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सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सहकारी समिति के निदेशक के चुनाव मामले में की अहम टिप्पणी, कोर्ट ने कहा कि सट्टेबाजी और जुए के बिना मनोरंजन के लिए ताश खेलना नैतिक पतन नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सहकारी समिति के निदेशक के चुनाव मामले में अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि सट्टेबाजी और जुए के बिना मनोरंजन केलिए ताश खेलना नैतिक पतन नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने जुआ खेलते पकड़े जाने पर सहकारी समिति के निदेशक पद से हटाए गए युवक को बहाल करनेको आदेश दिया.न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि कर्नाटक के गवर्नमेंट पोर्सिलेन फैक्टरी इंपलाइज हाउसिंगको-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के निदेशक मंडल में निर्वाचित हनुमंतरायप्पा वाईसी पर बिना किसी सुनवाई के कथित तौर पर 200 रुपये काजुर्माना लगाया गया. जब वे कुछ लोगों के साथ सड़क किनारे बैठकर ताश खेलते पकड़े गए.पीठ ने कहा कि हमें नहीं लगता कि हनुमंतरायप्पा केखिलाफ लगाए गए आरोपों में नैतिक पतन शामिल है. क्योंकि नैतिक पतन तब माना जाएगा जब कोई कार्य भ्रष्टता के साथ किया गया हो. कर्नाटक उच्च न्यायालय के मामले को किया गया खारिजपीठ ने कहा कि हनुमंतरायप्पा आदतन जुआरी नहीं थे ताश खेलने के कई रूप हैं. इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि हर तरह से ताश खेलने सेनैतिक पतन होता है. खासकर जब इसे मनोरंजन के तौर पर खेला जाता है। हमारे देश के अधिकांश हिस्सों में जुआ या शर्त के बिना सरल तरीके सेताश खेलना एक गरीब आदमी के मनोरंजन का स्रोत माना जाता है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हनुमंतरायप्पा को सहकारी समिति के निदेशक मंडल मेंसर्वाधिक मतों से चुना गया था और उनके निर्वाचन को रद्द करने की सजा उनके द्वारा किए गए कथित कदाचार की प्रकृति के अनुपात में ठीक नहीं है. पीठ ने 14 मई के आदेश में कहा कि हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हनुमंतरायप्पा के खिलाफ की गई कार्रवाई को बरकरार नहीं रखा जा सकता. इसलिए अपील स्वीकार की जाती है. कोर्ट ने सहकारी समिति के निदेशक पद से हनुमंतरायप्पा को हटाने के निर्णय को बरकरार रखने वाले कर्नाटकउच्च न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया. अधिकारियों द्धारा आदेश को किया गया रद्दशीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के साथ-साथ कर्नाटक सहकारी समिति अधिनियम, 1959 के तहत अधिकारियों द्वारा पारित आदेश कोरद्द किया जाता है और सरकारी पोर्सिलेन फैक्टरी कर्मचारी आवास सहकारी समिति लिमिटेड के निदेशक मंडल में हनुमंतरायप्पा का चुनाव तब तकबहाल किया जाता है जब तक वह अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा नहीं कर लेते.हनुमंतरायप्पा वाईसी सबसे अधिक वोट हासिल करके को कर्नाटक केगवर्नमेंट पोर्सिलेन फैक्टरी इंपलाइज हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के निदेशक चुने गए थे. चुनाव हारने वाले रंगनाथ बी ने सहकारीसमितियों के संयुक्त रजिस्ट्रार से चुनाव को लेकर शिकायत की थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि हनुमतंरायप्पा को जुआ खेलने के मामले मेंनैतिक पतन के अपराध का दोषी ठहराया गया था. इसके बाद कर्नाटक सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1959 के मद्देनजर उनके चुनाव को रद्द करदिया गया. उच्च न्यायालय ने भी उनके निर्वाचन को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा. इसके बाद हनुमंतरायप्पा ने शीर्ष अदालत का दरवाजाखटखटाया.

