कांग्रेस ने भाजपा पर संसद बाधित करने का आरोप, तीखी आलोचना

तानाशाही और फासीवाद भाजपा के डीएनए में समा गया – प्रमोद तिवारीनई दिल्ली, 4 अप्रैल: कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के वरिष्ठनेताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया और भाजपा की निंदा की। संसद मोदी दरबार में तब्दील हो गई है – गौरव गोगोईनई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई और राज्यसभा में उपनेता प्रमोद तिवारी नेभाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाए। तिवारी ने कहा कि सत्तारूढ़ दल खुद ही सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है, जो पहले कभी नहीं देखागया। उन्होंने मणिपुर मुद्दे पर चर्चा का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके लिए तीन घंटे आवंटित किए गए थे, लेकिन केवल 50 मिनट की चर्चा हीहो पाई। रातभर चली कार्यवाही पर सवालतिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर रात में राज्यसभा की कार्यवाही चलाई ताकि मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विस्तृत चर्चान हो सके। उन्होंने कहा कि सदस्यों की सहमति के बिना कार्यवाही का समय बढ़ाया गया, जो नियम 37 का उल्लंघन है। गुरुवार को राज्यसभा मेंशाम 6 बजे के बाद कार्यवाही बढ़ाकर सुबह 4 बजे तक चर्चा करवाई गई, जिसमें वक्फ संशोधन विधेयक भी शामिल था। मल्लिकार्जुन खरगे पर आरोपों की निंदातिवारी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया औरइसकी कड़ी आलोचना की। सरकार जवाबदेही से बच रही है – गोगोईगौरव गोगोई ने कहा कि संसद अब जनता की आवाज उठाने का मंच नहीं रह गया है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी का दरबार बन गया है, जहां सरकार कीजय-जयकार स्वीकार्य है, लेकिन आलोचना को दबा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दल के सदस्य खुद सदन को बाधित कर रहे हैंताकि जवाबदेही से बचा जा सके। वक्फ विधेयक पर सवालगोगोई ने भाजपा से सवाल किया कि उसने 2013 में वक्फ अधिनियम में संशोधन का समर्थन क्यों किया था। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री पर कांग्रेससंसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी का लोकसभा में अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करने का भी आरोप लगाया, जबकि वह लोकसभा की सदस्य नहीं हैं। राहुल गांधी को सीमित समय देने पर आपत्तिगोगोई ने यह भी मुद्दा उठाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूरे बजट सत्र में केवल कुछ मिनट ही बोलने का अवसर दिया गया, जोविपक्ष की आवाज दबाने का स्पष्ट संकेत है। अमेरिकी टैरिफ और भारतीय अर्थव्यवस्थाकांग्रेस नेता ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 27 प्रतिशत टैरिफ को लेकर चिंता जताई, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार प्रभावित हुआ है।उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग के निवेशकों की मेहनत की कमाई डूब गई, लेकिन सरकार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने से बच रही है। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार से प्रधानमंत्री की बैठक पर सवालगोगोई ने प्रधानमंत्री मोदी से यह भी जानना चाहा कि बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ उनकी बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई।उन्होंने कहा कि यूनुस ने पूर्वोत्तर भारत में चीनी निवेश को लेकर विवादास्पद बयान दिया था और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकरभी सवाल उठे हैं। कांग्रेस नेता ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन गंभीर मुद्दों को बैठक के दौरान उठाया होगा।
दिल्ली भाजपा का स्थापना दिवस समारोह,सभी 14 जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थापना दिवस को भव्य रूप से मनाने के लिए दिल्ली भाजपा ने व्यापक तैयारियां की हैं। 6 अप्रैल कोपार्टी के प्रदेश कार्यालय सहित सभी 14 संगठनात्मक जिलों में ध्वजारोहण और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष करेंगे ध्वजारोहणप्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा सुबह 9 बजे पार्टी के प्रदेश कार्यालय में भाजपा सांसदों और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ पार्टी का ध्वजफहराएंगे। इसके बाद पुष्पांजलि अर्पित करने और मिठाई वितरण का कार्यक्रम होगा। प्रमुख नेताओं की जिलों में भागीदारीप्रदेश सह-प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर पश्चिमी दिल्ली में, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा शाहदरा में, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मयूर विहार में, संगठनमहामंत्री पवन राणा नवीन शाहदरा में, सांसद मनोज तिवारी उत्तर-पूर्वी जिले में, सांसद योगेंद्र चंदोलिया उत्तर-पश्चिम जिले में, सांसद कमलजीतसहरावत नजफगढ़ में, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली में, सांसद बांसुरी स्वराज करोल बाग में, प्रवीन खंडेलवाल चांदनी चौक में, प्रदेशमहामंत्री विष्णु मित्तल केशवपुरम में, दिनेश प्रताप सिंह नई दिल्ली जिले में, सारिका जैन महरौली में और नरेश वशिष्ठ बाहरी दिल्ली जिले मेंआयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भाजपा सिर्फ राजनीतिक दल नहीं, एक आंदोलन” – वीरेंद्र सचदेवादिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रवादी आंदोलन है, जो पिछले 45 वर्षों सेदेश के विकास और राष्ट्रविरोधी ताकतों से लड़ने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है औरभाजपा इसी दिशा में काम कर रही है।
