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दिल्ली शराब घोटाला मामला:  केजरीवाल पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का केस, गृह मंत्रालय ने दी ED को मंजूरी

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों मेंमुकदमा चलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अनुमति दे दी है। यह निर्णय दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहलेलिया गया है, जिससे आम आदमी पार्टी (AAP) की चुनावी रणनीति प्रभावित हो सकती है। मामले का सारांश2021-22 में दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि केजरीवाल औरसिसोदिया ने शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए नीति में बदलाव किए और इसके बदले में 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस राशि काएक हिस्सा गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार में भी इस्तेमाल हुआ था। *प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाईप्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में चार्जशीट दायर की है, जिसमें केजरीवाल और सिसोदिया को मास्टरमाइंड के रूप में आरोपित किया गया है। ईडीका कहना है कि दोनों नेताओं ने शराब व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए आबकारी नीति में बदलाव किए और बदले में रिश्वत ली।*गृह मंत्रालय की मंजूरी* सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्राधिकृत निकाय से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होता है।इस संदर्भ में गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय को केजरीवाल और सिसोदिया पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव पर प्रभावदिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी 2025 को होने हैं, और इस मामले के दौरान केजरीवाल और सिसोदिया पर मुकदमा चलाने की अनुमति मिलने सेआम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। हालांकि, पार्टी ने कहा है कि अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं और यह आरोपराजनीतिक प्रेरणा से प्रेरित हो सकते हैं। शराब घोटाला: नीति में बदलाव और रिश्वतखोरीदिल्ली में 2021-22 के दौरान लागू की गई आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि इस नीति के जरिएशराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए उसमें जानबूझकर बदलाव किए गए थे। दो मुख्य पहलू इस मामले में सामने आए हैं: 1. लाइसेंसिंग प्रणाली में बदलाव: आबकारी नीति में बदलाव के बाद शराब के वितरण और बिक्री की जिम्मेदारी व्यापारियों के पास आ गई, जिससेबिचौलियों की भूमिका बढ़ी और शराब की कीमतों में असमानताएं आईं। 2. रिश्वतखोरी का आरोप: आरोप है कि सरकार के नेताओं ने शराब कारोबारियों से रिश्वत ली, ताकि उन्हें लाइसेंस देने में मदद की जा सके और नियमोंमें बदलाव किए जा सकें। यह राशि कथित रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) के चुनावी प्रचार में उपयोग की गई। मुख्य आरोपित व्यक्तिअरविंद केजरीवाल (मुख्यमंत्री, दिल्ली):केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने शराब नीति में बदलाव किए और शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाया।इसके बदले में रिश्वत लेने का आरोप है। मनीष सिसोदिया (पूर्व उपमुख्यमंत्री, दिल्ली):सिसोदिया को भी इस घोटाले का प्रमुख मास्टरमाइंड माना गया है। उन पर भी शराब नीति मेंअनियमितताएं करने और रिश्वत लेने के आरोप हैं। कौन थे गिरफ्तार?इस मामले में कई लोग गिरफ्तार किए गए: – *मनीष सिसोदिया:* 2023 में मनीष सिसोदिया को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें न्यायिकहिरासत में भेजा गया। – *शराब कारोबारी और बिचौलिये:* कुछ शराब कारोबारी और बिचौलिये भी गिरफ्तार किए गए, जिन्होंने कथित रूप से रिश्वत दी थी और घोटाले मेंसंलिप्त थे। अब तक की स्थिति1. *चार्जशीट और गिरफ्तारियां:* प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार्जशीट दायर की है और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। कई आरोपितों कोगिरफ्तार किया गया है, और मामले की जांच जारी है।2. *राजनीतिक असर:* इस मामले का राजनीतिक असर भी पड़ा है। आम आदमी पार्टी ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता काहिस्सा बताया है। पार्टी ने आरोपों को चुनावी हथकंडा बताया है।3. गृह मंत्रालय की मंजूरीसुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय से अनुमति ली गई है, और अब प्रवर्तन निदेशालयके पास केस को आगे बढ़ाने का अधिकार है।यह मामला अभी भी अदालत में है, और जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। दिल्ली विधानसभा चुनावों के नजदीक आने से इस मामले ने राजनीति मेंहलचल मचाई है। आगे की कार्रवाई अदालत और जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।

पुणे में आयोजित सेना दिवस परेड:  महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार का दिखा

