
नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को याद करते हुए आरोप लगायाकि स्वतंत्रता के बाद चार दशकों तक कांग्रेस ने पटेल के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। उन्होंने कहा किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही वह नेता हैं जिन्होंने सरदार पटेल को सही सम्मान दिलाया है। कार्यक्रम में नड्डा ने ‘@150 यूनिटी मार्च’ को हरी झंडी दिखाकरपटेल की जयंती का शुभारंभ भी किया। नड्डा ने कहा कि भारत की आजादी के समय देश 562 रियासतों में बंटा था और ब्रिटिश शासन चाहता था किभारत कमजोर और विभाजित रहे। लेकिन सरदार पटेल ने दो वर्षों के भीतर इन सभी रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप मेंखड़ा किया। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा योगदान देने के बावजूद कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक कारणों से पटेल को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वेहकदार थे।
1991 तक कांग्रेस सत्ता में रही
नड्डा ने आरोप लगाया कि 1950 से 1991 तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने पटेल को भारत रत्न देने का निर्णय नहीं लिया। उनकेमुताबिक राजनीतिक साजिशें रची गईं ताकि पटेल को इतिहास में वह स्थान न मिले, जिसे रोकने का प्रयास कांग्रेस सरकारों ने लगातार किया। नड्डा नेकहा कि इस अन्याय को खत्म करने का सही काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। कार्यक्रम में नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को सच्चीश्रद्धांजलि देते हुए केवड़िया में दुनिया की सबसे ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ एक प्रतिमा है, बल्कि‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक भी है, जिसे पटेल ने अपने अथक प्रयासों से साकार किया।
विभाजित हिंदुस्तान को एक मजबूत राष्ट्र में बदल दिया
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पटेल ने विभाजित हिंदुस्तान को एक मजबूत राष्ट्र में बदल दिया। उन्होंने देश को विदेशी मानसिकता और बिखराव सेआजाद किया। नड्डा ने कहा कि आज जब देश उनकी जयंती मना रहा है, तब यह याद करना जरूरी है कि उनका योगदान देश की एकता और अखंडताकी नींव है। नड्डा ने कहा कि ‘@150 यूनिटी मार्च’ का उद्देश्य युवा पीढ़ी को पटेल के योगदान से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि देश आज जिनचुनौतियों से गुजर रहा है, उसमें पटेल की सोच और निर्णायक नेतृत्व प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।