आम आदमी पार्टी की तीखी प्रतिक्रिया: “क्या मोदी बाबा साहेब अंबेडकर से बड़े हैं?”

नई दिल्ली, 25 फरवरी 2025 – दिल्ली विधानसभा और सचिवालय में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हटाने केमामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कड़ी आलोचना की है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी नेभाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने अपने असली चेहरे को उजागर किया है और यह दर्शाया है कि वह दलितों और सिखों के प्रति असंवेदनशील है। आतिशी ने एक प्रेस वार्ता में भाजपा से सवाल किया कि क्या उसे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बाबा साहेब अंबेडकर से बड़े हैं। उन्होंने कहा, “अगर भाजपा को लगता है कि मोदी जी बाबा साहेब से बड़े नहीं हैं, तो फिर उन्होंने विधानसभा और सचिवालय से बाबा साहब की तस्वीरें हटाकरउनकी जगह मोदी जी की तस्वीर क्यों लगाई?” आतिशी ने यह भी कहा कि यह भाजपा का असली चेहरा है, जो अब देश के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब ने देश के दलितों, महिलाओं और अन्य दबे-कुचले वर्गों को संविधान में अधिकार दिए हैं। हम बार-बार अंबेडकर का नाम लेंगे, क्योंकि उनका योगदान हमारे समाज केलिए अमूल्य है।” भाजपा के नेताओं पर आरोपआतिशी ने भाजपा के नेताओं, विशेषकर गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने संसद में खड़े होकर बाबा साहेबका मजाक उड़ाया था। “यह वही भाजपा है, जिसके बड़े नेता संसद में खड़े होकर कहते हैं कि लोग अंबेडकर-अंबेडकर बोलते रहते हैं। यह एक अपमानहै,” उन्होंने कहा। आतिशी ने भाजपा के मंत्रियों मनजिंदर सिरसा और कपिल मिश्रा का भी जिक्र किया, जिन्होंने अपने कार्यालयों से बाबा साहेब की तस्वीरें हटाकर मोदीकी तस्वीरें लगाई हैं। उन्होंने पूछा, “क्या मनजिंदर सिरसा और कपिल मिश्रा को यह नहीं लगता कि उन्हें बाबा साहेब की तस्वीरें अपने कार्यालयों मेंरखनी चाहिए? क्या वे मोदी को बाबा साहेब से बड़ा मानते हैं?”तस्वीरों का महत्व आतिशी ने यह भी बताया कि हाल ही में एक तस्वीर जारी की गई थी, जिसमें दिखाया गया था कि जब रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री का पदभार संभाला, तब उनके कार्यालय में बाबा साहेब की तस्वीर थी, लेकिन अब वहां मोदी की तस्वीर है। “यह बदलाव क्या दर्शाता है? क्या यह दर्शाता है कि भाजपाबाबा साहेब के योगदान को कमतर समझती है?” उन्होंने सवाल उठाया। आम आदमी पार्टी की नेता ने यह स्पष्ट किया कि बाबा साहेब का योगदान केवल दलितों के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए है। “बाबा साहेब नेहमें एक ऐसा संविधान दिया, जो सभी को समान अधिकार देता है। हम इस संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कभी नहीं भूल सकते,” उन्होंनेकहा। भाजपा का दलित विरोधी चेहराआतिशी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसका दलित विरोधी चेहरा अब स्पष्ट हो चुका है। “भाजपा ने हमेशा से दलितों और अन्य कमजोर वर्गों केअधिकारों का उल्लंघन किया है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि वे बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान को महत्व नहीं देते,” उन्होंने कहा। आम आदमी पार्टी ने यह भी कहा कि वे बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। “हम अंबेडकर के विचारों को फैलाने का कामकरते रहेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके योगदान को कभी भुलाया न जाए,” आतिशी ने कहा। आम आदमी पार्टी ने भाजपा की इस कार्रवाई को न केवल एक राजनीतिक कदम के रूप में देखा है, बल्कि इसे समाज के कमजोर वर्गों के प्रतिभाजपा की असंवेदनशीलता के रूप में भी देखा है। आतिशी ने भाजपा से स्पष्ट सवाल पूछते हुए कहा कि क्या वे वास्तव में मानते हैं कि नरेंद्र मोदीबाबा साहेब अंबेडकर से बड़े हैं। इस मुद्दे ने दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि बाबा साहेब का योगदान और उनके विचार आज भी समाजमें महत्वपूर्ण हैं। आम आदमी पार्टी ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाया जाए और उनके योगदान कोकभी भुलाया न जाए। भाजपा को अब इस सवाल का जवाब देना होगा कि क्या वे वास्तव में बाबा साहेब के योगदान को महत्व देते हैं या नहीं। यह मुद्दा केवल राजनीतिकनहीं है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।
कांग्रेस का सरकार पर तंज: “WTO में ‘T’ का मतलब ट्रंप नहीं, ट्रेड है”

