आमिर खान ने 60वां जन्मदिन मनाया, गौरी से मिलवाकर किया मीडिया को चौंका

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान ने 14 मार्च को अपना 60वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। इस खास मौके से पहले उन्होंने मीडिया केसाथ अपना प्री-बर्थडे सेलिब्रेट किया और सभी को एक बड़ा सरप्राइज दिया। आमिर ने इस दौरान अपनी नई लेडी लव गौरी से मीडिया को मिलवाया, जो उनके जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। इस खुलासे के बाद आमिर ने कहा कि उनके परिवार को भी गौरी काफी पसंद हैं, और हाल ही में उन्होंनेगौरी को शाहरुख खान और सलमान खान से भी इंट्रोड्यूस कराया है। गौरी का आमिर के परिवार में स्वागतआमिर खान के परिवार में गौरी का स्वागत काफी धूमधाम से हुआ है। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, गौरी ने कहा कि आमिर के परिवार ने उन्हेंदिल खोलकर स्वीकार किया है। वह सभी लोगों के स्नेह से बेहद खुश हैं और उनका मानना है कि हर किसी ने उन्हें अपनी जिंदगी में खुले दिल सेअपनाया है। आमिर खान ने अपने जन्मदिन पर यह भी खुलासा किया कि वह गौरी को पिछले 25 साल से जानते हैं, और हाल ही में दोनों फिर सेमिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आमिर और गौरी पिछले डेढ़ साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। आमिर की मीडिया से अपीलअपने प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान, आमिर खान ने मीडिया से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि वह पैपराजी से यह गुजारिश करना चाहते हैं किवे गौरी की प्राइवेसी का सम्मान करें और उनकी तस्वीरें क्लिक न करें। आमिर ने बताया कि गौरी अभी बॉलीवुड की हलचल से पूरी तरह से वाकिफनहीं हैं और वह आमिर के सुपरस्टारडम से बेपरवाह हैं। हालांकि, आमिर ने यह भी कहा कि गौरी ने अब तक उनकी बहुत कम फिल्में देखी हैं, जिनमें”लगान” और “दंगल” शामिल हैं। शादी को लेकर आमिर खान का बयानआमिर खान ने इस मौके पर अपनी शादी के बारे में भी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा, “पता नहीं 60 साल की उम्र में मुझे शादी शोभा देती है या नहीं।” यह बयान आमिर के निजी जीवन को लेकर मीडिया में चल रही चर्चाओं के बीच आया। आमिर और गौरी की जोड़ी को लेकर चर्चाएं अब भी जारी हैं, और फैंस को उम्मीद है कि यह जोड़ी बॉलीवुड में नई शुरुआत कर सकती है।
आम आदमी पार्टी ने मोदी पर हमला करते हुए किया बीजेपी को घेराव

आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट साझा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि मोदी की “गारंटी” का वादा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है। पार्टी ने मोदी की ओर से महिलाओं को ₹2500 देने कीघोषणा को भी “जुमला” करार दिया। AAP ने कहा कि दिल्लीवासियों ने मोदी की गारंटी पर विश्वास किया था, लेकिन आखिरकार उन्हें धोखा ही मिला। इस पोस्ट में आम आदमी पार्टी नेमोदी से आग्रह किया कि यदि वह अपने वादों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। क्या था मोदी का वादा?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार चुनावी मंचों पर महिलाओं को ₹2500 देने की गारंटी दी थी। यह वादा देशभर में चर्चा का विषय बना था, लेकिनअब आम आदमी पार्टी ने इसे केवल एक चुनावी जुमला करार दिया। AAP ने मोदी पर किया तंजआम आदमी पार्टी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि मोदी ने महिलाओं को ₹2500 देने का वादा तो किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ।पार्टी का कहना है कि दिल्लीवालों ने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया था, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। AAP ने मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ कर रही है और अपने चुनावी वादों को पूरा करने मेंनाकाम रही है। आखिर क्यों आम आदमी पार्टी ने किया यह हमला?AAP के इस हमले के पीछे सरकार के द्वारा किए गए चुनावी वादों को न निभाने का आरोप है। पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार लगातार अपनेवादों से मुकर रही है और जनता के साथ धोखा कर रही है।AAP ने मोदी से सवाल किया है कि अगर वह अपनी गारंटी नहीं पूरी कर पा रहे हैं, तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।