"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

ईवीएम डेटा सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगी प्रक्रिया की जानकारी

देश की सर्वोच्च अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से पूछा कि चुनाव समाप्तहोने के बाद ईवीएम के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) क्या है। एडीआर ने दाखिल की याचिकायह याचिका एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने दायर की है। याचिका में यह मांग की गई है कि ईवीएम की मेमोरी को समाप्त करने केलिए एक स्पष्ट नीति तैयार की जाए। साथ ही, इसमें ईवीएम में डेटा को सुरक्षित रखने और किसी भी छेड़छाड़ की आशंका को खत्म करने के निर्देशदिए जाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशचीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि ईवीएम से कोई भी डेटा न हटाया जाए और न ही मशीनमें दोबारा डेटा लोड किया जाए। अदालत ने यह भी पूछा कि चुनाव के बाद ईवीएम की मेमोरी और माइक्रोकंट्रोलर को नष्ट करने की प्रक्रिया क्या है। ईवीएम की जांच नीति की मांगएडीआर के साथ-साथ हरियाणा कांग्रेस नेता सर्व मित्तर और करण सिंह दलाल द्वारा दाखिल याचिकाओं में यह भी मांग की गई है कि जली हुई मेमोरीऔर माइक्रोकंट्रोलर की जांच के लिए एक नीति बनाई जाए। याचिका में कहा गया है कि ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका और चुनावी नतीजों कीपारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए, इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने एआई एक्शन समिट में किया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक प्रभाव और सामूहिक प्रयासों का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में आयोजित ‘एआई एक्शन समिट’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यापक प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहाकि एआई के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों को सुधारकरसमाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। एआई के सरल और व्यावहारिक उपयोगप्रधानमंत्री ने एआई के सरल उपयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी मेडिकल रिपोर्ट एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड करता है, तो यह रिपोर्ट को आसानी से समझने योग्य बना सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर एआई से बाएं हाथ से लिखने वाले व्यक्ति की छविबनाने को कहा जाए, तो संभव है कि वह दाहिने हाथ से लिखने वाले का चित्र तैयार कर दे। राजनीति और समाज पर एआई का प्रभावमोदी ने बताया कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को तेजी से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रौद्योगिकी के प्रभाव कोसंतुलित करने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। इसके साथ ही एआई को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए मानकोंऔर नियमों का निर्माण भी जरूरी है। नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वानप्रधानमंत्री ने कहा कि एआई का शासन केवल जोखिमों को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह नवाचार को प्रोत्साहित करने और इसेवैश्विक भलाई के लिए उपयोग करने का एक जरिया भी होना चाहिए। उन्होंने नवाचार और शासन पर गहराई से चर्चा करने और पारदर्शिता को बढ़ावादेने की बात कही। प्रधानमंत्री ने एआई के बेहतर उपयोग और इसके वैश्विक प्रभाव को प्रबंधित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

नागपुर में सड़क हादसा: कार समेत तीन लोग कुएं में समाए, सुरक्षा उपायों की पोल खुली

देशभर में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या ने सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों को परेशान कर रखा है। हादसों को कम करने के लिए केंद्रीयसड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा ‘सड़क सुरक्षा’ अभियान जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन दुर्घटनाओं में कमी अभी भी नहीं हो रही है। नागपुर में दर्दनाक हादसानागपुर के बुटीबोरी इलाके में 10 फरवरी की रात एक गंभीर हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। रात के अंधेरे में गाड़ी चलाना सीखते समय एकनवसिखिया चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार एक खुले कुएं में जा गिरी। सुरक्षा जाली की अनुपस्थिति के कारण यह हादसा औरभी घातक साबित हुआ। सुरक्षा जाली न होने से तीन लोगों की मौतघटना में तीनों व्यक्तियों की डूबने से मौत हो गई। हादसे की तस्वीरें घटना की गंभीरता को दर्शाती हैं। तीनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिएभेजा गया है। रात 11:30 बजे के आसपास हुआ हादसाप्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार रात तीन युवक कार में सवार होकर एमआईडीसी की ओर जा रहे थे। रात 11 से 11:30 बजे के बीच चालक नेनियंत्रण खो दिया और कार सीधे कुएं में गिर गई। कुएं में पानी भरा होने के कारण तीनों बाहर नहीं निकल सके। स्थानीय निवासियों ने बचाव कार्य में दी मददघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय नागरिकों की मदद से कार को कुएं से बाहर निकालागया। हालांकि, तब तक कार में फंसे तीनों व्यक्तियों की मौत हो चुकी थी। बिना सील किए कुएं बने मौत का कारणप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक गाड़ी चलाना सीख रहा था और नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह दुर्घटना हुई। इस घटना के बाद बुटीबोरीक्षेत्र में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बिना सील किए कुओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सड़क सुरक्षा पर सवालयह हादसा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लोकसभा क्षेत्र में हुआ है, जहां सड़क दुर्घटनाओं की संख्या काफी अधिक है। गडकरी ने खुद यह स्वीकारकिया है कि कई बार हादसों का कारण वाहन चालकों की लापरवाही होती है। इस घटना ने सड़क और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ादी है।प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांगस्थानीय निवासियों ने प्रशासन से खुले कुओं को सील करने और सड़क सुरक्षा के मानकों को लागू करने की मांग की है। यह घटना सड़क औरसार्वजनिक सुरक्षा की गंभीरता को उजागर करती है।

