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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को मंगलवार को बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के आरोपपत्र परसंज्ञान लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपी प्राथमिकी की प्रतिलिपि पाने केहकदार नहीं है। इसको लेकर कांग्रेस के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस अपने आधिकारिक एक्स खाते से एक पोस्ट में लिखा, सत्य की जीत हुई है। (नरेंद्र) मोदी सरकार की बदनीयत और गैरकानूनी तरीके से की गईकार्रवाई पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। माननीय अदालत ने यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी कीकार्रवाई को अवैध और दुर्भावना से ग्रसित पाया है। कोर्ट ने फैसला दिया है कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई प्राथमिकीनहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता।

मजिस्ट्रेट के समन आदेशों पर आधारित
पार्टी ने आगे कहा, मोदी सरकार द्वारा पिछले एक दशक से मुख्य विपक्षी दल के खिलाफ, राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से की जा रहीयह कार्रवाई आज पूरे देश के सामने बेनकाब हो गई है। धनशोधन का कोई मामला नहीं, अपराध की कोई आय नहीं और संपत्ति का कोई हस्तांतरणनहीं, यह सभी निराधार आरोप जो निम्न स्तर की राजनीति, द्वेष की भावना और सम्मान पर हमला करने की भावना से प्रेरित हैं, आज सब धराशायी होगए। कांग्रेस पार्टी और हमारा नेतृत्व सत्य के लिए और हर भारतीय के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें कोई भी डरा नहीं सकता, क्योंकि हम सत्य के लिए लड़ते हैं। सत्यमेव जयते। वहीं, कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने कहा, मैं समझता हूं…एक कहावत है सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। बहुत ही स्वागत योग्य कदम है। निश्चित रूप से यह सत्य की जीत है। मैं कहूंगा सत्यमेव जयते। कोर्ट ने कहा कि नेशनल हेराल्डधनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय अपनी आगे की जांच जारी रख सकता है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर कोई कानूनी कार्रवाई नहींकी जा सकती क्योंकि ईडी का मामला किसी प्राथमिकी पर आधारित नहीं है। यह केवल सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दर्ज कराई गई निजी शिकायतऔर मजिस्ट्रेट के समन आदेशों पर आधारित है।

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