भाजपा ने जारी की, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 29 उम्मीदवारों की पहली सूची

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 29 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। इस सूची में नई दिल्ली सीट से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सांसद प्रवेश वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। भाजपा की यह रणनीति नई दिल्ली सीट को लेकर विशेष रूप से अहम मानी जा रही है। अन्य प्रमुख नामों में मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, गांधी नगर से अरविंद सिंह लवली, और कालकाजी से रमेश बिधूड़ी शामिल हैं। पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी और नए चेहरों को मौका देकर अपनी चुनावी योजना को मजबूत करने का प्रयास किया है। इस घोषणा के साथ ही दिल्ली की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (आप) पहले ही अपने 70 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। सभी प्रमुख दल अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। दिल्ली की जनता अब सभी दलों के उम्मीदवारों और उनके एजेंडे का आकलन करेगी, जिससे आगामी विधानसभा का स्वरूप तय होगा। भाजपा द्वारा जारी 29 उम्मीदवारों की सूची में शामिल कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं: 1. नई दिल्ली – प्रवेश वर्मा2. मालवीय नगर – सतीश उपाध्याय3. गांधी नगर – अरविंद सिंह लवली4. कालकाजी – रमेश बिधूड़ी5. पटेल नगर – कृष्णा तीरथ6. त्रिनगर – नंद किशोर गर्ग7. मादीपुर – राज कुमार खुराना8. राजौरी गार्डन – मनजिंदर सिंह सिरसा9. जनकपुरी – अशोक गोयल10. द्वारका – प्रद्युम्न राजपूत11. उत्तम नगर – पवन शर्मा12. मटियाला – राजेश गहलोत13. नजफगढ़ – अजीत खट्रान14. बिजवासन – सत्य प्रकाश राणा15. पालम – विजय पंडित भाजपा की यह सूची आगामी चुनावी मुकाबले को और रोचक बनाती है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में ‘ग्रामीण भारत महोत्सव-2025’ का उद्घाटन किया, पीएम ने ग्रामीण विकास पर भी दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जनवरी 2025 को दिल्ली के भारत मंडपम में ‘ग्रामीण भारत महोत्सव-2025’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंनेकहा कि 2014 के बाद से वे निरंतर ग्रामीण भारत की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गांवों का विकास पहले भी संभव था, लेकिनउनकी सरकार ने इसे विशेष प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि भारत के गांवों के लोग सशक्त हों, उन्हें गांव में ही आगे बढ़ने के अवसर मिलें, और उन्हें पलायन न करनापड़े। इसके लिए हमने गांव-गांव में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का अभियान शुरू किया।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने किसानों के लिए निर्णय लिया है कि दुनिया में डीएपी (DAP) की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारत में यहबोझ नहीं बढ़ने देंगे और सब्सिडी बढ़ाकर इसे स्थिर रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि गांवों के विभिन्न वर्गों के लिए विशेष नीतियों को लागू किया गया है। हाल ही में, कैबिनेट ने ‘पीएम फसलबीमा योजना’ को एक वर्ष और जारी रखने की मंजूरी दी है। ‘ग्रामीण भारत महोत्सव-2025’ का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047 के लिए एक मजबूत और लचीला ग्रामीण भारत बनाना’ है। महोत्सव केदौरान विभिन्न चर्चाएं, कार्यशालाएं और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, आत्मनिर्भरअर्थव्यवस्थाओं का निर्माण और ग्रामीण समुदायों में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में नए मोड़ की ओर बढ़ते शिवसेना (UBT) और BJP नेता

महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी समीकरण एक बार फिर बदलते दिख रहे हैं। हाल ही में, शिवसेना(यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जमकर तारीफ की है। राउत ने गढ़चिरौली जिले में सक्रिय नक्सलियों केआत्मसमर्पण को राज्य सरकार की सराहनीय उपलब्धि करार दिया। संजय राउत ने की फडणवीस की प्रशंसाशिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र *सामना* में प्रकाशित संपादकीय में संजय राउत ने गढ़चिरौली जिले के पूर्व संरक्षक मंत्री पर निशाना साधते हुए आरोपलगाया कि उन्होंने अपने एजेंटों को नियुक्त किया और नक्सलवाद को बढ़ावा दिया। राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गढ़चिरौली काप्रभार संभालकर अच्छा काम किया है, जिससे नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और संवैधानिक रास्ता अपनाया। राउत ने एएनआई से बातचीत में कहा, “हमने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ की है, क्योंकि सरकार ने गढ़चिरौली में अच्छा काम किया है। यदिनक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और संविधान को अपनाया, तो यह हम सभी के लिए शुभ है। महाराष्ट्र के लिए यह एक सकारात्मक कदम है।” गढ़चिरौली का विकास होगा महाराष्ट्र के लिए लाभकारीसंजय राउत ने गढ़चिरौली जिले के विकास की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “गढ़चिरौली का विकास केवल इस जिले के लिए नहीं, बल्कि पूरेमहाराष्ट्र के लिए अच्छा होगा। यदि यह जिले महाराष्ट्र का स्टील सिटी बन जाता है, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।” राउत ने आगे कहा, “हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की है जब उन्होंने अच्छा काम किया है। अगर गढ़चिरौली जैसे नक्सल प्रभावित जिले मेंसकारात्मक बदलाव आ रहे हैं, तो इसे सराहा जाना चाहिए।” नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर राउत की प्रतिक्रियासंजय राउत ने यह भी बताया कि गढ़चिरौली जिले में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली विमला चंद्र सिदम उर्फ तारक्का समेत 11 नक्सलियों नेआत्मसमर्पण कर दिया है। राउत ने कहा कि यह सकारात्मक बदलाव की ओर एक बड़ा कदम है, जो अब तक नक्सल प्रभावित जिलों में उद्योगस्थापित करने की कोशिश करने वाले उद्योगपतियों से जबरन वसूली की स्थिति को बदलने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, “अब चीजें बदल रही हैं। जो लोग पहले केवल उद्योगपतियों से पैसे ऐंठने के बारे में सोचते थे, वे अब सकारात्मक बदलाव की ओर कदमबढ़ा रहे हैं, और यह सराहनीय है।” गढ़चिरौली में हुआ आत्मसमर्पणगढ़चिरौली में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम हुआ, जब एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली विमला चंद्र सिदम उर्फ तारक्का समेत कुल 11 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इनमें आठ महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे, जिन्होंने गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय मेंआत्मसमर्पण किया। यह घटना नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार की कड़ी कार्रवाई और फडणवीस सरकार के प्रयासों को एक बड़ी सफलता केरूप में देखा जा रहा है। महाराष्ट्र की सियासत में नया समीकरण?शिवसेना (यूबीटी) और BJP के बीच बढ़ती प्रशंसा और समर्थन की यह स्थिति राज्य की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत देती है। संजय राउतद्वारा फडणवीस की सराहना और गढ़चिरौली में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की घटना, यह साबित करती है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अभी और भीदिलचस्प मोड़ आने वाले हैं।