गुजरात नगर निकाय चुनावों में BJP को चैलेंज देना तो दूर, कांग्रेस तक का मुकाबला नहीं कर पाई AAP, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

गुजरात में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों के परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में अपनी पकड़मजबूत बनाए हुए है। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह कोशिश की गई कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात में भाजपा को कड़ी चुनौती दी है, लेकिन सच्चाई इससे बहुत अलग थी। चुनाव परिणामों के अनुसार, आम आदमी पार्टी न केवल भाजपा को चुनौती देने में असफल रही, बल्कि कांग्रेसतक से मुकाबला नहीं कर पाई। देवभूमि द्वारका जिले के सलाया नगरपालिका में तो उसे कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा, जहां मुसलमानों काबहुमत था और इस क्षेत्र में भाजपा ने अपनी स्थिति कमजोर पाई थी। हालांकि, यहां भी आम आदमी पार्टी केवल 13 सीटों तक ही सीमित रही, जबकि कांग्रेस ने 15 सीटों पर जीत हासिल की। इस चुनाव ने यह भी साबित किया कि मुसलमानों ने आम आदमी पार्टी से खासा समर्थन नहीं किया, जैसा कि पहले कई स्थानों पर देखने को मिला था, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन किया था। आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में 500 से अधिक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, लेकिन इन उम्मीदवारों में से केवल 27 ही जीत पाए, और कुलवोट प्रतिशत महज 4.28% था। यह आंकड़ा पार्टी के 2022 के विधानसभा चुनावों में मिले करीब 13% वोटों के मुकाबले बहुत ही निराशाजनकथा। यह साफ दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी को नगर निकाय चुनावों में गुजरात की जनता से जो उम्मीदें थीं, वो पूरी नहीं हो सकी। इसके विपरीत, कांग्रेस ने 2017 में अपने प्रदर्शन की तुलना में बेहतर स्थिति हासिल की। 2017 में जब कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में 78 सीटें जीती थीं, तब भीस्थानीय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद बेहतर प्रदर्शन किया, औरराज्य की राजनीति में अपना प्रभाव बरकरार रखा। दरअसल, कांग्रेस अब भी भाजपा के साथ मुख्य मुकाबला कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी काप्रदर्शन काफी कमजोर रहा है। बीजेपी ने 16 फरवरी को हुए मतदान के बाद राज्य की 68 नगर पालिकाओं में से 60 में जीत हासिल की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी कीस्थिति गुजरात में काफी मजबूत है। पार्टी ने कम से कम 15 नगरपालिकाओं में कांग्रेस से सत्ता छीन ली और खुद को राज्य में प्रमुख राजनीतिक ताकतके रूप में स्थापित किया। भाजपा के इस शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया कि राज्य में उसका राजनीतिक वर्चस्व किसी भी पार्टीके लिए चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, कांग्रेस ने एक नगरपालिका में जीत हासिल की, और समाजवादी पार्टी ने दो नगरपालिकाओं में सफलता पाई, लेकिन यह पार्टी के लिए बहुत सीमित उपलब्धि रही। बीजेपी के विजय रथ के सामने इन छोटे दलों का प्रदर्शन कोई महत्वपूर्ण असर नहीं डाल सका।कुल मिलाकर, भाजपा ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया कि गुजरात में उसकी सत्ता पर कोई भी गंभीर चुनौती देने की स्थिति में नहीं है, औरउसकी स्थिति राज्य की राजनीति में अडिग बनी हुई है।
1.25 लाख सरकारी नौकरी, 150 यूनिट फ्री बिजली और प्रति विधानसभा 10-15 करोड़, दीया कुमारी ने बजट में और क्या किया ऐलान

राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने अपने तीसरे बजट में राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सबसे पहले, उन्होंने राज्य केनागरिकों को महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से 150 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया। इस योजना को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनासे जोड़ा जाएगा, जिसके तहत लाभार्थी परिवारों के घरों पर सोलर प्लेट लगाए जाएंगे। जहां घरों में जगह नहीं होगी, वहां सामुदायिक सोलर प्लांटलगाए जाएंगे, जिससे बिजली की खपत पर कम से कम असर पड़े। इसके साथ ही, राज्य में 5 लाख नए घरेलू बिजली कनेक्शन और 5 हजार नएकृषि कनेक्शन देने का भी निर्णय लिया गया। इस कदम से राज्य में बिजली संकट को दूर करने और ग्रामीण इलाकों में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने कालक्ष्य है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का भी लक्ष्य रखा। राज्य में 10 गीगावाट के बिजली पावर प्लांट लगाएजाएंगे, और दूसरे राज्यों से महंगी बिजली खरीदने की प्रणाली को खत्म किया जाएगा। इसके अलावा, राम जल सेतु लिंक परियोजना को धरातल परउतारने का काम भी शुरू किया जाएगा, जिससे राज्य में पानी की आपूर्ति में सुधार होगा। इसके तहत दो लाख घरों में पानी के कनेक्शन और 425 करोड़ रुपए से अधिक के काम किए जाएंगे। पेयजल विभाग में 1050 नए तकनीकी पद भरे जाएंगे और अगले एक साल के भीतर 1500 हैंडपंप और1000 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इस प्रकार, राज्य में जल संकट को हल करने और पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए कई उपायों कीघोषणा की गई है। इसके साथ ही, दीया कुमारी ने राजस्थान की बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी कई योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने राज्य में 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वेबनाने की योजना बनाई है, जिसके तहत 2750 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। इस परियोजना का कुल लागत 5 हजार करोड़ रुपये सेअधिक होगा। इसके अलावा, 21 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा। विशेष रूप से मरुस्थलीय क्षेत्रों के लिए प्रति विधानसभा15 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1600 बसावटों को डामर सड़कों से जोड़ाजाएगा और 5 हजार से अधिक ग्रामीण कस्बों में सीमेंट कंक्रीट से सड़कों का निर्माण किया जाएगा। वित्त मंत्री ने 1,25,000 सरकारी नौकरियों कीघोषणा की, जो राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी सौगात है। इसके अलावा, पर्यटन और धार्मिक क्षेत्र के लिए भी कई योजनाएं बनाई गईं, जैसेआदिवासी धार्मिक स्थलों का विकास और वरिष्ठ नागरिकों के लिए धार्मिक यात्रा योजनाएं।
सीएम की रेस में मैं नहीं, आज शाम होगा फैसला’, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का बयान

दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह सवाल अब तक अनुत्तरित है, लेकिन इस सस्पेंस से पर्दा आज शाम उठने वाला है। दरअसल, भारतीयजनता पार्टी (बीजेपी) आज अपने विधायक दल की बैठक में दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएगी। इसके बाद, कल दिल्ली केरामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस बीच, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक बयान जारी करते हुए कहा, “आज शाम 7 बजे पार्टी के दो केंद्रीय पर्यवेक्षक दिल्लीविधायक दल के नेता का चयन करेंगे और सीएम के नाम की घोषणा करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी, कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री, पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व, ऑटो-रिक्शा चालक, मजदूर और नागरिक समाज के कुछ प्रमुख लोग शामिल होंगे।” वीरेंद्र सचदेवा ने स्पष्ट किया – सीएम की रेस में मैं नहींवीरेंद्र सचदेवा ने यह भी साफ कर दिया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री की रेस में उनका नाम नहीं है। बता दें कि दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की सरकारबन रही है, और ऐसे में पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा हो रही थी। वहीं, प्रवेश वर्मा भी अब इस रेस से बाहर हो गए हैं। अब देखना यह है किआखिरकार दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन बनेगा। सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे योगी आदित्यनाथदिल्ली के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि, उन्होंने दिल्ली में बीजेपीकी जीत पर बधाई दी है और बताया कि यूपी विधानसभा में कल बजट पेश होने के कारण वह शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंनेइसके लिए अनुमति भी मांगी, जिसे पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंजूरी दे दी है।केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति बीजेपी संसदीय बोर्ड ने आज शाम होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए रवि शंकर प्रसाद और ओम प्रकाश धनखड़ को केंद्रीय पर्यवेक्षकनियुक्त किया है। दिल्ली का नया मुख्यमंत्री कल दोपहर 12:30 बजे शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी समारोह स्थल पर 12:25 बजे पहुंचेंगे औरकार्यक्रम की शुरुआत तब होगी।शपथ ग्रहण समारोह की तैयारीस्पेशल सीपी (कानून-व्यवस्था) रविन्द्र सिंह यादव ने बताया, “शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं। पुलिस सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कोलेकर अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रही है। लगभग 15 डीसीपी ज़ोन के आधार पर तैनात होंगे। सुरक्षा और ट्रैफिक के लिए अलग-अलग अधिकारीनियुक्त किए गए हैं। प्रबंधकों और प्रशासन के साथ हमारी बैठक हो चुकी है।”
दिल्ली चुनाव बीत चुका है, अब कानून-व्यवस्था पर ध्यान दें”, बीजेपी पर मनीष सिसोदिया का आरोप

