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नई दिल्ली: कांग्रेस ने मणिपुर में जारी हिंसा के दो साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोपलगाया कि मणिपुर आज भी संकट में है, लेकिन इसके समाधान की बजाय राजनीतिक खेल खेले जा रहे हैं।
मणिपुर के लोग प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहे हैं
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मणिपुर के लोग आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य में आने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सोशलमीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि आज से ठीक दो साल पहले मणिपुर में हिंसा की शुरुआत हुई थी, जो फरवरी 2022 के विधानसभा चुनावों के बादभाजपा के शासन में बढ़ी। रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव में भाजपा को निर्णायक जनादेश मिलने के बाद भी राज्य में स्थिति बिगड़ती चली गई।

हिंसा के बाद के हालात: ‘डबल इंजन’ सरकार की विफलता
रमेश ने दावा किया कि 3 मई 2023 को मणिपुर में जो हुआ, वह भाजपा के ‘डबल इंजन’ सरकार के विफल होने का परिणाम था। उन्होंने कहा कितीन महीने बाद उच्चतम न्यायालय को यह कहना पड़ा कि मणिपुर में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह से नष्ट हो गया है।
कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव और मुख्यमंत्री का इस्तीफा
कांग्रेस ने मणिपुर में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की थी, जिसके बाद मोदी सरकार ने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को इस्तीफा देनेके लिए मजबूर किया। अंततः 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।

मणिपुर में राहत शिविरों में रह रहे 60,000 विस्थापित लोग
रमेश ने कहा कि मणिपुर आज भी पीड़ा में है और राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। राज्य में 60,000 से अधिक आंतरिक रूप से विस्थापित लोगराहत शिविरों में भारी तनाव में रह रहे हैं, लेकिन कोई सार्थक समाधान प्रक्रिया नहीं दिखाई दे रही।
प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया?
रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर के संकट से लगातार बचते रहे हैं। उन्होंने न तो राज्य का दौरा किया और न ही वहां के लोगों सेमुलाकात की। रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री ने दुनिया भर का दौरा किया, लेकिन मणिपुर के संकटग्रस्त राज्य का दौरा करने के लिए न तो समय निकालाऔर न ही संवेदनशीलता दिखाई।”

गृह मंत्री अमित शाह की नाकामी
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर का प्रबंधन गृह मंत्री अमित शाह को सौंप दिया, लेकिन वे इस संकट को हल करने मेंपूरी तरह असफल साबित हुए हैं। रमेश ने कहा, “मणिपुर के लोग अब भी इंतजार कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री इंफाल पहुंचें और राज्य की स्थिति कोसुधारने के लिए कुछ कदम उठाएं।”

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