"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

चिराग पासवान का संकल्प, बिहार की सभी 243 सीटों से लड़ने का ऐलान, आरा रैली में विपक्ष पर साधा निशाना

रविवार को आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने ‘नव संकल्प महासभा’ का आयोजन किया। इस मौके पर पार्टीप्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों को संबोधित किया। रैली में भोजपुर समेत पटना, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल जैसे जिलों से हजारों लोग जुटे।विपक्ष पर निशाना, एनडीए सरकार की तारीफअपने भाषण में चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और एनडीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि एनडीए ने सदैवदलितों और वंचितों के हक में काम किया है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर को सम्मान देने के उदाहरण दिए। चिराग ने प्रधानमंत्रीमोदी की सराहना करते हुए उन्हें “सबको सम्मान देने वाला नेता” बताया। कहां से लड़ूंगा चुनाव, यह आप तय करेंचिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि वे बिहार से ही चुनाव लड़ेंगे और राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर उनकी पार्टी उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने मंच सेकहा, “मैं बिहार और बिहारियों के लिए लड़ूंगा, लेकिन कहां से लड़ूंगा, यह आप सब तय करेंगे।” बिहार को विकसित राज्य बनाना ही लक्ष्यचिराग ने दोहराया कि जब तक बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में नहीं लाया जाएगा, तब तक वे चैन की सांस नहीं लेंगे। उन्होंने अपनी’बिहार फर्स्ट’ सोच का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है। प्रवासी छात्रों के लिए चिंताप्रवासी बिहारी युवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए चिराग ने कहा कि उनका सपना है कि किसी भी छात्र को पढ़ाई के लिए बिहार से बाहर न जानापड़े। उन्होंने कहा कि उनकी सोच को कमजोर करने की कई साजिशें रची गईं, लेकिन वे झुकेंगे नहीं। न झुकूंगा, न टूटूंगाभावुक होते हुए चिराग ने कहा, “मैं शेर का बेटा हूं, मुझे तोड़ने की कोशिशें की गईं, परिवार और पार्टी को बांटने की साजिशें रची गईं, लेकिन मैं तबतक नहीं रुकूंगा जब तक विरोधियों का नामोनिशान मिटा न दूं।” युवाओं से की ‘चिराग बनने’ की अपील चिराग पासवान ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे खुद को चिराग बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने युवा जोश को बिहार के भविष्य की नींवबताया और कहा कि “आपका साथ ही मेरी ताकत है।” विधानसभा चुनाव की तैयारी का बिगुलइस जनसभा को आगामी विधानसभा चुनाव की शुरुआत माना जा रहा है। चिराग पासवान ने न सिर्फ बिहार से चुनाव लड़ने की घोषणा की बल्कि यहभी संकेत दिया कि लोजपा (रामविलास) पूरे राज्य में दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने जा रही है।

गैस योजना की जानकारी न देने पर नाराज हुई मंत्री सविता, कार्यक्रम में DM पर फेंका गुलदस्ता, वीडियो वायरल

आंध्र प्रदेश की पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री सविता एस का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी परगुलदस्ता फेंकती नजर आ रही हैं। यह घटना तीन दिन पुरानी है, लेकिन इसका वीडियो रविवार को सामने आया और सोशल मीडिया पर तेजी से फैलगया। क्या था मामला?यह घटना एक पेंशन वितरण समारोह के दौरान हुई, जहां मंत्री सविता एस ने उपस्थित जिलाधिकारी प्रभावती से फ्री गैस सिलेंडर वितरण कीजानकारी मांगी। जब जिलाधिकारी यह स्पष्ट नहीं बता सकीं कि पहले चरण में कितने सिलेंडर बांटे गए, तो मंत्री ने उसी गुलदस्ते को गुस्से में वापसउनकी ओर फेंक दिया जो स्वागत के समय उन्हें दिया गया था। मंत्री का गुस्सामंत्री का गुस्सा देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। मंत्री ने अन्य लोगों द्वारा दिए जा रहे गुलदस्ते भी स्वीकार करने से मना कर दिया। इस पूरेघटनाक्रम को लेकर अब तक न तो मंत्री सविता और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियावीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने मंत्री के इस आचरण कोअनुचित और असभ्य बताया, तो कई अन्य ने जिलाधिकारी की तैयारी पर सवाल उठाए। नैतिक सवालइस घटना ने एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को अपने गुस्से और व्यवहार को नियंत्रित रखने कीज्यादा जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद की कमी और संवेदनशीलता की कमी प्रशासन और नेताओं के बीच टकराव काकारण बन सकती है।

जली नकदी कांड: न्यायमूर्ति वर्मा पर महाभियोग की तलवार, संसद में कार्रवाई की तैयारी