कांग्रेस ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें अपने करीबी दोस्त डोनाल्ड ट्रंप को याद दिलाना चाहिए कि विश्व व्यापारसंगठन (WTO) में ‘T’ का मतलब ‘ट्रेड’ (व्यापार) है, न कि ‘ट्रंप’। यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के संदर्भ में आई है, जिसमें उन्होंनेभारत और चीन जैसे देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाने की बात कही थी। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका उन देशों पर वही शुल्क लगाएगा, जो वे अमेरिकी उत्पादों पर लगाते हैं। इस नीति को लेकर कांग्रेस ने चिंता जताई है औरइसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी सरकार से सवाल किया है कि वह इस नई अमेरिकी नीतिका सामना कैसे करेगी और भारतीय व्यापार, उद्योग और किसानों के हितों की रक्षा कैसे सुनिश्चित करेगी। कांग्रेस ने मोदी सरकार से कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाते हैं: – किसानों पर प्रभाव: अगर अमेरिका से आयात बढ़ता है, तो इसका भारतीय किसानों पर क्या असर पड़ेगा? सरकार उनके हितों की सुरक्षा के लिएक्या कदम उठाएगी? – न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): क्या सरकार अब न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने पर विचार करेगी, ताकि किसानों की आमदनी सुरक्षितरह सके? – अमेरिकी कृषि उत्पादों का प्रभाव: क्या भारतीय सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों का कचरा घर न बन जाए और सस्तेअमेरिकी उत्पादों से भारतीय बाजार न भरे जाएं? -एमएसएमई सेक्टर पर असर: अमेरिका के टैरिफ के जवाब में भारतीय निर्यात महंगा होगा, जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टरप्रभावित होगा। सरकार इसे कैसे बचाएगी? -जीडीपी पर प्रभाव: पारस्परिक शुल्क से भारत की जीडीपी पर क्या असर पड़ेगा? कांग्रेस का यह तंज मोदी सरकार की विदेश नीति और व्यापारिक रणनीतियों पर सवाल उठाता है। पार्टी का मानना है कि ट्रंप की नीतियों का भारत परनकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर किसानों और छोटे व्यवसायों पर। इस संदर्भ में, जयराम रमेश ने कहा कि मोदी को अपने दोस्त ट्रंप को यह समझाना चाहिए कि व्यापार के लिए पारस्परिकता का सिद्धांत महत्वपूर्ण हैऔर यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपनी व्यापारिक नीतियों को मजबूत करने की आवश्यकताहै, ताकि वह वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सके। कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ट्रंप की नीतियोंके कारण भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, और कांग्रेस का मानना है कि मोदी सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करनाचाहिए। कांग्रेस ने यह भी कहा है कि अगर मोदी सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से नहीं सोचती है, तो भारतीय किसानों और उद्योगों को गंभीर नुकसान हो सकताहै। पार्टी ने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भारतीय बाजार में अमेरिकी उत्पादों की बाढ़ न आए और भारतीय उत्पादों की सुरक्षासुनिश्चित की जाए। इस प्रकार, कांग्रेस ने मोदी सरकार को एक बार फिर से चुनौती दी है कि वह अपने व्यापारिक नीतियों को स्पष्ट करे और यह बताए कि वह अमेरिकीनीतियों का सामना कैसे करेगी। यह मुद्दा न केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय किसानों और उद्योगों के भविष्य के लिएभी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह तंज मोदी सरकार के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें अपने व्यापारिक संबंधों को लेकर सतर्क रहना होगा और अपनेकिसानों और उद्योगों के हितों की रक्षा करनी होगी।
योगी आदित्य नाथ का विपक्ष पर हमला: सपा के समय योजनाओं का नाम समाजवादी था, अब सभी को मिल रहा लाभ

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला किया।उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में योजनाओं का नाम ‘समाजवादी’ रखा गया था, जबकि अब उनकी सरकार में सभी प्रदेशवासियों को बिना किसीभेदभाव के लाभ मिल रहा है। योगी ने सपा विधायकों के उस व्यवहार को असंवैधानिक बताया, जब उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा किया। उन्होंने विपक्ष के मुद्दोंपर चर्चा करते हुए आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में सपा को घेरा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार केलिए कई कदम उठाए हैं, जैसे कि हर जनपद में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना, मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के आयोजन पर भी बात की और कहा कि विपक्ष महाकुंभ के प्रति उपेक्षा और विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज मेंमहाकुंभ ने प्रदेश को एक नई पहचान दी है और श्रद्धालुओं की भारी संख्या ने इस आयोजन की भव्यता को साबित किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुएकहा कि अयोध्या और काशी में भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं, जो उत्तर प्रदेश की बढ़ती सामर्थ्य को