दिल्ली में अवैध शराब बरामदगी पर भाजपा का हमला, चुनाव में ‘आप’ की मिलीभगत का आरोप

दिल्ली में लगातार हो रही अवैध शराब की बरामदगी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) और पंजाब सरकार परगंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि हाल ही में पकड़ी गई 2,069 बोतलें और पटेल नगर में बरामद 40 पेटीपंजाब निर्मित शराब इस ओर इशारा करती हैं कि दिल्ली और पंजाब सरकार की मिलीभगत से चुनाव में आप के लिए अवैध शराब की आपूर्ति हो रहीहै। भाजपा का आरोप: चुनावी फायदे के लिए हो रही अवैध शराब की तस्करीदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा,“कल 2,069 बोतलें पकड़ी गईं, जो पंजाब में बिक्री के लिए बनी थीं, और अब पटेल नगर से 40 पेटी अवैध शराब मिली है। यह इस बात का स्पष्टप्रमाण है कि पंजाब और दिल्ली सरकार मिलकर चुनावों में धांधली के लिए शराब की आपूर्ति कर रही हैं।” उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देतेहुए मांग की कि चुनाव आयोग इस मामले में तत्काल कार्रवाई करे।मुख्य चुनाव अधिकारी से सख्त कदम उठाने की मांग सचदेवा ने दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से मांग की किदिल्ली की सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाई जाए ताकि बाहर से अवैध शराब की आपूर्ति न हो सके।दिल्ली पुलिस और आबकारी विभाग को कड़ीकार्रवाई के निर्देश दिए जाएं ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब पहली बार बरामद: भाजपाभाजपा का कहना है कि पिछले तीन दशकों में दिल्ली में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब कभी बरामद नहीं हुई। सचदेवा ने इस पूरी घटना को चुनावीभ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कहा कि चुनाव के मद्देनजर अवैध शराब की सप्लाई बढ़ रही है, जिसका फायदा आप को मिल सकता है। भाजपा ने चुनाव आयोग से निर्दोष मतदाताओं को प्रभावित करने के इस कथित प्रयास को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की अपील की है।
महाकुंभ 2025 में भगदड़ में अब तक 40 लोगों की मौत, 20 मृतकों के परिजनों को सौंपे गए शव, मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषितकिया गया

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई। संगम में पवित्र स्नान के लिए उमड़ीभारी भीड़ में भगदड़ मचने से कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। बुधवार, 29 जनवरी 2025 की सुबह यह हादसातब हुआ जब लाखों श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान के लिए एकत्रित हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ अत्यधिक बढ़ जाने और अव्यवस्थित होने केकारण यह दुर्घटना घटी। वहीं अब पुलिस ने परिजनों को 20 मृतकों के शव सौंप दिए गए हैं। कैसे हुई भगदड़?शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, भगदड़ तब शुरू हुई जब श्रद्धालुओं ने संतों के जुलूस के दौरान बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की। इस दौरानअत्यधिक भीड़ के दबाव में कई लोग गिर गए और अफरा-तफरी मच गई। इससे कई श्रद्धालु कुचले गए और कुछ की दम घुटने से मौत हो गई।स्थानीय प्रशासन ने अभी तक मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं की है, लेकिन विभिन्न सूत्रों के अनुसार, यह संख्या 15 से 39 के बीच होसकती है। प्रधानमंत्री और सरकार की प्रतिक्रियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा,”प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ की घटना अत्यंतदुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।” वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और घायलों केउचित इलाज के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रशासन ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है ताकि आगे कोईअप्रिय घटना न हो। मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंध लागूमौनी अमावस्या और अन्य प्रमुख स्नान पर्वों को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज शहर को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया गया है।शहर के सभी प्रवेशबिंदु बंद कर दिए गए हैं। मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।