दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: भाजपा और आप के बीच पोस्टर वॉर, त्रिकोणीय मुकाबले की तैयारी

दिल्ली में 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच पोस्टरों के जरिएआरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए विभिन्न पोस्टर जारी किए हैं, जिनमें उन्हेंअलग-अलग किरदारों में दिखाया गया है। भाजपा के पोस्टर और आरोप 1. *’राजा बाबू’ की तुलना*भाजपा ने एक पोस्टर में केजरीवाल को अभिनेता गोविंदा के फिल्मी किरदार ‘राजा बाबू’ के रूप में दिखाया, जो उनके नेतृत्व पर व्यंग्य करता है। 2. *’टॉयलेट चोर’ का आरोप*एक अन्य पोस्टर में शौचालय निर्माण से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर उन्हें ‘टॉयलेट चोर’ कहा गया है। 3. *’चुनावी हिंदू’ का तंज*भाजपा ने केजरीवाल पर चुनाव के दौरान धार्मिक भावनाओं का उपयोग करने का आरोप लगाया और उन्हें ‘चुनावी हिंदू’ बताया। 4. ‘गजनी’ की उपमाएक और पोस्टर में उनकी तुलना फिल्म ‘गजनी’ के नायक से की गई, जिसमें उन्हें वादे करके भूल जाने वाला नेता बताया गया है। आप ने क्या दी प्रतिक्रिया ?आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के पास दिल्ली के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वहव्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रही है। आप प्रवक्ताओं ने भाजपा से चुनावी चर्चा को मुद्दों पर केंद्रित करने की अपील की। चुनावी माहौल में बढ़ती गर्मीइन आरोपों और प्रतिक्रियाओं के बीच, दोनों पार्टियों के समर्थक इसे चुनावी रणनीति मान रहे हैं। मतदाताओं की प्रतिक्रिया से चुनावी माहौल और गर्महो गया है। चुनाव कार्यक्रमचुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मतदान 5 फरवरी को एक ही चरण में होगा, जबकि मतगणना8 फरवरी को की जाएगी। दिल्ली में 1.55 करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 83.49 लाख पुरुष, 71.73 लाख महिलाएं और 1,261 थर्ड जेंडरव्यक्ति शामिल हैं। प्रमुख उम्मीदवार और सीटेंदिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 58 सामान्य और 12 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। 1. आम आदमी पार्टी (AAP)आप ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 2.भारतीय जनता पार्टी (BJP)भाजपा ने अब तक 29 उम्मीदवार घोषित किए हैं। प्रवेश वर्मा नई दिल्ली सीट से केजरीवाल को चुनौती देंगे। 3.कांग्रेस (INC)कांग्रेस ने 48 उम्मीदवार घोषित किए हैं। संदीप दीक्षित चांदनी चौक सीट से मैदान में हैं। मतदान केंद्रों की संख्या:13,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।विशेष सुविधा:85 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए घर से मतदान की व्यवस्था होगी।ईवीएम सुरक्षा: चुनाव आयोग ने ईवीएम की सुरक्षा के लिए कड़े प्रबंध किए हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। दिल्ली केमतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
असम खदान हादसा : नेवी ने एक मजदूर का किया शव बरामद, अभी भी 300 फीट गहराई में फंसे मजदूर

