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तीसरे प्रक्षेपण स्थल का निर्माण

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तीसरे लॉन्च पैड के निर्माण को मंजूरी दी है। यह नया लॉन्च पैड भारी उपग्रहों केप्रक्षेपण के लिए डिज़ाइन किया जाएगा, और इसका निर्माण 3,985 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। महत्व यह तीसरा लॉन्च पैड भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे उपग्रहों के प्रक्षेपण की गति तेज़ होगी और अधिक अंतरिक्ष मिशनों कासंचालन संभव होगा। भविष्य के मिशनयह नया लॉन्च पैड भारत के मानव अंतरिक्ष मिशनों को भी समर्थन देगा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को प्रोत्साहित करेगा। यह भारत के अंतरिक्षकार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। इन दोनों निर्णयों से सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा, और भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमताओं में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे देशके समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। ‎

केंद्रीय कैबिनेट ने आठवें वेतन आयोग के गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। इसआयोग के माध्यम से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में सुधार किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष और सदस्य जल्द हीनियुक्त किए जाएंगे। इस आयोग से न्यूनतम वेतन में 186% तक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों को वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरीमिलेगी। तीसरे प्रक्षेपण स्थल का निर्माण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में 3,985 करोड़ रुपये की लागत से तीसरे प्रक्षेपण स्थल की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजनाअगले चार वर्षों में पूरी होगी, और इससे भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता को मजबूत किया जाएगा। यह नया स्थल अगली पीढ़ी के रॉकेटों और भारीउपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए डिज़ाइन किया जाएगा। इन दोनों निर्णयों से केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा और भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता में भी विस्तार होगा, जिससे देश कीप्रौद्योगिकी और विकास को बढ़ावा मिलेगा। आठवें वेतन आयोग का गठनकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों औरपेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में संशोधन करेगा, जिससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा। आठवें वेतन आयोग की पृष्ठभूमि सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 को लागू हुआ था, और इसके बाद कर्मचारियों का वेतन और पेंशन दोगुना हो गया था। आठवां वेतन आयोगमहंगाई के दबाव को देखते हुए वेतन में अधिक वृद्धि करने की संभावना है। आवश्यकता और लाभ इस आयोग की सिफारिशों से न्यूनतम वेतन में 186% तक वृद्धि हो सकती है, जिससे 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों कोलाभ मिलेगा। यह सिफारिशें महंगाई और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जाएंगी।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025:  सीएम आतिशी और संजय सिंह को नोटिस, संदीप दीक्षित पर लगाए थे आरोप

दिल्ली में विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है। कांग्रेस नेता संदीपदीक्षित ने मुख्यमंत्री आतिशी और आप सांसद संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने का ऐलान किया है। दीक्षित का कहना है किइन नेताओं ने उन पर भाजपा से धन लेने का झूठा आरोप लगाया है। आरोपों का संदर्भकुछ दिनों पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि भाजपा, कांग्रेस उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता दे रहीहै। उन्होंने संदीप दीक्षित का नाम लेकर कहा था कि वे भाजपा से पैसा ले रहे हैं। इन आरोपों को संदीप दीक्षित ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने यह भीकहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के कारण वे तत्काल जवाब नहीं दे सके। मानहानि मुकदमे की घोषणासंदीप दीक्षित ने आरोपों को खारिज करते हुए आतिशी और संजय सिंह पर मानहानि का मुकदमा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे इननेताओं से 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगेंगे। दीक्षित ने यह भी ऐलान किया कि यदि यह रकम उन्हें मिलती है तो वे इसे यमुना नदी की सफाई औरदिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण के लिए दान कर देंगे। अरविंद केजरीवाल पर भी निशानासंदीप दीक्षित ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोलते हुए कहा कि केजरीवाल ने पहले शीला दीक्षित सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपलगाए थे, लेकिन कभी पुख्ता सबूत नहीं पेश किए। उन्होंने केजरीवाल को “आदतन झूठा” बताते हुए कहा कि पिछले 13 वर्षों में उन्होंने जो भीआरोप लगाए, वे कभी साबित नहीं हुए। चुनावी राजनीति पर असरदिल्ली में चुनावी माहौल पहले से ही गर्म है, और संदीप दीक्षित का यह कदम इसे और अधिक प्रभावित कर सकता है। वे नई दिल्ली विधानसभा सीटसे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इस मामले का आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की चुनावी रणनीतियों पर क्या असर होगा, यहआने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। दिल्ली चुनाव की समय-सीमादिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी 2025 को होगा, जबकि मतगणना 8 फरवरी को होगी। 70 सीटों वाली विधानसभा में सरकारबनाने के लिए 36 सीटों पर जीत आवश्यक है।वर्तमान में आम आदमी पार्टी सत्ता में है और तीसरी बार सरकार बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि भाजपा और कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिशोंमें जुटी हैं। चुनावों के दौरान आरोप-प्रत्यारोप सामान्य हैं, लेकिन जब ये कानूनी मुकदमों का रूप ले लेते हैं, तो राजनीतिक माहौल पर गहरा प्रभाव डालते हैं।संदीप दीक्षित के मानहानि मुकदमे से दिल्ली की राजनीति में नई हलचल मची है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आम आदमी पार्टी इस मामले मेंक्या रुख अपनाती है और यह विवाद चुनावी समीकरणों को कैसे प्रभावित करता है।