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 27 साल बाद सत्ता में लौटने जा रही है, और 20 फरवरी को नई सरकार का गठन होगा। इस बीच, आमआदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हाल ही में तिलक नगर में एक नाबालिग लड़की के यौनउत्पीड़न के मामले का हवाला देते हुए दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। बुधवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में महिलाओं के खिलाफअपराध लगातार बढ़ रहे हैं और अब अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं रह गया है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी ने चुनाव के दौरानकेवल अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ‘आप’ पर आरोप लगाए और अब जब चुनाव खत्म हो चुके हैं, तो उसे दिल्ली की बिगड़ी कानून-व्यवस्थापर ध्यान देना चाहिए।“अपराधी बेखौफ हैं, क्योंकि…” सिसोदिया ने आगे कहा, “दिल्ली में अपराधी बेखौफ हैं क्योंकि उन्हें यह समझ में आ गया है कि बीजेपी की प्राथमिकताएं केवल अरविंद केजरीवालऔर ‘आप’ पर आरोप लगाना और अपशब्द कहना हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अब बीजेपी को दिल्ली में कानून व्यवस्था सुधारने की दिशा में कामकरना चाहिए। दिल्ली में नई सरकार का गठन5 फरवरी को दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों में बीजेपी ने 70 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। वहीं, आमआदमी पार्टी को केवल 22 सीटें मिलीं। 20 फरवरी को दिल्ली में नए मुख्यमंत्री का नाम घोषित किया जाएगा। आज शाम बीजेपी विधायक दल कीबैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, और उसके बाद 21 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजितकिया जाएगा, जिसमें नए मुख्यमंत्री और उनका मंत्रिमंडल शपथ लेंगे।
घोटालों में शामिल लोगों को भारत रत्न देने का कोई प्रावधान नहीं’, जेडीयू ने तेजस्वी पर कसा तंज

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यू) ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव द्वारा अपने पिता और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को भारत रत्नदिए जाने की वकालत करने को मंगलवार को ‘हास्यास्पद’ करार दिया। जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुएकहा, “लालू प्रसाद के बेटे द्वारा उनके लिए भारत रत्न की मांग करना हास्यास्पद है। वह (तेजस्वी यादव) अपने परिवार से बाहर नहीं देख पा रहे हैं।” उन्होंने कहा, “भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो केवल उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने देश के लिए अभूतपूर्व योगदान दियाहो, न कि उन लोगों को जो घोटालों में शामिल रहे हों।” राजीव रंजन ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव को यह समझना चाहिए कि महान व्यक्तियों को ही भारत रत्न से सम्मानित किया जाता है, और घोटालों मेंलिप्त लोगों को यह पुरस्कार नहीं दिया जाता। नीरज कुमार ने भी की आलोचनाजनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधान पार्षद और प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी तेजस्वी यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “अगरभ्रष्टाचार और जेल की सजा काटने के लिए कोई पुरस्कार होता तो लालू जी निश्चित रूप से इसके लिए प्रयास कर सकते थे।” उन्होंने यह भी कहा किलालू प्रसाद को चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया है, और इसके अलावा रेलवे में होटलों के लिए भूमि घोटाले और नौकरियों के लिए भूमि घोटाले मेंभी उनका नाम जुड़ा है।तेजस्वी यादव का भारत रत्न के लिए बयान राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा में पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि के मौके पर एक समारोहको संबोधित करते हुए दावा किया था, “आज कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुश करने के लिए लालू जी को गाली दे रहे हैं, लेकिन एक दिनवही लोग लालू जी के लिए भारत रत्न की मांग करेंगे।” तेजस्वी यादव ने अपने पिता को समाज के वंचितों की आवाज उठाने के कारण ‘भारत रत्न’ के हकदार बताया। उन्होंने कहा, “लालू प्रसाद और राबड़ीदेवी ने कर्पूरी ठाकुर के द्वारा किए गए आरक्षण के कार्य को आगे बढ़ाया और इसे 18 प्रतिशत तक बढ़ाया। इसके बाद भाजपा ने आज तक आरक्षणनहीं बढ़ाया।” उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों बाद, भाजपा ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया, और यह समाजवाद की ताकत का प्रतीकहै।विधानसभा चुनाव की तैयारी तेजस्वी यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने का जिम्मा मेरे कंधों पर है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि केवल वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध उम्मीदवारों को ही मौकामिले।”
महाकुंभ: त्रिवेणी के पानी की गुणवत्ता पर CM योगी का जवाब, बोले- नहाने और आचमन दोनों के योग्य है जल

