhi, Fulfilling Key Healthcare Promise

The Delhi unit of the Bharatiya Janata Party (BJP) has announced the successful launch of 33 Ayushman Arogya Mandirs, marking a significant step in the implementation of a major commitment made in its election manifesto. Advancing the Vision of Free and Quality HealthcareDelhi BJP President Shri Virendra Sachdeva hailed the launch as a timely initiative aligned with Prime Minister Shri Narendra Modi’s vision of delivering free and quality healthcare to all citizens. He stated that these Ayushman Arogya Mandirs would play a pivotal role in strengthening the primary healthcare infrastructure across the national capital. Massive Expansion Plan with ₹2400 Crore InvestmentShri Sachdeva revealed that the inauguration of these 33 centers is part of a larger plan involving an investment of over ₹2400 crore. The project aims to establish a total of 1139 Ayushman Arogya Mandirs, ensuring that high-standard primary health services are available to residents in every part of Delhi. World-Class Medical Facilities for AllThe newly launched centers will provide a wide range of medical services including consultations, diagnostics, vaccinations, and maternity care. Shri Sachdeva emphasized that these services will adhere to global standards of healthcare delivery. Clean and Transparent Implementation ModelHighlighting the importance of transparency, the Delhi BJP President noted that these centers are being set up exclusively in government-owned properties. This, he said, eliminates the risk of financial irregularities such as those allegedly seen in the Mohalla Clinics run during the previous Aam Aadmi Party government, where clinics were housed in properties linked to party affiliates. Critique of Previous Healthcare ModelAccording to Shri Sachdeva, the Mohalla Clinics of the former Kejriwal-led government were marred by corruption and lacked adequate medical infrastructure. He criticized the previous model for providing limited treatment in cramped spaces where all patients, regardless of ailment, were seen togethe raising the risk of coss-infection. Towards a Healthier Delhi in 18 MonthsHe concluded by stating that within the next 12 to 18 months, the network of Ayushman Arogya Mandirs would be fully operational, ensuring accessible, modern, and equitable healthcare to every citizen in Delhi.

दिल्ली में 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की शुरुआत, भाजपा ने पूरा किया चुनावी वादा: वीरेन्द्र सचदेवा

भाजपा सरकार ने उठाया बड़ा कदमदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने राजधानी में 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की शुरुआत का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे भाजपासरकार ने अपने चुनावी संकल्प पत्र का एक महत्वपूर्ण वादा निभाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। स्वस्थ भारत की ओर मोदी सरकार की पहलसचदेवा ने कहा कि ये आरोग्य मंदिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सबको अच्छी और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने की परिकल्पना को साकार करेंगे। इनचिकित्सा केंद्रों में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मिलेंगी। 2400 करोड़ की व्यापक योजना का शुभारंभदिल्ली में 1139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की योजना बनाई गई है, जिसका कुल बजट 2400 करोड़ रुपये से अधिक है। 33 केंद्रों के शुभारंभके साथ इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। भ्रष्टाचार-मुक्त और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएंभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ये स्वास्थ्य केंद्र सरकारी परिसरों में स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे अतीत में मोहल्ला क्लीनिकों पर लगे किराया घोटालेजैसे भ्रष्टाचार के आरोपों की पुनरावृत्ति नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती केजरीवाल सरकार के मोहल्ला क्लीनिकों में पारदर्शिता की भारीकमी रही और वे अनेक बार स्वास्थ्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। मोहल्ला क्लीनिकों पर तीखा प्रहारसचदेवा ने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिक सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए खोले गए थे। इन क्लीनिकों में एक छोटे से कमरेमें अलग-अलग बीमारियों के मरीज़ों को बैठाया जाता था, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती थी। ऐसे क्लीनिकों में इलाज से ज्यादास्वास्थ्य जोखिम बढ़ते थे। हर कोने तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाउन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 12 से 18 महीनों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का जाल दिल्ली के हर कोने तक फैलाया जाएगा। इससे समाज के हरतबके को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।

अमरनाथ यात्रा 2025, सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग बना ‘नो फ्लाइंग जोन’

