आगामी बजट दिल्ली के लोगों के लिए होगा जो दिल्ली को विकसित राजधानी बनाने का गौरव प्रदान करेगा – वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली, 3 मार्च: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 24 मार्च से शुरू होने जा रहा है, जिसकीघोषणा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की है। भाजपा की सरकार दिल्ली के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, और हम बार-बार इस बात पर जोर दे रहे हैं किपिछले 10-11 वर्षों में दिल्ली का विकास जिस तरह से अवरुद्ध हुआ है, उसे पुनः पटरी पर लाना बहुत जरूरी है। वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारी पूरी सरकार ने इस मामले में बहुत गंभीरता से सोचा है। पिछले 7-8 दिनों में ही योजना बनाकर, मीटिंग करके काम शुरू कर दिया है। यह तय है कि यह बजट दिल्ली के लोगों के लिए होगा।” उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली में ‘आम जनता’ की सरकार है, इसलिए आम जनता की राय लेने के बाद ही हम एक ऐसा बजट पेश करेंगे, जो जनता केलिए होगा और दिल्ली के सर्वांगीण विकास की गाथा बनेगा।” दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विधानसभा में जिस प्रकार से कैग की रिपोर्ट से अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है, वहसाफ तौर पर दिखाता है कि दिल्ली में 2015 से केवल लूट और घोटाले किए गए हैं। कैग रिपोर्ट से खुलासा:वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि हेल्थ पर आई कैग रिपोर्ट ने कई सवाल एक बार फिर से अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों पर खड़े कर दिए हैं। चाहेवह गोपाल राय, आतिशी, सौरभ भारद्वाज या मनीष सिसोदिया हों, सभी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल ने जहां भी हाथडाला है, वहां सिर्फ लूटने के अलावा कुछ नहीं किया है।” विधानसभा में आम आदमी पार्टी का विरोध:दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि आज आम आदमी पार्टी के नेता सदन में कार्रवाई और चर्चा में बाधा डाल रहे हैं, लेकिन इसी सदन मेंपिछले 12 सालों से क्या हो रहा था, यह हम सब देख चुके हैं। उन्होंने कहा, “पिछले बारह सालों से भाजपा विधायकों को सदन से बार-बार बाहरनिकलवाकर भी कोई विकास पर चर्चा नहीं की गई। आज दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए चर्चा हो रही है, तो उसमें बाधा बनने का कामआतिशी और उनके विधायक कर रहे हैं।”
आदिवासी अधिकारों की रक्षा की पुकार: डॉ. विक्रांत भूरिया का बयान

जय जोहार – जय संविधान के उद्घोष के साथ आल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के चेयरमैन डॉ. विक्रांत भूरिया ने पत्रकारों से संवाद किया। उन्होंनेआदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता और भाजपा की सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। इस प्रेस वार्ता में डॉ. विक्रांत भूरियाने आदिवासी समाज के साथ हो रहे अत्याचारों और उनके अधिकारों की अनदेखी पर गहरी चिंता व्यक्त की। आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाईडॉ. भूरिया ने कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और यदि इस देश पर किसी का सबसे ज्यादा अधिकार है, तो वह आदिवासियों का है।हालांकि, देश के 12 करोड़ आदिवासी समाज को उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं। भाजपा की सरकार लगातार उनके संवैधानिक अधिकारों कोकमजोर करने की कोशिश कर रही है। भूरिया ने इस संदर्भ में पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम पर भी बात की।पेसा कानून का उल्लंघन डॉ. भूरिया ने पेसा कानून (Panchayat Raj Extension to Scheduled Areas) की चर्चा की, जो 1996 में भूरिया कमेटी की सिफारिश परलागू हुआ था। यह कानून आदिवासी क्षेत्रों में पंचायत राज को मज़बूत करने के उद्देश्य से लाया गया था। भूरिया ने कहा कि आज भी इस कानून कोप्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है। ग्राम सभाओं को जो अधिकार दिए गए हैं, उनका उल्लंघन किया जा रहा है। खनन और खनिज दोहन केकारण आदिवासी क्षेत्रों में भूमि की चोरी हो रही है और आदिवासी जनों को जेल में डाला जा रहा है। वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघनवन अधिकार अधिनियम, जो आदिवासियों को उनके जंगलों और जंगलों से जुड़े संसाधनों पर अधिकार देता है, का भी उल्लंघन हो रहा है। भूरिया नेउदाहरण के तौर पर मध्य प्रदेश में हो रहे वनों के निजीकरण की योजना को उठाया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 40% जंगलों को निजी कंपनियोंको सौंपने की कोशिश कर रही है। आदिवासी क्षेत्रों में इस कदम का विरोध हो रहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय के लोग बसते हैं।