गुजरात में दर्दनाक हादसा, मां ने चार बच्चों के साथ कुएं में कूदकर दी जान

गुजरात के जामनगर जिले के सुमरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने चार बच्चों के साथ कुएं मेंकूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी दी। घटना का खुलासा कैसे हुआ?गुरुवार को गांव के कुछ लोगों ने कुएं में शव तैरते हुए देखे, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को बाहरनिकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों की पहचानध्रोल पुलिस थाने के निरीक्षक एच.आर. राठौड़ ने बताया कि मृतकों की पहचान 32 वर्षीय भानुबेन तोरिया और उनके चार बच्चों—ऋत्विक (3), आनंदी (4), अजू (8) और आयुष (10) के रूप में हुई है।आत्महत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहींफिलहाल, यह साफ नहीं हो पाया है कि महिला ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और परिवार के अन्य सदस्योंसे पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में पारिवारिक या आर्थिक परेशानी का संदेह जताया जा रहा है, लेकिन अभी कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं कहाजा सकता। गांव में शोक की लहरइस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि एक मां ने अपने मासूम बच्चों के साथ इतना बड़ा कदम क्योंउठाया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।
बैंकॉक में शुरू हुआ छठा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, पीएम मोदी और नेपाल के पीएम केपी ओली के बीच अहम मुलाकात

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में शुक्रवार से छठा बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है। इस सम्मेलन में सदस्य देशों के प्रतिनिधिविभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए चर्चा कर रहे हैं। थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने सभी नेताओं के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया। भारत-नेपाल संबंधों पर चर्चाइस सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने इस बैठक कोसौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया। इस बातचीत में भारत-नेपाल संबंधों की समीक्षा की गई और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दियागया। खासतौर पर भौतिक और डिजिटल संपर्क, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर चर्चा की गई। भारत-नेपाल संबंधों में हालिया चुनौतियांबीते कुछ वर्षों में नेपाल और भारत के रिश्तों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से चीन के साथ उसके संबंध गहरेहुए हैं, जिससे भारत-नेपाल संबंधों में कुछ असहजता आई। इसके अलावा, नेपाल में राजतंत्र के समर्थन में हुए प्रदर्शनों के लिए भारत पर उंगली उठाईगई, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा। सीमा विवाद और नेपाल द्वारा जारी किए गए नए नक्शे को लेकर भी विवाद हुआ था। मुलाकात पर मोदी और ओली की प्रतिक्रियाएंनेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरे मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट हुई। हमारी बातचीतअत्यंत सार्थक और सकारात्मक रही।” वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “भारत-नेपाल संबंधों को हमविशेष प्राथमिकता देते हैं। हमने ऊर्जा, कनेक्टिविटी, संस्कृति और डिजिटल तकनीक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। साथ ही, इस साल केबिम्सटेक सम्मेलन के प्रमुख सकारात्मक पहलुओं पर भी बात हुई।” भारत-नेपाल संबंधों का भविष्यभारत और नेपाल सदियों पुराने सांस्कृतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंध साझा करते हैं। हालांकि, हालिया वर्षों में कुछ विवाद उभर कर सामने आएहैं, लेकिन इस बैठक से दोनों देशों के रिश्तों में बेहतरी की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूतकरने के लिए कई अहम कदम उठाए जा सकते हैं।
जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामला: अदालत ने चार दोषियों को सुनाई फांसी की सजा, एक बरी

