
दिल्ली के रामलीला मैदान में एसआईआर और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस की विशाल रैली को राहुल गांधी ने संबोधित किया। इस दौरान राहुलगांधी ने आरएसएस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहाहै। मैंने सवाल पूछे तो चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं यहां आ रहाथा तो मुझे बताया गया कि अंडमान निकोबार में मोहन भागवत ने एक बयान दिया है। गांधीजी कहते थे कि सत्य सबसे जरूरी चीज है, हमारे धर्म मेंसत्य को सबसे जरूरी माना जाता है, लेकिन मोहन भागवत का बयान सुनिए- ‘विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है, जिसके पास शक्ति है उसेमाना जाता है।’ यह मोहन भागवत की सोच है, यह RSS की विचारधारा है। हमारी, हिंदुस्तान, हिंदू धर्म और दुनिया के हर धर्म की विचारधारा यहकहती है कि सत्य सबसे जरूरी है, लेकिन मोहन भागवत कहते हैं सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि हम सत्यको लेकर, सत्य के पीछे खड़े होकर, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, आरएसएस की सरकार को सत्ता से हटाएंगे।”
5 मिनट में सत्ता से बेदखल कर देते
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आगे कहा, “उनके (भाजपा) पास सत्ता है, वे वोट चोरी करते हैं, चुनाव के समय वे 10 हजार रुपये देते हैं, उनके चुनावआयुक्त हैं- ज्ञानेश कुमार, डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी… चुनाव आयोग-भाजपा सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रधानमंत्रीमोदी ने इनके लिए कानून बदला, नया कानून लेकर आए और कहा कि चुनाव आयुक्त कुछ भी करे उनपर एक्शन नहीं लिया जा सकता, उनपरकार्रवाई नहीं हो सकती। हम इस कानून को बदलेंगे और आपके खिलाफ एक्शन लेंगे क्योंकि हम सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं और आप असत्य केसाथ खड़े हो।” राहुल गांधी ने आगे कहा, “इसमें समय लग सकता है, लेकिन भारत में सत्य की जीत होगी। हम सत्य के मार्ग पर चलते हैं और हमउन्हें सत्ता से बेदखल कर देंगे। प्रधानमंत्री मोदी का आत्मविश्वास हिल गया है क्योंकि उन्हें पता चल गया है कि उनकी वोट चोरी पकड़ी गई है। वोटचोरी भारत के संविधान पर सबसे बड़ा हमला है। अगर उन्होंने वोट चोरी नहीं की होती तो आप उन्हें 5 मिनट में सत्ता से बेदखल कर देते।”
राष्ट्र गीत किसका है
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “आज संसद में मुश्किल से एक सत्र में 1-2 बहस होती है…जब राहुल गांधी, खरगे जी ने मुद्दा उठाया कि हमें चुनाव पर, SIR पर, वोट चोरी पर बहस करनी है, तो वो घबरा गए। उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। अंत में कैसे मानेकि हम वंदे मातरम पर भी चर्चा करेंगे। हम संसद में यह बहस करते रहे कि राष्ट्र गीत किसका है, राष्ट्र गीत कैसे बना, राष्ट्र गीत क्यों बना और जो बड़ी-बड़ी समस्याएं हैं, जिससे आप जूझ रहे हो-बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, इनके बारे में चर्चा करने की हिम्मत नहीं है। मैं उन्हें (भाजपा) चुनौती देती हूंकि ये एक सही चुनाव लड़ लें, बैलेट पर लड़ लें, तो वो खुद जानते हैं कि वो कभी नहीं जीत पाएंगे।”