श्रद्धालुओं को बाहरी क्षेत्रों में पार्किंग उपलब्ध कराई गई है, जहां से शटल बस, सीएनजी ऑटो और ई-रिक्शा के जरिए उन्हें मेला क्षेत्र तक पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाममहाकुंभ 2025 में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई सुरक्षा उपाय किए हैं, बता दें कि मेला क्षेत्र में 50,000 से अधिकपुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 1700 से अधिक साइन बोर्ड और 230 डिजिटलडिस्प्ले बोर्ड स्थापित किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश दिए जा सकें। आपातकालीन चिकित्सा सेवाएंघायलों के इलाज के लिए मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं। एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को लगातार तैनातरखा गया है। मेला क्षेत्र के आसपास 24 सैटेलाइट टाउन विकसित किए गए हैं, जहां प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसेमहाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती रहा है। इससे पहले 1954 और 2013 में भी भगदड़ की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कईलोगों की जान गई थी। प्रशासन ने इस बार विशेष सुरक्षा उपाय किए थे, लेकिन फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। आगे की कार्रवाई और प्रशासन की अपीलराज्य सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील कीहै कि वे निर्देशों का पालन करें और अनुशासन बनाए रखें। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि महाकुंभ 2025 के शेष दिनों मेंश्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।
बीजेपी का आम आदमी पार्टी पर हमला, विजवासन प्रत्याशी पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर बड़ा हमला बोला है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि विजवासनविधानसभा सीट से AAP प्रत्याशी सुरेंद्र भारद्वाज और उनके परिवार ने अपने बेटे यश भारद्वाज (Yash Bardwaj) के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्रबनवाया ताकि उसे क्रिकेट टीम में जगह मिल सके। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर साधा निशानाबीजेपी ने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि AAP के विधायकों और नेताओं का भ्रष्टाचार पहले ही जनता के सामने आ चुका है, और अब उनके प्रत्याशियों का नैतिक पतन भी उजागर हो रहा है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने सवाल उठाया कि क्या अरविंद केजरीवाल इस मामले में कोई कार्रवाई करेंगे, या इसे भी नजरअंदाज किया जाएगा? चुनावी माहौल गरमायाचुनाव से ठीक पहले इस विवाद के सामने आने से सियासी माहौल और गर्मा गया है। विपक्ष इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने की तैयारी में है, जबकिआम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, 300 यूनिट बिजली फ्री के साथ कई वादे शामिल

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इसमें महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के लिए कईवादे किए गए हैं। कांग्रेस ने दिल्लीवासियों को पांच गारंटियां देने का ऐलान किया है, जिनके तहत आर्थिक और सामाजिक राहत देने की बात कहीगई है। कांग्रेस ने किया पांच गारंटियों का ऐलानघोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ‘गारंटी’ शब्द का पहली बार इस्तेमाल कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव में किया था, जो अबसभी दलों की रणनीति का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह गारंटी सिर्फ एक वादा नहीं बल्कि जनता का अधिकार है, जिसे पार्टीसरकार बनने के बाद पूरा करेगी। घोषणा पत्र में प्रमुख योजनाएंकांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में दिल्ली के नागरिकों के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। इनमें कांग्रेस ने महिलाओं के लिएप्यारी दीदी योजना प्रत्येक गरीब परिवार की एक महिला सदस्य को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिसके साथ ही कांग्रेस नेजीवन रक्षा योजना दिल्ली के सभी नागरिकों को ₹25 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी, जिसमें मुफ्त दवाएं और जांच भी शामिलहोंगी। वहीं युवा उड़ान योजना बेरोजगार