दिल्ली में ‘वीरांगना’ ई-कॉफी टेबल बुक का विमोचन, भव्य नाट्य मंचन ने किया प्रेरित- रूबी फोगाट यादव

नई दिल्ली: भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा द्वारा आयोजित एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महिला स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और योगदानको नमन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रभारी बैजयंत पांडा, महिला मोर्चा की राष्ट्रीयअध्यक्षा वनथी श्रीनिवासन, और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा नेत्री रूबी फोगाट यादवकी उपस्थिति में ‘वीरांगना’ ई-कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया और महिला स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया।वीरांगना रानी वेलु नचियार पर भव्य नाट्य मंचनइस मौके पर वीरांगना रानी वेलु नचियार के साहस और शौर्य को दर्शाने वाला भव्य नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह कोभाव-विभोर कर दिया। पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में डूबा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने महिला स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवशाली गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई और राष्ट्र निर्माण मेंमहिलाओं की भूमिका पर जोर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप को कोर्ट से बड़ा झटका, वॅाइस ऑफ अमेरिका से कर्मचारियों को निकालने पर लगाई थी रोक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट ने झटका दिया है. संघीय न्यायालय ने देश के सरकारी सहायता प्राप्त मीडिया समूह- वॉइसऑफ अमेरिका को सरकारी आर्थिक मदद और कर्मचारियों को निकालने के आदेश पर रोक लगा दी है.कोर्ट ने कहा कि वॉइस ऑफ अमेरिका को चुपनहीं कराया जा सकता. कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को मनमाना और मनमौजी निर्णय लेने का मामला कहा. न्यायाधीश जेम्स पॉल ओटकेन नेवॉइस ऑफ अमेरिका को चलाने वाली यूएस एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया को 1200 से अधिक पत्रकारों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को नौकरीसे निकालने से रोक दिया. ओटकेन ने एक अस्थायी प्रतिबंध आदेश जारी करके एजेंसी को कर्मचारियों या कांट्रैक्टरों को नौकरी से निकालने, कर्मचारियों की संख्या कम करने, छुट्टी पर भेजने और किसी भी कार्यालय को बंद करने या विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका लौटने के लिए मजबूरकरने से रोक दिया है.इसके अलावा एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया को रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी, रेडियो फ्री एशिया और रेडियो फ्री अफगानिस्तानसहित अपने अन्य प्रसारण आउटलेट के लिए दिए जाने वाले फंड को समाप्त करने से रोका गया है. एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि वह न्यायाधीश केआदेश के बाद रेडियो फ्री यूरोप की फंडिंग बहाल कर रही है.जज ओटकेन ने ट्रंप प्रशासन को एक ऐसी एजेंसी को नुकसान पहुंचाने के लिए दोषीठहराया, जिसे कांग्रेस द्वारा वैधानिक रूप से अधिकृत और वित्त पोषित किया गया है. न्यायाधीश ने एजेंसी के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कि उन्होंने अमेरिकी सरकार के वैश्विक, सॉफ्ट-पावर मेगाफोन पर प्रभावों पर विचार किए बिनारातोंरात हाथ खींच लिए. जज ने वॉइस ऑफ अमेरिका के पत्रकारों, श्रमिक संघों और गैर-लाभकारी पत्रकारिता वकालत समूह रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्सके गठबंधन के बाद पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन पर कटौती को रोकने के लिए दायर मुकदमे पर सुनवाई की.संघीय अदालत में दर्ज किए गए मुकदमे मेंकहा गया है कि वॉइस ऑफ अमेरिका के कर्मचारियों को 15 मार्च को अपने लाइव प्रसारण समाप्त करने और फिर इमारत खाली करने के लिए कहागया. इसके तुरंत बाद उन्होंने ईमेल सहित एजेंसी के कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच खो दी. वॉइस ऑफ अमेरिका की समाचार वेबसाइट को तब से अपडेटनहीं किया गया है. दरअसल वह यह निर्धारित कर रही हैं कि न्यूनतम स्टाफिंग स्तरों पर कुछ आउटलेट्स को संचालित करने के लिए कितने लोगों कीआवश्यकता है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को काम पर वापस लाया गया है और क्यूबा में रेडियो मार्टी सेवा शुरू कर दी गई है। हम यह सुनिश्चितकरना चाहते हैं कि ये एजेंसियां हमारे अमेरिकी मूल्यों के अनुरूप हों. हम अमेरिका की कहानी बता रहे हैं. हम अपने विरोधियों की कहानियां नहीं बतारहे हैं हम अमेरिका विरोधी कचरा नहीं फैलाएंगे.राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 मार्च को एक आदेश जारी करके वॉइस ऑफ अमेरिका को बंद कर दिया था. ट्रंप ने समाचार एजेंसी पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया. व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि ‘वॉयस ऑफ अमेरिका वर्षों से देश केसाथ तालमेल बिठाने में विफल रहा. यह कट्टरपंथी अमेरिका का प्रतिनिधित्व करता है और विभाजनकारी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा दे रहा है.ट्रंप प्रशासन केएक बयान के अनुसार, यह एजेंसी (वॉयस ऑफ अमेरिका) अमेरिकी करदाताओं पर बहुत बड़ा बोझ है.वॉइस ऑफ अमेरिका, जो कि मुख्यतः रेडियोसेवा के तौर पर काम करता है, को तब स्थापित किया गया था जब दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के नाजी शासन का प्रोपगैंडा तेजी से फैल रहा था।ऐसे में अमेरिका ने वीओए को तेजी से बढ़ावा दिया। दुश्मनों के खिलाफ नैरेटिव सेट करने और सहयोगी देशों की आवाज करोड़ों लोगों तक पहुंचाने केलिए वॉइस ऑफ अमेरिका की अहम भूमिका मानी जाती है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में यह संस्थान लगातार विवादों में घिरा है।
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ किया गया मुकदमा दर्ज,मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के खिलाफ साजिश करने कालगा है आरोप

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है. शेख हसीना के खिलाफ यह मुकदमा मोहम्मद यूनुस केनेतृत्व में चल रही अंतरिम सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में दर्ज किया गया है. बांग्लादेश पुलिस की अपराध जांच शाखा ने यह मुकदमाढाका के चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में दर्ज कराया है. आरोप है कि शेख हसीना अंतरिम सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए साजिशरच रही हैं. मुकदमा दर्ज होने के बाद अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए सीआईडी को इसकी जांच करने का आदेश दिया है.पुलिस अधिकारियों नेबताया कि बांग्लादेश सीआईडी को सूचना मिली है कि शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद 19 दिसंबर 2024 को एक ऑनलाइन बैठक हुई. यह बैठक जय बांग्ला ब्रिगेड नामक प्लेटफॉर्म पर हुई, जिसमें शेख हसीना की सरकार को फिर से सत्ता पर काबिज करने की योजना पर चर्चा हुई. कथित तौर पर इस बैठक में अंतरिम सरकार के खिलाफ गृह युद्ध छेड़ने की चर्चा हुई. ताकि अंतरिम सरकार स्थिर न हो सके और लोग उन्हें सत्ता सेबाहर कर दें। इस मामले में पूर्व पीएम शेख हसीना और इस बैठक के आयोजक और सह-आयोजक के बीच हुई बातचीत की कथित वॉइस रिकॉर्डिंगभी उपलब्ध हैं. 577 लोगों के खिलाफ किया मुकदमा दर्जपुलिस ने इस मामले में शेख हसीना समेत कुल 577 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.जिनमें अमेरिका में अवामी लीग के उपाध्यक्ष डॉ. रब्बीआलम का भी नाम है.बीते साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया गया था. आरक्षण के विरोध में शुरूहुए छात्र आंदोलन के चलते शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था, जिससे बांग्लादेश की सत्ता पर लगातार 16 साल तक काबिज रही अवामी लीग कीसरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था. शेख हसीना के खिलाफ 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. जिनमें नरसंहार और भ्रष्टाचार जैसे मामले हैं अवामीलीग के कई नेता गिरफ्तार हो चुके हैं और कई की हत्या हो गई है. बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य से अवामी लीग पूरी तरह से बाहर है. बांग्लादेशपुलिस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और 72 अन्य लोगों के खिलाफ गृह युद्ध छेड़कर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को उखाड़ फेंकने कीसाजिश रचने का मामला दर्ज किया है. यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों और मीडिया ने दी. ढाका के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) नेइस साजिश के आरोप में मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में केस दायर किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर गुरुवार को जांच शुरू करने काआदेश दिया.