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्री अमरेश्वर धाम (श्री अमरनाथ गुफा) की वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए बड़ा फैसलालिया है। प्रशासन ने 1 जुलाई से 10 अगस्त 2025 तक सम्पूर्ण यात्रा मार्ग को ‘नो फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित कर दिया है। इस दौरान आम लोगों द्वाराकिसी भी प्रकार के ड्रोन, यूएवी, या गुब्बारे उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी और राहत कार्यों हेतु ड्रोन के उपयोग कीअनुमति दी जाएगी। सभी मार्ग और शिविर क्षेत्र प्रतिबंधित दायरे मेंसरकारी आदेश के अनुसार, यह निर्णय श्री अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों—पहलगाम और बालटाल अक्ष—पर लागू होगा। इसके तहत यात्रामार्गों, सभी यात्रियों के शिविरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि निषिद्ध होगी। हालांकि, आपदा प्रबंधन, मेडिकलइवैक्यूएशन और सुरक्षा बलों की निगरानी जैसी आवश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इन अपवादों के लिए एक विस्तृत एसओपीअलग से जारी किया जाएगा। सुरक्षा रणनीति में चेहरा पहचानने वाली तकनीक शामिल22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस वर्ष, श्रीनगर सेबालटाल और पहलगाम मार्ग पर फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) तैनात किया गया है। यह प्रणाली निगरानी कैमरों से मिली फुटेज के आधारपर संदिग्ध या ब्लैकलिस्टेड व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में मदद करती है। जैसे ही कोई चिह्नित व्यक्ति सिस्टम में पकड़ा जाता है, अलर्टजारी कर सुरक्षा बलों को सतर्क किया जाता है। सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त फोर्स की तैनातीहर रूट पर हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। साथ ही, यात्रा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। यह पूरा सुरक्षा कवच अप्रैल में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में तीर्थयात्रियों की रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयारकिया गया है।केंद्र सरकार की सिफारिश पर लिया गया निर्णयजम्मू-कश्मीर गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर यह निर्णय लिया गया है। आदेश में यह भी बताया गयाकि यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए सभी हितधारकों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा कर अतिरिक्त लॉजिस्टिकव्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। तीर्थयात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तकइस वर्ष श्री अमरेश्वर धाम की यात्रा 3 जुलाई से आरंभ होकर 9 अगस्त 2025 तक चलेगी। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के जम्मू-कश्मीर पहुंचने कीसंभावना है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं।

गोपालपुर बीच पर 20 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 10 आरोपी गिरफ्तार

ओडिशा के गंजाम जिले स्थित प्रसिद्ध गोपालपुर बीच पर एक बेहद दर्दनाक घटना घटी। वीकेंड पर अपने बॉयफ्रेंड के साथ वहां पहुंची 20 साल कीछात्रा से 10 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने ली तस्वीरें, दी धमकीपीड़िता के अनुसार, तीन मोटरसाइकिलों पर सवार लगभग दस लोग वहां आए और दोनों की तस्वीरें लेने लगे। उन्होंने तस्वीरें वायरल करने की धमकीदी और जब पीड़िता के बॉयफ्रेंड ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। बॉयफ्रेंड को बनाया बंधकआरोपियों ने लड़के के हाथ बांध दिए और लड़की को पास के एक खाली घर में घसीट कर ले गए। वहां पर एक के बाद एक सभी आरोपियों ने युवतीके साथ बलात्कार किया। पीड़िता ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायतघटना के बाद पीड़िता और उसका साथी थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल कादौरा किया और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डिप्टी सीएम की प्रतिक्रिया, जांच के आदेशओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने घटना पर गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “गोपालपुर बीच परयुवती से सामूहिक बलात्कार की घटना अत्यंत दुखद है। मैंने एसपी से बात की है और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा किऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।” सख्त कार्रवाई और सुरक्षा के वादेराज्य सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने की बात कही है। प्रशासन की ओर से गोपालपुर और अन्य पर्यटक स्थलों पर सुरक्षाबढ़ाने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

कमल हासन की ‘ठग लाइफ’ को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी, कर्नाटक में भी होगी रिलीज