हसदेव जंगल और आदिवासी अधिकार डॉ. भूरिया ने हसदेव जंगल का उल्लेख किया, जहां एक लाख से ज्यादा पेड़ों की कटाई हो चुकी है और अब तीन लाख और पेड़ काटे जाने की योजनाहै। इस खनन प्रक्रिया के कारण आदिवासी समुदाय को जेल में डालने का काम किया जा रहा है। भूरिया ने बताया कि इस मुद्दे को मीडिया ने उठायाथा, लेकिन इसे और अधिक प्रभावी ढंग से उठाने की जरूरत है।अत्याचारों और शोषण का सिलसिलाडॉ. भूरिया ने एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों का हवाला दिया और कहा कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा आदिवासी उत्पीड़न होरहा है। उन्होंने सीधी कांड, नेमावर कांड, और नीमच कांड जैसी घटनाओं का उल्लेख किया, जहां भाजपा नेताओं के हाथों आदिवासी समाज के लोगअत्याचारों का शिकार हुए। भूरिया ने बताया कि सीधी कांड में एक भाजपा नेता ने आदिवासी महिला का अपमान किया और नेमावर कांड में पांचआदिवासी परिवारों के सदस्यों को जिंदा गाड़ दिया गया।आदिवासी अस्मिता की रक्षा की आवश्यकता डॉ. भूरिया ने आदिवासी अस्मिता की रक्षा की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस आदिवासियों को’वनवासी’ कहकर अपमानित करती है, जबकि आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन के वास्तविक मालिक हैं। आदिवासी समाज अपनी पहचानपर गर्व करता है और उन्हें यह अपमान स्वीकार नहीं है। भूरिया ने कहा कि आदिवासी समाज अब शिक्षा, राजनीति, और समाज के अन्य क्षेत्रों में खुदको सशक्त बना रहा है और वनवासी की उपाधि से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है।गोंडी भाषा और आदिवासी संस्कृति भूरिया ने आदिवासी भाषाओं, विशेषकर गोंडी भाषा, को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोंडी भाषा को राष्ट्रीय स्तर परमान्यता मिलनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति को संरक्षित रख सकें। इसके साथ ही, उन्होंने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवसकी छुट्टी को फिर से लागू करने की बात की, जिसे भाजपा सरकार ने समाप्त कर दिया है।न्याय की अपील डॉ. भूरिया ने आदिवासियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर चिंता जताई और कहा कि आदिवासी समुदाय के लोग अपनी ज़मीनों से बेदखल हो रहे हैंऔर उन्हें सम्मान भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आदिवासी समाज को उनके अधिकार मिलें और उन्हें न्याय मिले।जेलों में बंद आदिवासी भूरिया ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश की जेलों में 60% से ज्यादा बंदी आदिवासी हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोग गरीब होते हैं औरउनके पास लंबे समय तक चलने वाले कानूनी मुकदमों के लिए संसाधन नहीं होते। इस कारण कई आदिवासी लंबे समय तक जेलों में बंद रहते हैं, जबकि उनका परिवार मुश्किल में पड़ता है। भूरिया ने इस मुद्दे पर एक आयोग गठित करने की बात की ताकि आदिवासी जेलों में बंद अपने अधिकारोंके लिए संघर्ष कर सकें।महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध डॉ. भूरिया ने हाल ही में भोपाल में हुई एक नाबालिग के बलात्कार की घटना का जिक्र किया, जिसमें आरोपी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहींकी गई। उन्होंने कहा कि अगर आदिवासी समाज को न्याय पाने के लिए 600 किलोमीटर दूर जाना पड़े, तो यह न्याय का उल्लंघन है।प्रधानमंत्री और मणिपुर अंत में, भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मणिपुर यात्रा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मणिपुर जाकर आदिवासी नरसंहार परजवाब देना चाहिए, जो सरकार की नीतियों के कारण हुआ है।मुख्य मांगें डॉ. भूरिया ने अपनी मुख्य मांगें प्रस्तुत की: -आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर अधिकारों की रक्षा की जाए।-गोंडी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।-9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। डॉ. विक्रांत भूरिया ने इस प्रेस वार्ता के अंत में आदिवासी समाज के अधिकारों की सुरक्षा की पुकार की और सरकार से उनके अधिकारों की रक्षा कीअपील की। उन्होंने कहा, “यह हमारी अस्तित्व की लड़ाई है, और हम इसके लिए लड़ेंगे।”