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट कोहिली और अनुष्का शर्मा पहुंचे अयोध्या, रामलला व हनुमान गढ़ी के किए दर्शन

टेस्ट से संन्यास लेने के बाद विराट कोहली इन दिनों भगवान के दर पर माथा टेकने पहुंच रहे हैं. उनकी जीवन संगिनी अनुष्का शर्मा भी उनके साथ हीदिखती हैं रविवार को विराट अनुष्का के साथ अयोध्या पहुंचे. उन्होंने भगवान रामलला और भगवान हनुमान के दर्शन किए इस दौरान उन्होंने वहां पूजाअर्चना की और भगवान के दर पर माथा टेका. हनुमान गढ़ी मंदिर में उनके पूजा अर्चना का वीडियो भी सामने आया है. हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी नेउन्हें फूल माला पहनाया और टीका लगाया. विराट इससे पहले वृंदावन भी पहुंचे थे और वहां संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर उनसे आशीर्वादलिया था. कोहली फिलहाल आईपीएल में व्यस्त हैं और अपने आखिरी लीग राउंड के मैच के लिए लखनऊ में हैं. लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफआरसीबी को 27 मई को मुकाबला खेलना है. इससे पहले विराट ने अनुष्का के साथ अयोध्या जाने का मन बनाया. इन दोनों ने भगवान राम के मंदिरऔर हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना की. विराट ने इसी महीने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था और अब वह भारत के लिए सिर्फ वनडे खेलते नजरआएंगे. दोनों ने वहां मंदिर में काफी समय बिताया. विराट और अनुष्का को है अध्यात्म से अधिक लगावहनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी संजय दास जी महाराज ने कहा विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को आध्यात्म, संस्कृति, ईश्वर और सनातन धर्म से गहरालगाव है. उन्होंने भगवान रामलला के दर्शन किए और फिर भगवान हनुमान से आशीर्वाद लिया। उन्होंने यहां आध्यात्म और पौराणिक बातों पर भीचर्चा की. उन दोनों ने रामलला का परिक्रमा भी किया और हनुमान जी का आशीर्वाद भी लिया. निश्चित ही हनुमान जी का आशीर्वाद लिया है तो फलमिलेगा ही.इससे पहले 13 मई को विराट अनुष्का के साथ वृंदावन पहुंचे थे. यहां उन्होंने श्रीराधे हित केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से भेंटकी। इस दौरान दोनों ने संत महाराज से आशीर्वाद लिया और आध्यात्मिक चर्चा में भाग लिया. संन्यास के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थितिरही थी. संन्यास के बाद सीधे आध्यात्मिक शांति की तलाश में वह वृंदावन पहुंचे.कोहली और अनुष्का ने संत प्रेमानंद के आश्रम में साढ़े तीन घंटे से भीज्यादा समय बिताया. यह पहली बार नहीं है जब विराट संत प्रेमानंद से मिलने पहुंचे थे. वह इससे पहले जनवरी 2023 में इसी साल जनवरी में भीमिलने पहुंचे थे अब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने संत प्रेमानंद से गहन चर्चा की. इस दौरान विराट ने पूछा कि असफलता से कैसे बाहरनिकला जाए? इस पर प्रेमानंद ने कहा कि अभ्यास करना जारी रखें.

जासूसी के शक में गिरफ्तार की गई ज्योति मल्होत्रा,दानिश नाम के व्यक्ति से थी पाकिस्तान में पहली मुलाकात जानें क्या है पूरा मामला