सुप्रीम कोर्ट ने कमल हासन की अपकमिंग फिल्म ‘ठग लाइफ’ की रिलीज को लेकर कर्नाटक में जारी विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्तिउज्ज्वल भुयान और मनमोहन की पीठ ने कहा कि फिल्म को CBFC (सेंसर बोर्ड) से मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए उसे देश के हर राज्य में रिलीजकिया जाना चाहिए। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी को जबरन फिल्म देखने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा, लेकिन इसे रोका भी नहीं जा सकता। विवाद की जड़: कमल हासन का भाषाई बयानइस विवाद की शुरुआत तब हुई जब कमल हासन ने कथित रूप से यह बयान दिया कि कन्नड़ भाषा का जन्म तमिल से हुआ है। इस बयान से कर्नाटकमें विरोध शुरू हो गया और राज्य सरकार ने उनकी फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी। इसी पर कोर्ट ने कहा कि किसी के विचारों से असहमति कामतलब यह नहीं कि उनकी अभिव्यक्ति पर रोक लगा दी जाए। फिल्म को रिलीज से रोकना कानून का उल्लंघनसुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सीधे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा बताते हुए कर्नाटक सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अगर कोईफिल्म सेंसर बोर्ड से पास है, तो उसे प्रदर्शन से नहीं रोका जा सकता। उग्र विरोध का हवाला देकर राज्य सरकार अपने कर्तव्यों से मुंह नहीं मोड़ सकती। हाई कोर्ट की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगीसुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा फिल्म निर्माताओं को स्थानीय लोगों से माफी मांगने की सलाह देने पर भी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा किमाफी मांगवाना न्यायपालिका का काम नहीं है, और न ही यह इस मुद्दे का समाधान है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी विवादास्पद बयान का जवाबभी बयान से दिया जा सकता है न कि फिल्मों पर बैन लगाकर। राज्य सरकार को 1 दिन में देना होगा जवाबसुप्रीम कोर्ट ने फिल्म से जुड़े मामलों को कर्नाटक हाई कोर्ट से अपने पास ट्रांसफर कर लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 1 दिनके भीतर इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करे। अगली सुनवाई 19 जून 2025 को होगी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मिसालेंकोर्ट ने अपने आदेश में ‘मी नाथूराम गोडसे बोलतोय’ नाटक पर बंबई हाई कोर्ट के फैसले और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी पर गुजरात में दर्ज FIR के खारिज होने का हवाला दिया। इन उदाहरणों से कोर्ट ने स्पष्ट किया कि असहमति की वजह से रचनात्मक कार्यों को प्रतिबंधित करना संविधान कीभावना के खिलाफ है।

भाजपा कर रही आम आदमी पार्टी के मोहल्ला क्लीनिकों को नया नाम देकर पेश बोले सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह केजरीवाल सरकार में बनाए गएमोहल्ला क्लीनिकों और डिस्पेंसरी को केवल रंग-रोगन कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम से प्रचारित कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली कीजनता को गुमराह कर रही है और आप सरकार के काम को अपनी उपलब्धि बताकर पेश कर रही है। चिराग दिल्ली की डिस्पेंसरी बना सबूतसौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर चिराग दिल्ली स्थित वातानुकूलित डिस्पेंसरी का वीडियो साझा करते हुए कहा कि यहडिस्पेंसरी वर्ष 2017 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और उनके द्वारा उद्घाटित की गई थी। आज भी इस पर लगे शिलापट्ट पर दोनों के नामस्पष्ट रूप से दर्ज हैं। बावजूद इसके, अब भाजपा इस इमारत को नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर बता रही है। 33 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का दावा झूठाउन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा 33 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। दरअसल, ये सभी केंद्र पहले सेही आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बनाए गए थे और अब इनका केवल नाम बदलकर, दीवारों पर पीला रंग करके और कुछ चित्र बनाकर नया बतानेकी कोशिश की जा रही है। 100 दिन की रिपोर्ट में भ्रम फैलायाभाजपा सरकार द्वारा 100 दिन के कार्यकाल की उपलब्धियों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को प्रमुख उपलब्धि बताया गया, जबकि हकीकत में इनकानिर्माण आप सरकार के समय हो चुका था। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने जनता को यह विश्वास दिलाया कि वह केंद्र से बड़ा फंड लाकर नईस्वास्थ्य सुविधाएं बनाएगी, लेकिन असल में पुराने ढांचे को नया रंग दे दिया गया। दीवारों पर रंग, सुविधाएं वही पुरानीबिहारद्वाज ने बताया कि इन कथित नए आरोग्य मंदिरों में वही पुराने डॉक्टर, फार्मासिस्ट और सुविधाएं मौजूद हैं। केवल दीवारों पर पीला रंग कर औरनए पोस्टर लगाकर भाजपा इन्हें नया बता रही है। चिराग दिल्ली की यही वही डिस्पेंसरी है जहां आम आदमी पार्टी सरकार ने पहली बार एसी लगवायाथा। भाजपा की “नाम बदलो, काम चुराओ” नीतिसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा और उपराज्यपाल पहले इन्हीं क्लीनिकों को रोकने की कोशिश कर रहे थे, अब जब ये जनता के बीच लोकप्रिय होचुके हैं, तो भाजपा उन्हीं को अपना बताकर प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता अब समझ चुकी है कि भाजपा का असली उद्देश्य कोई नया काम करना नहीं है, बल्कि आम आदमी पार्टी कीयोजनाओं पर अपनी मुहर लगाना है।

