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न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को वनडे सीरीज में 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बाद फैंस से लेकर क्रिकेट पंडितों ने टीम मैनेजमेंट और कोच गौतम गंभीर की जमकर आलोचना की है। साथ ही शुभमन गिल की कप्तानी पर भी सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का भी बयान सामने आया है। उन्होंने भी गिल की कप्तानी में कमियां गिनाई हैं। आश्चर्य की बात यह भी है कि क्रिकेट पंडितों की बात क्या गंभीर सुन भी रहे हैं, क्योंकि अश्विन ने जो तर्क दिए हैं, वो सोचने पर मजबूर करते हैं। अश्विन ने गिल की बल्लेबाजी की सराहना की, लेकिन बतौर कप्तान उनकी क्षमताओं पर सवाल खड़े किए। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने वनडे में भारतीय मध्यक्रम की जमकर आलोचना की और संसाधन प्रबंधन में स्पष्टता की कमी को उजागर किया। इस वजह से भारत को दूसरा और तीसरे वनडे में हार का मुंह देखना पड़ा था। अश्विन ने यह भी बताया कि कप्तानी के जिन पहलुओं में गिल को कठिनाई हुई, वे वही पहलू हैं जिनमें एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों ने अपने कार्यकाल के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।

तीसरा वनडे एक नई जगह पर
अश्विन के मुताबिक, जब मैच में रिस्क था, तब गिल अपने सर्वश्रेष्ठ संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में नाकाम रहे। अश्विन ने कुलदीप के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाया, खास तौर पर तीसरे वनडे में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के खिलाफ। अश्विन ने कहा, ‘हम रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी की इतनी तारीफ क्यों करते हैं? क्योंकि उन्हें पता था कि अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे और किस बल्लेबाज के खिलाफ करना है। यह इस सीरीज में मुझे मिसिंग दिखी।’ अश्विन का सुझाव था कि गिल के निर्णय पिछली असफलताओं से प्रभावित थे। इसी वजह से वह तीसरे और निर्णायक वनडे के दौरान गेंदबाजों पर उनका भरोसा कम हो गया था। उन्होंने कहा, ‘आपको पिछले मैच के आधार पर किसी गेंदबाज पर भरोसा नहीं खोना चाहिए। पिछले मैच में जो हो गया वो गया, लेकिन उसकी वजह से अगले मैच में आपको धारणा नहीं बनानी चाहिए। दूसरे वनडे के बाद तीसरा वनडे एक नई जगह पर था, एक नई पिच थी।’

फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी तोड़नी चाहिए
अश्विन के विश्लेषण में सबसे तीखी टिप्पणी गिल द्वारा स्टार खिलाड़ी कुलदीप यादव के खिलाफ अपनाई गई रणनीति को लेकर थी। अश्विन का तर्क था कि गिल की सख्त कप्तानी न्यूजीलैंड के मध्य क्रम, विशेष रूप से ग्लेन फिलिप्स की स्पष्ट तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाने में विफल रही। अश्विन ने समझाया, ‘अगर ग्लेन फिलिप्स को मध्य के ओवरों में कुलदीप यादव का सामना करना पड़ता तो यह देखना दिलचस्प होता। मैं वो दो ओवर का स्पेल जरूर देखता।’
अश्विन ने हैरानी जताई कि गिल के पास कोई ‘प्लान बी’ नहीं था। अश्विन ने कहा कि गिल कुलदीप को कुछ बल्लेबाजों के सामने आने से बचाते रहे, जबकि उन्हें अपने मुख्य हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए था और फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी तोड़नी चाहिए थी।

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