दर्शाता है। योगी ने महाकुंभ में हुई कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि विपक्ष ने इस पर दुष्प्रचार किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेंश्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था और भोजन की सुविधा मिली, लेकिन वामपंथियों को इसमें कोई सकारात्मकता नहीं दिखी। उन्होंने एक वैज्ञानिक केहवाले से कहा कि गंगाजल न केवल स्नान के लिए, बल्कि पीने के लिए भी सुरक्षित है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि उन्होंने महाकुंभ के बारे में गलत जानकारी फैलाई। उन्होंने कहा कि डिजिटल कुंभ के कारण 28,000 लापता लोग वापस मिल गए, जबकि विपक्ष ने हजारों लोगों की मौत का दावा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का सोशल मीडिया हैंडललगातार दुष्प्रचार कर रहा है, जिससे जनता में भ्रम फैल रहा है। योगी ने प्रयागराज के अक्षयवट का भी जिक्र किया और कहा कि यह वेदों में वर्णित है, जबकि विपक्ष के नेता इसे अकबर के किले से जोड़ते हैं। उन्होंनेकहा कि अक्षयवट कई सदियों से है और यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह साल संविधान का अमृतकाल है और प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थ बनाए हैं। उन्होंने कहाकि 24 जनवरी 1950 को संविधान का नोटिफिकेशन जारी हुआ था, जो यूपी के लिए भी एक महत्वपूर्ण वर्ष है। योगी ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना का भी जिक्र किया, जो आज चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश के विकासके लिए कई योजनाएं बनाई हैं, जो लोगों के जीवन में सुधार लाने का काम कर रही हैं। इस प्रकार, योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया और सपा पर तीखा हमलाकिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी योजनाएं जनता के कल्याण के लिए बनाई गई हैं।
दिल्ली विधानसभा में हंगामा: AAP के 22 विधायकों का सस्पेंशन, भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरों पर उठे सवाल

दिल्ली विधानसभा में आज एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत सभी 22 विधायकों को दिनभर के लिए सस्पेंड कर दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब विधानसभा में CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्टपेश की जानी थी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने AAP विधायकों की नारेबाजी और हंगामे के कारण उन्हें सस्पेंड करने का निर्णय लिया। सस्पेंड किए जाने के बाद, AAP के विधायक विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने भगत सिंह और भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लेकरनारेबाजी की। आतिशी ने दिल्ली सरकार से सवाल किया कि सीएम दफ्तर से भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरें क्यों हटाई गई हैं। यह सवालउठाते हुए उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। AAP विधायक संजीव झा ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सीएम ऑफिस में डॉक्टर बीआर अंबेडकर की तस्वीर की जगह पीएममोदी की तस्वीर लगा दी गई है। जब उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से पूछा कि क्या पीएम मोदी डॉक्टर अंबेडकर से बड़े हैं, तो इस सवाल को उठाने परउन्हें सस्पेंड कर दिया गया। झा ने आरोप लगाया कि बीजेपी डॉक्टर अंबेडकर से नफरत करती है, लेकिन देश इसे स्वीकार नहीं करेगा। विधानसभा में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के दौरान AAP विधायकों ने नारेबाजी की, जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता नेउन्हें शांत रहने के लिए कहा। जब विधायकों ने नारेबाजी जारी रखी, तो अध्यक्ष ने सख्त कदम उठाते हुए सभी 22 विधायकों को दिनभर के लिएसस्पेंड कर दिया। इस घटना ने विधानसभा में एक बार फिर से राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। AAP के विधायकों का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वेअपने मुद्दों को लेकर कितने गंभीर हैं और वे किसी भी कीमत पर अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। दिल्ली विधानसभा में इस तरह के हंगामे और सस्पेंशन की घटनाएं नई नहीं हैं, लेकिन आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि CAG कीरिपोर्ट पेश की जानी थी। AAP के विधायकों का यह प्रदर्शन इस बात को दर्शाता है कि वे सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए कितनेप्रतिबद्ध हैं। विधानसभा के बाहर AAP विधायकों का प्रदर्शन जारी रहा, जिसमें उन्होंने न केवल नारेबाजी की, बल्कि अपने मुद्दों को लेकर लोगों का ध्यान भीआकर्षित करने की कोशिश की। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि AAP अपने राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जासकती है। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि दिल्ली की राजनीति में तनाव और विवाद का कोई अंत नहीं है। AAP और बीजेपी के बीचकी खाई और भी गहरी होती जा रही है, और ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे की राजनीतिक घटनाक्रम कैसे विकसित होते हैं। दिल्ली विधानसभा में आज का दिन न केवल AAP के लिए, बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है। AAP के विधायकोंका सस्पेंशन और उनके द्वारा किया गया प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वे अपने मुद्दों को लेकर कितने गंभीर हैं और वे किसी भी कीमत पर अपनीआवाज उठाने के लिए तैयार हैं।