महिला यात्री को रैपिडो राइडर ने मारा थप्पड़, वीडियो वायरल

बेंगलुरु के जयनगर इलाके में एक महिला यात्री को रैपिडो बाइक टैक्सी चालक द्वारा थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होरहा है। घटना उस समय हुई जब महिला ने गंतव्य पर पहुंचने से पहले राइड को रोकने की बात कही और राइडर की लापरवाही से बाइक चलाने परआपत्ति जताई। इसके बाद दोनों में बहस शुरू हो गई, जिसके दौरान राइडर ने महिला को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि वह सड़क पर गिर पड़ी। भाषाई मतभेद ने बिगाड़ा मामलामीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहस उस समय और बढ़ गई जब महिला केवल अंग्रेजी में बात कर रही थी और चालक कन्नड़ भाषा का उपयोग कररहा था। इस दौरान महिला द्वारा किराया न देने की बात कहे जाने पर राइडर ने कथित तौर पर हमला कर दिया। वीडियो में दिखी राहगीरों की बेरुखीवायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बहस के दौरान वहां कई राहगीर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी महिला की मदद नहीं की। थप्पड़ लगने के बाद भी वह अकेली उठी और अंत में किराया चुकाकर वहां से चली गई। कानूनी कार्रवाई से महिला ने किया इनकारघटना के बाद, महिला ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि वह मामले को और नहीं बढ़ाना चाहती। हालांकिपुलिस ने एक गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कर्नाटक में पहले से विवादों में बाइक टैक्सी सेवाएंयह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक सरकार पहले ही बाइक टैक्सी सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा चुकी है। हाईकोर्ट ने भी राज्यसरकार के इस निर्णय को बरकरार रखा है कि जब तक स्पष्ट नियम नहीं बनते, तब तक ऐसी सेवाएं बंद रहेंगी। रैपिडो ने सेवाएं की निलंबित, डिलीवरी पर ध्यानकानूनी आदेश के बाद रैपिडो ने कर्नाटक में अपनी बाइक टैक्सी सेवाएं बंद कर दी हैं और अब केवल ‘बाइक पार्सल’ डिलीवरी विकल्प ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कदम से ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म को भारी नुकसान हुआ है, जो शहरी यातायात में दोपहिया परिवहन की मांगपूरी कर रहे थे।