जासूसी के शक में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान के दूसरे टूर के समय ही सुरक्षा जांच एजेंसियों की रडार पर आ गई थी. करीब एक साल सेज्योति इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की निगरानी में थी उसकी सभी तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकीहमले के बाद पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) के संपर्क में रहने पर ज्योति पर शिकंजा कस दिया गया. सूत्रों के अनुसार, पहली बारज्योति मल्होत्रा 2023 में पाकिस्तान गई तो उसे सामान्य तौर पर लिया गया. इसके बाद वह 2024 में दूसरी बार पाकिस्तान गई तो वह पाकिस्तानीएंबेसी से जुड़े दानिश के संपइसके बाद जांच एजेंसियों ने ज्योति मल्होत्रा को रडार पर लिया था. तीसरी बार ज्योति करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में पहुंचीथी। वहां उसने पाकिस्तान के पंजाब राज्य की सीएम मरियम शरीफ का इंटरव्यू लिया था जहां ज्योति को वीआईपी ट्रीटमेंट मिला था. इस इंटरव्यूऔर वीआईपी ट्रीटमेंट के बाद एजेंसियों ने उसकी निगरानी बढ़ा दी थी. दानिश से हुई पहली मुलाकातवहां पर दानिश के परिचित के साथ कमरे में चार घंटे तक रही. इसके बाद उसकी हिस्ट्री को खंगाला जाने लगा पहलगाम की घटना के बाद भारत नेपाकिस्तानी दूतावास से जुड़े दानिश को अवांछित व्यक्ति घोषित किया दानिश के संपर्क के लोगों की भी पड़ताल की जाने लगी इसमें ज्योति कीउससे कई बार बातचीत का रिकॉर्ड मिला.एजेंसियों को ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में होने के साक्ष्य भी मिले. कॉलडिटेल रिकॉर्ड मिलने के बाद एजेंसियों ने इन सभी साक्ष्यों के बाद पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को गिरफ्तार कर लिया.कॉल डिटेल मैसेज कीजांच के बाद ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा का मोबाइल लौटा दिया गया. ज्योति के लिए वीजा लगवाने में मदद करने वाले हरकीरत के मोबाइल कीडिटेल भी पुलिस को नहीं मिली है पुलिस को सबसे अधिक उम्मीद ज्योति के लैपटॉप के डाटा से है.कॉल डिटेल मैसेज की जांच के बाद ज्योति केपिता हरीश मल्होत्रा का मोबाइल लौटा दिया गया. ज्योति के लिए वीजा लगवाने में मदद करने वाले हरकीरत के मोबाइल की डिटेल भी पुलिस कोनहीं मिली है पुलिस को सबसे अधिक उम्मीद ज्योति के लैपटॉप के डाटा से है.

मिगसन अल्टिमो सोसायटी के बिल्डर की लापरवाही से हुआ दर्दनाक हादसा, महिला और मासूम की मौत ने जगाया गुस्सा

आंधी में गिरा ग्रिल, छीन ली दो जानेंओमीक्रॉन-3 सेक्टर की मिगसन अल्टिमो सोसाइटी में बुधवार रात आई तेज़ आंधी ने एक भयावह हादसे को जन्म दिया। एक टावर की छत से लोहेऔर टिन की भारी ग्रिल गिरने से एक महिला और उसके दो वर्षीय नाती की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा सोसाइटी में सुरक्षा के इंतजामोंपर बड़ा सवाल खड़ा कर गया। शोक में बदला गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोगघटना के बाद पीड़ित परिवार और सोसाइटी के लोगों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में निवासी, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, क्लब हाउस से मार्च करते हुए 130 मीटर रोड तक पहुंचे और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। “बिल्डर हाय-हाय” और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारों से इलाका गूंज उठा। पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप, भाजपा नेता बिल्डर के पक्ष मेंइस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बिल्डर पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों परही लाठीचार्ज कर दिया। इतना ही नहीं, एक भाजपा नेता जो पहले मंडल अध्यक्ष रह चुका है बिल्डर के समर्थन में सामने आ गया, जिससे लोगों कागुस्सा और भड़क गया।बिल्डर की लापरवाही बना मौत का कारणनिवासियों का कहना है कि छत पर लगी भारी ग्रिल को बिना सुरक्षा उपायों के एक शॉफ्ट के ऊपर अस्थायी रूप से रखा गया था। जब आंधी आई, तो वह ग्रिल नीचे गिर गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया। लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक बिल्डर केखिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन में हुई झड़प, कई घायलप्रदर्शन को नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब लोग नहीं माने, तो बल प्रयोग किया गया। इससे कई लोगों को चोटें भी आईं। इस झड़प के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। लगभग तीन घंटे चले विरोध केबाद, अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर लोग शांत हुए।