“अद्वितीय संगम”इस वर्ष का ‘सेना दिवस’ परेड, जो परंपरागत रूप से दिल्ली में आयोजित होता था, पहली बार महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित किया गया। भारतीय सेनाके पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के सम्मान में 15 जनवरी 1949 से मनाए जाने वाले इस दिन का आयोजन इस बारपुणे में भव्यता और ऐतिहासिकता के साथ हुआ। भारतीय सेना की आधुनिक सोच, तकनीकी उन्नति और लैंगिक समानता की दिशा में किए जा रहेप्रयासों का प्रदर्शन इस परेड का मुख्य आकर्षण रहा। रोबोटिक डॉग्स का प्रदर्शनतकनीकी नवाचार का परिचयपरेड में पहली बार *रोबोटिक डॉग्स* को शामिल किया गया, जो भारतीय सेना की तकनीकी प्रगति और स्वदेशी नवाचार का उदाहरण हैं। इनकाउपयोग विस्फोटकों की पहचान, सीमा पर निगरानी, खोज और बचाव अभियानों तथा दुर्गम इलाकों में सहायता के लिए किया जाता है। यह प्रदर्शनदर्शाता है कि भारतीय सेना आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैमहिला अग्निवीर सेना में लैंगिक समानता की पहलइस परेड में पहली बार *महिला अग्निवीरों* ने भाग लिया। ये महिलाएं अग्निपथ योजना के तहत सेना में शामिल हुई हैं। उनकी भागीदारी ने सेना मेंमहिलाओं के बढ़ते योगदान और लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। महिला अग्निवीरों का अनुशासन और साहस सेना मेंमहिलाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है। गर्ल्स एनसीसी टुकड़ीयुवाओं की शक्ति का प्रदर्शनपरेड में *गर्ल्स एनसीसी* टुकड़ी ने भी हिस्सा लिया और अपनी उत्कृष्ट मार्चिंग तथा अनुशासन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शन महिलासशक्तिकरण और युवाओं के बीच देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहन देने का प्रतीक रहा। आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शनपरेड में सेना के आधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। इसमें ड्रोन सिस्टम, आधुनिक रडार, स्मार्ट हथियार, औरइलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल थे। यह प्रदर्शन भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का परिचायक था। नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी इस आयोजन में नेपाल आर्मी बैंड ने भी हिस्सा लिया, जिसने पारंपरिक और देशभक्ति से भरी धुनों की प्रस्तुति दी। यह भारत और नेपाल के सैन्य वसांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक है। सेना दिवस का महत्वसेना दिवस भारतीय सेना की वीरता, समर्पण और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। यह दिन सेना और नागरिकों के बीच संबंध मजबूत करने केसाथ-साथ सेना की प्रगतिशील सोच और सामरिक शक्ति को भी दर्शाता है। 2025 का सेना दिवस परेड, पुणे में पहली बार आयोजित होने के कारण कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। *रोबोटिक डॉग्स*, महिला अग्निवीर, औरगर्ल्स एनसीसी की भागीदारी ने इसे विशेष बनाया। यह आयोजन भारतीय सेना की तकनीकी उन्नति, समावेशी दृष्टिकोण, और आधुनिक सोच काप्रतीक बनकर उभरा।