जयपुर में 13 मई 2008 को हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों के मामले में विशेष अदालत ने चार आरोपियों—मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आज़मी, सैफुर रहमान, और मोहम्मद सलमान—को दोषी ठहराया है। इन धमाकों में 71 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे।अदालत ने दोषियों को हत्या, हत्या के प्रयास, देशद्रोह, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर अपराधों के तहत दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजासुनाई है। दूसरी ओर, लखनऊ निवासी शाहबाज हुसैन, जिस पर हमले की जिम्मेदारी लेने वाला ईमेल भेजने का आरोप था, को सबूतों के अभाव मेंबरी कर दिया गया। जयपुर के पुराने शहर क्षेत्र में 13 मई 2008 को 15 मिनट के भीतर आठ अलग-अलग स्थानों पर बम धमाके हुए थे, जिनमें चांदपोल गेट, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार और सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर शामिल थे। इन हमलों ने शहर में दहशत फैला दी थी। इस मामले की सुनवाईकरीब 11 वर्षों तक चली, जिसमें अभियोजन पक्ष ने 1,272 गवाह पेश किए। अदालत ने गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर यह फैसलासुनाया। विशेष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को चारों दोषियों को दोषी ठहराया और 20 दिसंबर 2019 को मृत्युदंड की सजा दी। अदालत ने इस हमले कोदुर्लभतम मामलों में से एक करार दिया, जिसमें समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा था। अभियोजन पक्ष का तर्क था कि यह हमला सुनियोजित था औरआतंक फैलाने के उद्देश्य से किया गया था। वहीं, बचाव पक्ष के वकील पाकर फारूक ने कहा कि इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी, क्योंकि अभियोजन पक्ष के पास प्रत्यक्षसबूत नहीं थे और केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सुनाया गया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि हिंसा फैलाने वालों को कड़ा संदेश देना जरूरी है।दोषियों के पास अब उच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प है, और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में क्या होगा, यह देखना बाकी है।
बिहार में वक्फ संशोधन विधेयक पर सियासी भूचाल, जदयू से मुस्लिम नेताओं का इस्तीफा जारी

पटना: वक्फ संशोधन विधेयक पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के समर्थन से बिहार की सियासत गरमा गई है। इस फैसले से पार्टी के मुस्लिम नेताओंमें असंतोष बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते अब तक चार मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ केप्रदेश सचिव मो. शाहनवाज मलिक, प्रदेश महासचिव मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग, भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन और पूर्वी चंपारणजिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता कासिम अंसारी शामिल हैं। इन नेताओं ने जदयू पर आरोप लगाया कि उसने मुसलमानों के साथ विश्वासघात कियाहै और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव शाहनवाज मलिक ने अपने इस्तीफे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए लिखा कि हम जैसे लाखोंमुसलमानों का विश्वास था कि वे धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है। जदयू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक कासमर्थन किए जाने से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह द्वारा लोकसभा में दिए गए बयान और बिल केसमर्थन से मुसलमान मर्माहत हैं। इसे संविधान के मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए उन्होंने कहा कि वह इसे स्वीकार नहीं कर सकते। वहीं, जदयू ने इन नेताओं के पार्टी से जुड़े होने के दावों को खारिज कर दिया है। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नवाज मलिक औरकासिम अंसारी का पार्टी से कोई संबंध नहीं है और वे किसी भी पद पर नहीं थे। इसके बावजूद, इस्तीफा देने वाले नेता पार्टी के फैसले पर आक्रोशव्यक्त कर रहे हैं और इसे समर्थकों के साथ विश्वासघात बता रहे हैं। प्रदेश महासचिव मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग ने कहा कि जिस मुस्लिम समाज ने19 वर्षों तक जदयू का समर्थन किया, उसके खिलाफ जाकर पार्टी ने वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है। इसका असर आगामी बिहारविधानसभा चुनाव 2025 में देखने को मिलेगा। बिहार में मुस्लिम वोट बैंक हमेशा जदयू के लिए महत्वपूर्ण रहा है। लेकिन वक्फ संशोधन विधेयक पर समर्थन के बाद पार्टी के खिलाफ मुस्लिमसमुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। यह नाराजगी आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में जदयू के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
बॉलीवुड ने खोया अपना ‘भारत कुमार’, मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में निधन

