"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं से CM योगी की खास अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ में आ रहे श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात और स्वच्छता व्यवस्था बनाएरखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि महाकुंभ आस्था का महापर्व है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आकर त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगानेके लिए उत्साहित रहते हैं। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा न करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें, जिससे न केवलयातायात व्यवस्था सुचारु रहेगी, बल्कि त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने का भी सभी को सुगम अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि महाकुंभ एकअद्भुत अवसर है, जिसमें पूरी दुनिया की आस्था एक साथ एकत्रित होती है। हर व्यक्ति का सकारात्मक सहयोग इस आयोजन की सफलता को कईगुना बढ़ा सकता है। सामूहिक जिम्मेदारी की अपीलमुख्यमंत्री ने महाकुंभ की स्वच्छता को लेकर भी अहम अपील की। उन्होंने संतों, आश्रमों और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं से अनुरोध किया किवे भंडारे और प्रसाद वितरण की पवित्र व्यवस्था अनवरत जारी रखें, ताकि सभी श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता बनाएरखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और यह तभी संभव है जब हर व्यक्ति स्वयं स्वच्छता का पालन करे और अन्य लोगों को भी इसके लिएप्रेरित करे। कल भी वंदे भारत विशेष ट्रेन की सुविधाउत्तर रेलवे ने 17 फरवरी को भी वंदे भारत विशेष ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। इस विशेष ट्रेन का संचालन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच हो रहाहै और यह प्रयागराज के रास्ते से होकर गुजरेगी। वंदे भारत ट्रेन संख्या- 02252 नई दिल्ली से सुबह 5.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन प्रयागराज होतेहुए दोपहर 12.00 बजे वहां से निकलकर 2.20 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में, वंदे भारत ट्रेन संख्या 02251 वाराणसी से दोपहर 3.15 बजेचलेगी और प्रयागराज होते हुए रात 11.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का अस्पताल दौरा: घायल श्रद्धालुओं से मिले

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और एल.एन.जे.पी. अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने ट्रेन चढ़ने केदौरान घायल हुए श्रद्धालुओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों की स्थिति का जायजा लिया और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्तकी। सचदेवा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने डॉक्टरों और अधिकारियों से बात की है और उन्हें उचितनिर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने विभिन्न अस्पतालों में एक बड़ा मेडिकल दल तैनात किया है, ताकि घायलोंको त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल सके। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, “हमारी प्राथमिकता घायलों की देखभाल करना और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करना है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभीघायल श्रद्धालुओं को उचित चिकित्सा सुविधा मिले।” उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे ने प्रयागराज के लिए तीन विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लियाहै, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। इस घटना के बाद, भाजपा ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।सचदेवा ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घायलों की सहायता में कोईकमी न रखें। इस प्रकार, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का यह दौरा न केवल घायलों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार इससंकट के समय में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़: हादसा नहीं, नरसंहार हुआ है- सुप्रिया श्रीनेत

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ केवलएक हादसा नहीं, बल्कि एक नरसंहार था। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और प्रशासन की नाकामी ने इस त्रासदी को जन्म दिया, जिसमें 18 लोगों की मौतहो गई, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। यह घटना रेल प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा की विफलता को उजागर करती है। प्रशासन की नाकामीरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की चुप्पी और मृतकों के आंकड़ों को छिपाने की कोशिशें इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षानहीं, बल्कि अपनी छवि बचाना है। जब लोग भगदड़ में दम तोड़ रहे थे, तब रेल मंत्री आंकड़ों को छिपाने में व्यस्त थे। यह न केवल शर्मनाक है, बल्कियह भी दर्शाता है कि सरकार आम जनता की जान की कीमत नहीं समझती। चश्मदीदों की गवाही: दिल दहला देने वाला मंजरप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन पर का दृश्य भयावह था। श्रद्धालु कुंभ की ट्रेन पकड़ने आए थे, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने उन्हें मौत के मुंह मेंधकेल दिया। कुलियों ने शवों को लादकर बाहर निकाला, और अस्पतालों में लाशों का अंबार लग गया। यह मानवता के खिलाफ अपराध है, जिसेनजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुरक्षा के इंतजाम नदारद15 फरवरी को हर घंटे 1500 जनरल टिकट बेचे जा रहे थे, जिससे स्पष्ट था कि भारी भीड़ स्टेशन पर आने वाली थी। फिर भी, प्रशासन ने भीड़नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। क्या पर्याप्त पुलिस बल तैनात था?क्या समय पर अनाउंसमेंट किए गए थे?क्या प्लेटफॉर्म बदलने की सूचना श्रद्धालुओं को दी गई थी?इन सभी सवालों के जवाब देने की जिम्मेदारी किसकी है? सरकार की जिम्मेदारी: लापरवाही की पराकाष्ठाइस घटना के बाद, सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। जनता को ही दोषी ठहराने का प्रयास किया गया। यह स्पष्ट है किइस सरकार में आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है। अगर सरकार को सच में उनकी सुरक्षा की चिंता होती, तो भीड़ नियंत्रण के उचित प्रबंधकिए जाते।यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी ही होगी।