भारतीय नौसेना को मिले तीन युद्धपोत:  पीएम मोदी ने किया कमीशनिंग का नेतृत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारतीय नौसेना को तीन अत्याधुनिक युद्धपोत सौंपे, जो देश की समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। इनतीनों युद्धपोतों का निर्माण पूरी तरह से भारत में किया गया है, जो स्वदेशी रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर भारत की प्रगति का प्रतीक है। युद्धपोतों की प्रमुख विशेषताएं1. *आईएनएस मयूर: अत्याधुनिक डिस्ट्रॉयर*आईएनएस मयूर, एक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, भारतीय नौसेना की “प्रोजेक्ट 15बी” योजना के तहत बनाया गया है।– *वजन और गति*: यह 7,400 टन वजनी जहाज 30 समुद्री मील की गति से चल सकता है।– *तकनीकी क्षमताएं*: जहाज में उन्नत रडार, मिसाइल और हथियार प्रणाली लगाई गई हैं।– *मल्टी-थ्रेट कार्यक्षमता*: इसे हवा, समुद्र और पानी के नीचे की लड़ाई के लिए डिज़ाइन किया गया है।यह स्वदेशी शिपयार्ड द्वारा निर्मित जहाज भारतीय रक्षा उद्योग की प्रगति का प्रमाण है।2. *आईएनएस विराट: स्टेल्थ फ्रिगेट*आईएनएस विराट को “प्रोजेक्ट 17ए” के तहत विकसित किया गया है।– *स्टेल्थ क्षमता*: यह दुश्मन के रडार से बचने में सक्षम है।– *मल्टी-रोल ऑपरेशन*: यह पनडुब्बी रोधी युद्ध और समुद्री गश्त के लिए आदर्श है।– *स्वदेशी योगदान*: इसमें इस्तेमाल होने वाले 75% उपकरण भारत में बनाए गए हैं।यह जहाज भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।3. आईएनएस वज्र: अत्याधुनिक पनडुब्बीआईएनएस वज्र “प्रोजेक्ट 75” के तहत विकसित डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है।– *अदृश्य संचालन*: स्टेल्थ तकनीक इसे दुश्मनों की नज़र से बचाती है।– *आधुनिक हथियार प्रणाली*: इसमें टॉरपीडो, एंटी-शिप मिसाइल और माइन बिछाने की सुविधाएं हैं।– *गहन निगरानी क्षमता*: यह गहरे समुद्र में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम है।यह पनडुब्बी भारतीय समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए अत्यधिक उपयोगी है। प्रधानमंत्री का संदेशइस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ये तीनों युद्धपोत भारत की तकनीकी क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की सफलता का प्रतीकहैं। ये आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले कदम हैं।” उन्होंने भारतीय नौसेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये युद्धपोत देश कीसमुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और सशक्त बनाएंगे। मेक इन इंडिया” की बड़ी उपलब्धिइन युद्धपोतों का निर्माण भारतीय शिपयार्ड जैसे मजगांव डॉक लिमिटेड (MDL) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा कियागया है।– *स्वदेशी सामग्री का उपयोग*: 75% उपकरण भारत में निर्मित किए गए।– *रोजगार सृजन*: निर्माण प्रक्रिया ने 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया।– *तकनीकी विशेषज्ञता*: स्वदेशी निर्माण से भारत की समुद्री तकनीकी क्षमताएं मजबूत हुई हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्यतीनों युद्धपोतों की एक साथ कमीशनिंग ने भारत की समुद्री ताकत को विश्व स्तर पर प्रदर्शित किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत कीस्थिति हिंद महासागर क्षेत्र में और मजबूत होगी। तीन युद्धपोतों की कमीशनिंग भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई प्रदान करताहै, बल्कि वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में भारत की स्थिति को भी मजबूत करता है। यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने और स्वदेशीनवाचार को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने किया एशिया के दूसरे सबसे बड़े इस्कॉन मंदिर का उद्घाटन, मोदी बोले- भारत को समझने के लिए अध्यात्म ही रास्ता

15 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवी मुंबई के खारघर क्षेत्र में श्री श्री राधा मदनमोहनजी मंदिर का उद्घाटन किया। यह इस्कॉन द्वारानिर्मित एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। *9 एकड़ में फैला भव्य मंदिर*मंदिर का निर्माण 9 एकड़ भूमि पर किया गया है, जिसमें 2.5 एकड़ में मुख्य मंदिर स्थित है। इसका निर्माण 12 वर्षों में 200 करोड़ रुपये की लागतसे पूरा हुआ। सफेद और भूरे संगमरमर से निर्मित इस मंदिर की वास्तुकला इसे अनोखा आकर्षण प्रदान करती है। मंदिर के मुख्य कक्ष में भगवान कृष्णकी 3डी पेंटिंग्स और दशावतार की कलाकृतियां प्रमुख हैं। साथ ही, परिसर में 5-6 एकड़ हरियाली मंदिर की सुंदरता को और बढ़ाती है। समारोह में अतिथियों की उपस्थितिइस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपासांसद हेमा मालिनी उपस्थित थे। श्रील प्रभुपाद स्वामी को श्रद्धांजलिप्रधानमंत्री ने इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद स्वामी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के वेदांत और गीता के संदेश को जनसामान्य तकपहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भक्ति और आध्यात्म को भारत की सांस्कृतिक पहचान का मूल बताते हुए कहा कि भारत को समझने के लिएयहां की आध्यात्मिक चेतना को आत्मसात करना होगा। सेवा भावना का संदेशअपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सेवा को सच्चे सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताया। उन्होंने सरकार की योजनाओं का उल्लेख करतेहुए कहा कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, शौचालय निर्माण और बेघरों को पक्का घर जैसी योजनाओं के माध्यम से हर भारतीय को लाभपहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। भक्ति वेदांत आयुर्वेदिक उपचार केंद्रमंदिर परिसर में भक्ति वेदांत आयुर्वेदिक उपचार केंद्र भी स्थापित किया गया है, जो लोगों के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को समर्पित होगा।प्रधानमंत्री ने इसे “भारत में हील” के संदेश का प्रतीक बताया। *विश्व स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र* यह मंदिर भारतीय संस्कृति, भक्ति और वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। 16 जनवरी से भक्तजन भगवान के दर्शन कर सकेंगे, जिससे यह मंदिरवैश्विक स्तर पर भारत की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेगा।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: कालकाजी सीट पर बढ़ा विवाद, रमेश बिधूड़ी ने एक बार फिर दिया विवादित बयान, जानिए अब क्या बोल बिधूड़ी