बंगाल छोड़कर सभा राज्यों में किया गया आयुष्मान लागू, जानें कौन से है राज्य और क्या है प्रक्रिया

Delhi News: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को संसद को बताया कि 26 मार्च तक पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश के सभी राज्यों औरकेंद्रशासित प्रदेशों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल कर लिया गया है.नड्डा ने कहा कि आयुष्मान योजना की शुरुआत सेलेकर एक मार्च, 2025 तक इसके तहत 8.9 करोड़ से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती हुए. लिखित जवाब में नड्डा ने लोकसभा को बताया कि 20 मार्च तक इस योजना के तहत आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लाभार्थी परिवारों के लिए क्रमशः 10.21 लाख, 14.47 लाखऔर 14.76 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि एक मार्च, 2025 तक 13,866 निजी और 17,091 सार्वजनिकअस्पतालों सहित 30,957 अस्पतालों को इस योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है.नड्डा ने कहा कि आयुष्मान की समीक्षा और सुधार के लिएनिरंतर प्रयास किए गए हैं ताकि नई बीमारियों को इस योजना के तहत कवर किया जा सके उन्होंने कहा हाल में इस योजना के तहत अस्थि-मज्जा(बोन मैरो) प्रत्यारोपण को भी शामिल किया है.नड्डा ने कहा कि देशभर के एम्स में उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोईसमझौता नहीं किया जाएगा. भले ही वहां मरीजों की भारी भीड़ हो. एम्स है ब्रांडउन्होंने कहा कि एम्स एक ब्रांड है और इसे बनाए रखना होगा. पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू ने एक एम्स स्थापित किया. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने22 एम्स स्थापित किए हैं. नड्डा ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 62 करोड़ लोगों को कवर किया है.सरकार नेशुक्रवार को संसद को बताया गया कि अमेरिका ने इस्पात और एल्युमीनियम पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया है. सरकार इसके प्रभाव कामूल्यांकन कर रही है. वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि अमेरिका की ओर से सभी देशों सेइस्पात और एल्युमीनियम के आयात पर बिना किसी छूट के ये शुल्क लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अब तक अमेरिका ने भारत पर किसी तरह कापारस्परिक शुल्क नहीं लगाया गया है. मंत्री ने बताया कि भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी और निष्पक्ष तरीके से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ानेऔर व्यापक बनाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है.ब्रिटेन के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से चमड़ा, कपड़ा, आभूषण, समुद्रीऔर प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार कोराज्यसभा में बताया कि इस समझौते से आईटी/आईटीईएस जैसे सेवा क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं. ब्रिटेन के साथ वार्ता में दोनोंपक्षों का लक्ष्य एक निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौता करना है. भारत ब्रिटेन समझौते पर वार्ताभारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता 13 जनवरी, 2022 को शुरू हुई थी. अब तक 14 दौर की वार्ता हो चुकी है.सरकार ने शुक्रवार को संसदको बताया कि हाल के वर्षों में अमेरिका में हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाने और उनपर भारत विरोधी नारे लिखने के कई मामले सामने आए हैं.विदेशराज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा अमेरिका में मंदिरों और पूजा स्थलों पर हमले और अपवित्रता की सभीघटनाओं को राजनयिक माध्यमों से तुरंत अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया गया है. उन्होंने कहा कि संबंधित मंदिर प्रबंधन प्राधिकारियों औरसामुदायिक संघों ने भी स्थानीय कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों के समक्ष इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने इन कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगोंके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पूजा स्थलों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने की मांग की है.
भारत सरकार लॉन्च करेंगी जू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म,पांच राज्यों में लागू करने की तैयारी

भारत सरकार वन हेल्थ के लिए जू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी. जो रेबीज और सर्पदंश के लिए टीकाकरण केंद्रों की जानकारी देगा दिल्ली, मध्य प्रदेश, असम, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा. जिससे 2030 तक रेबीज उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने में मददमिलेगी. टीकाकरण के लिए कोविन और यूविन के बाद अब भारत ने वन हेल्थ के लिए भी डिजिटल तकनीक लॉन्च करने का फैसला लिया है. जल्दही केंद्र सरकार पांच राज्यों में जू-विन प्लेटफॉर्म शुरू करेगी.इसके तहत आम लोगों को घर बैठे नजदीकी रेबीज टीकाकरण केंद्र की जानकारी मिलेगी. इसके अलावा सर्पदंश के मामलों में भी विषरोधी टीके का पता चलेगा.शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने पांच राज्यों के ट्रेनर को बुलाकर उन्हेंट्रेनिंग दी. यूएनडीपी से तकनीकी मदद लेकर सरकार दिल्ली, मध्य प्रदेश, असम, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में जू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म का पायलटप्रोजेक्ट शुरू करेगी. इन मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण में केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि अगले कुछ सप्ताह में वन हेल्थ के तहत देश मेंडिजिटल मंच जू-विन लॉन्च किया जाएगा. यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जहां रेबीज टीका और एंटी-स्नेक वेनम यानी सर्प विष रोधी टीकेकी आपूर्ति चेन के बारे में पूरी जानकारी होगी.रेबीज के खतरों के बारे में भारत में लोगों को कम जानकारी है. जिसकी वजह से कुत्तों का टीकाकरणकवरेज बहुत कम है. जो परिवार अलग-अलग प्रजाति के कुत्तों का पालन कर रहे हैं उनमें से भी अधिकांश समय पर टीकाकरण नहीं कराते. इसलिए2021 में, भारत ने रेबीज उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना को शुरू करते हुए 2030 तक कुत्तों से होने वाले रेबीज को खत्म करने का लक्ष्य रखाहै. हर साल जाती है 60 हजार लोगों की जानदरअसल हर साल रेबीज से दुनिया भर में 60 हजार से ज्यादा लोगों की जान जाती है.जिनमें 36 प्रतिशत मौतें अकेले भारत में हो रही हैं. पूरी तरह सेरोकथाम योग्य होने के बावजूद लाखों लोग अभी भी इसके जोखिम में हैं. 200 से ज्यादा ज्ञात जूनोटिक बीमारियों में से यह एक जानवरों से इंसानों मेंफैलती है और यह सबसे घातक बीमारियों में से एक है. यह उन इलाकों में खास तौर पर प्रचलित है जहां आवारा या पालतू कुत्तों के साथ इंसान काअक्सर संपर्क होता है.भारत में लोगों तक रेबीज से संबंधित जानकारी और उपचार पहुंचाने के लिए हाल ही में नई दिल्ली स्थित रोग नियंत्रण केंद्र(एनसीडीसी) ने यूएनडीपी के साथ मिलकर हेल्पलाइन शुरू की है. एनसीडीसी की संयुक्त निदेशक और सेंटर फॉर वन हेल्थ ने बताया कि 15400 नंबर वाली इस रेबीज हेल्पलाइन पर रात दिन लोगों की कॉल ली जा रही हैं. कंट्रोल रूम में हेल्पलाइन एग्जीक्यूटिव आरती बताती हैं. हमें लोगों केबहुत से फोन आते हैं कि अगर बिल्ली या कुत्ते ने उन्हें सिर्फ खरोंच दिया है तो क्या उन्हें रेबीज का टीका लगवाना चाहिए. ऐसे में हम उन्हें बताते हैं किउन्हें टीका लगवाना ही होगा भले ही खरोंच ही क्यों न लगी हो.
संसद में बोलने के वक्त वियतनाम में मौजूद थें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अमित शाह ने साधा निशाना

Delhi News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा संसद के कामकाज को लेकर की गई आलोचना पर तीखाहमला बोला. उन्होंने कहा कि जब लोकसभा में बोलने के लिए समय निर्धारित किया गया था तब नेता प्रतिपक्ष वियतनाम में थे. इसके साथ ही उन्होंनेकर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार द्वारा अनुबंधों में मुसलमानों को 4 फीसदी कोटा देने को “लॉलीपॉप” बताया है.एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बोलतेहुए गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा अनुबंधों में मुसलमानों के लिए घोषित 4 फीसदी कोटे को “लॉलीपॉप” करार दिया. उन्होंनेकहा कि धर्म के आधार पर कोई भी आरक्षण संविधान का उल्लंघन है और अदालतों द्वारा इसे रद्द कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि, हम धर्म केआधार पर किसी भी आरक्षण का कड़ा विरोध करते हैं.संसद के कामकाज पर राहुल गांधी की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा किलोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को शायद यह पता नहीं कि सदन में बोलने के नियम होते हैं और इसे मनमर्जी से नहीं चलाया जा सकता है. बजट पर चर्चाके दौरान उन्हें 42% समय दिया गया था. अब यह उन पर निर्भर करता है कि वे किसे बोलने का अवसर दें.अमित शाह ने कहा कि, जब संसद में गंभीरचर्चा चल रही थी. तब वे वियतनाम में थे और जब वे लौटे तो अपनी मनमर्जी से बोलने की जिद करने लगे. विपक्ष पर अमित शाह ने साधा निशानाउन्होंने कहा कि संसद नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है न कि कांग्रेस पार्टी की तरह जिसे एक परिवार चलाता है और जहां कोई भी जबचाहे बोल सकता है. मुझे खेद है लेकिन उन्हें नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा. कांग्रेस द्वारा देश में आपातकाल जैसी स्थिति” होने केआरोप पर शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी लगातार सरकार की आलोचना करती रहती है. अगर सच में आपातकाल होता, तो कांग्रेस के नेता जेल मेंहोते.जातिगत जनगणना की कांग्रेस की मांग पर गृह मंत्री ने कहा कि खुद कांग्रेस ने पहले इस तरह की कवायद का विरोध किया था. उन्होंने कहा2011 में उन्होंने (कांग्रेस) जातियों पर एक सर्वे किया था.लेकिन उसके परिणाम घोषित नहीं किए अब हम आंतरिक विश्लेषण कर रहे हैं कि जातिगतजनगणना के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए. एक बार जब हम इसे अंतिम रूप दे देंगे तब आगे की कार्रवाई देखी जाएगी.संसद केकामकाज की राहुल गांधी द्वारा की गई आलोचना पर गृहमंत्री ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता शायद यह नहीं जानते कि सदन में बोलने केनियम हैं, जिन्हें मनमर्जी से नहीं चलाया जा सकता. उन्होंने कहा, ‘बजट पर चर्चा में उन्हें (राहुल गांधी) 42 प्रतिशत समय दिया गया. अब यह उन परनिर्भर है कि वे तय करें कि कौन बोलेगा.