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पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रहने वाली प्रवासी मजदूर सोनाली खातून ने सोमवार सुबह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। सोनाली को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 5 दिसंबर को बांग्लादेश से वापस भारत लाया गया था। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत के बाद पुष्टि की कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। बीरभूम जिले के मुरारई की रहने वाली सोनाली को पिछले साल जून में दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें पड़ोसी देश भेज दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गर्भावस्था की उन्नत अवस्था को देखते हुए उन्हें वापस लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद पिछले महीने उन्हें उनके नाबालिग बेटे साबिर के साथ मालदा सीमा के रास्ते भारत लाया गया।

दुरुपयोग के बीच मानवता की जीत करार
बांग्लादेश में सोनाली और उनके पति दानिश सहित पांच अन्य लोगों को 20 अगस्त से चपाई नवाबगंज सुधार गृह में कथित घुसपैठियों के रूप में रखा गया था। बाद में 1 दिसंबर को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, दानिश और स्वीटी बीबी के परिवार के तीन सदस्यों की वापसी अभी बाकी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने प्रवासी मजदूर सोनाली खातून के मां बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटनाक्रम को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के बीच मानवता की जीत करार दिया।

अस्पताल जाकर सोनाली और उनके नवजात शिशु से मिलेंगे
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने लिखा, “मुझे यह जानकर अत्यंत खुशी हुई कि सोनाली खातून ने बीरभूम के रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जिस अन्याय का उसे सामना करना पड़ा उसके मुकाबले खुशी का यह पल और भी ज्यादा खास लगता है। उन्होंने कहा उसके साथ जो हुआ, वह इंसानियत का अपमान था। इसे किसी भी नागरिक को खासकर एक गर्भवती मां को कभी भी सहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। फिर भी इन सब मुश्किलों के बावजूद सोनाली ने असाधारण हिम्मत और पक्का इरादा दिखाया।” बनर्जी ने घोषणा की कि वह मंगलवार को अपनी बीरभूम यात्रा के दौरान अस्पताल जाकर सोनाली और उनके नवजात शिशु से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सोनाली ने असाधारण साहस दिखाया है और उनकी प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं।

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