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भव्य महाकुंभ मेला जारी है, जिसमें लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस बीच, विपक्षी दलों कीओर से त्रिवेणी संगम के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब खुद इन सवालों का जवाबदिया है और कहा कि संगम का पानी न केवल नहाने के लिए बल्कि आचमन करने के लिए भी उपयुक्त है।शिवपाल यादव ने उठाए थे सवाल समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को त्रिवेणी संगम के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक न्यूज रिपोर्टका हवाला देते हुए लिखा, “महा कुंभ में गंगा स्नान से पहले पानी शुद्ध करने के सरकारी दावों की पोल खुल गई! CPCB रिपोर्ट में कहा गया है किपानी में फ़ीकल बैक्टीरिया निर्धारित सीमा से ज्यादा है। अब भक्त सोच रहे हैं – ये डबल इंजन सरकार है या डबल इंफेक्शन सरकार?”सीएम योगी का जवाब पानी की गुणवत्ता पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा, “त्रिवेणी के पानी की गुणवत्ता पर उठाए गए सवालों का उत्तरदेते हुए मैंने कहा है कि संगम और उसके आसपास के सभी पाइप और नालों को टेप कर दिया गया है और पानी को शुद्ध करने के बाद ही छोड़ा जारहा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानी की गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है। आज की रिपोर्ट के अनुसार संगम के पास BOD (बायोलॉजिकलऑक्सीजन डिमांड) की मात्रा 3 से कम है और घुलित ऑक्सीजन 8-9 के आसपास है। इसका मतलब यह है कि संगम का पानी न केवल नहाने केलिए, बल्कि आचमन के लिए भी उपयुक्त है।” महाकुंभ को बदनाम करने के लिए झूठा अभियान – सीएम योगीसीएम योगी ने आगे कहा, “फेकल कोलीफॉर्म बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे सीवेज लीकेज और जानवरों का मल, लेकिन प्रयागराज में फेकलकोलीफॉर्म की मात्रा मानकों के अनुसार 2,500 MPN प्रति 100 ml से कम है। इसका मतलब यह है कि झूठा अभियान महाकुंभ को बदनाम करनेके लिए चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कहा है कि फेकल अपशिष्ट 2000 MPN प्रति 100 ml से कम था।”
ऋषि सुनक ने परिवार के साथ PM मोदी से की मुलाकात, प्रधानमंत्री ने शेयर की तस्वीरें

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें उनका परिवार भी शामिल था। इस मुलाकात के दौरान पीएममोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा की और लिखा, “ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनके परिवार से मिलकर खुशीहुई। हमारे बीच कई विषयों पर शानदार बातचीत हुई। सुनक भारत के अच्छे मित्र हैं और भारत-ब्रिटेन संबंधों को और मजबूत बनाने के इच्छुक हैं।”संसद भवन का दौरा संसद भवन का दौराइससे पहले, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति और दोनों बेटियों के साथ संसद भवन का दौरा करने पहुंचे। इस दौरानउनके साथ राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति भी मौजूद थीं। लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। ऋषि सुनक ने संसद भवन कीगैलरी, चैंबर और संविधान हॉल का दौरा किया और इसकी वास्तुकला एवं भव्यता की सराहना की।वित्त मंत्री से मुलाकात वित्त मंत्री से मुलाकातऋषि सुनक ने भारत दौरे के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने नए अवसरों पर चर्चा की, जिनसेभारत और ब्रिटेन के बीच बाजार आधारित वित्तीय संबंधों को और मजबूत किया जा सके और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिल सके। वित्त मंत्रालय ने’एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया, “केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की।” पोस्ट में कहा गया कि दोनों नेताओं ने आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से राष्ट्रमंडल के माध्यम से, नए अवसरों पर चर्चा की, ताकिवैश्विक दक्षिण को लाभ मिल सके।
छत्रपति शिवाजी जयंती: राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा कि भड़क गए एकनाथ शिंदे, यहां जानें

छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हर साल 19 फरवरी को मनाई जाती है। महाराष्ट्र समेत पूरे भारत में उन्हें सम्मान और श्रद्धा से याद किया जाताहै। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई अन्य नेताओं ने शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। हालांकि, कांग्रेस सांसद और लोकसभामें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्रपति शिवाजी की जयंती पर किए गए ट्वीट में एक गलती कर दी, जिसके कारण वह विवादों में घिर गए हैं। राहुल गांधी ने क्या कहा?राहुल गांधी ने छत्रपति शिवाजी की जयंती पर अपने ट्वीट में लिखा, “छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन और अपनी विनम्रश्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। अपने साहस और शौर्य से उन्होंने हमें निडरता और समर्पण के साथ आवाज़ उठाने की प्रेरणा दी। उनका जीवन हम सभी केलिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।” एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी पर निशाना साधाराहुल गांधी के इस ट्वीट पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राहुल गांधी ने जानबूझकर यह गलती की है। वे हमेशामहाराष्ट्र के महापुरुषों का अपमान करते हैं। वीर सावरकर का भी अपमान करते हैं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने न केवल छत्रपतिशिवाजी महाराज का बल्कि पूरे महाराष्ट्र और शिवप्रेमियों का अपमान किया है।” एकनाथ शिंदे ने यह भी कहा कि स्वरा भास्कर, कमाल खान औरराहुल गांधी जैसे लोग, जो महापुरुषों का अपमान कर रहे हैं, उनकी निंदा की जानी चाहिए। प्रसाद लाड ने राहुल गांधी पर देशद्रोह का आरोप लगायाराहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र भाजपा के नेता प्रसाद लाड ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमाचलना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब पूरे देश के आराध्य देवता, छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मदिन पर सम्मान और श्रद्धांजलि देने की उम्मीद थी, ऐसेमें राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि के शब्द का उपयोग कर महाराष्ट्र और मराठी लोगों की अवमानना की है। राहुल गांधी को तुरंत अपना ट्वीट वापस लेनाचाहिए और महाराष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए।”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान: पार्टी की विचारधारा, चुनावी धोखाधड़ी और सरकार की नाकामी पर फोकस

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज AICC General Secretaries और Incharges की बैठक में अपने प्रारंभिक वक्तव्य मेंपार्टी की आगामी रणनीतियों और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विचार साझा किए। उनके भाषण में उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला, जो आगामी चुनावों और संगठन के भविष्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धताखड़गे ने बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध लोगों को ही आगे बढ़ाना चाहिए। उनका कहना था कि जोलोग विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़े रहते हैं, उन्हें संगठन में प्रमुख भूमिका मिलनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे लोगपार्टी को मजबूती प्रदान करते हैं और उनके नेतृत्व में आगे बढ़ने से कांग्रेस को सशक्त बनाया जा सकता है। संगठनात्मक उत्तरदायित्वबैठक में उन्होंने AICC के सभी जनरल सेक्रेटरी और Incharges से संगठन के प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही की बात की। खड़गे ने कहा कि हर राज्य केसंगठन और आगामी चुनाव परिणामों के लिए सभी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी समय में एक मजबूत संगठन कानिर्माण प्राथमिकता होगी। “संविधान बचाओ अभियान” की अहमियतखड़गे ने यह भी बताया कि कांग्रेस का “संविधान बचाओ अभियान” अगले एक वर्ष तक चलेगा, जिसमें पदयात्रा, संवाद, और कॉर्नर मीटिंग्स जैसीगतिविधियाँ शामिल होंगी। उनका कहना था कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य संगठन को सशक्त करना और जन जागरूकता फैलाना है। चुनावी धोखाधड़ी और मतदाता सूची में हेरफेरआधुनिक चुनावों में हो रही Voter List Manipulation पर खड़गे ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि इन दिनों चुनावों से पहले BJP के समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और नए वोटर जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में उठाए गए इस मुद्दे का हवालादिया और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से इस धांधली को रोकने की अपील की। मोदी सरकार की विफलताकांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार की नीतियों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी को देश के स्थायी मुद्दे के रूप में उठाया और कहाकि इस मामले में मोदी सरकार पूरी तरह से विफल रही है। इसके अलावा, विदेश नीति और आर्थिक मुद्दों पर भी खड़गे ने सरकार की आलोचना की।उनका कहना था कि अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों में सरकार ने भारत के हितों की अनदेखी की और इसके खिलाफ कोई ठोस विरोध नहींकिया। आने वाले पांच वर्षों के लिए कांग्रेस का रोडमैपखड़गे ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य जन मुद्दों को लेकर संघर्ष और जन आंदोलन करना होगा, जिससे पार्टी मुख्य विपक्षकी भूमिका में उभर सके। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पार्टी की लोकप्रियता बढ़ेगी और लोग कांग्रेस को अपनी पहली पसंद के रूप में देखेंगे।