6 जनवरी 2025 को असम के दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो क्षेत्र में 300 फीट गहरी कोयला खदान में अचानक पानी भर जाने से नौ मजदूर फंसगए। यह घटना उस समय हुई जब मजदूर खदान में काम कर रहे थे। 8 जनवरी को भारतीय नौसेना ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक मजदूरका शव बरामद किया। घटना के लगभग 48 घंटे बाद शव निकाला गया। वहीं, बाकी आठ मजदूर अब भी खदान में फंसे हुए हैं। उनकी तलाश औरबचाव कार्य तेजी से जारी है। मजदूरों की हुई पहचानफंसे हुए मजदूरों में नेपाल और भारत के विभिन्न राज्यों के निवासी शामिल हैं। नेपाल से गंगा बहादुर श्रेठ, असम के हुसैन अली, जाकिर हुसैन, मुस्तफाशेख, लिजान मगर और सरत गोयारी, कोकराझार जिले के खुसी मोहन राय और सर्पा बर्मन, तथा पश्चिम बंगाल के संजीत सरकार का नाम मजदूरों कीसूची में शामिल है। बचाव अभियान और चुनौतियांघटना के बाद प्रशासन ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। भारतीय सेना, नौसेना, NDRF और SDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। खदान सेपानी निकालने के लिए ओएनजीसी के विशेष पंपों का उपयोग हो रहा है। पानी का स्तर 100 फीट तक बढ़ जाने के कारण अभियान में कठिनाइयांआ रही हैं। विशाखापत्तनम से विशेषज्ञ गोताखोरों को बुलाया गया है, जो जल्द ही बचाव कार्य में शामिल होंगे। अवैध खनन पर हुई कार्रवाईप्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि खदान अवैध रूप से संचालित हो रही थी। प्रशासन ने खदान के मालिक पुनीश नुनिसा को गिरफ्तार कर लियाहै। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने किया बोला ?असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहाकि बचाव कार्य प्राथमिकता के साथ चल रहा है। साथ ही, उन्होंने घटना की विस्तृत जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। बचाव कार्य में चुनौतियांखदान की गहराई और पानी का लगातार बढ़ता स्तर बचाव अभियान को मुश्किल बना रहा है। खदान की जटिल संरचना के कारण टीमें अत्यंतसावधानी से काम कर रही हैं। समय बीतने के साथ मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। अवैध खनन की पुरानी घटनाएंइस हादसे ने 2018 में मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में हुए एक खदान हादसे की याद दिला दी, जिसमें 370 फीट गहरी खदान में पानी भरने से15 मजदूरों की मौत हो गई थी। अवैध खनन और सुरक्षा उपायों की अनदेखी ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण बनी रहती है।
बेंगलुरु AI इंजीनियर की आत्महत्या: सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे की कस्टडी दादी को देने से किया इनकार”

बेंगलुरु के एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद उनके चार वर्षीय बेटे की कस्टडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अतुल कीमां, अंजू देवी, ने पोते की कस्टडी की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि बच्चा अपनी दादी के लिए”अजनबी” है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कस्टडी से जुड़े मुद्दे निचली अदालत में उठाए जाने चाहिए। सुनवाई के दौरान, अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया के वकील ने जानकारी दी कि बच्चा हरियाणा के फरीदाबाद में एक बोर्डिंग स्कूल में है। बच्चेको बेंगलुरु लाने की योजना है, ताकि वह अपनी मां के साथ रह सके। सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे को 20 जनवरी 2025 को अगली सुनवाई में पेश करने कानिर्देश दिया है। अतुल की आत्महत्या का कारण34 वर्षीय अतुल सुभाष एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, जो बेंगलुरु में काम करते थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी अतुल ने दिसंबर 2024 मेंआत्महत्या कर ली। अपने 24 पन्नों के सुसाइड नोट में उन्होंने पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, और एक फैमिली कोर्ट की जज परप्रताड़ना और दहेज कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाया। अतुल ने अपने नोट में लिखा कि वह “सिस्टम से तंग” आ चुके थे और दहेज कानून के गलत इस्तेमाल के कारण मानसिक तनाव में थे। कानूनी विवाद और आरोपअतुल की आत्महत्या के बाद निकिता सिंघानिया और उनके परिवार के सदस्यों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ। निकिता औरउनके परिवार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे निर्दोष हैं। इस विवाद के चलते सोशल मीडिया पर निकिता को आलोचनाओं का सामनाकरना पड़ा, जिससे उनकी कंपनी एक्सेंचर ने उनका प्रोफाइल निलंबित कर दिया। समाज पर प्रभाव और बहसयह घटना दहेज कानून के कथित दुरुपयोग और न्याय प्रणाली की विफलता पर सवाल खड़े करती है। अतुल के परिजनों और ग्रामीणों का मानना हैकि इस घटना ने समाज को दहेज कानून के गलत इस्तेमाल पर विचार करने के लिए मजबूर किया है। मामले की स्थितिअतुल के सुसाइड नोट और वीडियो को मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। मामले में कानूनी कार्यवाही जारी है, और बच्चे कीकस्टडी पर अंतिम फैसला आना बाकी है।