देशभर में मॉनसून का कहर, 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियताके चलते आने वाले कुछ दिनों में कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मूसलधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसमविभाग का कहना है कि यह मौसमी सिस्टम कई क्षेत्रों में गंभीर असर डाल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इसी कारण लोगों कोसतर्क रहने और ज़रूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। IMD के ताजा अनुमान के अनुसार दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में भारी से अति भारी वर्षा होसकती है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलधार बारिश और बाढ़ कीआशंका जताई गई है। उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारीबारिश हो सकती है, जबकि मध्य भारत के मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पश्चिम भारत मेंगुजरात के कुछ हिस्सों में भी मानसून की प्रगति के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 जून तक मानसून केरल, कर्नाटक और कोंकण-गोवा में सक्रिय हो चुका है और अगले 24 घंटों में इसके विदर्भ, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गुजरात की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद यह तीन दिनों में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचसकता है। इस दौरान केरल और कर्नाटक के तटीय और पर्वतीय क्षेत्रों में 20 सेमी से ज्यादा बारिश होने की आशंका है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ काखतरा बढ़ गया है। मुंबई और आसपास के इलाकों में भी 15 से 18 जून के बीच भारी बारिश के चलते जलभराव की स्थिति बन सकती है। मणिपुर मेंपहले से ही बाढ़ से 1.64 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं और मिजोरम में भूस्खलन की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। दिल्ली-एनसीआर में 18 जून तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं, बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूररहें। समुद्र किनारे रहने वालों को विशेष रूप से केरल, कर्नाटक और गोवा में समुद्र में न उतरने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बाढ़ औरभूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को सतर्क रहने को कहा गया है। IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि मानसूनकी तेज सक्रियता के चलते देश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ सकता है, इसलिए लोगों को मौसम से जुड़ी हर जानकारी पर नजर रखनी चाहिए औरप्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

G7 समिट बीच में छोड़कर अमेरिका लौटे डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल-ईरान संघर्ष पर कड़े संकेत

कनाडा के प्रिंस एडवर्ड आइलैंड में चल रही G7 शिखर बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही रवाना हो गए। यहफैसला ऐसे समय पर आया जब मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ट्रंप के अचानक लौटने के बाद यह अटकलेंलगाई जा रही थीं कि वे वॉशिंगटन लौटकर संघर्ष विराम की संभावनाओं पर काम करना चाहते हैं। गलत जानकारी’ देने पर मैक्रों पर भड़के ट्रंपफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बयान में कहा था कि ट्रंप इजरायल-ईरान संघर्ष पर काम करने के लिए अमेरिका लौट रहे हैं। इस परप्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर लिखा, “पब्लिसिटी के भूखे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने झूठा दावा किया कि मैंयुद्धविराम के लिए लौट रहा हूं। उन्हें असल वजह की जानकारी नहीं है।” तेहरान को दी चेतावनी, सैन्य कार्रवाई के संकेतट्रंप ने G7 छोड़ने से पहले तेहरान के नागरिकों को राजधानी खाली करने की सलाह देते हुए संकेत दिया कि यदि हालात नहीं बदले तो अमेरिका सैन्यहस्तक्षेप कर सकता है। वॉशिंगटन लौटकर उन्होंने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को अलर्ट रहने का निर्देश भी दिया है। इतिहास दोहराया, 2018 में भी छोड़ा था G7यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने G7 समिट को अधूरा छोड़ा हो। 2018 में कनाडा के क्यूबेक में हुई समिट के दौरान भी ट्रंप पहले ही रवाना हो गए थेऔर सिंगापुर में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से मुलाकात के लिए निकल पड़े थे। उस समय उन्होंने साझा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार करदिया था और कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो को “बेईमान और कमजोर” करार दिया था। इस बार भी साझा बयान से बनाई दूरीइस बार भी जब G7 सदस्य देशों ने एक संयुक्त शांति अपील जारी करने की तैयारी की, ट्रंप ने उसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस केराष्ट्रपति मैक्रों ने दावा किया कि ट्रंप किसी युद्धविराम के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, मगर ट्रंप की आक्रामक भाषा ने उनकी गंभीरता पर सवाल खड़ेकर दिए। इस फैसले से सबसे ज्यादा निराश ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज हुए, जो AUKUS डील और व्यापार को लेकर ट्रंप से पहलीबैठक की उम्मीद में थे। अमेरिका फर्स्ट’ की नीति फिर सामने आईट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति एक बार फिर उजागर हुई है। चाहे वह जलवायु सम्मेलन हो या अंतरराष्ट्रीय समझौते, ट्रंप हमेशा घरेलू प्राथमिकताओं कोआगे रखते हैं। इजरायल-ईरान संकट, वॉशिंगटन की स्थिति पर नियंत्रण और अपनी राजनीतिक छवि को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक बार फिरअंतरराष्ट्रीय मंच को पीछे छोड़ने में संकोच नहीं किया।