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए मशहूरथे और दर्शकों के बीच उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से पहचाना जाता था। अस्पताल में भर्ती, हृदय संबंधी दिक्कतों से हुआ निधनमनोज कुमार को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हृदय संबंधी समस्याओं के चलते उनका निधन होगया। अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु का दूसरा कारण डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस बताया गया है। उनका अंतिम संस्कारशनिवार दोपहर मुंबई के विले पार्ले श्मशान भूमि में किया जाएगा। शांतिपूर्ण विदाईमनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने अपनेअंतिम समय में किसी तरह की पीड़ा महसूस नहीं की और शांति से इस दुनिया को अलविदा कह दिया। राष्ट्रीय पुरस्कार और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानितमनोज कुमार को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया था। इसके अलावा, भारत सरकार ने उन्हें 1992 मेंपद्म श्री और 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया। मनोज कुमार की शुरुआती जिंदगीउनका जन्म ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिमी प्रांत (अब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित एबटाबाद) में हुआ था। उनका असली नाम हरिकृष्णगिरि गोस्वामी था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान, उनका परिवार दिल्ली आकर बस गया। बॉलीवुड करियर की शुरुआतमनोज कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 1957 में फिल्म ‘फैशन’ से की, जिसमें उन्होंने एक बुजुर्ग भिखारी की छोटी भूमिका निभाई थी। इसके बादउन्होंने ‘सहारा’ (1958), ‘चांद’ (1959), ‘हनीमून’ (1960), और ‘कांच की गुड़िया’ (1961) जैसी फिल्मों में काम किया। देशभक्ति फिल्मों के अग्रणी कलाकार1965 में आई फिल्म ‘शहीद’, जो स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के जीवन पर आधारित थी, ने मनोज कुमार को व्यापक पहचान दिलाई। फिल्म कोदर्शकों के साथ-साथ भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से भी सराहना मिली। ‘जय जवान, जय किसान’ पर आधारित फिल्म ‘उपकार’भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965) के बाद, लाल बहादुर शास्त्री ने मनोज कुमार को ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे पर आधारित फिल्म बनाने के लिएप्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने ‘उपकार’ (1967) का निर्माण और निर्देशन किया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई और ‘मेरे देशकी धरती’ गीत हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर गूंजता है। सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षतिमनोज कुमार की फिल्मों ने न केवल सिनेमा जगत में बल्कि पूरे भारत में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित किया। उनके योगदान को भारतीय सिनेमामें हमेशा याद किया जाएगा।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 संसद से पारित, पीएम मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया

वक्फ (अमेंडमेंट) बिल 2025 को भारत की संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा में मंजूरी मिल गई है। इस विधेयक को पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्यसभा में बहस के बाद हुआ पारितराज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर गहन चर्चा के बाद देर रात 2 बजे मतदान हुआ, जिसमें सरकार को सफलता मिली। बिल के पक्ष में128 और विरोध में 95 मत पड़े। लंबी बहस के बाद रात 2:32 बजे यह विधेयक पारित हो गया। इससे पहले, लोकसभा में भी इसे मंजूरी मिली थी, जहां 288 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 232 ने विरोध जताया। पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक क्षणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विधेयक को लेकर खुशी जताते हुए इसे “ऐतिहासिक क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल पारदर्शिता, सामाजिक-आर्थिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने इसे उन लोगों के लिए सहारा बताया, जो अब तक हाशिये पर थे औरजिन्हें अवसर नहीं मिल पाया था। पीएम मोदी ने उन सभी सांसदों का आभार जताया जिन्होंने इस विधेयक पर चर्चा की और इसे पारित करने मेंयोगदान दिया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से भारत को एक अधिक न्यायसंगत और समावेशी समाज बनाने में मदद मिलेगी। गृहमंत्री अमित शाह की प्रतिक्रियागृहमंत्री अमित शाह ने भी इस विधेयक को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बिल वर्षों से चले आ रहे अन्याय और भ्रष्टाचार को समाप्तकरने का मार्ग प्रशस्त करेगा। अमित शाह ने कहा कि अब वक्फ बोर्ड और वक्फ संपत्तियां अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेंगी, जिससे मुस्लिमसमुदाय के गरीबों, महिलाओं और बच्चों को लाभ मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को इस विधेयकको पारित कराने के लिए धन्यवाद दिया और उन सभी सांसदों का आभार जताया जिन्होंने इसका समर्थन किया।
