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पाकिस्तान बना रहा 21 हजार करोड़ खर्च कर रेगिस्तान में नहर, शहबाज सरकार आई खतरे में

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नहर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. आलम यह है कि देश के दक्षिण में पड़ने वाले इस प्रांत में लोगों ने प्रधानमंत्रीशहबाज शरीफ के शासन वाले गठबंधन को धमकाना तक शुरू कर दिया है. यहां रहने वालों को डर है कि पाकिस्तान सरकार के नए प्रोजेक्ट की वजहसे देश के दक्षिणी हिस्से में पानी की जबरदस्त समस्या खड़ी हो सकती है.बता दें कि मौजूदा समय में पाकिस्तान में कृषि क्षेत्र जीडीपी में 25 फीसदीका योगदान देता है. इतना ही नहीं यह क्षेत्र देश में 37 फीसदी रोजगार के लिए भी जिम्मेदार है. इन्हीं आंकड़ों के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार ने इसीसाल फरवरी में हरित पाकिस्तान पहल (ग्रीन पाकिस्तान इनीशिएटिव) लॉन्च किया. इस इनीशिएटिव के तहत 3.3 अरब डॉलर की एक परियोजनालॉन्च की गई. पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मौजूदगी में इस परियोजना की शुरुआत की थी. तब मुनीर ने पंजाब कोपाकिस्तान के कृषि क्षेत्र का पावरहाउस बताया था और कहा था कि सेना देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना जारी रखेगी.इस हरित पाकिस्तानपहल के तहत पड़ोसी मुल्क अपने लोगों को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराना चाहता है. पाकिस्तान इस परियोजना के तहत आने वाले क्षेत्रों में कॉरपोरेटफार्मिंग शुरू कराना चाहता है. जुलाई में दी गई थी योजना को मंजूरीयोजना के मुताबिक, पाकिस्तान कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए ड्रोन्स के प्रयोग और उच्च-पैदावार वाले बीजों और फर्टिलाइजर्स के इस्तेमालको बढ़ावा दे रहा है.पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पिछले साल जुलाई में ही इस योजना की मंजूरी दे दी थी. इस चोलिस्तान नहरका नामकरण भी हो चुका है और इसे बनने के बाद महफूज शहीद नहर के नाम से जाना जाएगा. हालांकि, सिंध प्रांत के लोगों ने इसका सख्त विरोधशुरू कर दिया है.विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से कई नदियां दक्षिण क्षेत्र में स्थित सिंध मे पहुंचती हैं. ऐसे में अगर पंजाब कीनदियों का पानी चोलिस्तान रेगिस्तान में स्थित नहर को भरने में लगाया जाता है तो इससे सिंध को मिलने वाला पानी कम हो जाएगा और सिंध कोपानी की कमी से भी जूझना पड़ सकता है. वहीं, एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि भारत की सतलुज से आने वाले अतिरिक्त पानी (जो कि बाढ़ केपानी के रूप में या अतिरिक्त वर्षा के बाद आता है) पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. भारत की नदियों से आता था पानीइस्लामाबाद के पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ नासीर मेमन ने बताया कि भारत की तरफ से पूर्वी नदियों से आने वाला अतिरिक्त पानी भी अब भारतकी तरफ से बनाए जाने वाले बांधों और जलवायु परिवर्तन के चलते आना कम हो चुका है. उन्होंने डाटा सामने रखते हुए बताया कि अगर 1976 से1998 के बीच के आंकड़े देखे जाएं तो सामने आता है कि 9.35 मिलियन एकड़-फीट (एमएएफ) पानी भारत की नदियों से आता था. वहीं 1999 से2022 के बीच यह आंकड़ा घटकर 2.96 एमएएफ रह गया है.पाकिस्तान में रेगिस्तान में बनने वाली इस नहर को लेकर विवाद इस कदर गहरा चुका हैकि राजनीतिक दलों से लेकर लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्टूडेंट्स और यहां तक की धार्मिक हस्तियां भी सरकार के इस प्रोजेक्ट के विरोध में उतरआई हैं. इन सभी पक्षों ने नहर की वजह से सिंध प्रांत में पानी की कमी को लेकर चिंता जताई है.

