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बांग्लादेश में इन दिनों हिंसा और अराजकता का माहौल है। भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते भी खराब दौर से गुजर रहे हैं और दोनों देशों ने अपनी-अपनी वीजा सेवाएं भी बंद करने का एलान कर दिया है। अब इसे लेकर विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार की निंदा की है। विदेश मामलों के विशेषज्ञसुशांत सरीन का कहना है कि इस समय बांग्लादेश की सरकार पाकिस्तान की जेब में है।
सुशांत सरीन ने कहा, ‘बांग्लादेश अपनी पाकिस्तानी जड़ों को फिर से खोज रहा है। वे पाकिस्तानी तरीके अपना रहे हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार, अवैध, गैर-कानूनी और बिना चुनी हुई सरकार है और अब वह पूरी तरह से पाकिस्तान की जेब में है। बांग्लादेश का 15-20 लोगों के छोटे से प्रदर्शनपर इतनी ज्यादा प्रतिक्रिया देना पूरी तरह से हास्यपद है, जबकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं और लोगों की क्रूर तरीके से हत्याएंहो रही हैं।’ बांग्लादेश में कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान बांग्लादेश में भारतीयमिशनों के बाहर भी उग्र विरोध प्रदर्शन हुए।

बाकी दुनिया के लिए भी एक सबक होना
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने बांग्लादेश में अपने मिशनों में वीजा सेवाएं बंद करने का एलान किया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने भीकथित सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में अपने मिशन में वीजा सेवाएं बंद करने का एलान कर दिया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सुशांतसरीन ने कहा, पाकिस्तान भी ऐसी ही बेतुकी बातें करता है और अब बांग्लादेश भी अपनी पूर्वी पाकिस्तान की जड़ों को फिर से खोज रहा है। ऐसीरिपोर्ट्स सामने आ रही हैं कि पाकिस्तानी सरकार के कुछ लोग बांग्लादेश के सरकारी दफ्तरों में बैठे हैं और उन्हें बता रहे हैं कि क्या करना है। ‘ऐसी भीरिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश एक रक्षा सौदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि जल्द ही बांग्लादेश में पाकिस्तानीसैनिकों की तैनाती हो सकती है या किसी और तरह की मदद दी जा सकती है। बांग्लादेश भारत पर हमला करने के लिए एक चौकी बन सकता है।भारत को भी यह सोचना होगा कि वह बांग्लादेश से कैसे निपटना है। बहुत से लोग, भारत जो कर रहा है या नहीं कर रहा है, उसे एक रणनीतिक संयममानते हैं। लेकिन मुझे कभी-कभी हैरानी होती है कि यह संयम है या रणनीतिक लकवा। हमें कुछ करने की जरूरत है, और यह भारत के लिए, यहां तककि पड़ोसी देशों और बाकी दुनिया के लिए भी एक सबक होना चाहिए।’

सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की
सुशांत सरीन ने कहा, ‘भारतीय वीजा सेवाएं निलंबित किए जाने के सुरक्षा कारण थे। बांग्लादेश में पुलिस और सरकार का कहना है कि हम (भीड़ को) कंट्रोल नहीं कर सकते क्योंकि वे हिंसक हो जाएंगे। बांग्लादेश में भारतीय मिशनों के लिए एक स्पष्ट और मौजूदा सुरक्षा खतरा है, यही वजह है किकुछ सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था। भारत में ऐसी स्थिति नहीं है। मुझे नहीं लगता कि किसी भारतीय पुलिस वाले ने, या किसी भारतीयसरकार या भारतीय अथॉरिटी ने कहा है कि हम भीड़ को कंट्रोल नहीं कर सकते, तो बांग्लादेशियों ने कहा कि उनके मिशनों को सुरक्षा खतरा था; वेझूठ बोल रहे हैं। यह वही पाकिस्तानी जैसे को तैसा वाला कार्ड है।’ बांग्लादेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और भीड़तंत्र की हिंसा के बीच, जिस तरहसे बांग्लादेश ने भारत में अपने मिशन की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है, उस पर विशेषज्ञों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि बांग्लादेशइस समय पूरी तरह से पाकिस्तान की जेब में है।

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