राहुल गांधी को हाईकोर्ट से झटका, वीर सावरकर पर टिप्पणी मामले में याचिका खारिज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लखनऊ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। वीर सावरकर पर दिए गए कथित विवादित बयान के मामले में उन्होंने लखनऊकी सेशन कोर्ट द्वारा जारी समन और 200 रुपये के जुर्माने को चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को उनकी याचिका खारिज कर दी।अदालत ने राहुल गांधी को “वैकल्पिक उपाय” अपनाने की सलाह देते हुए सीधे सेशन कोर्ट में जाने को कहा है। क्या है पूरा मामला?वकील नृपेन्द्र पांडेय ने परिवाद में आरोप लगाया था कि 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने वीरसावरकर को “अंग्रेजों का नौकर” और “पेंशन लेने वाला” बताया था। आरोप है कि यह बयान समाज में वैमनस्य और द्वेष फैलाने के उद्देश्य से दियागया था। इसके अलावा, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के बीच एक पूर्व-निर्मित पत्रक भी वितरित किए गए, जिसे एक सुनियोजित राजनीतिकरणनीति बताया गया है। कोर्ट की कार्यवाही12 दिसंबर 2024: लखनऊ सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A और 505 के तहत समन जारी किया।3 मार्च 2025: अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट ने लगातार अनुपस्थित रहने पर राहुल गांधी पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया और उन्हें14 अप्रैल 2025 को अनिवार्य रूप से पेश होने का आदेश दिया।अदालत ने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी अगली सुनवाई पर भी उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा सकताहै। राहुल गांधी की प्रतिक्रियाराहुल गांधी के वकील प्रांशु अग्रवाल ने जानकारी दी कि हाईकोर्ट में समन और जुर्माने को रद्द कराने के लिए याचिका दायर की गई थी, लेकिनअदालत ने इसे खारिज कर दिया। अब राहुल गांधी कानूनी प्रक्रिया के तहत अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। सुल्तानपुर में भी मामला दर्जराहुल गांधी के खिलाफ सिर्फ लखनऊ ही नहीं, बल्कि सुल्तानपुर की MP/MLA विशेष अदालत में भी मानहानि का मामला दर्ज है। यह मामला2018 का है, जब उन्होंने कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेता अमित शाह पर टिप्पणी की थी। इस मामले में फरवरी 2023 में उन्हें जमानतमिली थी और जुलाई 2023 में उन्होंने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 राज्यसभा से पारित, अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार

मोदी सरकार वक्फ संशोधन विधेयक 2025 की परीक्षा में सफल रही। यह विधेयक पहले लोकसभा से पारित हुआ था और अब राज्यसभा ने भी इसेमंजूरी दे दी है। इस बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि 95 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। अब यह विधेयक कानून बनने के लिए सिर्फराष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। राज्यसभा में लंबी बहस के बाद पारित हुआ विधेयकराज्यसभा में 13 घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद शुक्रवार तड़के इस विधेयक को मंजूरी मिली। इससे पहले, लोकसभा में भी इस पर 10 घंटे की चर्चा हुई थी, जहां 288 सांसदों ने इसका समर्थन किया, जबकि 232 ने विरोध किया। विपक्ष का विरोध और सरकार का पक्षविपक्षी दलों ने इस विधेयक को मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक बताया, जबकि सरकार ने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के लिए लाभकारी करारदिया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और इसे धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। उन्होंनेयह भी बताया कि बिल में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) और विभिन्न हितधारकों के सुझावों को शामिल किया गया है, जिससे किसी भी समुदायको नुकसान नहीं होगा। विपक्षी दलों के आरोपइंडिया गठबंधन के विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह विधेयक मुसलमानों की संपत्तियों को कब्जे में लेकर निगमों को सौंपने के इरादे से लायागया है। उन्होंने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि सरकार मुस्लिम समुदाय को डराने का प्रयास कर रही है। वोटिंग और सभापति की भूमिकाराज्यसभा में मतदान के दौरान विपक्ष के कुछ सदस्य सभापति जगदीप धनखड़ को आसन पर देखकर हैरान रह गए। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वेमतदान के लिए उपस्थित हैं, हालांकि उन्हें वोट डालने की आवश्यकता नहीं पड़ी। संसद की अंतिम मुहर और आगे की प्रक्रियालोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित होने के बाद अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून कारूप ले लेगा। इस नए कानून के तहत, सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 सदस्य होंगे, जिनमें चार से अधिक गैर-मुस्लिम नहीं होंगे।