यह बयान आम आदमी पार्टी द्वारा मोदी सरकार पर दबाव बनाने और आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत करने की एक रणनीति भी मानी जारही है। आगे क्या होगा? अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया देती है और मोदी सरकार इस हमले का कैसे जवाब देती है।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना, किसानों की स्थिति पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और महाराष्ट्र में किसानकी आत्महत्या के मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इस पोस्ट में महाराष्ट्र के एक किसान कैलाश अर्जुन नागरे की आत्महत्या का जिक्रकरते हुए बीजेपी सरकार पर उनकी और अन्य किसानों की समस्याओं के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया है।कैलाश अर्जुन नागरे की आत्महत्या और सुसाइड नोटकाँग्रेस के अनुसार, महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में कैलाश अर्जुन नागरे नामक किसान ने पानी की समस्या से तंग आकर आत्महत्या कर ली। कैलाश नागरेको ‘युवा किसान पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया था, लेकिन फिर भी वह सरकार की नीतियों के कारण खेती के लिए आवश्यक पानी कीकिल्लत से जूझ रहे थे। उनके शव का पता उनके खेत पर चला, और उन्होंने अपने सुसाइड नोट में यह लिखा था कि जब तक पानी की समस्या हल नहीं हो जाती, तब तकउनका शव न हटाया जाए। यह घटना सरकार की अनदेखी और किसानों की हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करती है। किसान आत्महत्या के बढ़ते मामलेकाँग्रेस ने इस पोस्ट में दावा किया कि महाराष्ट्र में हर दिन औसतन आठ किसान आत्महत्या करते हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार कीनीतियों ने किसानों की स्थिति और भी दयनीय बना दी है, और वे खेती में अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। मोदी सरकार की नीतियों पर सवालकाँग्रेस ने मोदी सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि किसानों को उनके फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा, जबकि खेती के सामान पर जीएसटी(GST) लागू कर दिया गया है। इसके अलावा, पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी नहीं दी जारही, और सिंचाई के लिए आवश्यक बिजली और पानी की भी कमी है। इन सभी समस्याओं के कारण किसान कर्ज और गरीबी के दबाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। काँग्रेस ने कहा कि देश केअन्नदाताओं को नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पूरी तरह से तबाह करने पर तुली हुई है।किसानों का भविष्य संकट मेंकाँग्रेस ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के किसान, जो पिछले एक दशक से अन्याय झेल रहे हैं, नरेंद्र मोदी को कभी माफ नहीं करेंगे। पार्टी का मानना हैकि सरकार की वादाखिलाफी और किसानों के साथ हो रहे धोखाधड़ी के कारण किसानों की हालत और भी खराब हो गई है।
6 साल बाद पकड़ा गया दिल्ली हिंसा का आरोपी, एक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में दिसंबर 2019 में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के आरोपी मोहम्मद हनीफ को पुलिस ने 6 साल बाद गिरफ्तारकर लिया है। पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, हनीफ को एक पिस्तौल और पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में वहशरजील इमाम और आसिफ इकबाल तन्हा के साथ सह-आरोपी था। भगोड़ा घोषित होने के बाद हुई गिरफ्तारीमोहम्मद हनीफ, शाहीन बाग का निवासी है और उसे अदालत में पेश नहीं होने के कारण भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पुलिस उपायुक्त (विशेषप्रकोष्ठ) अमित कौशिक ने बताया कि हनीफ और उसके भाई हारुन ने दिसंबर 2019 में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में हुए दंगों में सक्रिय रूप से भागलिया था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए थे, जिसमें दंगा, गैरकानूनी सभा और शस्त्र अधिनियमशामिल हैं। हनीफ को जमानत मिलने के बाद वह अदालत में पेश नहीं हुआ था, जिसके कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसके बाद, 2022 मेंउसके खिलाफ एनडीपीएस (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ) अधिनियम के तहत एक और मामला दर्ज किया गया था, लेकिन वह गिरफ्तारीसे बचने में सफल रहा था। गिरफ्तारी और शस्त्र अधिनियम के तहत नया मामलाअधिकारियों ने बताया कि 2023 में पुलिस को गाजीपुर-घड़ोली गांव रोड के पास हनीफ की मौजूदगी की सूचना मिली थी। पुलिस ने जाल बिछाकरउसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए हनीफ के पास से एक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद हुए, जिसके बाद उसे शस्त्र अधिनियम के तहतनए मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि हनीफ से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। कोर्ट में सुनवाई और आरोप तय होने की प्रक्रियाइससे पहले, दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने 7 मार्च को शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तन्हा के खिलाफ आरोप तय करने का आदेशदिया था। अब, हनीफ पर भी आरोप तय किए जाएंगे और उसकी कोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा है और पुलिस की जांचमें तेजी आ गई है। हनीफ पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले का रहने वाला है और उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में आगेकी जांच जारी रहेगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ होली का जश्न, सीएम योगी ने गाय-बछड़ों को लगाया गुलाल

उत्तर प्रदेश में इस साल होली का जश्न अत्यंत शांतिपूर्ण तरीके से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया। प्रदेश भर में विभिन्न सांस्कृतिकअभिव्यक्तियों और सांप्रदायिक सद्भाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। खास बात यह थी कि होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ी थी, जिसकेकारण प्रदेश सरकार ने जगह-जगह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा के कई उपाय किए गए थे, ताकि दोनोंधार्मिक अवसरों को शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। होलिका दहन और होली के रंगों में रंगे इस दिन के दौरान, प्रदेश की ज्यादातर मस्जिदों में जुमे की नमाज का समय बढ़ा दिया गया था। इसकेबावजूद, दोनों आयोजनों को पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न किया गया। इस दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री कीनिगरानी भी सख्ती से की गई, ताकि कोई विवाद न पैदा हो। प्रमुख क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई, और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने चौकसी बनाए रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर स्थित गौशाला में गायों और बछड़ों को गुलाल लगाकर होली का जश्न मनाया। इस दौरान वहपारंपरिक पगड़ी और काला चश्मा पहने हुए थे और होली जुलूस में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भीड़ पर फूल और अबीर-गुलाल बरसाए, जिससे उत्सवका माहौल और भी खुशनुमा हो गया। बॉलीवुड अभिनेता और सांसद रवि किशन ने भी इस मौके पर पारंपरिक फगुआ गीत गाकर इस सांस्कृतिकउत्सव को और भी रंगीन बना दिया। लखनऊ में, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने होली के इस अवसर पर उत्सव में भाग लिया। ब्रजेश पाठक ऊंट पर सवार होकरहोली जुलूस में शामिल हुए और एक साथ लाखों लोगों के बीच होली का आनंद लिया। इसके अलावा, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी इस जश्न मेंशरीक हुए और लोगों के साथ होली की मस्ती में लहराए। शाहजहांपुर और मुजफ्फरनगर में भी धूमधाम से जश्नशाहजहांपुर में ‘बड़े लाट साहब’ का जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। हालांकि, इस दौरान कुछ बच्चों ने लाट साहब पर पत्थर फेंके, लेकिनपुलिस ने तुरंत उनकी पहचान कर उन्हें खदेड़ दिया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। वहीं, मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देवअग्रवाल होली के जश्न में नाचते हुए नजर आए, और यह दृश्य भी खासा आकर्षक रहा। इटावा में सपा का पारंपरिक होली उत्सव इटावा में समाजवादी पार्टी (सपा) के सैफई कार्यालय में एक भव्य होली समारोह का आयोजन किया गया, जो पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादवद्वारा शुरू की गई फूलों से भरे उत्सव की परंपरा को