बजट सत्र में महाकुंभ भगदड़ पर विपक्ष का हंगामा, मौतों के सही आंकड़े जारी करने की मांग, स्पीकर बोले- सदन में सवाल करें लेकिन मेज नतोड़े

बजट सत्र के तीसरे दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़की घटना पर सरकार से जवाब की मांग कर रहे थे। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हेंकार्यवाही में शामिल होने की नसीहत दी। लोकसभा अध्यक्ष की अपीलओम बिरला ने नारेबाजी कर रहे सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इस घटना का उल्लेख किया गया था और इसविषय पर चर्चा का उचित समय अभिभाषण पर बहस के दौरान होगा। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान सरकार की जवाबदेही तय करने का अवसरमिलता है, इसलिए सदन को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए। सरकार पर आंकड़े छिपाने का आरोपविपक्षी सांसदों ने ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ और ‘शेम शेम’ के नारे लगाए। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का आरोप है कि महाकुंभ भगदड़ में मृतकों कीवास्तविक संख्या सरकार ने छिपाई है। मौनी अमावस्या के दिन हुई इस घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई थी। राज्यसभा में भी विपक्ष का विरोधलोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विरोध जताते हुए सदनसे वॉकआउट कर दिया। इससे बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भी बाधित रही। बजट सत्र का कार्यक्रमबजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र 10 मार्च को फिर से शुरू होगा और 4 अप्रैल को समाप्त होगा।