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सरकार का सख़्त आदेश गैरअनुरूपित इंडस्ट्रीज़ और प्रदूषण फैलाने वालों पर ज़ीरो टॉलरेंस
दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी की हवा को साफ़ करने के लिए अब तक की सबसे बड़ी मुहिम शुरू कर दी है। पर्यावरणमंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने साफ़ कहा है कि दिल्ली में कोई भी ऐसी इंडस्ट्री, निर्माण साइट या एजेंसी जो प्रदूषण फैलाती पाई जाएगी उस पर तुरंतऔर कड़ी कार्रवाई होगी। सरकारी हो या निजी, सभी को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इंडस्ट्रीज़ का 7 दिन में सर्वे सभी डीसीडीएम और DSIIDC अधिकारियों को सख़्त निर्देश
बैठक में मंत्री सिरसा ने सभी ज़िलों के डीसी, डीएम और DSIIDC अधिकारियों को आदेश दिया कि हर इंडस्ट्री का पूरा सर्वे सिर्फ़ 7 दिनों में पूराकिया जाए। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन सी फैक्ट्रियाँ गैर-अनुरूपित इलाकों में चल रही हैं, कौन-सी इकाइयाँ नियम तोड़ रही हैं औरप्रदूषण फैला रही हैं। सर्वे के बाद ऐसे सभी यूनिट्स पर तुरंत जुर्माना, सीलिंग और बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।

MCD को आदेश नॉनकनफॉर्मिंग एरिया और निर्माण स्थलों का मैदानस्तर सर्वे
सिरसा ने MCD के डिविजनल कमिश्नर को यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली के सभी नॉन-कनफॉर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया और निर्माण स्थलों का विस्तृतसर्वे कराया जाए। जहाँ धूल प्रबंधन, कचरा निस्तारण या कंस्ट्रक्शन वेस्ट के निपटारे में लापरवाही मिले वहाँ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उनका कहनाहै कि प्रदूषण रोकने के लिए डेटा और ज़मीनी जानकारी सबसे ज़रूरी है।

टूटी सड़कें और खाली प्लॉट्स की रिपोर्ट तुरंत तैयार करने का निर्देश
दिल्ली में धूल फैलने का सबसे बड़ा कारण टूटी सड़कें, गड्ढे और बिना विकसित पड़े प्लॉट हैं। इसलिए सरकार ने सभी विभागों को आदेश दिया है किइन सभी का पूरा अपडेट तुरंत तैयार किया जाए। इस साल अब तक 42,000 से ज़्यादा गड्ढे भरे जा चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भीज़्यादा है। यह कदम दिल्ली में धूल और पीएम-10 को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

DPCC की अब तक की कार्रवाई भारी जुर्मानानोटिस और निर्माण स्थल बंद
पिछले दिनों DPCC ने 1,756 साइट्स का निरीक्षण किया और 556 को नोटिस जारी किए। कुल ₹7 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया है और48 निर्माण साइट्स को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। सरकारी एजेंसियाँ भी नियम तोड़ते मिले—DDA, DSIIDC, MCD, PWD औरDMRC जैसी एजेंसियों पर ₹1 करोड़ का नोटिस जारी किया गया है। मंत्री सिरसा ने कहा कि नियम सबके लिए समान हैं, चाहे सरकारी विभाग होया निजी कंपनी।

रिहायशी इलाकों में गैरकानूनी इंडस्ट्रीज़ पर अभियान तेज़
दिल्ली के कई रिहायशी इलाकों में अवैध तरीके से चल रही इंडस्ट्रीज़ प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। DPCC लगातार सर्वे कर इनकी पहचान कर रहाहै। जहाँ भी अवैध यूनिट मिल रही है, उसे तुरंत बंद कराया जा रहा है। सिरसा का कहना है कि दिल्ली की हवा साफ़ रखने के लिए अवैध इंडस्ट्रीज़ कोहर हाल में हटाया जाएगा।

सड़क निर्माणबेहतर सफ़ाई और EV नीति से हवा में सुधार का लक्ष्य
दिल्ली में सड़क सुधार और EV को बढ़ावा देना भी इस मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवंबर 2025 तक दिल्ली में 4.54 लाख इलेक्ट्रिक वाहनपंजीकृत हो चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में बड़ी वृद्धि है। इसके अलावा 350 नए मिस्ट-स्प्रे सिस्टम लगाए जा चुके हैं, 100 नई मैकेनिकलस्वीपर मशीनें और 1,000 लिटर-पिकर्स जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि दिल्ली की सड़कों पर धूल कम हो सके।

खुले में कचरा या बायोमास जलाने पर सख़्त रोक 10,000 इलेक्ट्रिक हीटर वितरित
खुले में कचरा या बायोमास जलाना दिल्ली की हवा को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाता है। सरकार ने DPCC की 1,823 टीमें तैनात की हैं, जिनमेंसे 633 टीमें सिर्फ़ ओपन बर्निंग रोकने का काम कर रही हैं। मजदूरों की ठंड को देखते हुए अब तक 3,377 इलेक्ट्रिक हीटर 1,407 RWAs को दिएजा चुके हैं। कुल 10,000 हीटर दिए जा रहे हैं ताकि मजदूर आग न जलाएँ और प्रदूषण न बढ़े।

विज्ञान आधारित नीति IIT Delhi और IITM के साथ बड़ा अध्ययन शुरू
दिल्ली सरकार वैज्ञानिक तरीकों से प्रदूषण को समझने और रोकने की दिशा में काम कर रही है। जल्द ही IIT Delhi और IITM के साथ नई सोर्सएपॉर्शनमेंट स्टडी शुरू होगी। इससे यह पता चलेगा कि दिल्ली की हवा को प्रदूषित करने वाले मुख्य स्रोत कौन-कौन से हैं। इसके आधार पर आनेवाले समय में और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने एक इनोवेशन चैलेंज भी शुरू किया था, जिसमें 278 सुझाव आए हैं। इनमें से 200 समाधान को आगे की समीक्षा के लिए चुना गया है। विशेषज्ञों की समिति इनका मूल्यांकन कर रही है।

जनरेटर रेट्रोफिटिंग अनिवार्य उल्लंघन पर भारी जुर्माना
दिल्ली में अब कोई भी BS-IV या उससे नीचे का जनरेटर बिना एंटी-पॉल्यूशन डिवाइस के नहीं चलेगा। चाहे वह घरेलू जनरेटर हो या व्यावसायिक—सभी में रेट्रोफिटिंग अनिवार्य है। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पर्यावरण मंत्री सिरसा ने हाल ही मेंसैदुलाजाब वार्ड का निरीक्षण भी किया, जहाँ उन्होंने DMRC की एक निर्माण साइट पर कई खामियाँ पाईं और अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देशदिए।

दिल्ली की हवा साफ़ करना सिर्फ़ सर्दियों का काम नहीं
सिरसा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ़ घोषणाएँ करना नहीं, बल्कि ज़मीन पर वास्तविक बदलाव लाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में पूरेसाल प्रदूषण के खिलाफ़ रणनीति चलेगी। सभी मंत्री, सभी विभाग और पूरी टीमें मैदान में हैं, ताकि दिल्ली की हवा में सुधार नागरिक रोज़ महसूस करसकें।


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