रमेश बिधूड़ी का आतिशी पर विवादित बयानदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान कालकाजी सीट पर भाजपा के उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने आम आदमी पार्टी की नेता और मुख्यमंत्री आतिशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। बिधूड़ी ने कहा, “आतिशी दिल्ली की सड़कों पर हिरणी जैसी घूम रही हैं।” इस बयान के बाद चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। पहले भी की थीं आपत्तिजनक टिप्पणियांयह पहली बार नहीं है जब रमेश बिधूड़ी ने आतिशी के खिलाफ विवादित बयान दिया है। 5 जनवरी को रोहिणी में एक रैली के दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि आतिशी ने अपना उपनाम बदलकर ‘सिंह’ कर लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आतिशी ने कहा था कि भाजपा नेता उनके 80 वर्षीय पिता पर निजी हमले कर रहे हैं। इस मामले पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भाजपा नेताओं ने सारी मर्यादाएं लांघ दी हैं। दिल्ली की जनता इसका जवाब देगी।” प्रियंका गांधी पर भी टिप्पणीबिधूड़ी ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर भी विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “हम कालकाजी की सड़कों को प्रियंका गांधी के गाल जैसी चिकनी बना देंगे। इस टिप्पणी को महिला विरोधी बताते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने तीखी आलोचना की। कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रियाकांग्रेस ने इस बयान को भाजपा की महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का प्रतीक बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिधूड़ी का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया। प्रियंका गांधी ने कहा, “ऐसी भाषा भाजपा की महिलाओं के प्रति असंवेदनशील मानसिकता को उजागर करती है।” बिधूड़ी ने मांगी माफी थीविवाद बढ़ने पर रमेश बिधूड़ी ने सोशल मीडिया पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “मेरे बयान का मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। फिर भी यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो मैं माफी मांगता हूं। 2025 का चुनावी समीकरण: क्या बदलेगा समीकरण मतदान की तिथिदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान *5 फरवरी 2025* को होगा। नतीजे मतदान के कुछ दिनों बाद घोषित किए जाएंगे। 2020 का विधानसभा चुनाव2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। AAP ने 70 में से **62 सीटें** जीतीं, जबकि भाजपा को **8 सीटें** मिलीं। कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। 2020 का सीट बंटवारा– *आम आदमी पार्टी (AAP):* 62 सीटें-भारतीय जनता पार्टी (BJP): 8 सीटें– *कांग्रेस (INC):** 0 सीटें वोट प्रतिशत (2020)-AAP: 53.57%*BJP:* 38.51%Congress: 4.27% AAP ने अपना वर्चस्व बनाए रखा, जबकि भाजपा ने वोट प्रतिशत में सुधार किया था। कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक रहा। 2025 की चुनौतियां2025 में आम आदमी पार्टी को अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है, जबकि भाजपा और कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या AAP अपना 2020 का प्रदर्शन दोहरा पाएगी, या भाजपा और कांग्रेस समीकरण बदलने में सफल होंगी। इसका जवाब 5 फरवरी 2025 के मतदान और उसके नतीजों में मिलेगा।

कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन

15 जनवरी 2025 को कांग्रेस पार्टी ने अपने नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन किया। दिल्ली के 9ए, कोटला रोड पर स्थित इस आधुनिक भवनका नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सम्मान में रखा गया है। सोनिया गांधी ने उद्घाटन किया, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंकागांधी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 24 अकबर रोड को कहा अलविदाइससे पहले कांग्रेस का मुख्यालय 24, अकबर रोड पर था, जिसे पार्टी ने 46 सालों तक इस्तेमाल किया। हालांकि, पार्टी ने संकेत दिया है कि कुछगतिविधियों के लिए पुराने कार्यालय का उपयोग जारी रह सकता है। 252 करोड़ की लागत से तैयार भवन‘इंदिरा भवन’ का निर्माण सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ और इसे लगभग 252 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया। यह भवन सभीआधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और कांग्रेस के संगठनात्मक व रणनीतिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं के विचारराहुल गांधी ने इसे पार्टी के लिए ‘गौरव का प्रतीक’ बताया। उन्होंने कहा, “यह इमारत केवल ईंटों और गारे का ढांचा नहीं है, बल्कि करोड़ोंकार्यकर्ताओं की मेहनत, त्याग और सपनों का प्रतीक है।” कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समर्पण और बलिदान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह इमारत कांग्रेस केमूल्यों और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कांग्रेस की नई शुरुआत‘इंदिरा भवन’ के साथ कांग्रेस ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की प्रतिबद्धता जताई है। यहभवन न केवल पार्टी के प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाएगा, बल्कि कार्यकर्ताओं को प्रेरित भी करेगा। नए मुख्यालय के उद्घाटन को पार्टी ने एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा है। इसका उद्देश्य कांग्रेस के मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिकभारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाना है।

