‘इंडिया’ गठबंधन पर उमर अब्दुल्ला की नाराजगी: बैठकें नहीं, नेतृत्व और एजेंडा पर अस्पष्टता

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठकों की कमी को लेकर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा किगठबंधन की कोई बैठक नहीं हो रही है, जिससे न तो नेतृत्व पर स्पष्टता है और न ही एजेंडा को लेकर। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यहगठबंधन लंबे समय तक एकजुट रह पाएगा। *भाजपा को रोकने के लिए बना था गठबंधन*अब्दुल्ला ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन का उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा सीटों को कम करना है, न कि सहयोगी दलों की सीटें छीनना।उन्होंने यह भी दोहराया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस कश्मीर की तीनों सीटों पर दावा करेगी, जिन्हें उसने पिछले चुनावों में जीता था। सीट बंटवारे पर चिंताइससे पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी सीट बंटवारे को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि अगर जल्द हीसहमति नहीं बनी, तो गठबंधन टूट सकता है और कुछ दल अलग गठजोड़ बना सकते हैं। कांग्रेस को नेतृत्व मजबूत करने की सलाहउमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह गठबंधन में अपनी भूमिका को स्पष्ट करे और नेतृत्व को मजबूत बनाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसअवसर को हल्के में नहीं लेना चाहिए। *भविष्य की रणनीति पर अनिश्चितता*गठबंधन की पिछली बैठकों में यह तय किया गया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव किस एजेंडा पर लड़े जाएंगे। लेकिन उमर अब्दुल्ला ने इस दिशामें प्रगति की कमी पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि नियमित बैठकें और स्पष्ट नेतृत्व ही गठबंधन को सफल बना सकते हैं। यह बयान ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर बढ़ते संवादहीनता और रणनीतिक अस्पष्टता को रेखांकित करता है।
तिरुपति मंदिर में भगदड़: 6 श्रद्धालुओं की मौत, 40 घायल

वैकुंठ एकादशी के विशेष अवसर पर तिरुपति बालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी, लेकिन भीड़ प्रबंधन में आई चूक के कारण स्थितिबिगड़ गई। इस हादसे में छह लोगों की मृत्यु हो गई और करीब 40 लोग घायल हो गए। घटना का स्थान और कारणयह हादसा तिरुपति मंदिर के विष्णु निवासम क्षेत्र में हुआ, जहां वैकुंठ एकादशी के दिन विशेष वैकुंठ द्वार से दर्शन के लिए टोकन वितरण की व्यवस्थाकी गई थी। टोकन वितरण सुबह 5 बजे शुरू होना था, लेकिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक दिन पहले शाम 6 बजे से ही कतार में लग गए। भीड़ केअत्यधिक बढ़ जाने और प्रबंधन में असफलता के कारण भगदड़ मच गई। मृतकों और घायलों की जानकारी?इस दुर्घटना में छह लोगों की जान चली गई, जिनमें पांच महिलाएं शामिल थीं। मृतकों में 50 वर्षीय मल्लिगा, जो सेलम की रहने वाली थीं, भीशामिल थीं। इसके अलावा, लगभग 40 लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया?आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चितकरने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घायलों के इलाज की व्यवस्था की निगरानी भी की। मंदिर में दर्शन और पूजा के समय?तिरुपति बालाजी मंदिर में दैनिक दर्शन और विशेष पूजाओं का आयोजन एक निश्चित समय-सारणी के अनुसार होता है. दैनिक दर्शन :सुबह 3:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक और दोपहर 2:30 बजे से रात 9:30 बजे तक। शुक्रवार और शनिवार को मंदिर 24 घंटे खुला रहता है।विशेष पूजा का समय? सोमवार: विशेष पूजा सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक।मंगलवार: अष्टदल पाद पद्माराधना सुबह 6:00 बजे से 7:00 बजे तक।बुधवार : सहस्रकलशाभिषेकम सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक।गुरुवार: तिरुप्पवाड़ा सेवा सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक।शुक्रवार: अभिषेकम सुबह 4:30 बजे से 6:00 बजे तक। सुरक्षा पर उठे सवालइस घटना ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैकुंठ एकादशी जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर मंदिर प्रशासन कोश्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और भीड़भाड़ से बचने के लिए अपने दर्शन का समय उचितरूप से चुनें।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: ‘शीश महल’ विवाद से गरमाया राजनीतिक माहौल

दिल्ली में विधानसभा चुनाव करीब हैं, और राजनीतिक दल अपने-अपने एजेंडे को लेकर मैदान में उतर चुके हैं। इसी बीच, मुख्यमंत्री आवास को लेकरउठे ‘शीश महल’ विवाद ने आप (आम आदमी पार्टी) और बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) के बीच टकराव को और तेज कर दिया है।सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह को रोका गयाहाल ही में, आप नेता सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह ने मुख्यमंत्री आवास का दौरा करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसकेबाद, दोनों नेता प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने उन्हें जाने से मना कर दिया और वापस भेज दिया।AAP नेताओं की प्रतिक्रियासंजय सिंह ने इस घटना को लेकर कहा, “हम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हमें रोका जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिएखतरा है।”सौरभ भारद्वाज ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “जनता के पैसे की बर्बादी के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हमारी आवाज दबाने कीकोशिश हो रही है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”मुख्यमंत्री आतिशी का बयानमुख्यमंत्री आतिशी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा, “हमारी सरकार पारदर्शिता में विश्वास रखती है। विपक्ष जनता को गुमराह करने के लिए झूठेआरोप लगा रहा है।”बीजेपी का विरोध और आरोप ?दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कई आरोप लगाए।सचदेवा के आरोप1. *दो बंगले का दावा*: सचदेवा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आतिशी के पास दो सरकारी बंगले हैं और उन्हें ‘बंगले वाली देवी’ कहा।2. *शीश महल पर सवाल*: उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाए। सीएजी (CAG) रिपोर्ट के अनुसार, नवीनीकरण की प्रारंभिक लागत 8.62 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 33.66 करोड़ रुपये हो गई। इसमें महंगे पर्दे, मार्बल और जिम उपकरण शामिलबताए गए।CAG की रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण पर कुल खर्च को लेकर विवाद सामने आया है। सीएजी (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में इसकीप्रारंभिक लागत ₹8.62 करोड़ अनुमानित थी, जो 2022 तक बढ़कर ₹33.66 करोड़ हो गई। इस खर्च में महंगे पर्दे, मार्बल, जिम उपकरण और अन्यसजावटी वस्तुओं का खर्च शामिल है। विपक्ष ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताया है और इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहाहै।चुनावी रणनीतियों पर असरविशेषज्ञों का मानना है कि ‘शीश महल’ विवाद दोनों पार्टियों की चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है। बीजेपी इसे भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाकरचुनावी बढ़त हासिल करना चाहती है, जबकि आप इसे छोटा मुद्दा बताते हुए अपने विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है।