युवाओं को सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में एक साल की अप्रेंटिसशिप दी जाएगी, जिसमें उन्हें हर महीने₹8,500 का भत्ता मिलेगा। महंगाई मुक्त योजना दिल्ली के नागरिकों को ₹500 में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, हर महीने 5 किलो चावल, 2 किलो चीनी, 1 किलो खाना पकाने का तेल, 6 किलो दाल और 250 ग्राम चायपत्ती सहित एक मुफ्त राशन किट दी जाएगी। साथही फ्री बिजली योजना सभी पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी। कांग्रेस ने दिल्ली सरकार पर साधा निशानाघोषणा पत्र जारी करने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने दिल्ली सरकार पर जनता से किएगए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस की गारंटियां पूरी तरह से व्यावहारिक और लाभकारी होंगी।दिल्ली चुनाव में कांग्रेस की रणनीतिकांग्रेस ने इस बार चुनाव में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक राहत को प्राथमिकता दी है। महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के लिए बनाई गई येयोजनाएं कांग्रेस की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा हैं। पार्टी का लक्ष्य दिल्ली के मतदाताओं को यह विश्वास दिलाना है कि उनकी योजनाएं केवलवादे नहीं बल्कि हक की गारंटी हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: में प्रधानमंत्री बोले- यमुना का पानी पीएम भी पिता है, क्या हरियाणा वाले मोदी को जहर देकर मारेंगे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के यमुनापार इलाके के घोंडा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के चुनावी अभियान का आगाज किया। प्रधानमंत्रीमोदी ने इस जनसभा के दौरान क्षेत्रवासियों को विकास की सौगात देते हुए बीजेपी की सियासी रणनीति का बिगुल फूंक दिया। दिल्ली विधानसभाचुनाव के लिए चुनावी अभियान में बीजेपी ने यमुनापार की सीटों पर खास ध्यान केंद्रित किया है। बीजेपी का लक्ष्य 27 साल का वनवास खत्म करनाबीजेपी को दिल्ली की सत्ता से 27 साल से बाहर होने का खामियाजा भुगतना पड़ा है, और पार्टी इस बार सत्ता में वापसी के लिए हर संभव प्रयास कररही है। बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहले ही दिन से यह दावा किया है कि यदि उसकी सरकार बनती है, तो वह मौजूदा मुफ्त योजनाओं कोजारी रखेगी, जो आम आदमी पार्टी की योजनाओं के समान हैं। बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर करने की अपनी रणनीति को इसआधार पर तैयार किया है। पीएम मोदी का केजरीवाल पर हमलाप्रधानमंत्री मोदी ने यमुनापार की रैली के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आम आदमी पार्टी को’आपदा’ करार देते हुए दिल्लीवासियों से बीजेपी को एक मौका देने की अपील की। मोदी ने कहा कि दिल्ली की वर्तमान बदहाली के लिए कांग्रेसऔर आप सरकार जिम्मेदार हैं, जिन्होंने दिल्ली के विकास को नकारा। उन्होंने बीजेपी के लिए वोट देने की अपील करते हुए कहा कि यदि वह दिल्लीमें सत्ता में आते हैं, तो वे दिल्ली के हर नागरिक का ख्याल रखेंगे। यमुनापार की सीटों पर विशेष फोकसबीजेपी का मुख्य फोकस इस बार यमुनापार इलाके पर है, क्योंकि यह क्षेत्र दिल्ली की सत्ता की दिशा तय करता है। यमुनापार इलाके में कुल 20 विधानसभा सीटें आती हैं, और 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इनमें से छह सीटें जीती थीं। इस बार, बीजेपी ने यमुनापार की सीटों परध्यान केंद्रित करते हुए अपने चुनावी अभियान को मजबूत किया है। पीएम मोदी की रैली के दौरान पार्टी ने यमुनापार इलाके के प्रत्याशियों के लिएवोट की अपील की है। यमुनापार इलाके का जातीय समीकरणबीजेपी ने यमुनापार इलाके के जातीय और सामाजिक समीकरण को अपने पक्ष में पाया है। 2020 के चुनाव में बीजेपी ने यमुनापार के छह सीटों परजीत हासिल की थी, और 2024 लोकसभा चुनाव में इस इलाके में बीजेपी को 13 सीटों पर बढ़त मिली थी। इसके अलावा, 2020 के दिल्ली दंगेके दौरान यमुनापार का इलाका प्रभावित हुआ था, जिसका धार्मिक ध्रुवीकरण में बीजेपी को लाभ मिल सकता है। BJP की रणनीति और सियासी समीकरणबीजेपी ने यमुनापार इलाके में अपनी रणनीति को और मजबूत किया है, खासकर इस क्षेत्र के सामाजिक और जातीय समीकरण को देखते हुए। जहांसीलमपुर, मुस्तफाबाद और बाबरपुर सीटें मुस्लिम बहुल हैं, वहीं अन्य सीटें हिंदू बहुल हैं। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और बीजेपी के नेता वीरेंद्र सचदेवाभी यमुनापार इलाके से आते हैं, जिससे पार्टी को यहां के सियासी माहौल में बढ़त मिली है। बीजेपी का उद्देश्य दिल्ली में वापसीबीजेपी की योजना इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुनापार की सीटों के जरिए 27 साल के सियासी वनवास को समाप्त करने की है। पार्टी नेइस इलाके की सीटों पर खास ध्यान दिया है, जिससे दिल्ली की सत्ता में वापसी की उम्मीद की जा रही है।
