
दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू होते ही आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा और जरनैल सिंह को तीन दिनों के लिए सदन से निष्कासित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद दोनों नेताओं ने आम आदमी पार्टी के कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली इस समय गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है।
प्रदूषण से दम घोंटती दिल्ली
संजीव झा ने कहा कि पिछले कई दिनों से दिल्ली के लोग प्रदूषण के कारण बेहद परेशान हैं। जहरीली हवा की वजह से कई लोगों की जान तक जा चुकी है। ऐसे हालात में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह सरकार से प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर जवाब मांगे। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने पहले बयान दिया था कि अगर सरकार चाहे तो दिल्ली का 80 प्रतिशत प्रदूषण खत्म किया जा सकता है, लेकिन जब उसी बयान के आधार पर समाधान पूछा गया तो उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया।
फॉर्मूला था तो लागू क्यों नहीं हुआ
संजीव झा ने सवाल उठाया कि अगर प्रदूषण खत्म करने का तरीका सरकार और उपराज्यपाल को पता था तो अब तक उसे जमीन पर क्यों नहीं उतारा गया। उन्होंने कहा कि यही सवाल जब विधानसभा में उठाया गया तो मार्शल आउट कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि क्या जीने का अधिकार मांगना भी अब अपराध बन गया है।
जनता के सवाल और सरकार के अधूरे वादे
संजीव झा ने कहा कि सरकार ने 10 महीने पहले जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे। पहली कैबिनेट में 2500 रुपये देने की घोषणा की गई थी और दिवाली तथा होली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने की बात कही गई थी। इन वादों का क्या हुआ, इस पर जब सवाल पूछे गए तो सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने पर निष्कासन देना सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
अध्यक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल
संजीव झा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी होती है कि सदन में दिल्ली की जनता की बात रखी जाए। लेकिन आज स्थिति यह है कि अध्यक्ष सरकार की ढाल बनकर खड़े दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली का प्रदूषण सच में खत्म हो जाता है तो सरकार चाहे तो उनके सभी साथियों को सदन से बाहर कर दे, लेकिन तब भी वे जनता की आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे।
सदन से सड़क तक जारी रहेगा संघर्ष
संजीव झा ने साफ शब्दों में कहा कि आम आदमी पार्टी सवाल पूछना जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि चाहे सदन हो या सड़क, दिल्ली के लोगों को गुमराह नहीं होने दिया जाएगा। जनता के हक की लड़ाई हर मंच पर जारी रहेगी।
AQI पर सवालों से घबराई सरकार
जरनैल सिंह का बयान सवालों से डरती सत्ता आम आदमी पार्टी विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार मास्क से नहीं बल्कि सवालों से घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का डर साफ दिखाई दे रहा है, इसलिए विपक्ष को मार्शल आउट किया गया। इस समय दिल्ली का सबसे बड़ा मुद्दा AQI है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर चर्चा करने से बच रही है।
विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश
जरनैल सिंह ने कहा कि जब विपक्ष प्रदूषण और AQI जैसे मुद्दों पर सवाल करता है तो सत्ता पक्ष और स्पीकर सरकार की ढाल बनकर सामने आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता की आवाज को सदन से बाहर कर दिया गया।
दिल्ली वालों के हक की लड़ाई
जरनैल सिंह ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के लोगों के हक की आवाज उठाती रहेगी। किसी भी तरह के दबाव से डरने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हित में सवाल पूछते रहेंगे और सरकार को जवाब देना ही पड़ेगा।
लक्ष्मी नगर में बढ़ता अपराध चिंता का विषय
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल बेखौफ होते अपराधी लक्ष्मी नगर क्षेत्र को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। कहा गया कि इलाके में अपराधी बेखौफ होते जा रहे हैं। कहीं गोलियां चल रही हैं और खुलेआम अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे साफ होता है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप
इस मामले में सामने आए वीडियो का जिक्र करते हुए कहा गया कि जिन अपराधियों की तस्वीरें सामने आई हैं, वे बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ नजर आ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि अगर रसूखदार लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहेगा तो दिल्ली में अपराध कभी खत्म नहीं होंगे।
अपराध रोकने में सरकार की नाकामी
कहा गया कि अगर अपराधियों को उनके रसूख के कारण बचाया जाएगा तो आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस करेगी। दिल्ली में अपराध रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीर नजर नहीं आ रही। इसी वजह से आम आदमी पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है और आगे भी उठाती रहेगी।