केरल में परिवारिक त्रासदी: विदेश से लौटे युवक ने की नृशंस हत्या, जानें पूरी कहानी

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक सनसनीखेज घटना ने सभी को चौंका दिया है। 23 वर्षीय युवक अफान ने अपने परिवार के पांच सदस्यों औरअपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। यह घटना रविवार शाम करीब 4 बजे हुई, जब आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया और अपने अपराधको स्वीकार किया। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है। अफान, जो हाल ही में विदेश से लौटा था, ने अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने के बाद खुद जहर खा लिया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्तीकराया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस मामले की गहराई सेजांच कर रही है। आरोपी की पहचान पेरुमला के रहने वाले अफान के रूप में हुई है। उसने बताया कि उसने तीन घरों में रहने वाले छह लोगों की हत्या की। पुलिस जबघटनास्थल पर पहुंची, तो वहां खून से लथपथ छह पीड़ित मिले। इनमें से पांच की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसकी मां शेमी की हालतगंभीर बनी हुई है और उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। मृतकों में अफान की दादी सलमाबीबी, 13 वर्षीय भाई अफसान, उसके पिता का भाई लतीफ, लतीफ की पत्नी शाहिदा और उसकी गर्लफ्रेंडफरजाना शामिल हैं। यह घटना परिवार के लिए एक भयानक त्रासदी बन गई है, और स्थानीय लोग इस नृशंस हत्या की घटना को लेकर स्तब्ध हैं। अफान के विदेश में रहने की जानकारी भी सामने आई है। वह अपने पिता के साथ वहां रह रहा था और हाल ही में विजिटिंग वीजा पर भारत लौटा था।उसकी मां का कैंसर का इलाज चल रहा था, और यह भी एक कारण हो सकता है कि उसने इस तरह का कदम उठाया। हालांकि, पुलिस अभी तकहत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। इस घटना ने न केवल तिरुवनंतपुरम बल्कि पूरे देश में एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक युवक अपने परिवार के सदस्यों के प्रतिइतना क्रूर कैसे हो सकता है। क्या यह मानसिक स्वास्थ्य का मामला है या फिर किसी अन्य कारण से ऐसा हुआ, यह जानने के लिए पुलिस जांच कररही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हैं। कई लोग इस घटना को लेकरचिंतित हैं और इसे एक गंभीर सामाजिक मुद्दा मानते हैं। पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं परध्यान देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि परिवार के भीतर भी कभी-कभी हिंसा और क्रूरता का सामना करना पड़ सकता है। यह घटनान केवल एक परिवार के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि हमें अपने आस-पास के लोगों की मानसिक स्थिति का ध्यान रखनाचाहिए और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद करनी चाहिए। अफान की गिरफ्तारी और उसके द्वारा किए गए अपराध ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम अपने परिवार के सदस्यों के साथ सहीतरीके से संवाद कर रहे हैं? क्या हम उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं? यह घटना एक गंभीर संकेत है कि हमें अपने परिवार केसदस्यों के साथ अधिक संवेदनशीलता और समझदारी से पेश आना चाहिए। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिरकार इस नृशंस हत्या के पीछे क्या कारण थे।क्या यह मानसिक स्वास्थ्य का मामला है, या फिर किसी अन्य कारण से ऐसा हुआ, यह जानने के लिए पुलिस सभी संभावनाओं पर विचार कर रही है।
रणवीर अल्लाहबादिया ने पुलिस के सामने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में अपनी गलती स्वीकार की, शो में जाने की वजह भी बताई