भारत में कोविड-19 की वापसी, शहरी इलाकों में केस बढ़े, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं

भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं, खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में इसकी वापसी देखी जा रही है। दिल्ली, कर्नाटकऔर आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में इस महीनेनए केस सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तीन वर्षों में पहली बार कोविड के 23 नए मरीज सामने आए हैं। कोविड के लक्षण हल्के, कोई मृत्यु नहींअधिकांश संक्रमित व्यक्तियों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं और अब तक किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछालओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट JN.1 के फैलाव के कारण हो सकता है। हालांकि यह वैरिएंट तेज़ी से फैलता है, फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) नेइसे “विचलित करने वाला वैरिएंट” नहीं माना है। कम समय में हो रहा है ठीक होने का सिलसिलाJN.1 वैरिएंट से संक्रमित अधिकतर मरीज 3 से 4 दिनों के भीतर स्वस्थ हो रहे हैं। इनमें बुखार, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द और थकावट जैसेसामान्य लक्षण पाए जा रहे हैं। दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अस्पतालों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं जैसे बेड, ऑक्सीजनसिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन उपलब्ध रखने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि यह नया वैरिएंट सामान्य फ्लू जैसा हैऔर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। दिल्ली-एनसीआर में निगरानी हुई तेजराजधानी दिल्ली ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि ILI (इंफ्लूएंजा जैसी बीमारी) और SARI (गंभीर श्वसन संक्रमण) के मामलों का डाटारोजाना हेल्थ पोर्टल पर साझा किया जाए। नोएडा और गाजियाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्रों में भी नए मरीज सामने आए हैं। नोएडा में पहला केस 55 वर्षीय व्यक्ति में पाया गया जबकि गाजियाबाद में अब तक 4 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। केरल में सर्वाधिक केस, सतर्कता बढ़केरल में मई महीने में अब तक 273 मामले दर्ज किए गए हैं, जो देशभर में सबसे अधिक हैं। राज्य सरकार ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है औरसार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। वहीं कर्नाटक में 35 नए केस मिले हैं, जिसमें एक नवजात भी शामिल है। गंभीर लक्षणोंवाले मरीजों को कोविड जांच की सलाह दी गई है। महाराष्ट्र में भी मामलों की पुष्टिमई में मुंबई में 95 और ठाणे में 10 नए केस दर्ज हुए हैं। मुंबई में 16 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निर्देश दिया है कि जिन मरीजों में SARI के लक्षण हों, उनकी कोविड जांच जरूर करवाई जाए। राज्य सरकार ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं कापर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है। आंध्र प्रदेश ने स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ कींहालांकि आंध्र प्रदेश में फिलहाल कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया है, फिर भी राज्य सरकार ने अस्पतालों को टीके, पीपीई किट और मास्क का पर्याप्तस्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से लौटने वाले लोगों को जांच कराने की सलाह दी गई है। अहमदाबाद में एक दिन में 20 केस मिलेगुजरात के अहमदाबाद में एक ही दिन में 20 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। मई माह में अब तक कुल 39 केस रिपोर्ट हुए हैं, जिनमें से 8 लोगपूरी तरह ठीक हो चुके हैं। शहर के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में सबसे अधिक 10 मामले पाए गए हैं। चिकित्सकों की रायवरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण गर्ग के अनुसार, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की आवश्यकता नहीं है औरबूस्टर डोज की अभी जरूरत नहीं है। केवल वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। सतर्कता बनी रहे जरूरीडॉ. गर्ग का मानना है कि JN.1 वैरिएंट को लेकर भारत में फिलहाल कोई गंभीर स्थिति नहीं है, हालांकि बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं कोअतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

भ्रष्टाचार का मॉडल है भाजपा का ‘गुजरात मॉडल’, मनीष सिसोदिया बोले, गुजरात में मंत्री के बेटों ने 71 करोड़ का घोटाला किया, भाजपा सरकार मौन क्यों?