दिल्ली के बजट के लिए आम लोगों की राय ली जाएगी, सीएम ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के आगामी बजट को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया किदिल्ली का बजट 24 से 26 मार्च के बीच पेश किया जाएगा और इस बार बजट के निर्माण में आम लोगों की राय भी शामिल की जाएगी। मुख्यमंत्रीने स्पष्ट किया कि इस बजट में सभी वर्गों के सुझावों को स्थान दिया जाएगा, ताकि एक समग्र और विकास oriented दिल्ली का बजट तैयार कियाजा सके। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए संकल्प पत्र में जो भी वादे किए गए हैं, वे सभी वादे बजट में शामिल किए जाएंगे।इसके अलावा, उन्होंने महिला सम्मान योजना का भी जिक्र किया, जो इस बजट का अहम हिस्सा होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आगामी बजट में महिला सुरक्षा और सम्मान के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी और इसका उद्देश्य दिल्ली कीमहिलाओं को बेहतर अवसर और सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए एक संवाद सत्र का आयोजन 5 मार्च को दिल्ली विधानसभा में किया गया है, जिसमें महिला संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और बजट के बारे में अपने विचार और सुझाव साझा करेंगे। सुझाव देने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारीप्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे इस बार बजट तैयार करने में जनभागीदारी को सुनिश्चित करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने एकव्हाट्सएप नंबर जारी किया है, जिस पर दिल्ली के लोग अपने सुझाव और विचार भेज सकते हैं। व्हाट्सएप नंबर 9999962025 के जरिए लोगअपने सुझाव दे सकते हैं। इसके अलावा, एक ईमेल आईडी भी जारी की गई है, जिस पर कोई भी दिल्लीवासी अपने विचार और सुझाव भेज सकताहै। सीएम ने यह भी बताया कि उनका उद्देश्य दिल्ली का बजट इस प्रकार तैयार करना है, जिसमें हर वर्ग का प्रतिनिधित्व हो और सभी की जरूरतों कोपूरा किया जा सके। सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि यह बजट लोगों के हित में होगा और दिल्ली को एक विकसित और समृद्ध शहर बनाने के लिए इसे तैयार कियाजाएगा। उन्होंने इस बात का विश्वास दिलाया कि बजट में सभी वर्गों और समुदायों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी, खासकर गरीब, मजदूर, महिलाएं, छात्र, व्यापारी, और युवा वर्ग के सुझावों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएंगी। जनता से सुझाव लेंगे विधायक और मंत्रीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली के मंत्री और विधायक जनता से संवाद करेंगे और उनसे सुझाव लेंगे। उन्होंने कहा कि उनकाउद्देश्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि हर किसी के विचार और जरूरतों को समझा जा सके। इसके अलावा, उन्होंनेयह भी कहा कि उनके द्वारा संकल्प पत्र में किए गए वादों को वे पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इस बार दिल्ली के विकास कार्यों कोसही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी योजनाओं पर अमल किया जाएगा। सीएम रेखा गुप्ता ने यह आरोप भी लगाया कि पहले दिल्ली में केवल बहाने बनते थे और विकास के कार्यों को टाला जाता था, लेकिन इस बार वेविकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के लागू करेंगे। उन्होंने कहा, “पहले सिर्फ बहाने मिलते थे, इस बार दिल्ली में विकास दिखेगा और हम एकनया अध्याय लिखेंगे।” सीएम का संकल्प और वादेमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा। बजट में सरकार उन योजनाओं और कार्यक्रमों पर जोर देगीजो समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी हों। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम अपने संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए पूरी तरह सेप्रतिबद्ध हैं। समय कम है, लेकिन काम बहुत हैं, और हम दिल्ली के विकास के लिए अपनी पूरी क्षमता से काम करेंगे।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि इस बार दिल्ली के लोगों को एक नया और विकसित दिल्ली मिलेगा, जहां हर क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तारकिया जाएगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि दिल्ली के विकास में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगाऔर उनकी राय के आधार पर ही योजनाएं तैयार की जाएंगी। नए बजट में क्या होगा खास?दिल्ली के नए बजट में मुख्य तौर पर उन योजनाओं और कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करें औरदिल्ली को एक बेहतर शहर बना सकें। महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा।सीएम ने कहा कि इस बजट में विशेष रूप से महिलाओं के लिए योजनाएं होंगी, जिनसे उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की योजना है। सरकार ने यह भी घोषणा की है किदिल्ली के विकास के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम किया जाएगा। समापन सत्र और भविष्य की योजनाएंदिल्ली के बजट का समापन सत्र एक नई दिशा दिखाएगा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को समृद्ध और विकसितबनाना है। बजट की तैयारियों में जनता की राय को शामिल कर एक ऐसा बजट तैयार किया जाएगा जो सभी वर्गों के लिए लाभकारी हो। इस बजट सेयह उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली में विकास की नई लहर आएगी और राजधानी के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अब जनता को इस बजट की कार्यान्वयन प्रक्रिया पर नजर बनाए रखनी होगी और सरकार से उचितसवाल पूछने का अधिकार रखना होगा। इससे सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा सकेगा और सही दिशा में काम किया जा सकेगा
दिल्ली विधानसभा में AAP विधायकों का जबरदस्त हंगामा, स्पीकर ने खड़े होकर शांत कराया

दिल्ली विधानसभा में सोमवार को एक बार फिर हंगामे का माहौल था। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया औरविधानसभा में नियमों का उल्लंघन करते हुए धक्का-मुक्की और शोर-शराबा किया। आज सदन में विशेष रूप से कैग (CAG) रिपोर्ट पर चर्चा होनीथी, लेकिन उससे पहले ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया। AAP विधायकों की हंगामेदार एंट्रीसोमवार को दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के सभी 22 विधायक मौजूद थे। जिन 21 विधायकों को पहले सस्पेंड किया गया था, उनकानिलंबन आज समाप्त हो गया था। इसके बाद, ये सभी विधायक सदन में पहुंचे और चर्चा के दौरान तगड़ा विरोध शुरू कर दिया। विधानसभा में कैगरिपोर्ट पर चर्चा होनी थी, लेकिन उससे पहले ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने इसे लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। बीजेपी विधायक के साथ AAP विधायकों की टोका-टोकीदिल्ली विधानसभा में नियम 280 के तहत चर्चा शुरू हो रही थी। रिठाला से बीजेपी विधायक कुलवंत राणा अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उसी दौरानआम आदमी पार्टी के विधायकों ने उन्हें लगातार टोका-टाकी करना शुरू कर दिया। इस दौरान आप विधायक संजीव झा और बीजेपी विधायककुलवंत राणा के बीच बहस भी हो गई। बीजेपी विधायक राणा इस घटनाक्रम से नाराज हो गए और इसका विरोध किया। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर कोअपने स्थान से उठकर मामले को शांत करना पड़ा।