वक्फ संशोधन को JPC की मंजूरी, 16 वोट पक्ष में और 11 विरोध में पड़े, ओवैसी ने जताया विरोध

संयुक्त समिति की रिपोर्ट पर मंजूरीवक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संसद की संयुक्त समिति की बैठक में अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बुधवार को जानकारी दी कि समिति ने बहुमतसे मसौदा रिपोर्ट और संशोधित विधेयक को मंजूरी दे दी है। समिति ने सांसदों को असहमति दर्ज कराने के लिए 4 बजे तक का समय दिया है। ओवैसी ने भी जताया विरोधएआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक के खिलाफ अपना विरोध जताया। ओवैसी ने कहा कि उन्हें रिपोर्ट रात को ही 655 पन्नों मेंमिली, जिसे एक रात में पढ़ना असंभव था। उन्होंने उन संशोधनों के खिलाफ असहमति व्यक्त की, जो वक्फ बोर्ड के पक्ष में नहीं थे। ओवैसी ने स्पष्टकिया कि वह इस विधेयक का संसद में भी विरोध करेंगे। कांग्रेस ने भी लगाया आरोपकांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि कई आपत्तियां और सुझाव रिपोर्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नेअसंवैधानिक संशोधन लाकर अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है। हुसैन के अनुसार, इन संशोधनों काउद्देश्य मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है। बीजेपी का पक्षभा.ज.पा. सांसद तेजस्वी सूर्या ने वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की बैठक के बाद बयान दिया कि सरकार का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधनमें आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना था। उनका कहना था कि ये संशोधन वक्फ बोर्ड के कामकाज में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चितकरेंगे और निहित स्वार्थों के द्वारा कानून के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेंगे। विधेयक की प्रस्तावनावक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने 2024 में लोकसभा में पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्यवक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और विनियमन से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है। यह विधेयक 8 अगस्त 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था।
नागपुर में 17 वर्षीय लड़की ने आत्महत्या की, गूगल पर खोज रही थी ‘मृत्यु के बाद क्या होता है

नागपुर में एक 17 वर्षीय लड़की ने आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि वह गूगल पर अक्सर ‘मृत्यु के बाद क्या होता है’ से जुड़ीजानकारी खोज रही थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी और आरबीआई के रीजनलडायरेक्टर की इकलौती संतान थी। विदेशी संस्कृति में थी लड़की की रुचिपुलिस के अनुसार, मृतका को विदेशी संस्कृतियों और मृत्यु से जुड़े विषयों में गहरी रुचि थी। उसने अपनी डायरियों में इन विषयों पर विस्तार से लिखाथा और कई हफ्तों से आत्महत्या की योजना बना रही थी। ऑनलाइन मंगाया था चाकूजांच में पाया गया कि लड़की ने ऑनलाइन एक चाकू मंगवाया था। पहले उसने अपनी कलाई पर चाकू से वार किया, फिर पत्थर के ब्लेड वाले चाकूसे क्रॉस के निशान बनाए। अंत में, उसने अपना गला काटकर आत्महत्या कर ली। सुबह मां ने दिखा खून से लतपथ शरीरसोमवार सुबह करीब 5:45 बजे, छत्रपति नगर स्थित घर में उसकी मां ने बेटी को खून से लथपथ देखा, जिससे वह घबरा गईं। उन्होंने तुरंत पुलिस कोसूचना दी। पुलिस की जांच जारीधंतोली पुलिस ने लड़की का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस नेआकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।