
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को खुले मंच से दो बड़े संदेश दिए हैं। पहला, टीएमसी विधायक हमायूं कबीर के निलंबन के बादसांप्रदायिक राजनीति पर कड़ा रुख और दूसरा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला। हमायूं कबीर को कथित तौरपर ‘बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद’ की नींव रखने की घोषणा के बाद पार्टी से निलंबित किया गया। आरोप है कि इस बयान से जिले में सांप्रदायिकतनाव बढ़ सकता था। निलंबन की घोषणा कोलकाता में मंत्री फिरहाद हाकिम ने जल्दबाजी में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उनके साथ जिले केनेता अखरुज्जमान और नियामत शेख भी मौजूद थे। हाकिम ने कहा, ‘जो धर्म के नाम पर राजनीति करेगा, उसका टीएमसी में कोई स्थान नहीं।’
एनआरसी नहीं आने दूंगी
कुछ घंटे बाद, ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद की रैली में बिना नाम लिए कबीर पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘मुर्शिदाबाद दंगों की राजनीति स्वीकारनहीं करेगा। यह सरज-उद-दौला की मिट्टी है, यहां सद्भाव है। हम सांप्रदायिक राजनीति नहीं करते और न इसे सहेंगे।’ उन्होंने कहा कि जिले की पहचानधार्मिक सद्भावना है और इसे किसी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा। ‘इतिहास सिखाता है, विश्वास जोड़ता है और विश्वासघात बर्बाद करता है।’ वहींबहरामपुर में दूसरी रैली में ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी 2026 विधानसभा चुनाव कोध्यान में रखते हुए धार्मिक ध्रुवीकरण कर रही है। उन्होंने दावा किया, ‘देशभर में एसआईआर से जुड़े घटनाओं में जितने लोग मरे हैं, उनमें आधे सेज्यादा हिंदू हैं। भाजपा वही डाली काट रही है जिस पर बैठी है।’ उन्होंने कहा कि बंगाल में न एनआरसी लागू होगा, न डिटेंशन कैंप बनेंगे। ‘मेरी आवाजकाट दी जाए, तब भी मैं एनआरसी नहीं आने दूंगी।’
नहीं तो भाजपा फायदा उठाएगी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक स्थानों को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि जमीन रिकॉर्ड मेंमस्जिद या कब्रिस्तान दर्ज हो गए हैं। यह झूठ है। एआई का दुरुपयोग कर मेरे नाम से फर्जी बयान चलाए जा रहे हैं।’ उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरणदेते हुए कहा, ‘स्वतंत्र उम्मीदवारों के नाम पर वोट न बांटें, नहीं तो भाजपा फायदा उठाएगी।’ इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह लोगों केनाम शामिल होने तक अपना फॉर्म नहीं भरेंगी। ‘मैंने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है। पहले जनता, बाद में मैं।’ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी नेएक ही दिन में दो स्पष्ट संदेश दिए हैं। इसमें पहला ये है कि तृणमूल कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी वहीं दूसरा ये कि एसआईआर, एनआरसी तथा ध्रुवीकरण की राजनीति को चुनौती दी जाएगी।