भारत अंतरिक्ष में डॉकिंग करने वाला चौथा देश बना:  इसरो का ऐतिहासिक मिशन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत अब रूस, अमेरिका और चीन के बाद अंतरिक्ष में डॉकिंगतकनीक को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाला चौथा देश बन गया है। हाल ही में ISRO के स्पेसडेस्क मिशन के तहत दो स्पेसक्राफ्ट्स को अंतरिक्ष मेंजोड़ा गया, जो देश की तकनीकी क्षमता और वैज्ञानिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डॉकिंग क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?अंतरिक्ष में डॉकिंग का मतलब दो स्पेसक्राफ्ट्स को जोड़ने की प्रक्रिया है, जिससे वे एक इकाई के रूप में कार्य कर सकें। यह तकनीक बेहद सटीकताऔर उन्नत तकनीकी कौशल की मांग करती है। डॉकिंग का महत्व:1. वैज्ञानिक अभियानों के लिए सहायक: यह तकनीक संसाधनों के आदान-प्रदान, वैज्ञानिक उपकरणों के ट्रांसफर, और दीर्घकालिक अभियानों मेंसहायता करती है।2. स्पेस स्टेशन निर्माण: यह प्रक्रिया अंतरिक्ष स्टेशन निर्माण और गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए अत्यंत उपयोगी है।3. भविष्य के मिशन: चंद्रमा, मंगल, और अन्य ग्रहों के अन्वेषण के लिए डॉकिंग अनिवार्य है। स्पेसडेस्क मिशन की अनोखी सफलता 30 दिसंबर 2024 को ISRO ने अपने स्वदेशी स्पेसडेस्क मिशन के तहत दो उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) मेंसफलतापूर्वक स्थापित किया। कई दिनों के प्रयास के बाद, इन दोनों स्पेसक्राफ्ट्स को डॉकिंग प्रक्रिया के जरिए जोड़ दिया गया। डॉकिंग प्रक्रिया कैसे पूरी की गई?  इसरो ने इस मिशन के लिए पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया।. शुरुआत: दोनों स्पेसक्राफ्ट्स को पहले एक सुरक्षित दूरी पर नियंत्रित किया गया।– सटीकता: सेंसर, सिग्नल और नियंत्रण तंत्र की मदद से उन्हें धीरे-धीरे करीब लाया गया।– स्वचालित प्रणाली: इसरो द्वारा विकसित ऑटोनॉमस डॉकिंग सिस्टम ने दोनों स्पेसक्राफ्ट्स को     सुरक्षित और स्थिर रूप से जोड़ने में मदद की। इस प्रणाली की खासियत यह है कि इसमें न्यूनतम मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है। भारत के लिए इस उपलब्धि का महत्व1. वैज्ञानिक क्षमता: भारत अब उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में दक्ष हैं।2. दीर्घकालिक मिशन:* यह सफलता भविष्य के चंद्रमा और मंगल अभियानों के लिए आधार तैयार करती है।3. अंतरराष्ट्रीय सहयोग:* अब भारत वैश्विक अंतरिक्ष अभियानों में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकता है।4. आर्थिक लाभ:* इस तकनीक से भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में व्यावसायिक रूप से नई ऊंचाइयां मिलेंगी। भारत की अंतरिक्ष यात्रा का नया अध्याय इसरो की इस सफलता ने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद, इसरो ने चंद्रयान, मंगलयान और अब स्पेसडेस्क मिशन जैसे कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने इस सफलता पर इसरो वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए इसे भारत के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का प्रतीक बताया। भविष्य की योजनाएं इसरो अब और उन्नत तकनीकों को अपनाने की योजना बना रहा है। इसके तहत:. मानव अंतरिक्ष मिशन– चंद्रमा और मंगल पर दीर्घकालिक अभियान– अन्य ग्रहों की खोज स्पेसडेस्क मिशन और अंतरिक्ष में डॉकिंग की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब वैश्विक अंतरिक्ष कार्यक्रमों में एक अग्रणी शक्ति बनचुका है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदमहै। ISRO ने इस सफलता के साथ देश की अंतरिक्ष यात्रा को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