विवादों में घिरे रणवीर इलाहाबादिया: ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में विवादित टिप्पणी पर बवाल

यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में दिए गए अपने विवादित बयान के कारण आलोचनाओं के घेरे में आ गएहैं। मुंबई पुलिस ने रणवीर और शो के होस्ट समय रैना से संपर्क कर मामले में सहयोग करने और जांच में अपना पक्ष रखने को कहा है। सोशल मीडियापर रणवीर की टिप्पणियों की जमकर निंदा हो रही है, जिससे उनके खिलाफ असम और अन्य राज्यों में FIR दर्ज हो चुकी है। शो में पूछे गए सवाल पर फूटा गुस्साशो के दौरान रणवीर ने एक कंटेस्टेंट से आपत्तिजनक सवाल पूछा, जिसमें उसने पेरेंट्स की निजी जिंदगी पर टिप्पणी की। इस सवाल के बाद शो मेंमौजूद ऑडियंस और अन्य जजों ने हंसना शुरू कर दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर यह क्लिप वायरल होने के बाद दर्शकों का गुस्सा भड़क गया।लोग शो के बायकॉट की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का दखलराष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने रणवीर की इस टिप्पणी पर गंभीरता से संज्ञान लिया और यूट्यूब से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा, कई राज्यों में पुलिस शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। भोपाल में विरोध प्रदर्शनभोपाल में हिंदू संगठनों ने रणवीर और शो के खिलाफ प्रदर्शन किया। ‘संस्कृति बचाओ मंच’ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी है कि वे भोपाल नआएं। संगठन ने इस टिप्पणी को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने दी कार्रवाई की चेतावनीमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर मर्यादाका उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। रणवीर ने मांगी माफीसोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और विवादों के बाद रणवीर इलाहाबादिया ने माफी मांगी। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनका कमेंटअनुचित और असंवेदनशील था। उन्होंने यह भी कहा कि वह इसे जस्टिफाई नहीं करेंगे और इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में बेहतर बनने कावादा किया। रणवीर ने मेकर्स से शो का आपत्तिजनक हिस्सा हटाने की भी अपील की है। रणवीर ने अपने माफीनामे में कहा, “मैंने एक बड़ी गलती की है। जो भी कहा, वह न तो फनी था और न ही उचित। मैं अपने फॉलोअर्स और ऑडियंसको निराश नहीं करना चाहता। भविष्य में अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लूंगा। उम्मीद है, आप मुझे माफ करेंगे।”

पंजाब बॉर्डर पर ड्रोन से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पर काबू पाए सरकार: संदीप पाठक

राज्यसभा में उठाया मुद्दा, एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को एडवांस करने की मांगनई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा परबढ़ती ड्रोन गतिविधियों पर चिंता जताई है। उन्होंने सोमवार को राज्यसभा में इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से सख्त कदम उठाने की मांगकी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगने वाले 550 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर ड्रोन की घुसपैठ तेजी से बढ़ रही है, और पिछले वर्ष 300 से अधिकड्रोन भारतीय क्षेत्र में देखे गए। ड्रोन के जरिए बढ़ रही ड्रग्स और हथियारों की तस्करीसंदीप पाठक ने कहा कि ड्रोन का उपयोग न केवल ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा है, बल्कि आतंकवादी गतिविधियों में भीइसका इस्तेमाल संभव है। उन्होंने केंद्र सरकार से एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को और उन्नत करने और जीरो टॉलरेंस और जीरो घुसपैठ नीति अपनाने कीअपील की। उन्होंने बताया कि 2020 में जहां 50 ड्रोन देखे गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 300 से 350 के बीच पहुंच गई। हालांकि, सुरक्षा बलों द्वाराबेअसर किए जाने वाले ड्रोन की संख्या बेहद कम है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ज्यादातर ड्रोन भारत में लैंड कर वापस लौट जाते हैं, जिससेसुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने की जरूरतसंदीप पाठक ने कहा कि पाकिस्तान, चीन और तुर्की से ड्रोन का आयात कर रहा है, जबकि भारत की एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी अभी उतनी एडवांस नहींहै। उन्होंने सुझाव दिया कि तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) और राज्य पुलिस को विशेष प्रशिक्षण देने की जरूरत है ताकि वेइन खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। सीमा पर बसे लोगों को भी हो रहा नुकसानउन्होंने यह भी बताया कि ड्रोन घुसपैठ के कारण सीमा से सटे गांवों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाने पड़ते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को काफीपरेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अमृतसर और तरनतारन जिलों में ड्रोन गतिविधियों में भारी वृद्धि की ओर भी ध्यान दिलाया। सरकार को एक्शन लेना होगाउन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ड्रोन घुसपैठ को रोकने के लिए तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रोंमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल ड्रोन से होने वाले खतरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत केखिलाफ छेड़े गए प्रॉक्सी वॉर का हिस्सा है, जिसे तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।