रुस के राष्ट्रपति पुतिन के काफिले की लिमोजिन कार में हुआ बड़ा धमाका, एफएसबी मुख्यालय के पास हुआ हादसा

मॉस्को के एफएसबी खुफिया विभाग के मुख्यालय के उत्तर में अचानक व्लादिमीर पुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में विस्फोट हो गया. फुटेज के मुताबिक पहले कार के इंजन में आग लगी और बाद में यह अंदरुनी हिस्से तक फैल गई. रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि घटना के वक्तकार कौन चला रहा था. रूस से बड़ी खबर सामने आ रही है दरसल मॉस्को में एफएसबी मुख्यालय के पास राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफिले कीलिमोजिन कार में धमाका हुआ है. धमाके के बाद कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई कार में धमाके का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होरहा है. कार में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.कि मॉस्को के एफएसबी खुफिया विभाग के मुख्यालय के उत्तर में अचानक व्लादिमीरपुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में विस्फोट हो गया. फुटेज के मुताबिक पहले कार के इंजन में आग लगी और बाद में यह अंदरुनी हिस्सेतक फैल गई. कार में आग लगते ही आसपास के रेस्तरां और बार के कर्मचारी मदद के लिए पहुंचे. कि घटना के वक्त कार कौन चला रहा था. बतायाजा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन को 275000 पाउंड वाली लिमोजिन कार काफी पसंद है. उन्होंने यह कार उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उनको भी उपहार में दी है.रूस यूक्रेन युद्ध के बीच क्रेमलिन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमले की आशंका जताई है. सीवरों की तलाशी लेने का दिया था आदेशपिछले दिनों रूसी राष्ट्रपति ने अपने भाषण स्थल पर सीवरों की तलाशी लेने का आदेश दिया था. इसके बाद एफएसओ अधिकारियों को मॉस्को मेंपुतिन के भाषण स्थल के निकट बमों की तलाश में सीवर के दरवाजे और कूड़े के ढेर खोलते देखा गया. क्रेमलिन की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रपति केसुरक्षाकर्मियों की तलाशी ली गई. सैनिकों की बंदूकों से मैगजीन निकाल ली गईं हैं बताया यह भी जा रहा है कि पुतिन सार्वजनिक कार्यक्रमों मेंबुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर जा रहे हैं क्रेमलिन पुतिन की सुरक्षा को लेकर गंभीर है.इस दौरान कार से धुंआ निकलता देखा गया है. माना जा रहा है कि इसघटना में वाहन का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि घटना के दौरान कार में कौन-कौन मौजूद थाक्योंकि अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. यूरोवीकली की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा संदेह है कि आग कार के इंजन में लगी हो औरजल्द ही पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया हो. समाचार एजेंसी एपी से बात करते हुए यूक्रेनी सरकार और सैन्य विश्लेषकों ने उम्मीद जताई किरूस, कीव के साथ संभावित वार्ता से पहले अपनी बातचीत की स्थिति को मजबूत करने के लिए 1000 किलोमीटर की सीमा रेखा पर एक नयाआक्रमण शुरू करेगा. यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस, पूर्वोत्तर क्षेत्रों में नए आक्रमण के लिए तैयार हो रहा है.

पीएम मोदी ने किया 120 रेडियो प्रसारण को संबोधित, कहा भारत कैसे बन सकता है सस्टेनेबल फैशन का हब

आज पीएम नरेंद्र मोदी अपने रेडियो प्रसारण का 120वें शो को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की। हालांकि उन्होंने इन दिनोंदेश में टेक्सटाइल कचरे की बढ़ती चुनौती पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. साथही उन्होंने इस चुनौती को खत्म में जुटे लोगों की सराहना भी कीरविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ केमाध्यम से संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत में टेक्सटाइल कचरे से बढ़ती चुनौती पर जोर दिया. पीएम मोदी ने टेक्सटाइल कचरे के मुद्दे परबोलते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों कीसराहना की जानी चाहिए.बता दें कि अपने रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्सटाइल कचरे से जुड़ी चुनौती के बारे में लोगों कोबताया. उन्होंने कहा कि आप सोच रहे होंगे कि टेक्सटाइल कचरे का मुद्दा क्या है? दरअसल, यह एक बड़ी समस्या बन गई है. पीएम मोदी ने किए कई सवालआजकल लोग पुराने कपड़े जल्दी फेंक देते हैं और नए खरीदने की आदत बढ़ गई है.पीएम मोदी ने आगे सवाल किया कि क्या आपने कभी सोचा हैकि पुराने कपड़ों का क्या होता है जिन्हें हम पहनना बंद कर देते हैं? उन्होंने बताया कि ये कपड़े कचरे में बदल जाते हैं। इसके बारे में किए गए शोध मेंयह बात सामने आई है कि दुनिया में बहुत कम कपड़ा कचरे को ही नए कपड़ों में बदला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का तीसरासबसे बड़ा देश है, जहां सबसे अधिक कपड़ा कचरा उत्पन्न होता है.प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यह बड़ी चुनौती है लेकिन मुझे खुशी है कि भारतमें इस चुनौती से निपटने के लिए कई सराहनीय प्रयास हो रहे हैं. कई भारतीय स्टार्ट-अप कपड़ा वसूली की दिशा में काम कर रहे हैं उन्होंने कहा, कईटीमें हमारे रैगपिकर भाइयों और बहनों के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं. कई युवा टिकाऊ फैशन के प्रयासों में शामिल हो रहे हैं पुराने कपड़ेऔर फुटवियर को रीसायकल कर जरूरतमंदों को देते हैं. ‘परिपत्र फैशन ब्रांड्स को दे रहे बढ़ावाइसके साथ ही पीएम मोदी ने कई संगठन इन दिनों ‘परिपत्र फैशन ब्रांड्स’ को बढ़ावा दे रहे हैं. इसके अलावा, कुछ प्लेटफॉर्म पर कपड़े किराए पर भीदिए जा रहे हैं. कुछ संगठन पुराने कपड़े इकट्ठा करते हैं उन्हें नया रूप देते हैं और गरीबों को वितरित करते हैं.अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ शहरों काउदाहरण देते हुए कहा कि पनीपत, तिरुपुर और बेंगलुरु जैसे शहर कपड़ा कचरे के प्रबंधन में नए तरीके अपना रहे हैं. उन्होंने बताया कि पनीपत अबटेक्सटाइल रीसाइक्लिंग का एक वैश्विक हब बन रहा है और बेंगलुरु में इस क्षेत्र में कई अभिनव तकनीकी समाधान आ रहे हैं. वहीं तिरुपुर में कपड़ाअपशिष्ट प्रबंधन के लिए जल उपचार और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों को प्रेरणादायक बताते हुए कहाकि हमें भी इस दिशा में काम करने की जरूरत है.