जारी रखता है। इस समारोह में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य सपा नेता शामिल हुए। इसअवसर पर गुलाब और गेंदे की पंखुड़ियों से लोगों पर रंग बरसाए गए, जिससे उत्सव का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। मथुरा–वृंदावन में धार्मिक उत्सव का माहौलमथुरा और वृंदावन में भी होली का माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्साही था। भक्तों ने रंगों से होली खेलते हुए उत्सव मनाया और मंदिरों में खासदर्शन किए। फालैन गांव में संजू पंडा द्वारा अग्नि में चमत्कारी तरीके से चलने के बाद दिन की शुरुआत हुई। वहीं, बांके बिहारी मंदिर में हजारों भक्तउमड़े और अबीर-गुलाल के साथ होली खेली। यहां के भक्तों ने टेसू और केसर से भी रंग खेले, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं को दर्शाता है। बाराबंकी में अंतरधार्मिक एकता का प्रतीक जश्नबाराबंकी में देवा शरीफ की दरगाह पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ होली मनाते नजर आए। दरगाह पर “या वारिस” के नारों से गूंजतेहुए एक जीवंत जश्न मनाया गया। इस मौके पर “जो रब है वही राम” का संदेश भी दिया गया, जो सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक था। अधिकारियों नेबताया कि किसी भी प्रकार के टकराव से बचने के लिए, शुक्रवार की नमाज अपराह्न दो बजे के बाद आयोजित की गई और कई मस्जिदों के समितियोंने मस्जिदों को रंगों से बचाने के लिए ढक दिया था। सुरक्षा और निगरानी के उपायसभी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने सक्रिय निगरानी बनाए रखी और किसी भी भड़काऊ पोस्ट या सामग्री पर तुरंत कार्रवाई की गई। सोशल मीडिया पर कड़ीनिगरानी रखी गई, ताकि किसी भी भड़काऊ संदेश को रोका जा सके। इस तरह से, उत्तर प्रदेश में होली का जश्न सुरक्षित और सुखद तरीके से संपन्नहुआ, जो प्रदेश की विविधता और सांप्रदायिक सद्भाव को दर्शाता है।
वरुण चक्रवर्ती का संघर्ष और वापसी: क्रिकेटर ने साझा किया अपने बुरे समय का अनुभव

भारत के स्टार क्रिकेटर वरुण चक्रवर्ती ने हाल ही में अपने करियर के एक कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे एक समयउनका मनोबल गिर गया था और वे डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। चक्रवर्ती ने यह स्वीकार किया कि जब उन्हें 2021 के टी20 विश्व कप के लिएचुना गया था, तब वे खुद को पूरी तरह से साबित नहीं कर पाए थे, और यह उनका सबसे बुरा समय था। वरुण चक्रवर्ती के लिए वह समय बेहद कठिन था, जब उन्होंने महसूस किया कि वह विश्व कप के दौरान अपनी पूरी क्षमता से खेल नहीं पाए। यहघटना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही थी, और उनका आत्मविश्वास डगमगा गया था। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि यह मेरी सबसेबड़ी मौका था, लेकिन जब मैंने प्रदर्शन नहीं किया, तो मुझे लगा कि मेरी क्रिकेट यात्रा खत्म हो सकती है।” इसके बाद, चक्रवर्ती को टीम में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्हें 3 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम में फिर से मौका नहीं मिला। इसमुश्किल समय के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “डेब्यू से कहीं ज्यादा मेरे लिए वापसी का रास्ता कठिन था। जब आप टीम में नहीं होते और सबकुछआपको पीछे की ओर खींचता है, तो उस स्थिति से बाहर निकलना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।” हालांकि, वरुण चक्रवर्ती ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया और आखिरकार अपनी मेहनत से टीम में वापसीकी। यह उनके आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया, और उन्होंने साबित किया कि कभी हार नहीं माननी चाहिए। चक्रवर्ती का यह अनुभव उन सभी खिलाड़ियों और व्यक्तियों के लिए एक प्रेरणा है जो कठिन समय से गुजर रहे हैं। उनका संघर्ष यह दर्शाता है किअगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार और समर्पित रहें, तो अंततः आप अपनी राह पा सकते हैं, चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो। आज, वरुण चक्रवर्ती भारतीय क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा हैं, और उनकी वापसी एक संदेश है कि मानसिक दृढ़ता और संघर्ष से बड़ी कोई भी जीतनहीं होती।