काली मस्जिद में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण, वीरेन्द्र सचदेवा ने बताया यह “जीवन का सौभाग्य”

नई दिल्ली: भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने आज अपनीजन्मस्थली काली मस्जिद, डीडीए फ्लैट्स (सीताराम बाजार वार्ड) में बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा ‘रेजिडेंट वेलफेयरएसोसिएशन’ द्वारा स्थापित की गई है। इस विशेष कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुग एवं श्री दुष्यंत कुमार गौतम, एसोसिएशन अध्यक्ष श्री नरेश कुमार, पूर्व विधायक श्रीराजकुमार आनंद, पूर्व पार्षद श्री राकेश कुमार और भाजपा प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री श्री अमित गुप्ता सहित अनेक स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारीउपस्थित रहे। बाबा साहेब के विचार समाज में चेतना लाते हैं– तरुण चुगश्री तरुण चुग और श्री दुष्यंत गौतम ने सभा को संबोधित करते हुए बाबा साहेब के योगदान को रेखांकित किया और उनके विचारों को जीवन मेंआत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के आदर्श आज भी समाज को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। जन्मस्थली पर मूर्ति अनावरण, मेरे जीवन का सौभाग्य– वीरेन्द्र सचदेवाश्री वीरेन्द्र सचदेवा ने इस अवसर को अपने जीवन का अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मैंउस स्थान पर, जहां मेरा जन्म हुआ, समाजिक समरसता और न्याय के प्रतीक बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण कर सका।” यह प्रतिमा हमें समावेशी समाज की प्रेरणा देती रहेगीअपने संबोधन में श्री सचदेवा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता नहीं, बल्कि समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। यहप्रतिमा समाज को यह याद दिलाती रहेगी कि समावेशी और न्यायपूर्ण समाज की नींव विचारों और संघर्षों से रखी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कियह पहल केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का एक प्रयास है – एक ऐसा समाज जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और गरिमाप्राप्त हो। कार्यक्रम के उपरांत श्री सचदेवा ने स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनके मुद्दों पर संवाद किया और अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए अपनेपैतृक निवास का दौरा भी किया।
जलियांवाला बाग हत्याकांड की 106वीं बरसी, फिल्मों के जरिए झांकी इतिहास की झलक

13 अप्रैल 2025 को जलियांवाला बाग नरसंहार की 106वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। 1919 में हुए इस अमानवीय कांड ने भारतीय स्वतंत्रता संग्रामकी दिशा बदल दी थी। हिंदी सिनेमा ने भी इस ऐतिहासिक घटना को बार-बार अपने अंदाज में दर्शकों तक पहुंचाया है। आइए जानते हैं उन प्रमुखफिल्मों के बारे में, जिन्होंने जलियांवाला बाग के दर्द को पर्दे पर उतारा।जलियांवाला बाग (1977)बलराज ताह द्वारा निर्देशित यह फिल्म सीधे तौर पर जलियांवाला बाग हत्याकांड पर आधारित है। इसमें परिक्षित साहनी ने उधम सिंह की भूमिकानिभाई, जबकि विनोद खन्ना, शबाना आजमी और दीप्ति नवल जैसे कलाकारों ने कहानी को मजबूती दी। फिल्म का स्क्रीनप्ले गुलजार ने लिखा था, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम का जुनून स्पष्ट रूप से दिखता है। गांधी (1982)रिचर्ड एटेनबरो की यह ऑस्कर विजेता फिल्म महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित है। बेन किंग्सले ने गांधीजी की भूमिका निभाई और जलियांवालाबाग कांड को एक भावनात्मक दृश्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। फिल्म में ब्रिटिश जनरल डायर द्वारा निहत्थे लोगों पर गोली चलवाने कीअमानवीयता को मार्मिक तरीके से दर्शाया गया है। शहीद उधम सिंह (2000)इस फिल्म में राज बब्बर ने उधम सिंह का किरदार निभाया है, जिन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार का प्रत्यक्ष अनुभव किया और बाद में इसका बदलालिया। चित्रार्थ द्वारा निर्देशित यह फिल्म उधम सिंह के संघर्ष और बलिदान को दिखाती है।द लीजेंड ऑफ भगत सिंह (2002)राजकुमार संतोषी की इस फिल्म में अजय देवगन ने भगत सिंह का रोल निभाया है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे जलियांवाला बाग की घटना नेभगत सिंह के विचारों को बदला और उन्हें क्रांति की राह पर ले गई। यह दृश्य छोटा जरूर है, लेकिन बेहद प्रभावशाली है। फिल्म को दो राष्ट्रीयपुरस्कार भी मिले।रंग दे बसंती (2006)राकेश ओमप्रकाश मेहरा की यह फिल्म अतीत और वर्तमान को जोड़ती है। आमिर खान और अन्य युवा कलाकारों ने ऐसे किरदार निभाए हैं जोऐतिहासिक क्रांतिकारियों की कहानी से जुड़ते हैं। जलियांवाला बाग कांड को फिल्म में फ्लैशबैक के ज़रिए दिखाया गया है, जो दर्शकों को झकझोरदेता है। फिल्लौरी (2017)अनुष्का शर्मा और दिलजीत दोसांझ अभिनीत यह फिल्म एक प्रेम कहानी के साथ ऐतिहासिक घटनाओं को भी दर्शाती है। इसमें 1919 की पृष्ठभूमिमें जलियांवाला बाग हत्याकांड को एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सरदार उधम (2021)विक्की कौशल अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन शूजीत सरकार ने किया। यह फिल्म उधम सिंह की कहानी को विस्तार से दिखाती है, जिन्होंने 21 वर्षों तक जलियांवाला बाग के दोषियों से बदला लेने की योजना बनाई। नरसंहार का दृश्य बेहद प्रभावशाली है और फिल्म को कई राष्ट्रीय पुरस्कारोंसे नवाजा गया।
जयपुर में सड़क हादसा,कार और ट्रेलर की टक्कर में 5 की मौत, 2 महिलाएं और बच्चा शामिल

जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके में मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। कार और ट्रेलर की आमने-सामनेटक्कर में 5 लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक साल का बच्चा और दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी मृतक उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी थे, और खाटू श्याम मंदिर के दर्शन करने जा रहे थे। हादसा रायसर थाना क्षेत्र के नेकावाला टोल प्लाजा के पास हुआ। हादसा और बचाव कार्यपुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। ट्रेलर की टक्कर इतनी भयंकर थी कि वह पलट कर रोड के नीचे गिरगया, वहीं कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद ट्रेलर चालक और खलासी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। कार की स्थिति और पुलिस की कार्रवाईहादसा ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ, जैसा कि रायसर थाना पुलिस अधिकारी रघुवीर सिंह ने बताया। कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह पिचकगया था और मृतक शव कार में फंसे हुए थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू करदी है। स्थानीय प्रतिक्रियाहादसे के बाद सड़क पर भारी यातायात जाम लग गया, लेकिन पुलिस ने जल्द ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
गुना में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस के दौरान पथराव, स्थिति अब नियंत्रण में

मध्य प्रदेश के गुना जिले में शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव के दौरान निकाले जा रहे जुलूस पर उस समय पथराव हो गया, जब यह कर्नलगंज मस्जिदके पास से गुजर रहा था। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि इस घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं और तत्काल कार्रवाई के बादस्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन और बाजार बंदपथराव की घटना से नाराज हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने थाने का घेराव किया और बाजार बंद करवाते हुए आरोपियोंपर कड़ी कार्रवाई की मांग की। देर रात तक विरोध प्रदर्शन और जाम लगा रहा, लेकिन पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। नौ लोग गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारीपुलिस ने मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी मान सिंह ठाकुर के अनुसार, वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान कीगई है और बाकी उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने कुल 20 संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें 5 नामजद हैं। आरोपियोंपर मारपीट, हत्या की कोशिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। स्थिति सामान्य, पुलिस बल तैनातघटना के बाद पूरे शहर में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रणमें है और हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों परध्यान न देने की अपील की है। जुलूस के लिए नहीं ली गई थी अनुमतिपुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जुलूस निकालने के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। इसी दौरान कर्नलगंज मस्जिद केपास विवाद शुरू हुआ, जो पथराव में बदल गया। फिलहाल प्रशासन सघन निगरानी के साथ स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
बीजेपी और AIADMK में फिर से गठबंधन तय, अन्नामलाई की विदाई से खुला रास्ता