गृह मंत्री अमित ने कई योजनाओं का किया शिलान्यास,लालू यादव ने जमकर साधा निशाना

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से बिहार विधानसभा चुनाव की असल तैयारी आज से शुरू हो रही है. शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीयजनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी पार्टी को स्पष्ट संदेश दे दिया था. अब वह एनडीए के नेताओं के बीच बिहार चुनाव की तैयारियों पर बात करेंगे। शाह शनिवार की शाम बिहार आए थे और भाजपा नेताओं के बाद पार्टी की कोर कमिटी से वार्ता की थी. अमित शाह आज पटना के बापू सभागार से 4 विभागों की 823 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. साथ ही आज वह लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर जमकर बरसे. उन्होंने नकहा कि लालू और राबड़ी का जब जब शासनकाल आया तब तब बिहार में विनाश हुआ. पटना केबाद अमित शाह गोपालगंज के कार्यक्रमों में शामिल होने जाएंगे.केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पटना के बापू सभागार पहुंचे. बापू सभागार में सहकारिताविभाग का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. वहां उन्होंने चार 4 विभागों की 823 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इसकार्यक्रम में मुख्त्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार के साथ-साथ अन्य लोग उपस्थित हैं. इसके साथ-साथ वह मिथिला के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मखाना प्रोसेसिंग सेंटर का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया. नीतीश कुमार ने विपक्ष पर बोला हमलामुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि आज बिहार में बहुत अच्छे से काम हो रहा है. कभी कोई इतना नहीं कर पाया. उन्होंनेकहा कि महिलाएं अब कितनी अच्छी तरीके से काम कर रही हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए हुए राजद पर हमला करते हुए कहा किआज तक कोई कुछ किया शुरू से तो हमलोग काम करवा रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के पहले लोग शाम होने के बाद घर से निकलने से भी डरते थे. सड़कें भी नहीं थीं. यहां तक कि हिंदू-मुस्लिम में भी खूब झगड़े होते थे. लेकिन हमने सबकुछ ठीक कर दिया. अब कहीं भी हिन्दू-मुस्लिम में झगड़े नहीं होते हैं. सारे कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवा दी। पहले न तो स्कूल में पढ़ाई होती थी और न ही शिक्षा आते थे. लेकिन अब देखिये सभी जगहों पर शिक्षकों की बहाली करवाकर स्कूल की व्यवस्था को बेहतर कर दिया. दवाई और डॅाक्टरों की कराई व्यवस्तादरअसल इससे पहले स्वास्थ्य व्यवस्था की कैसी हालत थी. अब स्वास्थ केंद्र और अस्पताल हर जगह दवाई और डॉक्टरों की व्यवस्थाकरवाई.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक बार फिर अपनी भूल को याद करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का नाम लिया. उन्होंनेकहा कि मुझसे दो बार गलती हो गई. जो मैं उधर चला गया अब यह गलती अब कभी नहीं होगी वो लोग गड़बड़ करने लगा था. तब मैं फिर वापसअपने पुराने साथितों के पास लौट आया हूं. वैसे भी श्रद्धेय अटल जी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था. तो ऐसे में मैं कैसे भूल सकता हूं फिर मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने अमित शाह का अभिनन्दन करते हुए आमजन से 2025 के चुनाव में जीत दिलाने की अपील की.