
महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने पूर्व प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। पूजा खेडकर का आरोप है कि उनके परिवार की घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता को नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया और इसके बाद घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूजा खेडकर ने शनिवार देर रात बानेर रोड स्थित अपने परिवार के बंगले पर हुई इस कथित घटना की जानकारी दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि हाल ही में काम पर रखी गई नेपाल की निवासी घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता (मनोरमा एवं दिलीप खेडकर) को नशीली दवाएं देकर बेहोश कर दिया तथा उन्हें बांधकर उनके मोबाइल फोन और कुछ कीमती सामान लेकर फरार हो गई।
एक चौंकाने वाली घटना सामने आई
पूजा खेडकर ने दावा किया कि वह किसी तरह खुद को मुक्त कर पाईं और दूसरे फोन का इस्तेमाल करके पुलिस को सूचित किया। अधिकारी ने बताया कि खेडकर ने टेलीफोन पर घटना की सूचना दी, लेकिन अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई है और न ही चोरी हुए अन्य सामान के बारे में विवरण दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। खेडकर दंपति के खिलाफ पिछले साल नवी मुंबई में सड़क पर झगड़े के बाद एक ट्रक चालक के अपहरण के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया गया था। पूजा खेडकर पर 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने के लिए आवेदन में तथ्यों को छुपाने का आरोप है, लेकिन उन्होंने अपने खिलाफ सभी आरोपों का खंडन किया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोपों के चलते बर्खास्त की गईं आईएएश अधिकारी पूजा खेडकर के मामले में अब एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उन्होंने अपने घर में लूट की जाने की बात कही है।