हिंडनबर्ग के संस्थापक ने कंपनी बंद करने का किया ऐलान, X पर पोस्ट कर दी जानकारी,  भारत में अदाणी के खिलाफ हिंडनबर्ग ने मचाई थी सनसनी

हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक नैट एंडरसन ने अपनी शॉर्ट-सेलिंग फर्म को बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह घोषणा फर्म की वेबसाइट पर एकभावुक पत्र के माध्यम से की। एंडरसन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी खतरे, स्वास्थ्य समस्या, या व्यक्तिगत परेशानी के कारण नहीं लिया गयाहै। उन्होंने कहा कि फर्म के संचालन की तीव्रता और लगातार उस पर केंद्रित ध्यान ने उन्हें अपने परिवार और जीवन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से दूरकर दिया। हिंडनबर्ग को अलविदा कहने की तैयारीएंडरसन ने लिखा कि वह अब हिंडनबर्ग रिसर्च को अपने जीवन का एक अध्याय मानते हैं, न कि अपनी पहचान का मुख्य हिस्सा। उन्होंने अपने परिवार, दोस्तों और टीम के साथ पिछले साल से यह साझा किया था कि कुछ प्रमुख प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के बाद फर्म को बंद करने की योजना बना रहे हैं। हिंडनबर्ग की प्रमुख उपलब्धियां और विवादहिंडनबर्ग रिसर्च, जिसकी स्थापना 2017 में हुई थी, ने कई बड़ी कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित की। इनमें गौतम अडानी, जैकडोर्सी की ब्लॉक इंक और कार्ल इकान की कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्टों ने संबंधित कंपनियों के शेयर मूल्यों में बड़े उतार-चढ़ावऔर व्यापक चर्चाओं को जन्म दिया। टीम की नई योजनाएंएंडरसन ने बताया कि उनकी टीम के कुछ सदस्य अपनी नई शोध फर्म शुरू करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने इन पहलों का समर्थन करते हुए कहाकि वे स्वयं इनसे जुड़े नहीं होंगे। उनका ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि टीम के सभी सदस्य अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। ओपन-सोर्स मॉडल की पहलआने वाले छह महीनों में एंडरसन हिंडनबर्ग रिसर्च के मॉडल को ओपन-सोर्स करने पर काम करेंगे। वह सामग्री और वीडियो की एक श्रृंखला तैयारकरेंगे, ताकि लोग जान सकें कि फर्म ने अपने अनुसंधान और जांच कैसे की। अडानी समूह और हिंडनबर्ग रिपोर्ट:भारत में विवाद2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने गौतम अडानी और उनके समूह के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जिसमें “शेयर बाजार में हेरफेर” और “लेखाअनियमितताओं” के गंभीर आरोप लगाए गए। अडानी समूह की भूमिका और प्रभावअडानी समूह, जो भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, और परिवहन क्षेत्रों में अग्रणी है, इस रिपोर्ट के कारण विवादों में घिर गया। रिपोर्ट के बाद समूह कीकंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों और बाजार में हलचल मच गई। रिपोर्ट के आरोपहिंडनबर्ग ने अडानी समूह पर शेल कंपनियों का उपयोग कर शेयर मूल्यों में हेरफेर करने और टैक्स हेवन के जरिए खातों में गड़बड़ी करने के आरोपलगाए। इसके साथ ही, समूह पर अत्यधिक कर्ज और अस्थिर वित्तीय स्थिति का भी दावा किया गया। राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय विवादइस रिपोर्ट ने भारत में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया। विपक्षी दलों ने इसे “क्रोनी कैपिटलिज्म” का उदाहरण बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोपलगाए। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और निवेशकों ने भी इस पर ध्यान दिया, जिससे भारत की वैश्विक छवि प्रभावित हुई। अडानी समूह की प्रतिक्रियाअडानी समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया। उन्होंने एक विस्तृत जवाब जारी कर इसेभारत की विकास गाथा पर हमला करार दिया। हिंडनबर्ग रिसर्च का बंद होना वित्तीय जगत में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हालांकि, इसकी रिपोर्ट्स ने कंपनियों, निवेशकों और वैश्विक बाजारों पर जोप्रभाव डाला, उसकी चर्चा और विश्लेषण लंबे समय तक जारी रहेगा।

