उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में रविवार को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई।यह हेलीकॉप्टर केदारनाथ से यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी लौट रहा था। बताया गया कि उड़ान सुबह 5:17 बजे भरी गई थी, लेकिन खराब मौसम केचलते हेलीकॉप्टर रास्ता भटक गया और दुर्घटना का शिकार हो गया।
प्रियंका गांधी ने जताया शोक, सरकार से की अपील
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “गौरीकुंड, उत्तराखंड मेंहुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुखद है। भगवान केदारनाथ दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरीगहरी संवेदनाएं।” उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा मानकों की गंभीरता से समीक्षा कीजाए। उन्होंने यह भी बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान यह पांचवीं हेलीकॉप्टर दुर्घटना है।
हरीश रावत ने जताई चिंता, मांगा ठोस समाधान
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए लिखा, “केदारनाथ क्षेत्र में एक और हेलीकॉप्टर दुर्घटना हुई है, जो अत्यंत भयावह है। पायलट समेत सभी यात्री इस हादसे में काल के गाल में समा गए। उत्तराखंड की जनता मृतकों के परिजनों के प्रति गहरीसंवेदना प्रकट करती है।” उन्होंने कहा कि राज्य में सिविल एविएशन सेक्टर का विस्तार हो रहा है, लेकिन उसी अनुपात में दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जोबेहद चिंताजनक है।
दुर्घटनाओं की जांच के बाद लागू हों सुरक्षा उपाय
हरीश रावत ने सुझाव दिया कि सभी पुरानी दुर्घटनाओं की जांच के निष्कर्षों के आधार पर मजबूत सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा किअगर सुरक्षा में कोई लापरवाही होती है, तो इसकी कीमत यात्रियों को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ती है, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने बाबा केदार सेप्रार्थना की कि वह दिवंगत आत्माओं को शांति और उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
सरकारी एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुएअब राजनेताओं ने भी सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा कर सकें।