दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने सीएमओ एक्स पोस्ट पर उठाए सवाल, उपराज्यपाल से कार्रवाई की मांग

अरविंद केजरीवाल पर ‘सीएमओ दिल्ली’ को निजी खाता बनाने का आरोप, बीजेपी ने उठाए सवालदिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर सरकारी एक्स पोस्ट (पूर्व में ट्विटर) खाते “सीएमओ दिल्ली” को निजी एक्स पोस्ट मेंबदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस खाते का नाम बदलकर “केजरीवाल एट वर्क” किए जाने की निंदा की है और इसे डिजिटल लूट करार दिया।सरकारी खाते को निजी बनाने का गंभीर आरोपवीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि “सीएमओ दिल्ली” खाता सरकारी धन से बनाया और बढ़ाया गया था। यह खाता लाखों लोगों से मुख्यमंत्री कार्यालय केरूप में जुड़ा था। इसे अचानक निजी खाता बनाकर केजरीवाल ने न सिर्फ डिजिटल संपत्ति का दुरुपयोग किया बल्कि लोगों की निजी जानकारी को भीखतरे में डाला। घोटालों की सरकार से डिजिटल लूट तक का सफरसचदेवा ने केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने राशन कार्ड, ऑटो परमिट, शराब और शीशमहल जैसे कई घोटालेकिए। अब हार के बाद डिजिटल लूट का नया मामला सामने आया है। उन्होंने इसे अभूतपूर्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया। उपराज्यपाल से जांच की मांगदिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने उपराज्यपाल से अपील की है कि वह “सीएमओ दिल्ली” खाते को निजी बनाने के मामले में आईटी और सोशल मीडियाविभाग से रिपोर्ट मांगें। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल संपत्ति को वापस सरकारी नियंत्रण में लाना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। केजरीवाल की कार्रवाई पर हो कानूनी जांचसचदेवा ने कहा कि यह कदम जनता के भरोसे का उल्लंघन है और कानूनी रूप से इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे साफ है किकेजरीवाल सत्ता और संसाधनों का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। बीजेपी ने इसे जनता से धोखा बतायादिल्ली बीजेपी ने इस मामले को जनता के साथ धोखा करार दिया और इसे सत्ता से जुड़े डिजिटल संसाधनों के दुरुपयोग का सबसे बड़ा उदाहरणबताया। पार्टी ने इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की भी मांग की।
दिल्ली में आयुष्मान योजना लागू करने की मांग तेज, भाजपा ने उठाए बड़े सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में आयुष्मान योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ और सस्ता बनाना है।इसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए 2406 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। योजना के तहत 1139 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 11 जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं, और 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित किए जाने थे। विजेंद्र गुप्ता ने की योजना लागू करने की अपीलदिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे विजेंद्र गुप्ता ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली में आयुष्मान योजना को लागू करने कीमांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने राजनीतिक कारणों से दिल्ली में इस योजना को लागू नहीं होने दिया, जिससेराजधानी के लाखों लोग इसके लाभ से वंचित रह गए। भाजपा सरकार की प्राथमिकता में योजनाहाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद भी भाजपा सरकार का गठन अभी लंबित है। हालांकि, विभागों को पहलेही अपनी कार्य योजनाएं तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अब जबकि आम आदमी पार्टी सत्ता से बाहर हो चुकी है, तोआयुष्मान योजना को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। दिल्ली को मिला था बड़ा बजटआयुष्मान योजना के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली को 2406 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिएडॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और 738 अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को शामिल किया गया है। यह कदम दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचेको मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा को लेकर भाजपा का संकल्पभाजपा ने दिल्ली के विकास को गति देने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है। सरकार के गठन के बाद, आयुष्मान योजनाको प्राथमिकता में रखते हुए जल्द लागू किया जा सकता है। इससे न केवल दिल्ली के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राष्ट्रीयराजधानी का स्वास्थ्य ढांचा भी मजबूत होगा।
ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की से की बातचीत, युद्ध समाप्ति के लिए वार्ता पर जोर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अलग-अलग फोन परबातचीत की। इस चर्चा का उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने के लिए वार्ता प्रक्रिया शुरू करना था। हाल ही में राष्ट्रपति पद संभालने केबाद, ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपनी कूटनीतिक पहल की शुरुआत की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि उन्होंने पुतिन और जेलेंस्की से बातचीत के दौरान अपनी-अपनी टीमों को वार्ता शुरू करनेका निर्देश दिया है। ट्रंप ने कहा, “यह हमारी प्राथमिकता है कि यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो।”पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का निमंत्रण दियारूस और यूक्रेन के नेताओं से ट्रंप की यह बातचीत करीब डेढ़ घंटे चली। क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को में मुलाकात के लिए निमंत्रणदिया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार किया है। दूसरी ओर, जेलेंस्की के कार्यालय ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति और ट्रंप के बीच बातचीत एक घंटे तक चली, जिसमें युद्ध समाप्ति के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। अमेरिका ने यूक्रेन की सीमाओं पर दिए संकेतअमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को ब्रुसेल्स में नाटो मुख्यालय में कहा कि 2014 से पहले की यूक्रेनी सीमाओं पर लौटना एक अवास्तविकलक्ष्य है। उन्होंने कहा, “इस उद्देश्य को हासिल करने की कोशिश से युद्ध लंबा खिंच सकता है और इससे और अधिक नुकसान होगा।” उन्होंने यह भीस्पष्ट किया कि अमेरिका यूक्रेन को नाटो सदस्यता में शामिल करने को लेकर त्वरित कदम नहीं उठाएगा। युद्ध समाप्ति के लिए बातचीत में नई दिशाफरवरी 2022 से शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध के शुरुआती महीनों के बाद अब तक कोई शांति वार्ता नहीं हुई है। ट्रंप के नेतृत्व में यह पहली बार है कि इसयुद्ध को समाप्त करने के लिए एक ठोस वार्ता शुरू करने की दिशा में कदम उठाया गया है। अमेरिकी शिक्षक की रिहाई से रूस-अमेरिका संबंधों में सुधाररूस ने हाल ही में अमेरिकी शिक्षक मार्क फोगेल को रिहा किया है। व्हाइट हाउस ने इसे कूटनीतिक सफलता करार दिया, जो मॉस्को के साथ संबंधसुधारने और युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को मजबूती देगी। ट्रंप ने एक अन्य अमेरिकी नागरिक की रिहाई का भी संकेत दिया है, लेकिन उसका नामअभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। कैदियों का आदान-प्रदान: संबंधों में नई उम्मीदअमेरिकी और रूसी अधिकारियों के बीच हुए कैदियों के आदान-प्रदान ने कूटनीतिक बातचीत का एक सकारात्मक संकेत दिया है। ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षासलाहकार माइकल वाल्ट्ज ने कहा कि यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदमहै। रूस की ओर से कहा गया कि अमेरिका में एक रूसी नागरिक की रिहाई के बदले में यह आदान-प्रदान हुआ। यह घटनाक्रम रूस और यूक्रेन के बीच जारी लंबे युद्ध में शांति स्थापना के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस वार्ताप्रक्रिया से जुड़ी और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए आनंद शुक्ला, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से प्रेरित होकर लिया बड़ा फैसला

लखनऊ: भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता आनंद शुक्ला उर्फ राजा भैया ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करली। वे अपने कई साथियों के साथ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय और जॉइनिंग इंचार्ज नितिन शर्मा कीउपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए। इस दौरान उनका स्वागत पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम देव सिंह ने किया। कांग्रेस की विचारधारा से प्रेरित हुएआनंद शुक्ला ने कांग्रेस की नीतियों और समावेशी विचारधारा की प्रशंसा की। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस केकार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का वादा किया। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों को मजबूत करने के लिए अपना योगदान देने की प्रतिबद्धताजताई। अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कीआनंद शुक्ला के साथ कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। इनमें सूर्य प्रसाद दीक्षित, विनीत कुमार, ऋतु शर्मा, उमाकांत बाजपेई, अर्जुन शुक्ला, ज्योति दीक्षित और अजीत शुक्ला पिंटू जैसे नाम शामिल हैं। सभी ने कांग्रेस की विचारधारा और नेतृत्व में अपना विश्वास व्यक्त किया। कांग्रेस के संघर्षों से मिली प्रेरणाआनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा जनहित के मुद्दों पर सड़क से लेकर संसद तक किए जा रहे संघर्षों नेउन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कांग्रेस के सिद्धांतों और नीतियों पर विश्वास जताते हुए पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।
आदित्य ठाकरे का बयान: लोकतंत्र खतरे में, विपक्ष को मिलकर लड़ने की जरूरत

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बादअपनी दिल्ली यात्रा के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में अब लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी सेमुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। आदित्य ने कहा, “जो कुछ शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ हुआ है, वही भविष्य में नीतीश कुमार, आरजेडी और चंद्रबाबू नायडू के साथ भी हो सकता है।” चुनाव आयोग पर उठाए सवालआदित्य ठाकरे ने कहा कि अब देश में चुनाव निष्पक्ष नहीं रहे। उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने दिल्ली और अन्यराज्यों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर की। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली चुनावों में जनता का मताधिकार छीना गया, और बीजेपी कोचुनाव आयोग का समर्थन मिला। आदित्य ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव आयोग के सहारे दिल्ली चुनावों में जीत हासिल की। देश के लोकतंत्र को खतरा”आदित्य ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र अब निष्पक्ष नहीं है। विपक्षी सांसदों को मिलकर इस स्थिति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने केजरीवाल की 10 साल की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कहा कि जनता उनके काम को पहचानती है, लेकिन बीजेपी ने चुनाव आयोग के जरिए चुनावी प्रक्रिया कोप्रभावित किया। बीजेपी ने किया पलटवारआदित्य ठाकरे की दिल्ली यात्रा पर बीजेपी ने तंज कसा। महाराष्ट्र बीजेपी की नेता चित्रा वाघ ने ठाकरे की कांग्रेस और आप नेताओं से मुलाकात परकटाक्ष करते हुए कहा कि “जूनियर पप्पू” अब “सीनियर पप्पू” से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट बालासाहेब ठाकरेके हिंदुत्ववादी विचारों से भटक गया है और अब कांग्रेस के सामने झुक रहा है। इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर जोरठाकरे ने इंडिया गठबंधन की एकता पर जोर दिया और कहा कि इसका नेतृत्व सामूहिक है। यह लड़ाई व्यक्तिगत लाभ या अहंकार की नहीं, बल्किदेश के भविष्य की है। आदित्य ने केजरीवाल की हार के बाद उनसे मुलाकात करने वाले पहले विपक्षी नेता होने पर संजय सिंह का आभार व्यक्तकिया। महाराष्ट्र की राजनीति में उबालआदित्य ठाकरे की दिल्ली यात्रा ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट से कई नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होरहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति और गरमा गई है, और बीजेपी ने ठाकरे गुट की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का भविष्य क्या होगा?आदित्य ठाकरे ने विपक्षी दलों को सलाह दी कि उन्हें अब यह तय करना होगा कि उनका अगला कदम क्या होगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फएक पार्टी की नहीं, बल्कि सभी विपक्षी दलों के अधिकार और लोकतंत्र बचाने की है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर आम आदमी पार्टी का विरोध, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने वक्फ संशोधन विधेयक में विपक्ष की आपत्तियों को अनदेखा करने के लिए भाजपा पर तीखा हमला किया है। पार्टीके वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट कोनजरअंदाज कर उसका मजाक उड़ाया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष की राय को दरकिनार कर लोकतंत्र का अपमान कर रही है। विपक्ष की आपत्तियों को किया नजरअंदाजसंजय सिंह ने कहा कि वक्फ बोर्ड पर बनी जेपीसी में विपक्ष के सदस्यों ने रिपोर्ट पर असहमति दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा, “जेपीसी का सदस्य होने केनाते हमने अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन उसे शामिल नहीं किया गया। लोकतंत्र में सभी पार्टियों को अपनी राय रखने का अधिकार है। भाजपा कोइससे सहमत या असहमत होने का हक है, लेकिन रिपोर्ट को कूड़ेदान में डालना गलत है। यह इतिहास में दर्ज किया जाएगा और हमें माफ नहीं कियाजाएगा।” धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जे का आरोपसंजय सिंह ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “आज ये लोग वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा कर रहे हैं। कल ये गुरुद्वारों, मंदिरों और चर्चों कीजमीनों पर कब्जा करेंगे। इसके बाद ये सारी संपत्तियां अपने पूंजीपति दोस्तों को सौंप देंगे।” उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को जनता और विविधधार्मिक समुदायों के खिलाफ बताया। लोकतंत्र और विविधता पर हमलासंजय सिंह ने राज्यसभा में अपने बयान में कहा कि भारत विविधता में एकता का देश है, जहां हर धर्म के लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताओं केअनुसार पूजा-अर्चना करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “यह शुरुआत है, जो आगे चलकर धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जे तक पहुंच सकती है।भाजपा की नीतियां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और इनसे देश की विविधता को नुकसान पहुंचेगा।” विपक्ष का विरोध जारी रहेगाआम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि भाजपा की वक्फ बोर्ड से जुड़ी नीतियों और संशोधन विधेयक के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। पार्टी नेसरकार से आग्रह किया कि विपक्ष की आपत्तियों पर विचार कर लोकतंत्र के प्रति सम्मान दिखाए।
60 साल पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा नया इनकम टैक्स बिल 2025, करदाताओं को मिलेगी बड़ी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया, जिसे 7 फरवरी 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी।यह बिल लगभग 60 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा और टैक्स सिस्टम को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने काउद्देश्य रखता है। इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जैसे ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’ की अवधारणा को अपनाया गया है, जो हर साल 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की अवधि होगी। यदि कोई नया व्यवसाय या पेशा शुरू किया जाता है, तो उसका टैक्स ईयर व्यवसाय शुरू होने की तारीख सेलेकर वित्तीय वर्ष के अंत तक चलेगा। इस नए विधेयक में पुराने 823 पन्नों की तुलना में सिर्फ 622 पन्नों में कानूनी भाषा को सरल और छोटा बनाया गया है। पुराने कानून के 298 सेक्शन्स को बढ़ाकर 536 कर दिया गया है, जबकि शेड्यूल्स की संख्या 14 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है। क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटलएसेट्स पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिससे इन्हें अनडिस्क्लोज्ड इनकम की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके साथ ही, टैक्सपेयर्स चार्टर भी जोड़ागया है, जो करदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और टैक्स प्रशासन को पारदर्शी बनाएगा। नए बिल में टैक्स स्लैब को भी संशोधित किया गया है। अब 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि 4-8 लाख तक 5%, 8-12 लाख तक 10%, 12-16 लाख तक 15%, 16-20 लाख तक 20%, 20-24 लाख तक 25%, और 24 लाख से अधिक आय पर 30% टैक्सलगाया जाएगा। पहले नो-टैक्स सीमा 7 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहतमिलेगी। पुराने आयकर अधिनियम 1961 में कई समस्याएं थीं। यह कानून जटिल, कठिन और अनुपालन प्रक्रिया में बोझिल हो गया था। टैक्स विवादों कानिपटारा धीमा और पेचीदा था। इसके अलावा, यह डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं था। इसलिए, सरकार ने इस नएबिल को लाकर टैक्स सिस्टम को आसान, पारदर्शी और समयानुकूल बनाने का प्रयास किया है। यह विधेयक मध्यम वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि उनकी आय पर टैक्स का बोझ कम होगा। साथ ही, टैक्स फाइलिंग प्रक्रियाको सरल बनाया गया है और डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोत्साहन मिलेगा। नए समाधान तंत्र से टैक्स विवादों का निपटारा जल्दी हो सकेगा। डिजिटलभुगतान और व्यापार को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों के साथ, यह बिल भारतीय अर्थव्यवस्था को आधुनिक और समावेशी बनाने में मदद करेगा।