शाह की यात्रा बनी निर्णायक मोड़तमिलनाडु में बीजेपी और AIADMK के बीच टूटे गठबंधन की फिर से वापसी हो गई है। यह ऐलान उस समय हुआ, जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाहतमिलनाडु के दौरे पर पहुंचे। राजनीतिक हलकों में पहले से ही अटकलें थीं कि शाह की यात्रा के दौरान इस गठबंधन पर मुहर लग सकती है।अन्नामलाई की विदाई से सुलझा विवादइस गठबंधन में सबसे बड़ी अड़चन प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई माने जा रहे थे। उनके AIADMK के प्रति आक्रामक रुख ने दोनोंदलों के बीच मतभेद बढ़ा दिए थे। हालांकि अब उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जिससे गठबंधन का रास्ता साफ हो गयाहै। ई.के. पलानीस्वामी की दिल्ली यात्रा बनी संकेतकुछ सप्ताह पहले AIADMK प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी। तभी सेसंकेत मिलने लगे थे कि दोनों दल फिर एक मंच पर आ सकते हैं। अब यह गठबंधन औपचारिक रूप से घोषित हो चुका है। 2024 में अलग-अलग लड़ने का मिला तजुर्बालोकसभा चुनाव 2024 में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। बीजेपी को जहां 11.38% वोट मिले, वहीं AIADMK को 20.66% वोटमिले, लेकिन दोनों को एक भी सीट नहीं मिल पाई। इससे यह समझ आ गया कि अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति काम नहीं आई। नए अध्यक्ष से बदला जातीय समीकरणनैनार नागेंद्रन, थेवर समुदाय से आते हैं और दक्षिण तमिलनाडु के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। वहीं अन्नामलाई और पलानीस्वामी दोनों गौंडरसमुदाय से थे, जो पश्चिमी तमिलनाडु में प्रभाव रखते हैं। नए अध्यक्ष के जरिए बीजेपी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। 2021 के आंकड़ों ने दिखाया गठबंधन का असर2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी-AIADMK गठबंधन को 36% वोट मिले थे, जबकि DMK को करीब 37.7% वोट मिले थे। यह स्पष्टकरता है कि साथ आने पर दोनों दल एक मजबूत ताकत बन सकते हैं।
अमित शाह का भोपाल दौरा,सहकारिता आंदोलन को नई दिशा, सांची और NDDB के बीच एमओयू

रविवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सहकारिता मंत्रीविश्वास सारंग ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला रवींद्र भवन पहुँचा, जहाँ राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसअवसर पर मध्यप्रदेश दुग्ध संघ ‘सांची’ और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ। साथ ही राज्यके छह अन्य दुग्ध संघों और NDDB के बीच भी छह अलग-अलग एमओयू किए गए। सहकारिता, कृषि और पशुपालन क्षेत्र में असीम संभावनाएं: अमित शाहसम्मेलन में बोलते हुए शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश के पास कृषि, पशुपालन और सहकारिता क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोरदिया कि इन क्षेत्रों की पूर्ण क्षमताओं का उपयोग करने के लिए बड़े स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। शाह ने यह भी उल्लेख किया किसहकारिता आंदोलन, जो एक समय में व्यापक था, अब कई राज्यों में सीमित हो गया है और इसे फिर से सशक्त बनाने की आवश्यकता है। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना से आया बदलावअमित शाह ने कहा कि आज़ादी के 75 वर्षों बाद पहली बार देश में सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, जिसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने उन्हें सौंपी। इस मंत्रालय के गठन से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि अब सरकार योजनाबद्ध तरीके से सहकारिता, ग्रामीण और कृषि विकास को जोड़कर आगे बढ़ रही है। मॉडल बायलॉज को मिला देशव्यापी समर्थनशाह ने बताया कि सहकारिता राज्य का विषय होते हुए भी केंद्र सरकार ने सहकारिता सुधार के लिए ‘मॉडल बायलॉज’ तैयार कर सभी राज्यों को भेजे।उन्होंने कहा कि पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि गैर-भाजपा शासित राज्य इन बायलॉज को स्वीकार नहीं करेंगे, लेकिन आज पूरे देश में इन्हेंमान्यता मिल चुकी है, जो सरकार की सकारात्मक नीयत और मेहनत का परिणाम है।मध्यप्रदेश सहकारिता में अग्रणीगृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश ने सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। पैक्स समितियों के 100% रजिस्ट्रेशनऔर कंप्यूटराइजेशन में राज्य ने पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए शाह ने राज्य सरकार की सराहना की। अब सहकारी समितियाँ चलाएंगी पेट्रोल पंप और गैस वितरणअमित शाह ने यह भी घोषणा की कि सहकारी समितियाँ अब सिर्फ कृषि वित्त तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पेट्रोल पंप, गैस वितरण जैसे व्यवसायोंमें भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब अपैक्स समितियाँ कई राज्यों में विभिन्न व्यावसायिक कार्यों में संलग्न हैं। सम्मेलन में प्रमुख हस्तियों की उपस्थितिकार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इसमें सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल, NDDB के प्रतिनिधि और राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दिल्ली की राजनीति में नया विवाद,CM रेखा गुप्ता के पति की बैठक में मौजूदगी पर बवाल