मार्च माह में दिल्ली में स्थित उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के सरकारी निवास पर आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई थी। इसहादसे के दौरान उनके निवास परिसर के आउटहाउस से नकदी से भरी कई बोरियां जली हुई हालत में बरामद की गईं, जिससे इस मामले ने सनसनीखेजमोड़ ले लिया। सुप्रीम कोर्ट की जांच समिति ने ठहराया दोषीइस मामले की तह तक जाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने तीन न्यायाधीशों की एक विशेष समिति गठित की थी। जांच के दौरान कई गवाहों केबयान दर्ज किए गए और तमाम सबूतों के आधार पर समिति ने न्यायमूर्ति वर्मा को इस पूरे प्रकरण में दोषी करार दिया। इसके पश्चात उन्हें दिल्ली उच्चन्यायालय से स्थानांतरित कर इलाहाबाद उच्च न्यायालय भेजा गया, जहां फिलहाल उन्हें कोई न्यायिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इस्तीफा ही बचा एकमात्र रास्तासंवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि अब न्यायमूर्ति वर्मा के पास संसद में महाभियोग की कार्रवाई से बचने का एकमात्र रास्ता पद से इस्तीफा देनाहै। संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार, उच्च न्यायालय का कोई भी न्यायाधीश राष्ट्रपति को पत्र लिखकर त्यागपत्र दे सकता है, जिसके लिएकिसी औपचारिक स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती। त्यागपत्र देने पर मिलेंगे सेवा लाभयदि न्यायमूर्ति वर्मा स्वयं पद छोड़ते हैं, तो उन्हें सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश के रूप में पेंशन सहित अन्य भत्तों का लाभ प्राप्त होगा। लेकिनयदि उन्हें संसद द्वारा उनके पद से हटाया जाता है, तो वे इन सुविधाओं से वंचित रहेंगे। संसद में कैसे होता है न्यायाधीश को हटाने का प्रस्तावभारतीय संसद के किसी भी सदन में न्यायाधीश को पद से हटाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों कासमर्थन आवश्यक होता है, जबकि लोकसभा में 100 सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है। प्रस्ताव पास होने के बाद, एक तीन सदस्यीय समिति गठितकी जाती है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश, किसी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक ख्यातिप्राप्त विधिवेत्ता होते हैं। यह समितिन्यायाधीश के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करती है। पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामलेऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पूर्व जस्टिस वी. रामास्वामी और जस्टिस सौमित्र सेन पर भी महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि, दोनोंने संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही इस्तीफा देकर पद छोड़ दिया था। मानसून सत्र में हो सकती है कार्रवाईसूत्रों के मुताबिक, संसद का अगला मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा, और इसी सत्र में जस्टिस वर्मा के खिलाफमहाभियोग की कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है। यह कार्यवाही नए संसद भवन में पहली बार होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विषय मेंयह संकेत दिया है कि अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष द्वारा लिया जाएगा।

दिल्ली में 9 साल की बच्ची से रेप और मर्डर, सूटकेस में मिला शव

दिल्ली के नेहरू विहार में 9 साल की बच्ची से रेप और मर्डर का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि बच्ची का शव सूटकेस में मिला था औरउसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार, बच्ची अपने परिवार के साथ रहती थी और वह घर से बाहर खेलने गई थी। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिवार केलोगों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन सुबह एक सूटकेस में बच्ची का शव मिला। पुलिस ने बताया कि बच्ची के शरीर पर चोट के कई निशान थे और उसके साथ रेप किया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियोंकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से मांग की है किआरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का विश्लेषण किया जा रहाहै। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस मामले में कोई जानकारी है, तो वह पुलिस को सूचित करें। इस घटना ने एक बार फिर से दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को उठाया है। लोगों ने मांग की है कि सरकार को इस मुद्दे पर कड़ेकदम उठाने चाहिए और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए। दिल्ली में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं और सरकार को इस मुद्दे पर कड़े कदम उठाने की जरूरत है। लोगों नेमांग की है कि सरकार को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक पुलिस बल तैनात करना चाहिए और अपराधियों के खिलाफ कड़ीकार्रवाई करनी चाहिए। इस घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है और लोगों ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा दीजाए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लोगों ने मांग की है कि सरकार को इस मुद्दे पर कड़े कदम उठाने चाहिए और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए। सरकार को चाहिए किवह सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक पुलिस बल तैनात करे और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। इस घटना से यह साफ हो गया है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। सरकार और पुलिस को इस मुद्दे पर कड़े कदम उठानेचाहिए और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, बिष्णुपुर में कर्फ्यू, पांच जिलों में इंटरनेट बंद

मणिपुर में एक बार फिर तनाव और हिंसा का माहौल देखने को मिला। शनिवार को अरामबाई तेंगगोल संगठन के कुछ सदस्यों की गिरफ्तारी के बादकई जिलों में हिंसा भड़क उठी। इसके बाद प्रशासन ने बिष्णुपुर जिले में पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया, जबकि अन्य जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दीगई। सड़कों पर आगजनी और तोड़फोड़गिरफ्तारी के विरोध में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने इंफाल के कई हिस्सों में सड़कें जाम कर दीं, टायर जलाए और सरकारी संपत्तियों को नुकसानपहुंचाया। खुराई लामलॉन्ग इलाके में बसों को आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़पें भी हुईं। प्रदर्शनकारियों की आत्मदाह की धमकीउग्र होते हालात के बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की चेतावनी दी। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमेंप्रदर्शनकारी खुद पर पेट्रोल डालते नजर आ रहे हैं। एयरपोर्ट के बाहर डटे प्रदर्शनकारीप्रदर्शनकारियों को आशंका थी कि हिरासत में लिए गए नेताओं को राज्य से बाहर ले जाया जा रहा है। इसी को लेकर बड़ी संख्या में लोग तुलिहालएयरपोर्ट के गेट के बाहर जमा हो गए। उन्होंने सड़क जाम कर दी और रातभर वहीं डटे रहे। बल प्रयोग और एक मौत की सूचनाराजधानी इंफाल में बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान एक व्यक्ति कीमौत की खबर सामने आई है, जो कथित तौर पर पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुआ था। प्रशासन की कड़ी कार्रवाईबिष्णुपुर जिले में पूरी तरह से कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। साथ ही इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल और काकचिंग जिलों में पांच से अधिक लोगोंके एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन सभी जिलों में एहतियातन इंटरनेट सेवाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। आतंकी गतिविधियों पर कार्रवाईहिंसा के बीच, पुलिस ने दो प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, तेंगनौपाल जिले से एक आईईडी भीबरामद किया गया है।