रणवीर अल्लाहबादिया, जिन्हें ‘बीयरबाइसेप्स’ के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। इसशो में एक कंटेस्टेंट के माता-पिता पर की गई उनकी भद्दी टिप्पणी के बाद वह सुर्खियों में आए। इसके बाद अब रणवीर ने पुलिस के सामने अपनेबयान में यह माना कि उनकी टिप्पणी गलती थी और उन्होंने शो में जाने की वजह भी बताई है। समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में शामिल होने को लेकर रणवीर ने पुलिस से कहा कि वह शो में अपने दोस्त समय रैना के कहने पर गए थे।रणवीर ने बताया कि समय रैना उनका दोस्त है और इसी दोस्ती के कारण उन्होंने शो में भाग लिया। इसके साथ ही रणवीर ने यह भी स्पष्ट किया किशो में जाने के लिए उनसे कोई पैसे नहीं लिए गए थे। वह यह भी बताते हैं कि यूट्यूबर होने के कारण वह और समय रैना एक-दूसरे के शो पर जातेरहते हैं क्योंकि यह एक दोस्ताना रिश्ते जैसा है। इस मामले में विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर ने शो के दौरान एक कमेंट किया, जिसे लेकर बवाल मच गया। रणवीर ने कहा कि उस टिप्पणी कोबोलना उनकी गलती थी। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था और उन्होंने खुद को इस मामले में दोषी ठहराया।रणवीर ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। उन्होंने यह भी स्पष्ट कियाकि उन्हें शो में भाग लेने के लिए कोई पैसे नहीं मिले थे और वह यह सब केवल दोस्ती के नाते कर रहे थे। महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो से जुड़े इस विवाद को लेकर रणवीर से पांच घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने यह स्वीकारकिया कि वह अपनी टिप्पणी को लेकर खेद महसूस करते हैं और इसे अपनी गलती मानते हैं। अब ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो को लेकर कानूनी जटिलताएं सामने आ रही हैं। शो की एक एपिसोड में रणवीर द्वारा की गई भद्दी टिप्पणी के बाद शोविवादों में घिर गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि इस मामले में रणवीर और समय रैना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। समय रैना का शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ एक डार्क कॉमेडी शो है, जिसमें विभिन्न पंक्तियों और हास्य से जुड़े बयान होते हैं। हालांकि, इस शो में रणवीरके द्वारा की गई टिप्पणी ने एक विवाद खड़ा कर दिया। शो के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और अब यहमामला कानूनी पचड़ों में फंस गया है। रणवीर और समय दोनों पर ही आरोप लगाया गया है कि उनकी टिप्पणियों ने एक समुदाय के खिलाफ अपमानजनक बातें कही। इस कारण अब दोनोंके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और मामले की जांच चल रही है। इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ लिया है, जहां लोगों नेरणवीर की टिप्पणियों की आलोचना की और इसे अपमानजनक बताया। रणवीर और समय रैना दोनों ही सोशल मीडिया पर बेहद प्रभावशाली यूट्यूबर्स और पॉडकास्टर हैं। दोनों की लाखों की फॉलोइंग है, और उनके वीडियोऔर शो काफी लोकप्रिय होते हैं। हालांकि, इस विवाद के बाद उनकी प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं और कई लोग इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। समय रैना का ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो, जैसा कि नाम से ही जाहिर है, एक कॉमेडी शो है, जो आम तौर पर सामाजिक मुद्दों और टॉपिक्स परव्यंग्यात्मक टिप्पणियां करता है। लेकिन रणवीर की टिप्पणी ने इस शो को एक नए विवाद में डाल दिया, जिससे अब यह शो कानूनी विवादों काहिस्सा बन गया है। इसी बीच, रणवीर ने यह भी कहा कि इस शो में जाने के लिए उनसे पैसे नहीं लिए गए थे और उन्होंने केवल दोस्ती के कारण यह कदम उठाया। यहबयान उनके द्वारा अपनी गलती मानने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अपनी टिप्पणी को लेकर खेद जताया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों से पूछताछ जारी रखी है। रणवीर और समय रैनादोनों ही इस मामले में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और पुलिस को अपनी जानकारी दे रहे हैं। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद ने सोशल मीडिया और यूट्यूब समुदाय में एक बड़ा हंगामा मचा दिया है। लोग रणवीर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे हैंऔर उनकी जिम्मेदारी की मांग कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि क्या इसके पीछे किसी प्रकार का जानबूझकरभड़काऊ बयान देने का इरादा था, या यह सिर्फ एक बयान की भूल थी। आखिरकार, यह मामला बताता है कि सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों और वीडियोज का असर वास्तविक दुनिया पर कितना गहरा पड़सकता है। यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रभावशाली शख्सियतों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और उन्हें यह ध्यान रखना होगा किउनके शब्दों से किसी को अपमानित न किया जाए। रणवीर के इस विवाद के बाद अब यह देखना होगा कि पुलिस की जांच के बाद उनके खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इस मामले काकोई कानूनी परिणाम सामने आता है।