आतिशी ने उठाए सवाल, CM के पति की बैठक में मौजूदगी पर आपत्तिदिल्ली में एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई जब आम आदमी पार्टी की नेता और विपक्ष की नेता आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति पर गंभीरआरोप लगाए। आतिशी ने आरोप लगाया कि सीएम के पति विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आधिकारिक बैठक में शामिल हुए, जोप्रशासनिक नियमों के खिलाफ है। आधिकारिक बैठकों में शामिल हुए सीएम के पतिआतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि रेखा गुप्ता के पति दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्लीजल बोर्ड (डीजेबी), लोक निर्माण विभाग (PWD) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों के साथ बैठक करते देखे गए। गांवों की परंपरा अब राजधानी मेंउन्होंने इस स्थिति की तुलना ग्रामीण भारत में देखने वाली परंपरा से करते हुए लिखा, “पहले गांवों में देखा जाता था कि महिला सरपंच के स्थान परउसका पति काम करता है, अब दिल्ली में पहली बार ऐसा हो रहा है जब महिला मुख्यमंत्री बनी हैं और उनके पति सरकारी कामकाज संभाल रहे हैं।” बीजेपी ने किया पलटवारइस आरोप पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आतिशी की टिप्पणी को महिला विरोधी करार देते हुए कहा किरेखा गुप्ता ने अपने संघर्ष और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को उनके परिवार का सहयोग मिलनासामान्य बात है और इसे गलत रंग देना अनुचित है। ‘रेखा गुप्ता ने खुद के बलबूते हासिल की है ये जिम्मेदारी’ – सचदेवासचदेवा ने कहा, “रेखा गुप्ता ने छात्र राजनीति से शुरुआत करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने तक का सफर अपने दम पर तय किया है। उनके पतिकी किसी बैठक में मौजूदगी का मतलब यह नहीं कि वे सरकार चला रहे हैं।” राजनीतिक तकरार और महिला नेतृत्व पर बहसयह विवाद अब महिला नेतृत्व और उनके पारिवारिक सहयोग के दायरे को लेकर राजनीतिक बहस में बदल गया है। एक ओर विपक्ष पारदर्शिता औरनियमों के पालन की बात कर रहा है, वहीं सत्ताधारी पार्टी इसे महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ असंवेदनशील और पक्षपाती टिप्पणी बता रही है।
मुर्शिदाबाद हिंसा: वक्फ बिल को लेकर तनाव, तीन की मौत, बंगाल की राजनीति में उबाल

मुर्शिदाबाद में वक्फ बिल के विरोध में फैली हिंसा, तीन लोगों की जान गईपश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ बिल को लेकर शुरू हुआ विरोध हिंसक रूप ले चुका है। ताजा घटनाक्रम में हिंसा के चलते अब तक तीनलोगों की मौत हो चुकी है। इस स्थिति ने पूरे राज्य की राजनीतिक फिजा को गर्म कर दिया है। सुवेंदु अधिकारी का आरोपकानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में हिंदू समुदाय के लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगायाकि राज्य सरकार स्थिति को संभालने में नाकाम रही है और यहां धार्मिक आधार पर हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। हिंसा के बीच दुकानों को लूटा गया, पुलिसकर्मी भी घायलसुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि धुलियान इलाके में हिंदू व्यापारियों की दुकानों को निशाना बनाकर लूटा गया और हिंसा बेकाबू हो गई। अधिकारीने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में 35 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और प्रशासन की पकड़ से हालात बाहर हो गए हैं। केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग, राजभवन और गृह मंत्रालय को पत्रअधिकारी ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। इससे पहले भी उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय सेइसी तरह की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर अदालत भी जा चुके हैं। ममता बनर्जी का आश्वासनवहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा है कि राज्य में वक्फ कानून से जुड़े नए प्रावधानों को लागू नहीं कियाजाएगा। उनका कहना है कि राज्य सरकार सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान करती है। भाजपा का पलटवारममता बनर्जी के इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ममता बनर्जी को लगता है भारतीयसंविधान पर विश्वास नहीं है, तभी वह एक संवैधानिक कानून का विरोध कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री तुष्टीकरण की राजनीति कररही हैं। राजनीतिक टकराव और आने वाली रैलीइस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा ने कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर में एक रैली का ऐलान किया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह रैली बंगाल की“जमीनी सच्चाई” को जनता के सामने लाने का माध्यम होगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य में स्थिति बेहद गंभीर है और सरकार को सख्त कदम उठानेचाहिए।