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने शनिवार को भाजपा के तथाकथित ‘गुजरात मॉडल’ पर तीखा हमला बोला।उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का मॉडल करार देते हुए आरोप लगाया कि गुजरात के दाहोद ज़िले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) के तहत 71 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, जिसमें प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री बच्चूभाई खाबड़ के बेटे और भतीजा शामिल हैं।मंत्री के बेटों ने पैसे खाए, लेकिन भाजपा चुप हैप्रेस वार्ता में मनीष सिसोदिया ने कहा कि मंत्री के बेटों ने फर्जी कंपनियां बनाकर अपने ही पिता के विभाग से ठेके लिए और काम किए बिना 71 करोड़ रुपये हड़प लिए। “अब जबकि मंत्री के दोनों बेटे और भतीजा पुलिस की गिरफ्त में हैं, भाजपा सरकार ने न तो मंत्री से इस्तीफा मांगा और न हीकोई कार्रवाई की,” उन्होंने कहा। पंजाब में AAP सरकार ने अपने विधायक को जेल भेजा, भाजपा भ्रष्टाचारियों को बचा रहीसिसोदिया ने आम आदमी पार्टी के पंजाब मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि जब वहां एक विधायक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा, तो भगवंतमान सरकार ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया। “यही है अरविंद केजरीवाल की राजनीति भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस। दूसरी तरफ, भाजपा अपने भ्रष्टनेताओं को बचाने में लगी है,” उन्होंने कहा। सिर्फ दो तहसीलों में 71 करोड़AAP नेता ने सवाल उठाया कि जब मात्र दो तहसीलों में इतना बड़ा घोटाला हो सकता है, तो पूरे गुजरात में स्थिति कितनी भयावह होगी? उन्होंनेआरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर इस मामले को न ईडी को सौंप रही है और न ही सीबीआई को, क्योंकि मंत्री अब भी पद पर बने हुएहैं। “कहीं ऐसा तो नहीं कि मंत्री को पद पर बनाए रखने का मकसद बाकी तालुकाओं की जांच रोकना है?” सिसोदिया ने कहा। क्या यह घोटाला मोदी-शाह की जानकारी में हुआ?सिसोदिया ने कहा कि गुजरात में बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अनुमति के कोई फैसला नहीं होता। “तो क्या यहघोटाला भी उनकी जानकारी में हुआ? क्या इसकी इजाज़त ऊपर से मिली थी? देश को जवाब चाहिए,” उन्होंने जोर देते हुए कहा। गांवों के गरीबों को न काम मिला, न मजदूरीमनरेगा का मकसद गांवों के गरीबों को रोजगार देना था, लेकिन मंत्री के बेटों ने फर्जी कंपनियों से काम उठाया और उसे किया ही नहीं। “गांव में न कोईकाम हुआ, न लोगों को मजदूरी मिली। सिर्फ कागज़ों पर काम दिखाकर पैसे हड़प लिए गए,” सिसोदिया ने बताया। एक तरफ ईमानदारी, दूसरी तरफ संरक्षणमनीष सिसोदिया ने कहा, “एक तरफ पंजाब की AAP सरकार है, जो अपने विधायक तक को नहीं बख्शती। दूसरी तरफ गुजरात की भाजपा सरकारहै, जो अपने मंत्री के बेटों की गिरफ्तारी के बावजूद मंत्री को बचा रही है। देश को तय करना है कि उसे कौन-सा मॉडल चाहिए भ्रष्टाचार का याईमानदारी का।”

Water Crisis Deepens in Delhi, LoP Atishi Writes to CM Rekha Gupta, Seeks Urgent Meeting