सैफ अली खान पर चाकू से हमला:  बांद्रा स्थित घर में घुसा अज्ञात हमलावर

गुरुवार तड़के लगभग 2:30 बजे, बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के बांद्रा स्थित घर में एक अज्ञात व्यक्ति घुस आया। घटना के दौरान सैफ अपनेपरिवार के साथ घर पर मौजूद थे। हमलावर ने पहले घर की नौकरानी से बहस की, जिसके बाद सैफ ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की। इसी दौरानहमलावर ने चाकू से उन पर हमला कर दिया और फिर वहां से फरार हो गया। सैफ की चोटों की स्थितिसैफ अली खान को तुरंत इलाज के लिए मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें छह जगह गंभीरचोटें आई हैं। दो घाव काफी गहरे हैं, जिनमें से एक रीढ़ की हड्डी के पास है, जो सबसे गंभीर है। उनकी गर्दन, छाती और बाईं कलाई पर भी चोटें पाईगई हैं। न्यूरोसर्जन और कॉस्मेटिक सर्जन की टीम उनकी सर्जरी कर रही है। पुलिस जांच और कार्रवाईमुंबई पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। बांद्रा पुलिस स्टेशन में अज्ञात हमलावर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कीगई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि हमलावर की पहचान की जा सके। घटना ने सेलिब्रिटी सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक कीओर इशारा किया है। सैफ की टीम का बयानसैफ अली खान की टीम ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मामला पुलिस के अधीन है, और वे समय-समय परस्थिति से संबंधित जानकारी साझा करेंगे। सेलिब्रिटी सुरक्षा पर सवालइस घटना ने बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। बांद्रा का इलाका, जहां सैफ का घर है, फिल्म जगत की कई प्रमुखहस्तियों का निवास स्थान है। इसके बावजूद एक अज्ञात व्यक्ति का घर में घुस जाना सुरक्षा में बड़ी कमी दर्शाता है। प्रशंसकों और इंडस्ट्री का रिएक्शनघटना की खबर सुनते ही सैफ अली खान के प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं की जा रहीहैं। फिल्म इंडस्ट्री के उनके सहयोगियों ने भी उनके शीघ्र ठीक होने की कामना की है। सैफ अली खान पर हुआ यह हमला फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है औरउम्मीद है कि हमलावर को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सैफ की सर्जरी और स्वास्थ्य से संबंधित अपडेट का इंतजार किया जा रहा है। ‎