
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रख दी है। इससे चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में माहौलतनावपूर्ण हो गया है। यह सवाल किया जाने लगा है कि एक सामान्य विधायक हुमायूं कबीर अचानक इतना बड़ा कैसे हो गया कि वह पश्चिम बंगालमें ममता बनर्जी को चुनौती देने लगा। भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी के इशारे पर हुमायूं कबीर के सहारे बाबरी मस्जिद का दांव खेला गया है।इसका उद्देश्य मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करना है। हुमायूं कबीर ने कहा है कि बाबरी मस्जिद के निर्माण में 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह पैसाकहां से आएगा? क्या यह मामला केवल पश्चिम बंगाल के चुनाव तक सीमित रहेगा? 70 फीसदी मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में यदि सांप्रदायिकउन्माद फैलता है तो इसकी कीमत कौन चुकाएगा? इसका जिम्मेदार कौन होगा?
कबीर को इतनी ताकत देने वाला कौन
दावा किया जा रहा है कि बाबरी मस्जिद की नींव रखने के कार्यक्रम में करीब चार लाख लोगों की भीड़ जुटी थी। इस कार्यक्रम के लिए एक लाखबिरयानी के पैकेट बनवाए गए थे। पिछले विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर भरतपुर से केवल 93 हजार वोट हासिल कर सका था। ऐसे में अचानकउसकी ताकत इतनी बड़ी कैसे हो गई कि वह अपने कार्यक्रम में तीन से चार लाख लोगों की भीड़ इकट्ठी कर ले। बाबरी मस्जिद बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये लगाने का दावा स्वयं हुमायूं कबीर ने किया है। यह आर्थिक सहायता कहां से मिलने वाली है? साफ है कि हुमायूं कबीर को बैकडोर सेसमर्थन दिया जा रहा है। एक विभाजनकारी राजनीति के लिए हुमायूं कबीर को इतनी ताकत देने वाला कौन है?
भाजपा ही हुमायूं कबीर को आर्थिक सहायता देकर बाबरी निर्माण करा रही
भाजपा नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि हुमायूं कबीर के जरिए मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कर ममता बनर्जी चुनाव जीतना चाहती हैं।लेकिन देश विभाजन के समय हिंदू-मुस्लिम तुष्टीकरण का भयंकर परिणाम भुगत चुके बंगाल में यह खेल बहुत भयानक हो सकता है। हुमायूं कबीर नेपिछले लोकसभा चुनाव के दौरान काजीपारा में एक जनसभा के दौरान यह धमकी दी थी कि मुर्शिदाबाद में 70 फीसदी मुसलमान रहते हैं। भाजपा के30 फीसदी समर्थकों को वे भागीरथी नदी में फेंक देंगे। यदि मुर्शिदाबाद में सांप्रदायिक तनाव फैलता है तो इसका दुष्परिणाम किसे भुगतना पड़ सकताहै, यह बताने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन टीएमसी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ही हुमायूं कबीरको आर्थिक सहायता देकर बाबरी निर्माण करा रही है। इससे पश्चिम बंगाल के हिंदू वोटर उसके पक्ष में एकजुट हो सकते हैं और इससे उसे सियासीफायदा हो सकता है।