Amid an escalating water crisis in the national capital, Delhi Assembly’s Leader of Opposition Atishi has written a strongly worded letter to Chief Minister Rekha Gupta, slamming the BJP-led government for its “inaction and gross negligence.” Atishi has sought an urgent meeting between AAP MLAs and the Chief Minister to discuss the worsening water situation that is affecting lakhs of residents across Delhi. Capital Faces Disruption in Water Supply up to 24 HoursAtishi accused the BJP government of failing to provide basic amenities, stating that water supply in several areas has been cut off for as long as 24 hours. Despite widespread public distress, she said, the government and its ministers have maintained complete silence. “Citizens are receiving messages about water cuts, women are lining up at tankers, children are waiting with buckets, and families are buying bottled water just to survive. This is fast becoming Delhi’s new identity,” she wrote. Four-Engine BJP Government, Yet No WaterHighlighting the presence of BJP governments at multiple levels Centre, Lieutenant Governor’s office, MCD, and now the Chief Minister’s post Atishi questioned the party’s commitment to governance. “Despite a four-engine BJP government, people are still struggling for something as basic as drinking water,” she stated. She further warned that if the crisis is this dire in May, the situation could become catastrophic as temperatures continue to rise in the coming months. “Is the BJP government planning to leave Delhi’s water needs to divine forces now?” she asked sarcastically.Call for Immediate Dialogue and ActionCalling the crisis not just a logistical failure but a humanitarian issue, Atishi urged CM Rekha Gupta to meet AAP MLAs at the earliest. “This is not just an administrative shortcomingit reflects the government’s indifference to its people’s suffering,” she said. The AAP leader concluded her letter with an appeal to uphold democratic norms and engage with elected representatives to find an urgent resolution to the crisis.

प्रधानमंत्री को ‘सिंदूर का सौदागर’ कहने पर बीजेपी का विपक्ष पर तीखा हमला, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टीऔर सहयोगी दलों को घेरा

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘सिंदूर का सौदागर’ कहनेऔर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तुलना एक फिल्म से करने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे न केवल अपमानजनक बताया बल्कि कहा कि ऐसे बयानपूरे देश को शर्मसार करते हैं। 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक की याद दिला दीसचदेवा ने कहा कि संजय सिंह का बयान उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है जितना 2016 में अरविंद केजरीवाल द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना था।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल आतंकवाद के खिलाफ देश की निर्णायक कार्रवाई को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। पाकिस्तान की स्क्रिप्ट पर बोल रहे विपक्षी नेतादिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि संजय सिंह, संजय राउत और पवन खेड़ा जैसे नेता वे ही बयान दे रहे हैं जो पाकिस्तान के जनरल मुनीर की टीम कीस्क्रिप्ट से मिलते-जुलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां जानबूझकर झूठ और भ्रम फैलाकर देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कररही हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्षी राजनीति निंदनीयवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, जो हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया, आतंकवाद के खिलाफ एकनिर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि जब देश आतंकियों और उनके पाकिस्तानी आकाओं पर वार कर रहा है, तब विपक्ष का रवैया पाकिस्तान कामनोबल बढ़ाने जैसा है। राष्ट्रीय एकता पर सवाल उठाता विपक्षसचदेवा ने यह भी कहा कि भले ही भारत में राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और अस्मिता के मुद्दे पर सभी दलों को एकजुट रहना चाहिए।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शरद पवार, शशि थरूर, अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता भारत सरकार के साथ खड़े हैं, लेकिनकांग्रेस, AAP और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना अपवाद हैं जो देशवासियों को शर्मिंदा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री पर हमला, देश का अपमानअंत में, सचदेवा ने दोहराया कि प्रधानमंत्री पर ‘सिंदूर का सौदागर’ जैसा टिप्पणी करना न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से अपमानजनक है बल्कि यह पूरे राष्ट्रका भी अपमान है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे जिम्मेदारी से व्यवहार करें और देश की सुरक्षा पर राजनीति न करें।