सीएजी रिपोर्ट पर तीखा विवाददिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सीएजी रिपोर्ट को लेकर भाजपा का पक्ष रखा और आप सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, “सीएजी रिपोर्ट ने आम आदमी पार्टी की सरकार की सभी अनियमितताओं का खुलासा किया है। आप सरकार का स्वास्थ्य मॉडल केवल लोगों काध्यान भटकाने और पैसे इकट्ठा करने का एक जरिया बनकर रह गया था। कोरोना महामारी के दौरान इस स्वास्थ्य मॉडल की कमी के कारण कई लोगअपनी जान गंवा बैठे।” सिरसा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मॉडल में भारी भ्रष्टाचार था और उसने इस दौरान अपनी जिम्मेदारीनिभाने के बजाय अन्य मुद्दों पर ध्यान दिया। आशीष सूद ने AAP सरकार पर हमला बोलादिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने भी सीएजी रिपोर्ट पर सवाल उठाए और आप सरकार के घोटालों का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “सीएजी रिपोर्ट केहर पन्ने के साथ दिल्ली सरकार के घोटाले सामने आ रहे हैं। जब दिल्ली के लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत थी, जब उन्हें मोहल्ला क्लीनिक कीजरूरत थी, तब दिल्ली सरकार अपना शीश महल बनाने में व्यस्त थी। हाई कोर्ट और सीएजी ने उनके ‘मोहल्ला क्लीनिक’ और तथाकथित स्वास्थ्यमॉडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।” आशीष सूद ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की बजाय अपनी छवि बनाने के लिए न केवल पैसे खर्च किए, बल्कि लोगों केजीवन की कोई चिंता नहीं की। उनका कहना था कि जिन चीजों की जरूरत थी, जैसे कि ऑक्सीजन, मेडिकल सुविधाएं, मोहल्ला क्लीनिक आदि, उनकी बजाय सरकार ने अपनी छवि को चमकाने में समय और संसाधन लगाए।AAP के हंगामे के बीच गोपाल राय की प्रतिक्रियाआप विधायकों के हंगामे के दौरान दिल्ली विधानसभा में आप पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक गोपाल राय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंनेआरोप लगाया कि विधानसभा सत्र की शुरुआत में ही स्पीकर ने तानाशाही रवैया अपनाया और आप विधायकों के साथ नाइंसाफी की। गोपाल राय नेकहा, “स्पीकर ने पहले ही दिन से तानाशाह की तरह व्यवहार किया और यह निंदनीय है। हम इस सत्र में अपने मुद्दों को उठाने के लिए गए थे, लेकिनहमें इसका मौका नहीं दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “आज विधानसभा का आखिरी दिन है और हमारे सभी विधायक सदन में मौजूद हैं। हम चर्चा में भाग लेंगे और अपना पक्ष रखेंंगे।हमें उम्मीद है कि इस बजट के माध्यम से सरकार अपने वादों को पूरा करेगी, लेकिन अगर हमसे असहमति जताई जाती है तो हम इसका विरोध करेंगे।” संसदीय कार्यवाही की स्थितिदिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच विवादित स्थिति बनी रही। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारीरहा। आम आदमी पार्टी ने इस आरोप को खारिज किया कि वह सीएजी रिपोर्ट से डरते हैं, जबकि बीजेपी ने इस रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली सरकारके कार्यों की कड़ी आलोचना की। विधानसभा के भीतर जब हंगामा बढ़ने लगा और सत्र को बाधित करने की स्थिति बन गई, तो स्पीकर को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा। स्पीकर ने खड़ेहोकर सदन में शांति बनाए रखने का प्रयास किया और विधायकों से नियमों के तहत अपनी बात रखने की अपील की। आखिरकार क्या होगा परिणाम?दिल्ली विधानसभा में इस हंगामे और विरोध के बावजूद, यह स्पष्ट है कि दोनों प्रमुख दलों के बीच टकराव अभी थमने वाला नहीं है। जहां एक ओरआम आदमी पार्टी सीएजी रिपोर्ट को लेकर अपनी सफाई देने में लगी है, वहीं दूसरी ओर भाजपा दिल्ली सरकार के कार्यों की आलोचना करने का कोईमौका नहीं छोड़ रही। इस हंगामे के बीच, दिल्ली के लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या विधानसभा में इस तरह के विवादों के बावजूद कोई ठोस निर्णय लियाजाएगा। अब यह देखना होगा कि दिल्ली सरकार आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर किस तरह की कार्रवाई करती है और विधानसभा में आगे किस तरहकी कार्यवाही होती है।
अपनी पार्टी खत्म कर रहीं मायावती’, कांग्रेस नेता ने बसपा कार्यकर्ताओं से की कांग्रेस में शामिल होने की अपील

बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को एक अहम कदम उठाते हुए पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया। आकाशआनंद मायावती के भतीजे हैं। इससे पहले भी मायावती ने उन्हें कई बार चेतावनी दी थी। इस फैसले के बाद, कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राजने बसपा कार्यकर्ताओं से कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की अपील की। उदित राज ने मायावती की आलोचना करते हुए दावा किया कि उनके निर्णयों से बसपा का पतन हो रहा है। उन्होंने कहा, “मायावती अपनी पार्टी कोखत्म कर रही हैं और अब बसपा में दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई मिशन नहीं बचा है।” उदित राज का यह बयान 17 फरवरी के उसविवाद के बाद आया, जब उन्होंने मायावती पर बहुजन आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया था। इस संदर्भ में उदित राज ने अपने पिछलेबयान को दोहराते हुए कहा, “मैंने 17 फरवरी को लखनऊ में कहा था कि सुश्री मायावती ने बहुजन आंदोलन का गला घोटा है और अब उनका गलाघोटने का समय आ गया है।” कांग्रेस नेता ने बसपा पर स्पष्ट मिशन की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पार्टी में संविधान की रक्षा करने, दलितों और ओबीसी पर हो रहेअत्याचारों का विरोध करने या निजीकरण के खिलाफ कोई लड़ाई नहीं बची है। उदित राज ने बसपा कार्यकर्ताओं से पार्टी छोड़ने और कांग्रेस मेंशामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “जो लोग मुझसे नाराज थे, उन्हें अब यह समझना चाहिए कि मेरा इरादा उन्हें स्थिति से अवगत करानाथा।” बसपा में इस बदलाव के बाद उदित राज ने यह स्पष्ट किया कि मायावती द्वारा उठाए गए कदमों से पार्टी में असंतोष बढ़ेगा, और इसका प्रभाव बसपाके भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है, खासकर उनकार्यकर्ताओं के लिए जो अब मायावती के नेतृत्व में निराश हो चुके हैं।
रणवीर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, इस एक शर्त पर मिली शो ऑन एयर करने की छूट

रणवीर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्हें अपने लोकप्रिय शो ‘द रणवीर शो’ को जारी रखने की अनुमति दी गई है, लेकिनकोर्ट ने एक शर्त भी रखी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि रणवीर को अपने शो में नैतिकता का स्तर बनाए रखना होगा और इसके लिए उन्हें एक अंडरटेकिंगदेनी होगी, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शो का कंटेंट सभी उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त हो। इस आदेश के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भीकहा कि यह राहत इसलिए दी जा रही है क्योंकि इस शो से लगभग 280 लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला तब आया जब रणवीर अल्लाहबादिया, जो कि एक यूट्यूबर और पॉडकास्ट होस्ट हैं, को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ नामक शो मेंअपनी विवादित टिप्पणियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस शो में कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना के साथ उन्होंने अश्लीलटिप्पणी की थी, जिसके बाद शो को लेकर काफी विवाद उठ गया और रणवीर पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं। इस मामले ने तूल पकड़ा औरइसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना पड़ा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि रणवीर को विदेश यात्रा की अनुमति फिलहाल नहीं दी गई है। कोर्ट ने कहा कि जब वह जांच में पूरा सहयोग देंगे, तभीविदेश यात्रा की अनुमति पर विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी एक अहम निर्देश दिया। कोर्ट ने केंद्र से ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने का आदेश दियाऔर इस विषय पर संबंधित पक्षों से राय लेने को कहा। यह आदेश इस बात को ध्यान में रखते हुए दिया गया कि ऑनलाइन कंटेंट में ऐसी सामग्री कानियंत्रण होना चाहिए, जो समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त हो। इस फैसले से रणवीर अल्लाहबादिया को राहत मिली है, लेकिन अब उनके लिए यह जरूरी होगा कि वह अपने शो की सामग्री में सख्ती से नैतिकताका ध्यान रखें, ताकि वह अपने दर्शकों के बीच विवादों से बच सकें।
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा भारत, न्यूजीलैंड को 44 रन से हराया

भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के लीग चरण के आखिरी मैच में न्यूजीलैंड को 44 रन से हराया। यह मैच दुबई में खेला गया, जहां भारत ने न्यूजीलैंड को 250 रनों का लक्ष्य दिया। न्यूजीलैंड की टीम 45.3 ओवर में 205 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। भारत की जीत में अहम योगदान वरुण चक्रवर्ती कारहा, जिन्होंने 10 ओवर में 42 रन देकर पांच विकेट लिए। इस जीत के साथ भारत सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा। मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रनबनाए। श्रेयस अय्यर और हार्दिक पांड्या ने शानदार पारी खेली। श्रेयस अय्यर ने 50 रन की अहम पारी खेली, जबकि हार्दिक पांड्या ने 45 रन बनाए।भारतीय टीम को उम्मीद थी कि ये दोनों बल्लेबाज टीम को एक बड़ा स्कोर दिला पाएंगे, और उन्होंने वही किया। न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने 81 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन वे अपनी टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे। अन्य बल्लेबाजों में सेकिसी ने भी बड़ी पारी नहीं खेली, और टीम 250 रन का लक्ष्य हासिल करने में विफल रही। मैच के दौरान वरुण चक्रवर्ती ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच के दौरान कई महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिनमें रचिन रवींद्र, डेरिलमिचेल, और माइकल ब्रेसवेल का विकेट शामिल था। वरुण ने पारी के दौरान शानदार स्पिन गेंदबाजी की और मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया। इसके अलावा, अक्षर पटेल ने भी महत्वपूर्ण समय पर विकेट लिए। उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को स्टंप आउट कर दिया।विलियमसन ने अपनी पारी के दौरान भारत के गेंदबाजों का अच्छा मुकाबला किया, लेकिन अक्षर की गेंद पर वे आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंडका स्कोर 176/7 हो गया था, और टीम के लिए मैच जीतना मुश्किल हो गया। भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब वरुण चक्रवर्ती ने मैट हेनरी का विकेट लिया। हेनरी बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विराट कोहलीको कैच थमा बैठे। यह विकेट मैच में भारत की स्थिति को और मजबूत कर गया। इस मैच में वरुण चक्रवर्ती के पांच विकेट ने भारत की जीत की नींवरखी। वे चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लिए पंजा निकालने वाले तीसरे गेंदबाज बने हैं। उनसे पहले रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी यह कारनामा करचुके थे। इसके अलावा, रवींद्र जडेजा ने टॉम लेथम को आउट कर भारत को एक और सफलता दिलाई। जडेजा ने फुलर गेंद डाली, और लेथम स्वीप करने काप्रयास करते हुए गेंद की लाइन को मिस कर गए, जिसके कारण उन्हें आउट कर दिया गया। भारत की बल्लेबाजी में, श्रेयस अय्यर की 50 रन की पारी और हार्दिक पांड्या का 45 रन का योगदान खास रहा। केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, औरअक्षर पटेल ने भी कुछ योगदान दिया, लेकिन टीम का कुल स्कोर 249 रन तक ही सीमित रह गया। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारी की और टीम को एक प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया। इस मैच में भारत की गेंदबाजी ने पूरी तरह से कमाल किया। मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव, और वरुण चक्रवर्ती ने मिलकर न्यूजीलैंड को कम रनबनाने पर मजबूर किया। न्यूजीलैंड का पीछा करते हुए भारतीय गेंदबाजों ने रन रेट को हमेशा दबाव में बनाए रखा और अंत में टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ, भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला तय किया है। यह सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च 2025 को खेला जाएगा।भारत के लिए यह मैच महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया एक मजबूत टीम है और भारत को उसे हराने के लिए पूरी ताकत से खेलना होगा। न्यूजीलैंड के लिए यह हार निराशाजनक थी, क्योंकि उनका बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत था, लेकिन वे लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में आ गए।अब भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा, और दोनों टीमें सेमीफाइनल में अपनी पूरी ताकत लगाने के लिए तैयार होंगी।