राहुल ने RSS प्रमुख पर बोला तीखा हमला, राहुल बोले – भागवत का बयान देशद्रोह, कहीं और बोलते तो गिरफ्तार होते

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भागवतने कहा था कि भारत को सच्ची आजादी 1947 में नहीं, बल्कि अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद मिली। राहुल गांधी ने इस बयान को ‘राजद्रोह’ करार दिया। उन्होंने कहा, “भागवत का यह बयान भारतीय संविधान, स्वतंत्रता संग्राम और हर नागरिक का अपमान है। यह कहना कि भारत 1947 में आजाद नहींहुआ, संविधान की वैधता पर सवाल उठाने जैसा है। किसी और देश में ऐसे बयान पर कार्रवाई होती।” राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह देश दो विचारधाराओं की लड़ाई से गुजर रहा है। एक तरफ संविधान और लोकतंत्र का विचार है, जबकि दूसरी ओरआरएसएस की विचारधारा है, जो इसके विपरीत है। खरगे ने भी की कड़ी आलोचनाकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी भागवत के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा, “जो लोग स्वतंत्रता संग्राम में कभी शामिल नहीं हुए, उन्हेंआजादी की कीमत का अंदाजा नहीं। ऐसे बयान से देश में उनकी स्वीकृति और मुश्किल हो जाएगी।” मोहन भागवत ने क्या दिया था बयान ?भागवत ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि को ‘सच्ची स्वतंत्रता’ का दिन माना जाना चाहिए। उन्होंने इसे सदियों कीगुलामी के बाद मिली आजादी से जोड़ा।

17 राज्यों में घना कोहरा, दिल्ली में 26 ट्रेनें लेट, हिमाचल के शहरों में पारा माइनस 10 डिग्री, यूपी और राजस्थान में भी ओले का अलर्ट

उत्तर भारत समेत देश के 17 राज्यों में घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। दृश्यता कम होने से यातायात, रेल और हवाई सेवाओं परबुरा असर पड़ा है। दिल्ली और अन्य उत्तर भारतीय क्षेत्रों में ठंड और कोहरे ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। *दिल्ली: ट्रेनें लेट, यात्री परेशान*दिल्ली में कोहरे के चलते 26 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कई लोगों को ट्रेन की सही स्थिति की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। हवाई यात्रा भी इससे अछूती नहीं रही, और कई उड़ानों में देरी हो रहीहै। *हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और ठंड*हिमाचल प्रदेश के केलांग और किन्नौर जैसे इलाकों में तापमान माइनस 10 डिग्री तक पहुंच गया है। बर्फबारी के कारण स्थानीय निवासियों काजीवन कठिन हो गया है। कई प्रमुख सड़कों के बंद होने से आवागमन बाधित हुआ है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ओलावृष्टि की चेतावनीमौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। पहले से ठंड का सामना कर रहे इन राज्यों मेंओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को फसल बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। *सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि*हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कोहरे के कारण कई सड़क हादसे हुए हैं। कम दृश्यता की वजह से वाहन चालकों को बेहद सतर्क रहना पड़ रहाहै। स्कूली बसों और अन्य यात्री वाहनों के संचालन में भी देरी हो रही है। मौसम विभाग का पूर्वानुमानमौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का सिलसिला अभी कुछ दिनों तक जारी रहेगा। सुबह और रात के समय कोहरे केकारण हवाई और रेल सेवाओं में व्यवधान की संभावना बनी हुई है। सावधानी और बचाव के उपाय– वाहन धीरे चलाएं और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें।– हीटर और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें।– बाहर निकलने से पहले मौसम का हाल जान लें।– ठंड से बचने के लिए गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। प्रशासन की तैयारियांप्रशासन ने सड़कों पर फॉग लाइट्स और अन्य उपकरणों की मदद से यातायात को सुचारू बनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। रेलवे को यात्रियों कोसमय पर सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। *सावधान रहें, सुरक्षित रहें*इस मौसम में सतर्कता बेहद जरूरी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और सभी एहतियात बरतें।