
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि 2021 से अब तक हुए कथित भ्रष्टाचार की एक विस्तृत सूची उन्होंने राज्यपाल को सौंपी और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। पलानीस्वामी का कहना है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में कई सरकारी विभागों में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनहित के कार्य करने के बजाय एक व्यापारिक संस्था की तरह काम कर रही है। विपक्ष के नेता ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध हैं, जिन्हें राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है।
कथित घोटालों की सूची सौंपी
उन्होंने पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान हुए वित्तीय नुकसान का विवरण देते हुए कहा कि सरकार हर साल 1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। साथ ही, उन्होंने पीटीआर की उस कथित ऑडियो क्लिप का भी हवाला दिया जिसमें भारी भरकम रकम के लेन-देन का जिक्र था। उन्होंने दावा किया कि राज्य की शासन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया जाए। नेता ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते उनका कर्तव्य जनता के सामने सच्चाई आए। उनके अनुसार, डीएमके सरकार ने जनता के हित में कार्य करने के बजाय केवल सत्ता का दुरुपयोग किया है, इसलिए इन व्यापक घोटालों की गहराई से जांच होना अनिवार्य है।
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता एडप्पाडी पलानीस्वामी ने राज्यपाल से मिलकर राज्य सरकार पर बड़े पैमाने पर धन के गबन का आरोप लगाया है। राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर उन्होंने कथित घोटालों की सूची सौंपी और सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने की मांग की।